November 28, 2018

26.11.2018 (दरभंगा) : शराब सहित सभी प्रकार के नशा का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे दूर रहने में ही सबकी भलाई है। प्रखंड से लेकर प्रमंडल तक सभी जगहों पर सरकारी अधिकारी एवं कर्मियों ने नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर सभी प्रकार के नशा से दूर रहने का संकल्प लिया। प्रमंडल में नशा मुक्ति संबंधी शपथ आयुक्त के सचिव विनय कुमार के द्वारा दिलाया गया। जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम समाहरणालय स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सभागार में हुआ, जहां डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को नशा से दूर रहने एवं दूसरे लोगों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का शपथ लिया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि शराबबंदी एवं नशा मुक्ति अभियान से पूरे राज्य के वातावरण में सकारात्मक बदलाव हुआ है। सामाजिक वातावरण भी पहले से सुंदर बना है। घरेलू हिंसा, दुर्घटना सब में व्यापक कमी आई है। लोगों के रहन-सहन के स्तर में सुधार आया है एवं परिवारों में खुशहाली बढ़ी है। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था के मामले में भी शराब बंदी के बाद से काफी सुधार हुए हैं।
अनुमंडल पदाधिकारी राकेश गुप्ता ने बताया कि शराबबंदी के बाद से ऑफिसों की कार्य संस्कृति भी अच्छी बनी है। डीएम ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों से कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मी सरकार के ब्रांड एंबेसडर होते हैं इसलिए अपने-अपने कार्यालयों में पूरी निष्ठा से काम करें तथा कार्यालय आने वाले लोगों के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार करें।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो ने कहा कि मानव संसाधन के विकास के लिए शराब बंदी एक बेहतरीन कार्यक्रम है और इससे सभी परिवारों में खुशहाली का वातावरण बना है। डीपीएम जीविका मुकेश कुमार ने शराब बंदी के बाद से जीविका महिलाओं के परिवारों में आए बदलाव को रेखांकित किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रतिभागियों ने भी शराब बंदी के बाद हुए सकारात्मक परिवर्तन से संबंधित अपने अनुभव सुनाए। इस अवसर पर पटना से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले नशा मुक्ति कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। लोगों ने मुख्यमंत्री के संदेश सुनें एवं नशा मुक्ति से संबंधित शपथ भी लिया। मधनिषेध के थीम पर आयोजित पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पारितोषिक देकर डीएम ने प्रोत्साहित किया। इससे पूर्व स्कूली बच्चों द्वारा नशामुक्ति रैली भी निकाली गई।
November 28, 2018

25.11.2018 (दरभंगा) : दरभंगा के कर्पूरी चौक स्थित मेडिकल ग्राउंड में अयोधा में राम मंदिर के शीघ्र निर्माण हेतु विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया। जिसमे जिले के कई जगह से साधू संत व राम भक्त पहुंचे। पूरा ग्राउंड जय श्री राम के नारों से घंटों गूंजता रहा। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा, रामलला के मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ हो। राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा ने कहा कि सरकार व केंद्र सरकार राम मंदिर का कार्य जल्द शुरू करवाएं चाहे इसके लिए क़ानून ही क्यों न बनाना पड़े।
November 22, 2018

20.11.2018 (DarbhangaOnline Desk) : पूर्व मध्य रेल मुख्यालय हाजीपुर में कौमी एकता दिवस के अवसर पर महाप्रबंधक ललित चन्द्र त्रिवेदी की अध्यक्ष्ता में कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया, जिसमें रेल परिवार के सदस्यों एवं अन्यत ख्या्ति प्राप्त कवियों ने कौमी एकता सहित विविध विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक ललित चन्द्र त्रिवेदी ने भी अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया।
November 22, 2018

19.11.2018 (पटना) : बिहार की समृद्धि का आधार कृषि-व्यवस्था है। राज्य में कृषि का विकास तभी संभव होगा, जब कृषि के सभी अनुषंगी क्षेत्रों (Allied Sectors) का भी समुचित विकास हो। कृषि के विकास का अर्थ है -पशु-संसाधन का पर्याप्त विकास हो, दुग्ध-उत्पादन बढ़े, मत्स्य-पालन की आधारभूत संरचना विकसित की जाये, कुक्कुट-पालन, अंडा उत्पादन, साग-सब्जी एवं फलों के उत्पादन को भी पर्याप्त बढ़ावा मिले। अपने सम्बोधन में राज्यपाल, बिहार श्री लाल जी टंडन ने स्थानीय बी॰आई॰टी॰ कैम्पस सभागार में आयोजित Biennial Conference of Animal Nutrition Association-ANACON-2018 का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा की कृषि में जैसे हम ‘जैविक खेती’ की ओर तेजी से उन्मुख हो रहे हैं, उसी तरह देशी नस्ल की गायों को पालने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। श्री टंडन ने कहा कि विदेशी नस्ल की गायों की स्वास्थ्य-रक्षा तथा पालन पर काफी खर्च करने पड़ते हैं। ठीक इसके विपरीत देशी नस्ल की गायों को पालने में काफी कम राशि व्यय होती है तथा ये भारतीय जलवायु और प्रकृति के अनुकूल भी हैं। ये कम लागत वाली होने के साथ-साथ भारत में काफी उपयोगी और स्वास्थ्यप्रद भी हैं। राज्यपाल ने कहा कि ‘जीरो बजट’ पर आधारित कृषि-विकास की तरह अल्प व्यय पर उपयोगी पशु-धन का विकास भी अत्यन्त आवश्यक है।
November 22, 2018

16.11.2018 (दरभंगा) : " डिजिटल इंडिया " का सकारात्मक प्रभाव अब मीडिया पर भी दिखने लगा है। डिजिटल मीडिया के तहत ख़बरों के सम्प्रेषण में कई तंत्र जुड़ गए। व्हाट्सप्प, न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब चैनल आदि। जिससे की शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की ख़बरें अब तुरंत मिल जाती है। इस बात को अब प्रशासनिक अधिकारी भी मानने लगे हैं। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर समाहरणालय स्थित सभागार में " डिजिटल युग में पत्रकारिता आचार नीति और चुनौतियाँ " विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा की डिजिटल युग का काफी फायदा हो रहा है। दूर-दराज की ख़बरें फटाफट मिल जाती है। ख़बरों का सम्प्रेषण काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा की डिजिटल युग में माध्यम इतने हो गए हैं की किसी भी खबर को दबाना या मैनेज करना आसान नहीं है। यही इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट है। डीएम ने खबरों के सम्प्रेषण की गति को देखते हुए कहा की किसी का अहित ना हो, इसलिए ख़बरों के सम्प्रेषण में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने पत्रकारों से अनुरोध करते हुए कहा की खबर सम्प्रेषण के समय ये जरूर ध्यान रखें की दोनों पक्ष का जिक्र खबरों में हो। उन्होंने कहा की पत्रकारिता एक जुनून है इसलिए इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए की जो हमारे व्यक्तिगत इमोशन हैं उससे ये कम से कम प्रभावित हो। एसएसपी गरिमा मल्लिक ने कहा की मीडिया जनतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए मीडिया के पास कुछ विशेष शक्तियां व अधिकार हैं, तथा जिम्मेदारियां भी है।
उक्त सेमीनार में रवि भूषण चतुर्वेदी, प्रमोद गुप्ता, शशि मोहन भरद्वाज, देवेंद्र ठाकुर, फिरोज, अभिषेक कुमार सहित कई वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित थे।