July 26, 2018

15.07.2018 (दरभंगा) : लहेरियासराय चट्टी चौक स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में चट्टी गुमटी से पूरब रहने वाले स्थानीय नागरिकों ने दरभंगा आर.ओ.बी. निर्माण निर्माण को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता गोपाल झा ने की वहीँ बैठक का क्रियान्वयन और मंच संचालन निखिल आशा ने किया। बैठक में प्रसिद्द कवि प्रभात प्रखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. वहीँ राकेश चौधरी, राहुल ठाकुर, अविनाश झा, गोविन्द आचार्य, जय शंकर गुप्ता सहित दर्जनों लोगों ने बैठक को संबोधित किया। बैठक में उपस्थित दर्जनों स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए निखिल आशा ने ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर पूर्व में हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि चट्टी चौक पर आर.ओ.बी. बनाए जाने की मांग स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार कई वर्षों से किया जा रहा है। पूर्व में हस्ताक्षर अभियान और रेल रोको आन्दोलन के बाद रेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा यथाशीघ्र ओवरब्रिज का निर्माण करने के साथ-साथ शंटिंग को रात्रि के समय पंडासराय की तरफ करने का आश्वासन भी दिया गया था। चट्टी चौक पर लगने वाले जाम से निजात के लिए ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था करने की भी मांग स्थानीय नागरिकों के द्वारा उठाया गया था। निखिल ने बताया की रेलवे लाइन के पूरब लाखों की आबादी रहती है जिन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए प्रतिदिन रेलवे लाइन को पार कर दरभंगा आना पड़ता है। दरभंगा सिर्फ जिला नहीं, 4 जिलों की कमिश्नरी है। ऐसे में लाखों की आबादी का लगातार दरभंगा आना बना रहता है। पूर्व में जिला प्रशासन, समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय सहित प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल तक स्थानीय नागरिकों द्वारा आर.ओ.बी. के नहीं बनने से उत्पन्न समस्याओं की फोटो प्रति और आवेदन भेजा गया। रेलवे ओवरब्रिज नहीं होने के कारण घंटों जाम का नजारा चट्टी चौक पर देखने को मिलता है। निखिल ने बताया की प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चे रेलवे फाटक को पार करते देखे जा सकते हैं। कई बार रुकी हुई रेल गाड़ी के डिब्बे के नीचे से भी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को रेलवे ट्रैक पार करते हुए देखा गया है। चट्टी चौक गुमती पर लगने वाले जाम से निजात के लिए हुए इस बैठक में सभी आगंतुक नागरिकों ने अपना विचार रखा। बैठक के अंत में उपस्थित दर्जनों नागरिकों ने एक स्वर में यथाशीघ्र ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करने की मांग का समर्थन करते हुए आन्दोलन को तेज करने का आह्वान किया। बैठक में निर्णय लिया गया की 20 दिन के अंदर अगर ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो ओवरब्रिज निर्माण तक आमरण अनशन किया जायेगा। उक्त बैठक में राकेश चौधरी, आशुतोष कुमार झा, रमण कुमार पासवान, सुबोध कुमार, संजय कुमार पोद्दार, मिथुन कुमार मंडल, बैजनाथ झा, राहुल ठाकुर, गिरीन्द झा, पप्पू झा, अमरकांत चौधरी, अश्विनी कुमार झा, पवन कुमार झा, कमल सहनी, विजय शर्मा, राजेंद्र राम सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
July 26, 2018

14.07.2018 (दरभंगा) : सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ बिंदेश्वर पाठक ने मैंथिली संस्कृति के केंद्र दरभंगा में दुनिया के सबसे सस्ते स्वच्छ पानी की योजना की शुरुआत की। इस मौके पर दरभंगा के डीएम डॉo चंद्रशेखर सिंह, नगर विधायक संजय सरावगी, पूर्व विधान परिषद सदस्य विनोद चौधरी और दरभंगा की मेयर श्रीमती वैजयंती देवी खेड़िया समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस योजना के तहत तालाब के पानी को फ्रांसीसी तकनीक से साफ करके सस्ती दर पर स्थानीय लोगों को स्वच्छ जल मुहैया कराया जाएगा। इस मौके पर डॉक्टर पाठक ने कहा कि जिस बिहार की माटी ने उन्हें जन्म दिया, उस माटी के प्रति उनका जो कर्ज है, उसे पूरा करने का वे हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दरभंगा के लोगों को इस प्रोजेक्ट से दिसम्बर से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि सुलभ की इस स्वच्छ जल परियोजना के तहत पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के मधुसूदन कांटी समेत मिदनापुर और नदिया जिले के छह जगहों पर स्वच्छ जल तैयार करके स्थानीय लोगों को सिर्फ पचास पैसे प्रति लीटर