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मिथिला ग्राम्य दालान में जीवंत हुई स्थानीय लोक संस्कृति

December 04, 2018
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02.12.2018 (दरभंगा) : दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव में आयोजित मिथिला ग्राम्य दलान कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संस्कृति एवं परंपराओं तथा विरासत के जीवंत तस्वीर उभर कर सामने आई। लोक कलाकारों ने लुप्त होती जा रही अपने गौरवमयी परंपरा को लोगों के सामने प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि लोक संस्कृति की जड़ें आधुनिक गीत-संगीत से कहीं अधिक गहराई में जाकर जमी है। यह आम जनमानस के हृदय की आवाज है। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मिथिला दलान का मुख्य उद्देश यहां की विशुद्ध लोक परंपरा को न सिर्फ लोगों के बीच उभारकर सामने लाना है बल्कि इसका संरक्षण और संवर्धन भी करना है। उन्होंने कहा की मिथिला ग्राम्य दलान मिथिला लोक उत्सव के विशुद्ध रूप को प्रतिबिंबित करता है। ग्राम में दालान में शंभू प्रसाद यादव ने भुइया बख्तौर, रुदल पंजियार ने कारू खिरहर लोकगाथा को अत्यंत ही मनोहारी तरीके से प्रस्तुत किया। उषा पासवान के लोक नृत्य, बचकईंन पासवान द्वारा दुलरा दयाल सिंह की लोकगाथा, उत्तम यादव के लोरीकायन, धरोहर मंच के लोक नृत्य, सोनी स्वर श्रृंगार के शास्त्रीय नृत्य, धरोहर संस्कृति मंच की अद्भुत प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा। इस अवसर पर. वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक, उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्ता विरेंद्र प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार, सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ लालबाबू सिंह, उमेश राय, राम बुझावन यादव सहित काफी संख्या में लोक संस्कृति प्रेमी जन उपस्थित थे।

मिथिला विकास बोर्ड की माँग : MSU

December 04, 2018
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02.12.2018 (दरभंगा) : मिथिला विकास बोर्ड की मांग को लेकर विशाल जनसभा का आयोजन संकल्प रैली के रूप में दरभंगा राज मैदान में किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित राष्ट्रीय संगठन मंत्री अविनाश भारद्वाज ने कहा की यहाँ पच्चास हजार नौजवान आएँ हैं जिसके आंखों में समृद्ध मिथिला का सपना देखा जा सकता है। उन्होंने कहा की मिथिला के नौजवान अब अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा। आखिर यह कौन सी व्यवस्था है जिसमें सात करोड़ मैथिलों की पूछ नहीं है। यहाँ के शिक्षा व्यवस्था की हालात दयनीय है। स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। किसान दाने-दाने को तरस रहें हैं। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है। पटना की सत्ता हो या फिर दिल्ली की उसमें हम मिथिलावासियों की भागीदारी 7 करोड़ है, लेकिन हमारी पूछ क्यों नहीं है। इसी के विरोध में आज हजारों नौजवान यहाँ अपना अधिकार मांगने आए है। सशक्त समृद्ध मिथिला के परिकल्पना को साकार करने आये हैं।

यूनियन के राष्ट्रीय अध्य्क्ष रौशन मैथिल ने कहा कि यह हजारों की भीड़ मिथिला के गाँव-गाँव से खुद चल कर आई है। इनका एक ही मांग है कि मिथिला विकास बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार एक लाख कड़ोर मिथिला के विकास के लिए इस क्षेत्र में ख़र्चा करें। यहाँ स्पेशल एजुकेशन जोन बनाया जाए। उच्च शिक्षा की व्यवस्था हो चुकी यह विद्वानों की धरती है। उन्होंने कहा की मिथिला में बन्द पड़े 14 चीनी मिल अगर चालू हो जाए तो 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। यह कृषि पर निर्भर क्षेत्र है और कृषि में एक मात्र नगदी फसल है। गन्ना की खेती अगर होती है तो यहां के किसान समृद्ध होगें जो आदिकाल में थे। उनोने IT पार्क, IIT, तारामंडल, एयरपोर्ट तथा दरभंगा के तीनों तालाबों को एक-एक कर पर्यटन स्थल बनाने की मांग की। मधुबनी में केंद्रीय विद्यालय एडवेंचर पार्क, झंझारपुर को जिला का दर्जा, बेगूसराय में LNMU का एक बेंच, पूर्णियां, सुपौल, अररिया खगड़िया जैसे अति पिछड़े जिला को 5-5 हजार करोड़ कार्पस प्रदान करने की मांग की। समस्तीपुर से दिल्ली भेज दिए गए पूसा एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर को फिर से समस्तीपुर में स्थापित करने की भी मांग।

