November 07, 2018

06.11.2018 (दरभंगा) : दीपावली, काली पूजा एवं चित्रगुप्त पूजा के त्यौहार को हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की तैयारी पूरी कर ली गई है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं एसएसपी गरिमा मल्लिक ने इस अवसर पर प्रतिनियुक्त सभी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी को पूरी सजगता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यातायात प्रभारी को निर्देश दिया है कि इन त्योहारों के अवसर पर यातायात की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए हर तरह की तैयारी करें एवं स्वयं भ्रमणरत रह कर आवागमन को सुचारू रूप से संचालन कराना सुनिश्चित करेंगे। अग्निशमन अधिकारी को पूरी तरह से सजग रहने को कहा गया है। सिविल सर्जन को अस्पतालों में आपात स्थिति से निबटने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। 6 नवंबर से 10 नवंबर तक समाहरणालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। इसके दूरभाष संख्या 06272- 240600 पर 24 घंटे आवश्यक सूचना दी जा सकती है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहेंगे। पूरे जिले में चिन्हित 271 जगहों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
November 01, 2018

01.11.2018 (दरभंगा) : सिमरी थाना के एसएचओ अपने पुलिस टीम के साथ रात्रि में चेकिंग पॉइंट लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी क्रम में एक ट्रक को पुलिस टीम द्वारा डिटेन कर ट्रक चालक से पूछ-ताछ की गयी। चालक के संदिग्ध परिस्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने ट्रक की सघन तलाशी ली जिसमे भारी मात्रा में शराब बरामद की गयी। एसएसपी गरिमा मल्लिक ने बताया की कुल 2205 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी हुई है तथा शराब के धंधे में संलिप्त 02 लोग गिरफ्तार हुए है। एसएसपी श्रीमती मल्लिक ने बताया की इस सम्बन्ध में सिमरी थाना में बिहार मध् निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 के अंतर्गत कांड दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।
November 01, 2018

31.10.2018 (DarbhangaOnline Desk) : बिहार की पहचान इसकी सांस्कृतिक विरासत है। अंतर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग’ बिहार की कला-संस्कृति की विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। उक्त उद्गार, महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री लाल जी टंडन ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में आयोजित पाँच दिवसीय बिहार अंतर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग-2018’ का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि आज भारतीय संस्कृति का पुनरूत्थान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े रहते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल होना चाहिए। राज्यपाल ने मिथिला की गौरवमयी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक एवं साहित्यिक परम्परा का सादर स्मरण करते हुए कहा कि यह भूमि राजा जनक, याज्ञवल्क्य, कपिल, कणाद, गौतम, मंडन, उदयनाचार्य, गार्गी, मैत्रेयी, भामती, भारती जैसी मनीषी प्रतिभाओं की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि धर्म, अध्यात्म, दर्शन, शिक्षा, संस्कृति, कला, संगीत आदि सभी क्षेत्रों में मिथिला की प्रतिभाओं ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न अभावों एवं विसंगतियों के बावजूद हमें बराबर नवसृजन हेतु तत्पर रहना चाहिए। श्री टंडन ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘तरंग’ के अन्तर्गत 27 प्रकार की प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि तरंग के अन्तर्गत इतनी अधिक स्पर्धाएँ पहली बार आयोजित हो रही हैं। राज्यपाल ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी परिकल्पना के अनुकूल राज्य में उच्च शिक्षा के विकास हेतु सार्थक प्रयास शुरू हो गये हैं, जिसके बेहतर नतीजे भी आगामी वर्ष से दिखने लगेंगे। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेलकूद की गतिविधियों के विकास हेतु भी राज्य के विश्वविद्यालयों में लगातार कार्यक्रम आयोजित करने के निदेश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बोधगया में खेलकूद की अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता ‘एकलव्य’ आयोजित होगी।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरंभंगा के कुलपति प्रो॰ सरेन्द्र कुमार सिंह ने महामहिम का स्वागत करते हुए कहा कि कुलाधिपति महोदय ने पहली बार मिथिला की धरती पर पधारकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ायी है। डॉ. सिंह ने कहा कि ‘तरंग’का यह आयोजन सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर शिक्षा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘तरंग’ और ‘एकलव्य’ जैसे कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए सिविल सोसाईटी का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। श्री सिंह ने कुलाधिपति की दूरदर्शिता की चर्चा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सत्र-2018-19 के समाप्त होते-होते बिहार के विश्वविद्यालयों के सत्र नियमित हो जाएँगे। उद्घाटन सत्र को ए॰आई॰यू॰ के संयुक्त सचिव सैम्सन डेविड ने संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की निरंतर सहभागिता रही है, इसलिए यहाँ ‘तरंग’ का आयोजन सुव्यवस्थित रूप में संभव हो सका है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो॰ एस॰के॰ सिंह ने मिथिला की परम्परा के अनुरूप महामहिम एवं मंचासीन अन्य अतिथियों को पाग, चादर एवं प्रतीक-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान आयोजन से जुड़ी ‘स्मारिका’ का भी विमोचन किया। विश्वविद्यालय के संगीत एवं नाट्य विभाग की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय का ‘कुलगीत’ प्रस्तुत किया गया। कुलसचिव कर्नल (से॰नि॰) निशीथ कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उदघाटन सत्र में प्रतिभागी विश्वविद्यालयों की आंचलिक विशेषताओं को दर्शाते हुए आकर्षक रंगमय झाकियाँ भी निकाली गयीं, जिनकी मुक्त कंठ से सबों ने प्रशंसा की।
‘तरंग’ के उद्घाटन के अवसर पर दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी, विधान पार्षद डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी, बी॰आर॰ए॰ बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, बी॰एन॰एम॰यू॰, मधेपुरा, के॰एस॰डी॰एस॰यू॰ दरभंगा, मौलाना मजहरूल हक़ अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति समेत कई विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपति, कुलसचिव एवं अध्यक्ष, छात्र कल्याण आदि उपस्थित थे।
November 01, 2018

