December 11, 2018

10.12.2018 (पटना) : ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’-भारतीय संस्कृति का प्राण तत्व है। पूरी धरती पर के लोगों, पूरे विश्व को अपने परिवार सरीखा समझने की दृष्टि भारतीय संस्कृति की अद्वितीय विशेषता है। अपनी इस सांस्कृतिक विरासत का स्मरण करते हुए मानवीय संवेदना के साथ काम करने पर मानवाधिकार के उल्लंघन की समस्या ही नहीं रह जायेगाी’’ - उक्त उद्गार, महामहिम राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने स्थानीय अधिवेशन भवन में बिहार मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित -‘अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस’-सह-राज्य मानवाधिकार आयोग के स्थापना-दिवस समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाये रखने के लिए मानवाधिकारों का संरक्षण एवं संवर्द्धन नितांत आवश्यक है, क्योंकि मानवाधिकार वस्तुतः स्वतंत्रता, समानता एवं गरिमा के अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सामान्यतः विभिन्न प्रकार के कानूनों के जरिये अधिकार प्राप्त होते हैं, परन्तु मानवाधिकार नागरिकों के जन्मसिद्ध अधिकार हैं, जिन्हें कानून बनाकर संरक्षण दिया गया है। श्री टंडन ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मानवाधिकारों का संरक्षण सरकारों का प्रमुख दायित्व होता है। यह तभी संभव है जब सरकार के विभिन्न प्रशासनिक तंत्र, जो विभिन्न प्रकार के कानून, नीतियों-नियमों, कल्याणकारी योजनाओं इत्यादि का कार्यान्वयन करते हैं, वे इन्हें प्रभावकारी ढंग से एवं लगनशीलता से लागू करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी एवम् कल्याणकारी शासन ही मानवाधिकारों का संरक्षण कर सकता है। सरकार की सभी प्रशासनिक संस्थाओं को इसे ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि मानवाधिकारों के संरक्षण में समाज के असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले उपेक्षित एवं कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है, चूँकि ऐसे वर्ग अपने मानवाधिकारों के हनन को प्रमुखता से नहीं उठा पाते तथा अपने मानवाधिकारों का हनन चुपचाप सहन करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक राज्य का प्रमुख दायित्व है कि वह नागरिकों के मानवाधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करे। इस उद्देश्य की प्राप्ति करने हेतु ‘बिहार मानवाधिकार आयोग’ ने राज्य सरकार की पर्याप्त सहायता की है एवं दोनों ने समुचित सहयोग और समन्वय के साथ कार्य किया है। कार्यक्रम में बिहार मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष जस्टिस मंधाता सिंह तथा आयोग के पूर्व सदस्य जस्टिस राजेन्द्र प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह में राज्य के गृह सचिव आमिर सुबहानी एवं पुलिस महानिदेशक श्री के.एस. द्विवेदी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव श्रीमती वंदना किन्नी ने बिहार मानवाधिकार आयोग की उपलब्धियों का उल्लेख किया। धन्यवाद ज्ञापन आयोग के उप सचिव गजेन्द्र सिंह ने किया।
December 10, 2018
09.12.2018 (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित जिला अतिथिगृह में राज्य निशक्तता आयुक्त डॉ. शिवाजी कुमार ने प्रेस वार्ता करते हुए दिव्यांग जनों के अधिकार एवं सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार के हर एक विभाग को अपने बजट का 5% दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए खर्च करने का प्रावधान है। दिव्यांग जनों को त्वरित न्याय के लिए वकील सहित सभी सुविधाएं निशुल्क दिए जाने का भी प्रावधान है। दिव्यांगता के आधार पर किसी को सरकारी सेवा के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता है। अगर दिव्यांगता के आधार पर किसी को सुविधा से वंचित किया जाता है तो 6 माह से 6 वर्ष तक की सजा दोषी व्यक्ति को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के सरकारी तथा सार्वजनिक भवनों में रैंप का होना जरूरी है। दिव्यांग जनों को ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सुविधाओं में भी सरकार द्वारा छूट प्रदान की जाती है। सभी दिव्यांगों को मतदान का अधिकार मिले इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बूथों पर दिव्यांगों के लाने एवं ले जाने के लिए स्पेशल प्रावधान किए गए हैं। बूथों पर रैंप को अनिवार्य बनाया गया है। निशक्तता आयुक्त ने दिव्यांगों के लिए यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र बनाने तथा सबको यूडी आईडी पोर्टल से जोड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ देने को भी कहा। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांगों से संबंधित मामले को दर्ज करने के लिए पुलिस को दिव्यांगों के घर तक आना होगा।