राष्ट्रीय महासचिव आदित्य मोहन ने कहा कि आज सात करोड़ की आबादी एक डीएमसीएच पर निर्भर है, जिसकी हालात खुद वेंटिलेटर पर है और किसी से छुपी हुई नहीं है। सरकार जब पटना में AIIMS बनाती है तो अलग जगह बनाती है। ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। हज़ारों की संख्या में रोजगार का सृजन हो। लेकिन जब मिथिला में एम्स की बारी आती है तो DMCH को अपग्रेड की बात करने लगते है। अरे आपने PMCH को अपग्रेड क्यों नहीं किया ? वहाँ अलग से एम्स बनाया सरकार ने, वहाँ पैसा खर्च किया।

वरिष्ठ छात्र नेता सागर नवदिया ने कहा कि मिथिला के विश्वविद्यालयों की हालत किसी से छुपी हुई नहीं है। प्रथमिक स्तर पर या फिर मध्य या उच्च स्तर पर शिक्षा को सरकार जान बूझकर ठीक नहीं कर रही है। यहाँ के डिग्रियों की कोई मूल्य नहीं है। विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमन सक्सेना व' बिहार प्रभारी प्रियरंजन पांडे ने कहा कि अगर मिथिला विकास बोर्ड की माँग पूरी नहीं होती है तो संघर्ष को तेज किया जायेगा।

नशा करने वालों का नैतिक,चारित्रिक एवं आध्यात्मिक पतन हो जाता है : गुप्तेश्वर पांडेय

November 28, 2018
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28.11.2018 (दरभंगा) : नशा करने वालों का नैतिक,चारित्रिक एवं आध्यात्मिक पतन हो जाता है। नशा शरीर, बुद्धि एवं चरित्र सब का नाश कर देता है। बच्चे, बूढ़े एवं युवा सब को इससे दूर रहने की जरूरत है। पुलिस महानिदेशक बिहार सैन्य पुलिस गुप्तेश्वर पांडेय ने लहेरियासराय स्थित एम.एल. एकेडमी स्कूल के प्रांगण में नशा मुक्ति संबंधी जन-जागरण अभियान में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि नशा आदमी के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए हानिकारक है। युवा वर्ग को सभी प्रकार के नशा से विशेष रूप से दूर रहने की जरूरत है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि समाज में लोगों को सभी प्रकार के नशा से दूर रहने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मनुष्य का कर्म मन एवं बुद्धि से संचालित होता है। मन का स्वभाव चंचल होता है। यह हमें भौतिक सुख के लिये प्रेरित करता है, वहीँ बुद्धि हमें गलत काम करने से रोकता है। इसलिए मन के प्रभाव में न आकर हमें बुद्धि एवं विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। स्कूली बच्चों को देश- प्रेम एवं राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देते हुए उन्होंने कहा कि हम सबको जाति, धर्म आदि के आधार पर किसी तरह के भेदभाव से बचना चाहिए एवं एक सशक्त देश बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के जिस काम को करने में आज तकलीफ अनुभव होता है वही आगे चलकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।

पुलिस महानिरीक्षक श्री पंकज कुमार दराद ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान समाज के कल्याण के लिए एक प्रकार का महायज्ञ है। इसमें सबों को मिलकर काम करने की जरूरत है, तभी हम एक नशा मुक्त समाज एवं सुंदर समाज बना सकेंगे।