31.10.2018 (दरभंगा) : जिला के सभी अंचलों में ऑनलाइन दाखिल खारिज की गति को तेज करने के लिए सभी अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं डाटा इंट्री ऑपरेटरों का प्रशिक्षण समाहरणालय स्थित सभागार में दिया गया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार हुए इस प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को बताया गया कि समय सीमा के भीतर दाखिल खारिज से संबंधित आवेदनों का किस प्रकार निष्पादन करना है। इसके सभी तकनीकी पहलुओं, प्राप्त आवेदनों की जांच एवं उसे स्वीकृत अथवा रिजेक्ट करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया। अपर समाहर्ता मो. मोबीन अली अंसारी ने सभी अधिकारियों को खासतौर से हिदायत दी कि ऑनलाइन दाखिल खारिज के बाद निर्गत किए जाने वाले शुद्धि पत्रों को वेबसाइट पर अपलोड करें जिससे कि संबंधित व्यक्ति को कार्यालय आकर उसे लेने की जरूरत ना पड़े एवं वह घर बैठे ही अपना शुद्धि पत्र डाउनलोड कर ले। ऑनलाइन दाखिल खारिज की सुविधा होने के बाद लोगों को काफी राहत होगी। यह सिस्टम जब पूरी तरह से काम करने लगेगा तो दाखिल खारिज में होने वाली सारी गड़बड़ियां एवं कार्यालयों का चक्कर लगाने से भी निजात मिलेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि उपस्थित थे।
November 01, 2018

30.10.2018 (दरभंगा) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित देशव्यापी प्रशकिशन शिविर मिशन साहसी के समापन अवसर पर एम.आर.एम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद झा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज मे एक दिशा देने का कार्य करेगी। इस तरह के आयोजन से समाज मे बेटियों के लिए एक अलग नजरिया बनेगा, क्योकि अब तक बेटियों को कमजोर समझा जाता था, लेकिन देश अब नारी शक्ति का प्रदर्शन भी देखेगी। अब वह किसी से कमजोर नही हैं। जब तक बेटियां सुरक्षित नही तब तक समृद्ध देश की कल्पना नही कर सकते है। आज बेटियों ने जिस तरह खुले मंच से अपना करतब दिखाया है वह अविश्वसनीय है। लहेरियासराय महिला थानाध्यक्ष नीलम कुमारी ने कहा की मिशन साहसी के माध्यम से बेटियाँ अबला नही सबला बनेगी। शक्ति के लिए जब हम दुर्गा और काली को पूजते हैं फिर महिला को कमजोर क्यो समझा जाता है, कोई भी महिला साधारण नही है। समाज मे बेटियों को उचित जगह देने के उद्देश्य से मैं ऐसे कार्यक्रम के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का शुक्रिया अदा करती हूँ।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय प्रमुख डॉ. विमलेश कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम समाज के लिए रोड मैप का कार्य करेगी। बेटियों को कमजोर समझने वाले के मुँह पर ये तमाचा होगा। आज खुले मैदान में बेटियों के करतब से गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। फूल नही चिंगारी है, ये भारत की नारी है, को मिशन साहसी चरितार्थ कर रही है।
उक्त कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन मुख्य अतिथि लहेरियासराय महिला थानाध्यक्ष नीलम कुमारी, एम.आर.एम महिला महाविद्यालय की शिक्षिका प्रो पुनीता झा, अनुराधा लाला, दोयल मोना, डॉ. गुंजन शुक्ला, डॉ. कन्हैया चौधरी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय प्रमुख डॉ. बिमलेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्य समिति सदस्य प्रियदर्शिनी सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सी. एम. साइंस कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष जया सिंह ने किया।