जिला में पुअर होम की जगह एक आलीशान सुविधाओं से युक्त अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के निर्माण के संबंध में किए जा रहे प्रयास की भी उन्होंने जानकारी दी। जन वितरण प्रणाली में भी दिव्यांगों को 5% का आरक्षण मिलना है। निशक्तता आयुक्त ने 21 प्रकार के दिव्यांगताओं के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि टेंपोरल बोन डिजीज जनित दिव्यांगता में 6 लाख रु के सरकारी अनुदान के भी प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों से शादी करने पर भी सरकार के द्वारा कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाते हैं। निशक्तता आयुक्त ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कुटीर उद्योग के लिए तीन श्रेणी में 10लाख रूपए तक के कम दर पर ऋण के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के संसाधन पर पहला हक दिव्यांग जनों का है।10 दिसंबर को निशक्तता आयुक्त जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारी तथा विश्वविद्यालय एवं बैंक के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसी दिन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व मॉल का भी निरीक्षण कर दिव्यांगों को दी जा रही सुविधाओं का आकलन करेंगे। 11 दिसंबर को अस्पताल के चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों एवं सिविल सोसायटी, चिकित्सा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं विधिक सेवा प्राधिकार के साथ भी उनकी बैठक होगी। 1 2 दिसंबर को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र दरभंगा में दिव्यांग जनों के परिवादों की सुनवाई के लिये चलंत लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। चलंत लोक अदालत में दिव्यांग जनों के लिए दिव्यांगता प्रमाणीकरण की भी व्यवस्था होगी।
December 10, 2018

09.12.2018 (दरभंगा) : सरकार के विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं को ऑडियो विजुअल जागरूकता रथ के द्वारा जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ऑडियो-विजुअल रथ एवं सांस्कृतिक दल को हरी झंडी दिखाते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि इस जागरूकता कार्यक्रम से लोग सरकार के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी तो प्राप्त करेंगे ही अगर कहीं मानक के अनुरूप काम नहीं हुआ होगा तो उन्हें इतनी जानकारी हो जाएगी कि वे इसके विरुद्ध उचित फोरम में शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे। डीएम ने कहा कि इस रथ के माध्यम से 1 घंटे की फिल्म के द्वारा राज्य में हुए विकास एवं सात निश्चय तथा अन्य विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं व नशा मुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन जैसे सामाजिक अभियान के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। ऑडियो-विजुअल वैन प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में अवस्थित सार्वजनिक स्थल पर फिल्म का प्रदर्शन करेगा एवं फिल्म प्रदर्शन से पूर्व सांस्कृतिक दल के द्वारा जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में सरकार के विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित पैंफलेट का भी वितरण किया जाएगा जिसके माध्यम से लोग सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में और विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 9 दिसंबर को यह जागरूकता कार्यक्रम बहादुरपुर तथा हायाघाट प्रखंड में आयोजित हुआ। 10 दिसंबर को यह कार्यक्रम हनुमान नगर एवं बहेड़ी, 11 दिसंबर को दरभंगा सदर एवं केवटी, 12 दिसंबर को सिंघवारा एवं जाले, 13 दिसंबर को मनीगाछी एवं तारडीह, 14 दिसंबर को बेनीपुर एवं अलीनगर, 15 दिसंबर को बिरौल एवं गौराबौराम, 16 दिसंबर को घनश्यामपुर एवं किरतपुर तथा 17 दिसंबर को कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित होगा। जागरूकता रथ के समाहरणालय से रवाना होने से पूर्व सांस्कृतिक दल के द्वारा नुक्कड़ नाटक की एक झलकी भी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता मोहम्मद मोबीन अली अंसारी, कोषागार पदाधिकारी नीलकमल, वरीय उप समाहर्ता अनिल कुमार, डीपीआरओ लाल बाबू समेत काफी संख्या में आम जन उपस्थित थे।
December 04, 2018

