October 22, 2018

22.10.2018 (DarbhangaOnline Desk) : पुलिस संस्मरण दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमे कर्तव्यपथ पर वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि दी गयी। पटना के सी0आर0पी0एफ0 बिहार सेक्टर हेड क्वार्टर में आयोजित संस्मरण दिवस के अवसर पर वर्ष 2018 में सुरक्षा बलों एवं राज्य पुलिस के कुल 416 जवान जिसमें सी0आर0पी0एफ0 के कुल 29 जवान ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए या जिनकी असामयिक मृत्यु हुई, उनके नामों को पुकारा गया एवं उन्हें श्रद्धांजली दी गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने सी0आर0पी0एफ की गौरवपूर्ण इतिहास का विस्तार से वर्णन करते हुए पुलिस यादगार दिवस की महत्ता एवं प्रासंगिकता का विषेश उल्लेख किया। उन्होने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को सी0आर0पी0एफ ने लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी आक्रमण के प्रथम हमले के दंश को बर्दाश्त किया, जब सी0आर0पी0एफ के छोटे गश्ती दल पर काफी अधिक संख्या वाली चीनी सेना द्वारा घात लगाकर हमला किया गया था। इस भिड़त में सी0आर0पी0एफ के 10 जवानों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। दिनांक 21 अक्टूबर को उनकी शहादत को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

छपरा स्थित पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर देशभक्तिपूर्ण संध्या का आयोजन कलाकार रामेश्वर गोप जी की टीम तथा पुलिस परिवार के कुछ कलाकारों द्वारा किया गया। एसपी हरकिशोर राय की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर दिवंगत चौकीदार धीरेन्द्र (सहाजितपुर थाना), बच्चा राम (परसा थाना) के परिवार वालों को सम्मानित किया गया। भेल्दी थाना के दिवंगत एसआई अमित कुमार जिनके परिवार से लोग किसी कारणवश उक्त कार्यक्रम में नहीं उपस्थित हो सके, उनके आवास पर पुलिस के जवानों ने जाकर शोक संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें सम्मानित भी किया।

दरभंगा के लहेरियासराय स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर प्रभारी डीआईजी वीरेंद्र नारायण झा ने कहा की आज के दिन हम अपने उन सहकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारा एवं सामाजिक सहिष्णुता बनाये रखने के क्रम में कर्तव्य के बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी। यह देश एवं हम देशवासी इनके बलिदान के समक्ष नतमस्तक हैं तथा हम सभी ऋणी रहेंगे।

रोहतास-डेहरी पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस पर देश व राज्य के आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए एसपी सत्यवीर सिंह ने कहा की देश के आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और उनकी सेवा को हम कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा की हमें अपनी सुरक्षा के साथ-साथ निर्दोषों की भी सुरक्षा करनी है। पुलिसकर्मियों को पल-पल चुनातियों का सामना करना पड़ता है। पटना के BMP-5 परिसर में आयोजित पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर बिहार के डीजीपी के. एस. दिवेदी ने शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। परेड की सलामी लेने के साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के शहादत को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया। उक्त कार्यक्रम में पुलिस विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
October 22, 2018

