September 13, 2018
एसएसपी मनोज कुमार(फाइल फोटो)
13.09.2018 (दरभंगा) : विधि व्यवस्था और बेहतर करने के उद्देश्य से एसएसपी मनोज कुमार ने क्राइम मीटिंग में कहा की कोई भी त्यौहार हो न्यूसेन्स करने वाले बिलकुल बचने नहीं चाहिए चाहे कोई भी हो। आवश्यकता पड़ने पर crpc की धारा 107/110/116 की कार्रवाई तुरंत करें। उन्होंने कहा की पर्व-त्योहारों के मौकों पर मामलों को तूल देने वाले व्यक्तियों पर CCA अचूक रूप से लगा दें। क्राइम मीटिंग में सांप्रदायिक सभी पुराने मामले को स्पीडी ट्रायल करने का निर्णय लिया गया। एसएसपी ने कहा की पुलिस पूरक एवं सहयोगी की भूमिका निभाए तथा शांति-समिति और वॉलंटियर को मजबूत बनायें। सभी वॉलंटियर को परिचय पत्र जारी करें। उन्होंने कहा की जुलूस को शांतिपूर्ण निकालना लाइसेंस धारी एवं कमिटी की जिम्मेदारी होगी। एसएसपी ने कहा की कोई भी कमिटी पुलिस के बिना संज्ञान एवं सहमति के कोई कार्यक्रम ना करें अन्यथा गड़बड़ होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। एसएसपी ने कहा की पर्व त्योहार के नाम पर देर रात ट्रिपल राइड एवं हुड़दंग को बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने देर रात संदिग्ध मटरगस्ती करने वाले को देखते ही पुलिस को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा की पर्व त्योहार को देखते हुए उचक्कों पर कार्रवाई के लिए एसएसपी के स्तर पर ब्लैक कमांडो के 03 और QRT का गठन किया गया है। जिससे जिले में ब्लैक कमांडो की संख्या अब 33 हो गई है। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा की JSI/ASI से रूटीन में काम करवाएं। उन्होंने पदाधिकारियों को साफ़ लहजे में कह दिया की पुरे महीने में क्या कार्य किया इसका सम्पूर्ण ब्यौरा संतोषपूर्ण मिलने पर ही वेतन की निकासी की जाएगी अन्यथा काम नहीं तो वेतन नहीं। उन्होंने क्राइम मीटिंग में उपस्थित सभी थानाध्यक्षों को सख्त हिदायत देते हुए कहा की उनके द्वारा की गयी किसी भी तरह की गलतियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ उसी थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा। एसएसपी ने बेहतर कार्यशैली से खुश होकर दर्जनों पदाधिकारी को पुरुष्कृत किया जिसमे टाउन थानाध्यक्ष, सदर थानाध्यक्ष, के अलावा बिरौल एवं बेनीपुर अनुमण्डल के अधिकांश थानाध्यक्ष शामिल हैं। एसएसपी ने बताया की इस बार रिपोर्टिंग से दोगुना कांडो का निष्पादन किया गया। पिछले दो माह में रिपोर्टिंग के अलावा 300 अतिरिक्त कांडो का निस्तारण हुआ। उन्होंने कहा की अगले माह 300 अतिरिक्त कांडो के निष्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा की बहादुरपुर, टाउन, लहेरियासराय, यूनिवर्सिटी एवं सदर थाने के एक-एक कांडो की समीक्षा खुद करेंगे बाकी थानों के कांडो की समीक्षा Dysp करेंगे। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश देते हुए कहा की जमीनी विवाद के मामले को प्रमुखता से लेते हुए हर शनिवार को कानूनी कार्रवाई करें तथा जो ज्यादा विवादित मामला हो उसे Dysp खुद संज्ञान लें। उन्होंने कहा की जमीन विवाद मामले में थानाध्यक्ष या पुलिस पदाधिकारी साफ मनसा से इंसाफ करे। सही पक्ष को सही राय दे ,कानून का संरक्षण देकर पीड़ित को राहत पहुंचाएं। सिविल विवाद में आपराधिक कार्रवाई करने वाले पक्ष को कानून की ताकत से अवगत कराएं।
September 12, 2018