आयुक्त श्री मयंक वड़बड़े ने लोगों से आग्रह किया है कि सभी प्रकार के नशा को न कहने की आदत डालें। यह हमारे शरीर एवं हमारे नैतिक बल को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा उठाया गया नशा मुक्ति का कार्यक्रम एक बहुत ही प्रभावकारी कार्यक्रम है।

इस अवसर पर डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि नशा का व्यापार एवं उसके उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने करें कानून बनाए हैं। इन कानूनों के आधार पर लोगों को दंडित भी किया जा रहा है, पर एक नशा मुक्त समाज तभी बनेगा जब समाज का हर व्यक्ति जागरुक हो जाएगा और यह संकल्प लेगा कि वह अपने समाज में किसी प्रकार के नशा को न होने देंगे। उन्होंने बच्चों एवं नागरिकों को सिविल सिपाही की संज्ञा दी एवं कहां की जन जागरूकता से ही नशा जैसी कूप्रवृतियां पर रोक लगाने संबंधी स्थाई सफलता मिल सकती है। डीएम ने समाज की अन्य कुरीति मसलन बाल-विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध भी बच्चों को जागरूक किया एवं उनसे आग्रह किया कि वह समाज में इन प्रथाओं को दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

एसएसपी गरिमा मल्लिक ने समाज के हर एक व्यक्ति को सभी प्रकार के नशा से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों में देशभक्ति व देश प्रेम का नशा होना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई गई।

नशा मुक्ति जन जागरण कार्यक्रम में बीएमपी के एआईजी अरविंद ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ महेश प्रसाद सिंह, विद्यालय के प्राचार्य विश्व भारती यादव, स्थानीय नागरिक एवं स्कूली बच्चे शामिल थे।

नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने ली शपथ

November 28, 2018
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26.11.2018 (पटना) : डीएम कुमार रवि की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर पटना समाहरणालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को शपथ दिलाया गया। शपथ- (‘‘मैं निष्ठापूर्वक संकल्प लेता हूँ कि शराब का सेवन नहीं करूँगा/करूँगी, क्योंकि शराब स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। साथ ही दूसरे लोगों को भी शराब से दूर रहने के लिए प्रेरित करूँगा/करूँगी। ’’) इस अवसर पर डीएम ने "नशामुक्ति जीवन-खुशहाल जीवन के विविध आयाम" निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृृतीय विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया। डीएम द्वारा नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर आज 09.00 बजे पूर्वाह्न में बाँकीपुर गर्ल्स उच्च विद्यालय से हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया गया जो कारगिल चौक, गाँधी मैदान होते हुए पुनः बाँकीपुर गर्ल्स उच्च विद्यालय में आकर समाप्त हुआ।

नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर डीएम कुमार रवि के साथ उप विकास आयुक्त डा0 आदित्य प्रकाश, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी पंकज कुमार, जिला पदाधिकारी के विशेष कार्य पदाधिकारी रजनीकान्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी निर्मल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर सुहर्ष भगत सहित समाहरणालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर संकल्प लिया।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, सड़क दुर्घटना, आपसी कलह जैसे मामलों में कमी आई है : सीएम नितीश कुमार