22.10.2018 (दरभंगा) : सरकारी जमीनों पर से अतिक्रमण हटाने का काम प्राथमिकता से करें। एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद अंचल अधिकारी इसकी सूचना सम्बन्धित थानाध्यक्ष को दे दें। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने समाहरणालय स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सभागार में सभी विभागों के साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में उक्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एक बार अतिक्रमण मुक्त किए हुए जमीन पर पुनः अतिक्रमण न हो इसकी जवाबदेही संबंधित थानाध्यक्ष की होगी। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी अपने क्षेत्र में इस पर नजर रखेंगे। सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक 15 दिन पर अपने क्षेत्र के अंतर्गत भूमि विवाद एवं लोक शिकायत निवारण कानून के तहत आने वाले मामलों की समीक्षा करें एवं उसका निष्पादन सुनिश्चित कराएं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लम्बित मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा से कहा गया कि वे इसका अनुश्रवण करें एवं जहां भी जरूरत हो आवश्यक सहयोग प्रदान करें। भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि जिला अंतर्गत बनने वाले नए भवनों तथा मरम्मति के कार्य में मानक के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए । इसके लिए जहां जहां काम चल रहे हैं वहां स्वयं तथा अपने सहायक अभियंता के माध्यम से नियमित अनुश्रवण कराना सुनिश्चित करें। लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं में समय सीमा का हर हालत में पालन करने को कहा गया। जिन पदाधिकारियों के द्वारा समय सीमा में से सेवा प्रदान नहीं किया जाता है उन पर जुर्माना भी लगाने को कहा गया।
सभी अंचल अधिकारी तथा प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों से कहा गया कि आरटीपीएस केंद्रों पर औचक छापेमारी भी करें एवं दोषियों पर कार्रवाई करें। दाखिल खारिज के मामलों में शुद्धि पत्र को वेबसाइट पर निश्चित रूप से शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्गत एलपीसी को भी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश सभी सीओ को दिया गया।
डीएम ने ऑनलाइन म्यूटेशन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि वह सभी अंचल अधिकारियों एवं आईटी असिस्टेंट के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुमंडल वार सुनिश्चित करें एवं सारी प्रक्रियाओं कि उन्हें विधिवत जानकारी दे दें, जिससे कि ऑनलाइन म्यूटेशन का काम में और तेजी आ सके। लंबित कोर्ट केसों में तथ्यात्मक विवरण जमा करने को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया। जिन विभागों के द्वारा 4 सप्ताह बीत जाने के बाद भी तथ्य विवरणी जमा नहीं किए गए हैं उनसे शो कॉज किया गया तथा उन्हे तथ्य विवरणी जमा करने के लिए 1 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया। जिला में चल रहे सड़क निर्माण परियोजनाओं मे भी तेजी लाने का निर्देश पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दिया गया। दिल्ली मोड़ से बाघ मोड़ सड़क जो वर्तमान में वन वे है, 01 नवंबर से वहां वाहनों की दो तरफा आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश पथ निर्माण विभाग को दिया गया। उन्हें कहा गया कि इसके लिए युद्धस्तर पर बचे हुए कार्य को पूरा करे लें। जिन विभागों ने अभी तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है उसे जल्दी रजिस्ट्रेशन करवा लेने को कहा गया। जमाबंदी एंट्री का कार्य जिन डाटा इंट्री ऑपरेटरों ने किया है उनके भुगतान भी जल्दी कर देने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्ता मोबीन अली अंसारी समेत अन्य वरीय पदाधिकारी सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रभारी पदाधिकारी उपस्थित थे।
October 12, 2018

13.10.2018 (दरभंगा) : आपको बता दें की "एक मुलाक़ात" शीर्षक की शुरुआत हमने दरभंगा के पूर्व एसएसपी आईपीएस मनोज कुमार से की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज पढ़ते हैं एसएसपी गरिमा मल्लिक के बारे में। आईपीएस गरिमा मल्लिक के लिए मिथिलांचल की हृदयस्थली दरभंगा की पृस्ठभूमि नई नहीं है। पहले भी उन्होंने यहाँ एसएसपी के रूप में अपना योगदान दिया है। वक़्त बदला, चुनौतियाँ बढ़ी, और भी बहुत कुछ।