12.09.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में विधि व्यवस्था से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, विधि व्यवस्था में सुधार, पेशेवर अपराधियों की गतिविधियाँ, पुलिस की गश्ती, पुलिस प्रशिक्षण, सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, महिला एवं छात्रावासों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, नक्सली गतिविधियों पर रोक, लूट, हत्या, अपराध, बलात्कार, रेल एवं बैंक डकैती, वाहन चोरी, वायरल वीडियो कांड, एस0सी0/एस0टी0 के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विस्तृत निर्देश दिये।
बालू-माफिया, भू-माफिया और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर किए जा रहे हमले पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों तत्वों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाय। यह इनटोलेरेबल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में तीन तरह के थाने चिन्हित कर प्रत्येक थानों में रेवोल्विंग फण्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी थी, जो हर हाल में उपलब्ध होना चाहिए ताकि ससमय जरुरत की चीजों को खरीदा जा सके। पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने से लेकर आई0जी0 कार्यालय तक कितने वाहनों की आवश्यकता है, इसे तत्काल चिन्हित कर इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नंबर ऑफ क्राइम के साथ ही नेचर ऑफ क्राइम का विश्लेषण कीजिये। नेशनल लेवल पर जो नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसे भी देख लीजिये। तय समय सीमा के अंदर एफ0एस0एल0 जाँच का काम पूरा हो, यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लॉ एंड आर्डर और इन्वेस्टीगेशन को अलग करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाय और इसे अविलंब लागू किया जाय। राज्य सरकार का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह रुल ऑफ लॉ को दुरुस्त रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू किया गया, जिसमे यह देखा गया कि बिहार में 60 प्रतिशत से अधिक भूमि विवाद से जुड़े मामले हैं। इसका समाधान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस के काम में लगे लोगों द्वारा सही जानकारी दिए जाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा तो इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और अच्छा काम करेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरूपयोग कर वाहनों के फर्जी कागजात बनाने वाले रैकेटियर को चिन्हित कर उनपर पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं का विश्लेषण कीजिये। आखिर क्या कारण है कि जिन स्थानों पर पहले तनाव की घटनाएँ घटित हुआ करती थी वहां इसमें काफी कमी आई और नई जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो रही है। जो संवेदनशील इलाके हैं, उस पर विशेष तौर पर निगरानी बनाये रखने की जरुरत है। ऐसी जगहों का डी0एम0 और एस0पी0 को विजिट कर शान्ति समिति के लोगों के साथ इंटरैक्ट करना चाहिए। दशहरा और मुहर्रम का त्योहार करीब है जिसको देखते हुए अभी से ही क्षेत्रीय अधिकारियों को सेंसीटाईज करें।
मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह और डी0जी0पी0 को सभी जिलाधिकारियों से इस सन्दर्भ में इंटरैक्ट करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कम्युनल इंसिडेंट का त्वरित ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है। इससे कोई कम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए चाहे वह कोई भी क्यों न हो।
मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि प्रत्येक थाने में दूरभाष की सुविधा, थाने की कार्य कुशलता का अनुश्रवण, वारंटों का न्यायालय से मिलान कर मॉनिटरिंग, प्रत्येक थाने में एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और आई0टी0 सेटअप की सुविधा, प्रत्येक थाने में दो वाहन की व्यवस्था, थाने में आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, थाना प्रभारी को सहयोग करने के लिए हर थाने में एक थाना मैनेजर, थाने में ऑनलाइन प्रविष्टियाँ करने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई अविलम्ब सुनिश्चित की जाय। इसके अतिरिक्त किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दूसरे थाने का मामला बताकर उसे लौटाने की बजाय उसे थाने में मामला दर्ज कर उस मामले को संबंधित थाने मे रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
आज की बैठक में सभी प्रमण्डलीय आयुक्त, डी0आई0जी0, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुये थे। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 दिवेदी, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबाहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार सहित राज्य पुलिस मुख्यालय के सभी वरीय अधिकारी तथा सभी प्रक्षेत्रों के आई0जी0 उपस्थिति थे।
September 12, 2018