November 28, 2018
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26.11.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अधिवेशन भवन में आयोजित नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में सभी पंचायतों के मुखिया को भेजे गए संदेश का अनावरण मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से किया। मोबाइल पर जनता के नाम भेजे गये अपने ऑडियो संदेश का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने मोबाइल का बटन दबाकर किया। पूर्ण शराबबंदी को स्थायी रूप से प्रभावी बनाने की दिशा में चलाए जा रहे निरंतर अभियान एवं की जा रही कार्रवाइयों में लगे लोगों तथा मद्य निषेध कोषांग के पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। अधिवेशन भवन में आयोजित नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम का वेबकास्टिंग के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों में लाइव प्रसारण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नशा मुक्ति दिवस है और 2011 से ही हमलोगों ने 26 नवंबर के दिन बिहार में इसे मद्य निषेध दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है। हमलोग चाहते थे कि लोग शराब का सेवन कम करें, इसके लिए निरंतर सामाजिक अभियान चलाया गया, साथ ही शराबमुक्त समाज बनाने की दिशा में लगे लोगों को हमलोगों ने पुरस्कृत करने का भी काम किया। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई 2015 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महिलाओं ने एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में शराबबंदी लागू करने की मांग की और हमलोगों ने 2015 के अंत में ही इस दिशा में काम प्रारम्भ कर दिया। उन्होंने कहा कि उसी वर्ष 26 नवम्बर 2015 को ही मद्य निषेध दिवस के दिन हमने 1 अप्रैल 2016 से बिहार में चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद निरंतर सामाजिक अभियान चलाया गया, विभाग का नाम बदलकर मद्य निषेध किया गया, पाॅलिसी में परिवर्तन किया गया, शराब नहीं पीने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया, नारे लिखे गये और जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गये। एक करोड़ से ज्यादा बच्चों के अभिभावकों ने शराब नहीं पीने एवं दूसरों को शराब नहीं पीने के लिये प्रेरित करने का भी संकल्प लिया। 1 अप्रैल 2016 से बिहार में देशी शराब पर पाबंदी लगाई गयी। लोगों पर इसका असर इतना व्यापक हुआ कि 4 दिन के अंदर ही पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की घोषणा करनी पड़ी। 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई, इसके बाद शराबबंदी से नशा मुक्ति के पक्ष में 21 जनवरी 2017 को मानव श्रृंखला बनायी गयी, जिसमें 4 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया, जो बिहार की आबादी के एक-तिहाई हैं। यह मानव श्रृंखला दुनिया के लिए नया रिकॉर्ड बना। इसके बाद इसी साल 21 जनवरी 2018 को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय योजना पर काम हो रहा है और नशा मुक्ति, दहेज प्रथा एवं बाल-विवाह हमारे दृढ़ निश्चय का हिस्सा है। हमारी अपील है कि इस अभियान को कभी भी कुंद नहीं होने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ सरकारी तंत्र और कानून के भरोसे हमें पूर्ण कामयाबी नहीं मिलेगी बल्कि इसके लिए निरंतर सामाजिक अभियान चलाकर लोगों को सजग, सक्रिय और सतर्क करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्ण शराबबंदी के बाद भी चोरी-छिपे चंद धंधेबाज और विकृत मानसिकता के लोग छोटे बच्चों का उपयोग कर शराब की आपूर्ति करने में लगे हैं, जिन पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि उड़ीसा से आये सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहु अपनी कला के माध्यम से लोगों को जागृत करने में लगे हैं, यह काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि किलकारी बिहार बाल भवन के बच्चों को मैं धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से शराबबंदी से जुड़े गीत प्रस्तुत किये। मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के कथावाचन की तरह ही सभी स्कूलों में इस गीत को सुनवाइये ताकि लोग जागृत हो सकें। शराब सेवन से स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के एक जिस्ट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वल्र्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2016 में दुनिया भर में जितनी मौतें हुई हैं, उसमें 5.3 प्रतिशत मौत शराब सेवन से हुई है।