DarbhangaOnline.com से बात करते हुए एसएसपी गरिमा मल्लिक ने बताया की वो फरीदाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा की उनके पुलिस ऑफिसर बनने तक के सफर में उनके parents का काफी योगदान रहा है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स तथा मास्टर डिग्री भी इंग्लिश में ही किया है। 2006 बैच की आईपीएस श्रीमती मल्लिक ने बताया की उनका प्रोबेशन मधुबनी जिला में हुआ तथा पहली पोस्टिंग दानापुर में हुई। उन्हें दानापुर के बाद अररिया, एसएसपी दरभंगा, कमांडेंट बीएमपी-2, रूलर एसपी पटना, एसएसपी गया, कमांडेंट बीएमपी-10, एसपी विजिलेंस में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एसएसपी गरिमा मल्लिक ने दरभंगा में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया की पुलिस की हमेशा बेसिक प्राथमिकताएं होती हैं, अपराध पर नियंत्रण, अपराध की रोकथाम और अपराध का उद्भेदन। इसके अलावा उन्होंने बताया की विधि व्यवस्था का संधारण, शान्ति व्यवस्था कायम रखना एवं इस तरह का माहौल क्रिएट करना की जिससे समाज के हर वर्ग के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने कहा की पर्व-त्यौहार को देखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखना तथा असामाजिक तत्व पर विधि सम्मत कार्रवाई उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है।
बिहार में जिस तरह से अपराध में बढ़ोत्तरी हुई है इसके मद्देनजर हमने श्रीमती मल्लिक से ये जानने की कोशिश की, कि दरभंगा के लिए पुलिसिंग में कुछ इनोवेटिव, कुछ क्रिएटिव होगा ? एसएसपी ने बताया की कोई भी Institutions static नहीं रहता है। जिले के इश्यूज को देखते हुए अगर कुछ नया करने की आवश्यकता महसूस होगी तो कम्युनिटी के सहयोग से जरूर करेंगे। सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए जब हमने एसएसपी से पूछा तो उन्होंने कहा की कोई भी नई चीज आती है तो फायदा और नुक्सान दोनों होता है। अगर कोई भी इसका गलत इस्तेमाल कर अफवाहें फैलाना, अनवेरिफाइड न्यूज़, गलत मैसेज आदि पोस्ट करने का काम करता है तो उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की सोशल मीडिया के कुछ सकारात्मक पहलु भी हैं।
हमने एसएसपी गरिमा मल्लिक से ये जानने की कोशिश की, कि पूर्व एसएसपी मनोज कुमार के द्वारा दरभंगा में कुछ क्रिएटिव पुलिसिंग हुआ था, जैसे- क्यूआरटी, शेरनी दल, सोशल मीडिया यूनिट, साइबर सेनानी, व्हाट्सप्प हेल्पलाइन नंबर, जन संवाद आदि। क्या ये सभी अपडेट रहेंगे ? एसएसपी ने बताया की कोई भी Institutions हमेशा cumulative के साथ ही आगे चलता है। जो भी पहले कार्य हुए हैं उसको continue रखने का पूरा प्रयास करेंगी तथा आनेवाले situations में कुछ और भी बेहतर करना होगा तो उसे भी किया जाएगा।
एक तरह से देखा जाए तो जहाँ पुलिस पब्लिक की सुरक्षा व्यवस्था के लिए होती है वहीँ आम पब्लिक पुलिस से कोई कम्प्लेन करने में या थाने जाने में परहेज करते हैं। जब हमने एसएसपी से पूछा की कितने कम्फर्ट फील करेंगे आम पब्लिक आपके कार्यकाल में अपनी समस्याओं को लेकर पुलिस से कम्प्लेन करने में ? एसएसपी गरिमा मल्लिक ने कहा की जहाँ भी उन्होंने काम किया है वहां ये कोशिश जरूर की है की पुलिस टीम का approachable, interaction पब्लिक के साथ हमेशा बना रहे। एसएसपी का मानना है की जितना ही पब्लिक के साथ पुलिस approachable रहेगी उतना ही पुलिस के लिए पब्लिक की problems को solve करना आसान होगा।
October 12, 2018