12.09.2018 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधि व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। समाहरणालय स्थित एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल में प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े, पुलिस उपमहानिरीक्षक विनोद कुमार, जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लिया एवं विधि-व्यवस्था संधारण तत्संबंधी जिला में किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुए समीक्षा में भूमि विवादों के समाधान पर सर्वाधिक प्राथमिकता देने को कहा गया। प्रत्येक शनिवार को थानाध्यक्ष एवं अंचलाधिकारी के द्वारा भूमि विवाद संबंधी बैठक में मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। थानाध्यक्ष एवं अंचलाधिकारी के द्वारा की गई बैठक में हुए प्रगति तथा मामलो के निष्पादन की साप्ताहिक समीक्षा करने की जिम्मेवारी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दी गयी। पुलिस विभाग के पदाधिकारियों से कहा गया कि आसूचना संकलन तथा लंबित केसों के निष्पादन पर विशेष ध्यान दें। पुलिस विभाग में आने वाले आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता से निष्पादन करने को कहा गया। आगामी पर्व त्यौहार के मौसम को देखते हुए सभी जगह शांति समिति की बैठक कर लेने को कहां गया। आयुक्त मयंक वरवड़े तथा जिलाधिकारी डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने विडियो कॉन्फ्रेंस में उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्राप्त निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने हेतु अभी से कार्यवाही शुरु करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी एवम पुलिस अधीक्षक को बताया गया कि सड़क दुर्घटना एवं अन्य मामलों में कुछ असामाजिक तत्व सार्वजनिक संपत्ति को हानि पहुंचाने लगते हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करें तथा लोगों के बीच जागरूकता फैलावें कि वे इस तरह की असामाजिक गतिविधियों में भाग न लें। आगामी पर्व त्यौहार को देखते हुए निरोधात्मक कार्यवाही पर ध्यान देने को कहा गया।
September 12, 2018

11.09.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित "संवाद" के सामने भारत नेपाल बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आधुनिक तकनीक एवं सुविधाओं से सुसज्जित इन बसों का निरीक्षण किया। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ये बसें बोधगया से काठमांडू और पटना से जनकपुर आवागमन करेंगी। इस अवसर पर बिहार एवं नेपाल के कलाकारों ने मुख्यमंत्री के समक्ष लोक कला का प्रदर्शन किया। परिवहन मंत्री संतोष निराला एवं परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह (पशुपतिनाथ मंदिर) भेंट की।

इस अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के सदस्य उदय कान्त मिश्र, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, निदेषक सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार, जिलाधिकारी कुमार रवि, बोधगया से आये बौद्ध भिक्षुगण, नेपाली प्रतिनिधिमंडल एवं परिवहन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
September 10, 2018

08.09.2018 (पटना) : बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पी.के.अग्रवाल तथा बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के.पी.एस. केसरी ने बिहार के राज्यपाल लाल जी टंडन से शिष्टाचार मुलाक़ात की। दोनों अधिकारीयों ने पुष्प-गुच्छ प्रदान कर राज्यपाल का अभिनन्दन किया तथा शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया की राज्यपाल के कुशल मार्ग-दर्शन में बिहार तेजी विकास पथ पर अग्रसर होगा। शिष्टाचार मुलाक़ात करनेवालों में राजस्व पार्षद के अध्यक्ष एस. के. सिंह तथा कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्विद्यालय, दरभंगा के कुलपति एवं अन्य गणमान्य जन भी शामिल थे।