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शराब के कारण होने वाली मौतों में बूढ़ों की अपेक्षा युवाओं का मृत्यु दर अधिक है। शराब सेवन करने वाले 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों का मृत्यु दर 13.5 है। उन्होंने कहा कि टी0वी0, एच0आई0वी0 और मधुमेह से होने वाली मौत की तुलना में शराब सेवन से अधिक मौत हो रही है। वल्र्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार शराब 200 से अधिक बीमारियों को बढ़ाता है। शराब सेवन से कैंसर, एड्स, टी0वी0, लीवर, दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी, आनुवांषिक बीमारियों के साथ ही मनुष्य हिंसक प्रवृति का शिकार हो जाता है। दुनिया भर में जो आत्महत्याएं हो रही हैं, उसमे से 18 प्रतिशत सुसाइड की घटनाएँ शराब के कारण हो रही हैं। विश्व भर में 18 प्रतिशत आपसी झगड़ों में मौत, 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटना और 13 प्रतिशत मिर्गी के कारण मौत की घटनाएँ शराब के कारण ही हुआ करती हैं। मद्य निषेध विभाग और आई0जी0 प्रोहिबिशन वल्र्ड हेल्थ आॅर्गेनाईजेशन की इफेक्टिव रिपोर्ट की एक जिस्ट बिहार के एक-एक गाँव तक लोगों के बीच पहुँचा दें ताकि लोग शराब सेवन से होने वाली मौतों और बीमारियों से अवगत हो सकें। इसके साथ ही वे अपने पास-पड़ोस के लोगों से इसे साझा कर सकें। जीविका दीदियों का भी यह दायित्व है कि वे वल्र्ड हेल्थ आॅर्गेनाईजेशन की इस रिपोर्ट को लोगों तक पहुंचाए क्योंकि उन्हीं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की गयी है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, सड़क दुर्घटना, आपसी कलह जैसे अन्य कई मामलों में कमी आई है इसलिए लोगों को भटकने मत दीजिये। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से सबसे अधिक गरीब-गुरबों को फायदा हुआ है और पूरे बिहार में शांति का माहौल कायम है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वकालत कर लोगों को भटकाने में लगे हैं, जिसे जानकर हमें आश्चर्य होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मद्य निषेध विभाग की दो दिन पहले ही हमने समीक्षा बैठक की थी। हमने कहा था कि शराब के अवैध धंधे में लगे लोग कहाँ, कितने और कैसे पकड़े जा रहे हैं, इसकी समीक्षा कीजिये। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान हमने यह भी निर्देश दिया था कि ड्राईवर-खलासी से लेकर शराब के कारोबार में लगे धंधेबाजों को भी पकड़िये। उन्होंने कहा कि आई0जी0 प्रोहिबिशन का तंत्र विकसित कर करीब डेढ़ सौ कर्मियों की तैनाती भी की गयी है। प्रतिदिन अच्छी-खासी संख्या में शिकायतें दर्ज हो रही हैं और त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। आई0जी0 प्रोहिबिशन को इतनी ताकत दे दी गयी है कि अगर किसी भी थाने द्वारा मामले की इन्क्वायरी ठीक ढंग से नहीं की जा रही है तो उस मामले को वह स्वयं अपने हाथों में लेकर अग्रेतर कार्रवाई कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के हर घर में इस वर्ष 25 अक्टूबर को बिजली पहुँचा दी गयी है और हर गाँव में विद्युत पोल पर एक टेलीफोन नंबर भी लिखा गया है, जिसके माध्यम से शराब के अवैध धंधे में लगे लोगों की सूचना कोई भी आदमी अपने मोबाइल के जरिये दे सकता है। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा और जो कार्रवाई होगी, उस संदर्भ में शिकायतकर्ता से यह भी पूछा जाएगा कि वे कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक चीज पर पैनी नजर रखिये और यदि कोई उच्च अधिकारी भी इस मामले में गड़बड़ी करे तो उस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से मुक्त करने के साथ ही जेल भेजिए। उन्होंने कहा कि शराब का अवैध धंधा करने वाला शान से नहीं बल्कि सिर झुकाकर चलेगा और लोग उस पर थू-थू करेंगे। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पूरे देश में ऐसी स्थिति आ गयी है कि हर ओर शराबबंदी की मांग तेजी से मुखर होने लगी है। लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो सशक्त अभियान चल रहा है, उसमे निरंतरता बनाये रखिये क्योंकि जो धंधेबाजों के एजेंट हैं, वे लोगों को दिग्भ्रमित करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से शराबबंदी की आवाज उठने लगी है इसलिए शराब के धंधे में लगे लोग परेशान हैं कि कहीं बिहार जैसी शराबबंदी पूरे देश में लागू न हो जाए। उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, इससे कोई समझौता नहीं करेंगे लेकिन जब तक बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों सेे समाज को छुटकारा नहीं मिलेगा, तब तक विकास का पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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मुकुल के साथ संगीत : https://youtube.com/c/MusicWithMukul
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।