के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ पाठक की योजना अब बिहार के लोगों को भी सस्ते दर पर साफ पानी उपलब्ध कराने की है। आज सबसे बड़ी समस्या स्वच्छ जल की कमी है। इसकी वजह से देश के लोगों को तमाम तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। मिथिला की धरती पानी से लबालब है, लेकिन औद्योगीकरण, बढ़ती जनसंख्या और खेती में बढ़ते कीटनाशकों और खाद के इस्तेमाल से आज जल स्रोत प्रदूषित हो गए हैं। ऐसे माहौल में सुलभ का यह प्रोजेक्ट दरभंगावासियों के लिए सौगात साबित होगा। इस अवसर पर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि सुलभ की यह परियोजना दरभंगा के लोगों को राहत देने में कामयाब होगी। इस समारोह में सुलभ इंटरनेशनल की तरफ से डॉक्टर पाठक ने समाज सेवा कर रहे रोटी बैंक, फेसबुक के जरिये 1000 लोगों को रक्त दिलाने वाली जीवन रक्षक, रविवार के दिन तालाबों की सफाई करने वाले युवाओं के संगठन स्वामी विवेकानंद मंच, लावारिस शवों की अन्येष्ठि करने वाली संस्था कबीर अंत्येष्टि सेवा संस्था और वाई सी मेहता संस्था को डॉक्टर पाठक ने दो-दो लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
July 26, 2018

13.07.2018 (पटना) : बिहार सैन्य पुलिस-5, मिथिलेश स्टेडियम में बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी के प्रथम स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे प्रसन्नता हो रही है कि बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी का प्रथम स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है। देश में यह पहला ऐसा पुलिस बल है जिसमें अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को ही शामिल किया गया है। बिहार में अनुसूचित जनजाति की आबादी कम है। बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद अब अनुसूचित जनजातियों की ज्यादा आबादी झारखंड में है। राज्य की अन्य जातियों द्वारा अनुसूचित जनजाति में उन्हें शामिल करने की मांग की गई है, जिसकी अनुशंसा केंद्र को भेज दी गई है। बिहार में पुलिस विभाग के अंतर्गत किए गए कामों का उल्लेख डीजीपी एवं प्रधान सचिव गृह ने आपलोगों को विस्तार से बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद अब तक पुलिस के क्षेत्र में अनेक काम किए गए हैं। पुलिस की पोशाक के लिए उन्हें राशि मुहैया करायी गई है। नए वाहन, नए शस्त्र एवं ऑफिस की सामान्य जरुरतों को पूरा करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराया गया है। नए पुलिस भवनों का निर्माण बेहतर तरीके से किया गया है। गांधी मैदान में निर्मित थाने में लिफ्ट लगा है, जो देश में पहला है। महिलाओं की मौलिक सुविधाओं का इंतजाम भी थाने में किया गया है। पुलिस बल की संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है और राज्य में एक लाख की आबादी के लिए जितना पुलिस चाहिए उसकी नियमित बहाली की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुलिस बल में 35 प्रतिशत का आरक्षण वर्ष 2013 से लागू किया गया है। पूर्व से ही पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 03 प्रतिशत का आरक्षण है यानि 97 प्रतिशत में से अलग से महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। जनवरी 2016 से सात निश्चय के अंतर्गत राज्य की सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। राज्य में कई तरह के नए-नए बटालियन बनाए गए हैं। वर्ष 2006 में महिला सशस्त्र बल का गठन, आई0आर0 का दो बटालियन, बिहार पुलिस अकादमी एवं भागलपुर में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की गई। यह पटना में पहले से है। आर्थिक एवं साइबर अपराध इकाई वर्ष 2010 में, आर्थिक अपराध इकाई का गठन वर्ष 2011 में एवं राज्य आपदा मोचन बल का गठन वर्ष 2015 में एवं बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी का गठन 2014 में किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम रेल मंत्री थे तो चंपारण में वहां के सांसद ने मुझे एक कार्यक्रम में बुलाया था जिससे थारु जाति के बारे में मुझे अवगत होने का वहां मौका मिला। थारु जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का प्रस्ताव मेरे पास आया और मैंने प्रयास कर थारु जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराया। अनुसूचित जनजातियों की प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए हमलोग काम कर रहे हैं, इसके लिए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उसी के तहत आदिवासी महिलाओं के लिए बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी का गठन किया गया है। इसमें 222 लड़कियों ने लिखित एवं शारीरिक परीक्षा पास कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। अभी उन्हें परेड करते देखना काफी प्रसन्नतादायक है। परेड के दौरान विभिन्न ग्रुपों का नेतृत्व करने वाली लड़कियों के बारे में यह जानकर काफी खुशी हुई कि वे स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक की शिक्षा पूरी कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को कायम करने में पुलिस की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा है। इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए हमलोगों ने जरुरी संसाधन उपलब्ध कराए हैं।

राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्पीडी ट्रायल पर जोर दिया गया है। सरकारी गवाहों को भी अगर वे एक तारीख को छोड़कर अनुपस्थित रहते हैं तो उन पर कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है, जिससे ट्रायल में तेजी आयी है। अन्य गवाह भी इस कारण समय पर उपस्थित हो रहे हैं और दोषियों को जल्द सजा मिल रही है। इन सब चीजों से राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को सख्ती से लागू करना है, इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। शराबबंदी कानून में कुछ ऐसे प्रावधान थे, जिनका दुरुपयोग हो रहा था। इन सब चीजों पर विचार मंथन करके कुछ संशोधन का निर्णय लिया गया है, जो विधानमण्डल के मॉनसून सत्र में लाया जायेगा। शराबबंदी जैसे समाज सुधार के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ए0डी0जी0 या आई0जी0 प्रोहिबिशन का पद सृजित किया गया है। गांव-गांव में बिजली के ट्रांसफार्मर पर एक नंबर लिखा हुआ है, जिस पर गड़बड़ी के संबंध में कोई भी सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और कार्रवाई की सूचना भी उन्हें दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून के द्वारा कार्रवाई की जा रही है लेकिन जनजागृति अभियान चलाकर इसे और सफल बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल ने अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ-साथ जरुरत पड़ने पर सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन किया है। जैसे वर्ष 2006-07 में शिक्षकों की कमी होने पर पुलिस द्वारा बच्चों को पढ़ाने-लिखाने का काम किया गया। इस तरह के कार्यों से आम लोगों में पुलिस के प्रति आदर का भाव पैदा हुआ है। पुलिस का एक सामाजिक चेहरा भी सामने आया है। सामाजिक उत्थान एवं सामाजिक काम में पुलिस अपनी भूमिका निभाते रहे। मैं डी0जी0पी0 से, बी0एम0पी0 के पुलिस महानिदेशक से यह कहना चाहूंगा कि आपलोग प्रेरणादायी काम करने वाले लोगों को भी ड्यूटी में लगाईये, जिससे शराबबंदी जैसे सामाजिक मुद्दों के समाधान में काफी सहुलियत होगी। इस तरह के काम करने वाले पुलिस विभाग के लोगों को गृह विभाग अलग से पुरस्कृत करने की व्यवस्था करे। आज बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी का प्रथम स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है, यह काफी प्रेरणादायी है। आज जिन्हें पुरस्कृत किया गया है, उनसे अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। मैं उन 222 महिला पुलिसकर्मियों को जो बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी के अंतर्गत नियुक्त हुई हैं, उन्हें शुभकामना देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री का स्वागत पुलिस महानिदेशक के0एस0 दिवेदी ने प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया। मुख्यमंत्री ने बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी के प्रतीक चिन्ह का भी अनावरण किया। बिहार स्वाभिमान पुलिस वाहिनी पर आधारित स्मारिका का भी मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को प्रशस्त्रि पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी, बिहार सैन्य पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर महानिदेशक होमगार्ड एवं अग्निशमन रविंद्र कुमार, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड सुनील कुमार, सेवानिवृत पूर्व डी0जी0 एवं सदस्य बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पी0के0 राय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार सहित पुलिस विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
July 15, 2018