13.10.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जवाहर लाल नेहरु मार्ग, पटना स्थित बिहार के प्रथम भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित “सरदार पटेल भवन” का उद्घाटन फीता काटकर किया। मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा नवनिर्मित 26 थाना भवनों सहित कुल 109 पुलिस भवनों का उद्घाटन एवं 46 पुलिस भवनों का शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की यहां पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी काम होगा। आकस्मिक परिस्थिति में चीजों को यहां से नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन बेस-आईसोलेशन तकनीक से निर्मित है। 08 रिक्टर पैमाने से ऊपर आए भूकंप की तीव्रता में भी यह भवन सुरक्षित रहेगा। भवन के सबसे ऊपर में हेलिपैड का निर्माण कराया गया है ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के काम किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय पुराना सचिवालय में रहा है, जहां काफी असुविधा हो रही थी। हमने निर्णय किया कि इस मुख्य मार्ग पर पुलिस मुख्यालय स्थापित किया जाए। जहां आपदा प्रबंधन की भी व्यवस्था हो। आधुनिक तकनीक से निर्मित यह भूकंपरोधी भवन बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि पुराने महत्वपूर्ण भवनों को रेटरोफिटिंग करके भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। हालांकि इसमें काफी खर्च आ रहा है इसलिये जो ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी भवनें हैं, उन्हें ही रेटरोफिटिंग द्वारा भूकंपरोधी बनाया जाए। जिन भवनों की आयु काफी हो गई है, उनकी जगह नया बनाना ज्यादा अच्छा है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ रहकर आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहे। एक ही भवन में पुलिस मुख्यालय, आपदा प्रबंधन केंद्र होने से लोगों की मदद में सहुलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन में 12 दिन तक लोग लगातार रह सकते हैं और विषम परिस्थिति में भी लोगों की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार सबकी चिंता करती है, आप पुलिसवालों की भी चिंता करती है, आप भी जनता की अपेक्षा पर खरा उतरें।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के नाम पर यह भवन बना है, जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया था। इस भवन के लिए 337 करोड़ रुपए निर्धारित किये गये थे लेकिन यह 320 करोड़ रुपए में ही तैयार हो गया, यह अपने आप में खासियत है। पुलिस मुख्यालय जल्द से जल्द यहां शिफ्ट हो जाय और काम भी जल्द शुरु करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार के लिए कई काम किए गए हैं। इस काम के लिए पुलिस वालों से और भी उम्मीदे हैं, इसे मन से कीजिए। हमलोग उनलोगों का ख्याल रखते हैं, जो लोगों का ख्याल रखते हैं। यह बहुत बढ़िया भवन बना है, जहां काम करने का अच्छा वातावरण मिलेगा। आप सब यहां बैठकर चिंतन मनन कीजिए कि कैसे अपराध पर नियंत्रण रखा जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए, किस प्रकार बेहतर काम किया जाए कि प्रेम एवं सद्भाव का विकास हो। बिहार पुलिस ऐसी पुलिस है जिसकी मानसिकता पर कभी भी सांप्रदायिकता का आरोप नहीं लगा है।
बिहार पुलिस मेहनती एवं जुझारु है। पुलिस विभाग अपने अंदर अनुशासन का भाव बनाए रखे, आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार, वाहन, हथियार, तकनीक इत्यादि संसाधन उपलब्ध कराती है। पुलिसकर्मी, पदाधिकारी की नियुक्ति के लिए पद की स्वीकृति सरकार देती है। आपलोगों की जिम्मेवारी है कि अच्छे लोगों का चयन कर बेहतर कार्यशैली को विकसित करें, इसके लिए सभी लोग समय पर आएं, आत्मानुशासन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि इस भवन से थाने की डायरेक्ट मॉनिटरिंग की व्यवस्था कीजिए। यह बड़ा भवन है, जगह की कमी नहीं है। लोगों को भी यहां आने का अवसर दीजिए ताकि वे अपनी शिकायतें आप तक रख सकें। मैं भी सप्ताह में एक दिन यहां आऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भवन निर्माण निगम अब 290 करोड़ रुपए का काम इस वर्ष कर रहा है यानि यह अपने आपको पूर्णतः स्थापित कर चुका है। बड़ी संख्या में महिलाओं की नियुक्ति पुलिस विभाग में हुई है, जिनके लिए थाना भवनों में बैठने के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। बिहार पुलिस एकेडमी का भी निर्माण कार्य जारी है। यह भी एक अद्भुत ढांचा बनेगा, जहां पुलिस की ट्रेनिंग बेहतर ढंग से दी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जितनी बातों का सुझाव दिया, उस पर प्रेम पूर्वक विचार कर अमल कीजिएगा तो समाज में एक बड़ा बदलाव आएगा। आपकी बड़ी भूमिका है। ऐसा कीजिए कि मन को संतोष हो और बिहार की जनता का आत्मविश्वास बढ़े।