06.07.2018 (दरभंगा) : एसएसपी मनोज कुमार के नेतृत्व में दिनांक 22.06.2018 को दरभंगा जिला में कार्यरत सभी महिला पुलिस पदाधिकारी एवं बलों को परेड कराया गया, तथा सभी को विधि-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण हेतु अतिरिक्त उत्साह एवं साहस प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया गया। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया की परेड में उपस्थित इच्छुक पुलिस पदाधिकारी एवं जवानों में से जो खेल कूद में विशेष रूचि रखते हैं तथा बाइक चलाना जानते हैं, उनका चयन कर विशेष दस्ता का गठन किया गया है। इस दस्ता का नाम " शेरनी दल " रखा गया है। इस दस्ते का कार्य स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि जाने वाले छात्राओं एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को सुरक्षा देना है। " शेरनी दल " असामाजिक तत्वों, मनचलों पर सीधी कारवाई करेंगी। यह विशेष दस्ता अधोहस्ताक्षरी के आदेश/परामर्श पर औचक कारवाई करेंगी। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की सप्ताह में कम से कम दो दिन अनिवार्य रूप से इनका अभियान चलेगा तथा विशेष छापामारी हेतु भी इस दल का उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया की दल के सभी पदाधिकारी एवं जवान पिस्टलधारी रहेंगे। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की " शेरनी दल " लगातार स्कूल, कॉलेजों, तथा कोचिंग सेंटरों पर विजिट कर वहां के छात्राओं को सुरक्षा सम्बंधित टिप्पस तथा मनोबल को मजबूत बनाये रखने में मदद कर रहीं हैं।
July 15, 2018

05.07.2018 (दरभंगा) : एसएसपी मनोज कुमार ने बताया की दरभंगा पुलिस का सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट स्थापित हो गया है। इस यूनिट की यह खासियत होगी की कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट करनेवालों पर आसानी से कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की किसी भी तरह के अफवाह फैलने पर एक साथ डेढ़ लाख मोबाइल नंबर पर सीधा संदेश जाएगा, और लोग मुझसे जुड़ जाएंगे। उन्होंने बताया की जिस एरिया में अफवाह फैलेगा उस एरिया के सभी व्हाट्सएप यूजर मेरा सीधा संदेश प्राप्त कर पाएंगे। सभी टावर के सभी मोबाइल नंबर का स्कैनिंग हो चुका है, तथा उसका डेटा बेस भी बन चुका है। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया की सोशल मीडिया का सहारा लेकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले 07 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा ग्रुप एडमिन को थाने में उपस्थित करने का आदेश संबंधित थाना प्रभारी को दिया गया हैं। यह सभी लोगो ने आपत्तिजनक वीडियो को व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये फैलाने का कार्य किया हैं। उन्होंने बताया की सोशल मीडिया यूनिट के द्वारा जागरूकता को लेकर लगातार कुछ इलाकों में व्हाट्सएप्प के जरिये पुलिस अपनी बात पहुँचा रही है। अभी तक 01 लाख से ज्यादा लोगो तक यूनिट सेल का मैसेज पहुचा दिया गया हैं, जिसमे साफ शब्दों में अपील की गई है की कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट अगर आपको कही से भी मोबाइल में प्राप्त होता है तो बिना कुछ सोचे-समझे उसे अन्य व्यक्ति को शेयर न करें। क्योकि अगर देश मे कही भी उक्त मैसेज के कारण कोई समस्या आती है, तो आप भी जिम्मेदार माने जाएंगे एवं आपके विरुद्ध भी कार्यवाही की जा सकती हैं। अतः सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाटसअप, ट्विटर आदि का प्रयोग जिम्मेदारी पूर्वक करें। दरभंगा यूनिट सेल द्वारा ग्रुप एडमिन से अपील :- ग्रुप एडमिन ध्यान रखें, कृपया आप अपने जान-पहचान वाले लोगों को ही ग्रुप में जोड़े। अगर आपके ग्रुप में कोई व्यक्ति आपत्तिजनक पोस्ट डालता है, तो सवर्प्रथम उसे ग्रुप से बाहर कर इसकी सूचना पुलिस को दें। अगर ग्रुप एडमिन ऐसा नही करते है एवं उस आपत्तिजनक पोस्ट से कोई भी समस्या उतपन्न होती है तो इसका जिम्मेदार ग्रुप एडमिन स्वंम होगा, एवं ग्रुप एडमिन के खिलाफ व उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश व्हाट्सएप्प सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी मान्य होगा। सोशल मीडिया यूनिट द्वारा भेजे जा रहे मैसेज, सूचना :- यह मैसेज दरभंगा पुलिस के सोशल मीडिया यूनिट सेल से है। आपसे अपील है कि कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट अगर आपको कही से भी मोबाइल में प्राप्त होता है तो बिना कुछ सोचे-समझे उसे अन्य व्यक्ति को शेयर न करें, क्योकि अगर देश मे कही भी उक्त मैसेज के कारण कोई समस्या आती है, तो आप भी जिम्मेदार माने जाएंगे एवं आपके विरुद्ध भी कार्यवाही की जा सकती हैं। अतः सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्विटर) आदि का प्रयोग जिम्मेदारी पूर्वक करें।