इस अवसर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पी0एन0 राय, पुलिस महानिदेशक बी0एम0पी0 गुप्तेश्वर पांडेय, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण, पुलिस पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
October 12, 2018

13.10.2018 (दरभंगा) : पूर्व की तरह दशहरा के त्यौहार को भी सभी लोग मिलजुलकर मनाएंगे एवं जिला की गौरवमयी परंपरा को और मजबूत करेंगे। समाहरणालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर से उक्त बातें कहीं। दुर्गा पूजा एवं दशहरा को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस शांति समिति की बैठक में लोगों ने शहर में साफ सफाई, रोशनी की व्यवस्था, पेयजल, सड़क मरम्मती, एवं बिजली के पोलो तथा तारों को ठीक करने जैसी समस्याओं के बारे में डीएम को अवगत कराया। डीएम ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं को तुरंत निदान करने के निर्देश दिए। बैठक में शांति समिति के वरीय सदस्य श्याम किशोर प्रधान ने दरभंगा शहर के अलावा आसपास के इलाकों में भी होने वाले पूजा में सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य जरूरी बातों पर ध्यान देने का आग्रह किया। चौक-चौराहों पर सीसीटीवी लगाने एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष तैयारी करने का आग्रह किया। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पूजा पंडालों में पूजा समिति स्वयं भी सीसीटीवी कैमरा एवं अग्निशमन यंत्र लगा रही है। सभी पूजा समितियों में वालंटियर भी रहेंगे, जो यातायात व्यवस्था सहित अन्य तरह की व्यवस्था को बनाने में प्रशासन का सहयोग करेंगे। पूजा समिति के लोगों ने कहा कि डीजे एवं अनावश्यक तरीके से लाउडस्पीकर नहीं लगाएंगे जिससे कि लोगों को असुविधा हो। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने पूजा समिति के सदस्यों से कहा कि सभी पंडालों में बिजली का अस्थाई कनेक्शन जरूर ले लें तथा वहां अग्निशमन की भी व्यवस्था रखें। प्रशासन के तरफ से भी अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। डीएम ने बताया कि पूर्व से लगे सीसीटीवी कैमरे के अलावे महत्वपूर्ण स्थलों पर नगर निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सभी जुलूस में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ वीडियो ग्राफर भी रहेगा जो हर गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करेगा। उन्होंने सभी पूजा पंडालों में महत्वपूर्ण दूरभाष संख्या का प्रदर्शन करने को कहा जिसे लोग जरूरत पड़ने पर आवश्यक सूचना दे सकें। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पूजा पंडालों में प्राथमिक उपचार किट की भी सुविधा उपलब्ध करा दें। डीएम ने बताया कि दशहरा के अवसर पर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी 24 घंटे कार्यरत रहेगा। जिसपर कोई भी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि जिला में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध हैं जिन्हें महत्वपूर्ण चिन्हित स्थानों पर प्रतिनियुक्त किया जाएगा। महिला पुलिस बल भी चिन्हित जगह पर तैनात रहेंगी। इसके अलावे सादे वर्दी में भी पुलिस भ्रमण शील रहेंगे। रात्रि गश्ती सघन रूप से की जाएगी तथा रैपिड एक्शन फोर्स एवं क्विक रिस्पांस टीम भी सतर्क रहेगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए साइबर सेल पूरी तरह एक्टिव रहेगा।