03.12.2018 (पटना) : पटना के सरदार पटेल भवन में पटना आइडियाथॉन 2018 के दो दिवसीय आयोजन का विधिवत शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह का आयोजन पहली बार बिहार में हो रहा है जिसे जानकर मुझे बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने ये साबित किया है कि बिहार किस दिशा में जा रहा है और किस तरह से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पचास सालों में दुनिया काफी तेज़ी से बदली है, और खासकर पिछले पच्चीस सालों में तो यह बिल्कुल ही तेज़ गति से बदली है। आजकल जमाना नवाचार का है, नवीन प्रयोगों का है, और नए आविष्कारों का है। उन्होंने कहा कि वेव ऑफ रिवोल्यूशन ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ बॉक्स काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस देश को आज नए नए आइडियाज़ की जरूरत है, और जिनके पास बेहतर आइडियाज़ होंगे वही देश पर राज करेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बेहतर आईडियाज़ की जरूरत है ताकि इस राज्य को देश की अग्रणी पंक्ति में खड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में हमारे ज्ञान की बड़ी कीमत है। कई मल्टीनेशनल्स कंपनियों में हमारे यहां के लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वो हरसंभव मदद को तैयार हैं। उन्होंने माइक्रोसॉप्ट के कंट्री हेड मनीष प्रकाश की चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में दस हज़ार से ज्यादा दक्ष लोगों की जरूरत है। इसलिए हम ये कहना चाहते हैं कि बिहार इसके लिए तैयार है, क्योंकि हमारे पास मानव संसाधन की प्रचूरता है जो हमारी असली ताकत भी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विचारों को टेक्नोलॉजी का सहारा चाहिए, क्योंकि एक आईडिया राज्य को ही नहीं देश और दुनिया को प्रभावित करने वाला होता है। उन्होंने आयोजन में शामिल अतिथियों और प्रतिभागियों से अपील की कि इनोवेट फॉर इंडिया और इनोवेट फॉर ह्यूमेनिटी। उन्होंने स्टार्टअप्स से अपील भी की कि हमें परिवर्तन का वाहक बनना है क्योंकि एक इनोवेशन लाखों लोगों की ज़िंदगी को बदल सकता है। उन्होंने स्टार्ट्प्स से भी मांग की कि वे देश से गरीबी मिटाने के प्रति कृतसकंल्पित हों क्योंकि देश के सामने गरीबी सबसे बड़ी चुनौती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे बीज़िंग के दौरे पर गए थे तो उन्हें स्लम दिखाने के लिए लोग ले गए और उन्हें आश्चर्य हुआ कि स्लम आजकल म्यूजियम की शोभा बढ़ा रहे थे इसलिए हमें भी इसी दिशा में काम करने की जरूरत है, ताकि देश और राज्य की तरक्की हो सके। क्लाइमेट चेंज को बड़ी चुनौती बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर कनवरजेशन और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है ताकि दुनिया में सतत वृद्धि को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीक और इनोवेशन ही दुनिया में आगे आने वाले समय में विकास की दिशा तय करेंगे। उन्होंने आईटी सचिव श्री राहुल सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके इस प्रयास से बिहार में इन्वेस्टरए आईटी एक्सपर्ट्सए आईटी प्रोफेशनल्सए स्टार्टअप्स सारे लोग एक मंच पर उपस्थित हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए पॉलिसी बनायी है। पटना के पाटलिपुत्रा में सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क तीन एकड़ ज़मीन पर बनी है। इसके साथ ही एस.टी.पी.आई पहले से गठित है और भारत सरकार से मांग की गयी थी कि एक लाख स्कावयर फीट एरिया में इसका विस्तार किया जाए। केंद्र सरकार इसके लिए तैयार हो गयी है। बिहार सरकार ने करीब 26 करोड़ रूपये की भी व्यवस्था की है।

भागलपुर और दरभंगा में सॉफ्टवेयर टेक्नॉलाजी पार्क ऑफ इंडिया की स्थापना की जा रही है। यहां जमीन उपलब्ध करा दी गयी है। राजगीर में आईटी सिटी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने तीन सौ से ज्यादा कॉलेजों में फ्री वाई.फाई की सुविधा उपलब्ध करायी है। आठ हज़ार पंचायतों में से करीब चार हज़ार पंचायतों में नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। अगले दो तीन महीनों के अंदर पंचायतों के अंदर ब्राड बैंड की सुविधा पहुंचाने का काम पूरा कर लेंगे। आगत अतिथियों को धन्यवाद देते हुए उपमुख्यमंत्री ने राहुल सिंह को इस आयोजन की सफलता के लिए साधुवाद दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सर्वप्रथम आईटी सचिव राहुल सिंह ने आगत अतिथियों का परिचय कराया और इस आयोजन में शामिल तमाम लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बिहार स्टार्टअप्स पॉलिसी पर काम किया जा रहा है और इसके लिए हरसंभव तकनीकी मदद दी जा रही है। आईटी स्टार्टअप्स के लिए भी इकोसिस्टम बनाया जा रहा है ताकि वो इस क्षेत्र में अपने नवाचारों के माध्यम से राज्य और देश के लिए कुछ बेहतर कर सकें और इस सेक्टर में रोज़गार भी सृजित कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटी टावर के निर्माण का काम चल रहा है, जहां आने वाले वक्त में नए उद्यमी बेहतर वातावरण में कार्य कर सकेंगे और यहां उन्हें तमाम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राहुल सिंह ने प्रतिभागियों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि आप में से सभी विजेता हैं इसलिए इस आयोजन के माध्यम से कुछ बेहतर नतीजे निकल सकेंगे ऐसी मुझे उम्मीद है। राहुल सिंह ने भरोसा दिलाया कि स्टार्टअप्स के लिए सभी जरूरी इंतजाम किये जाएंगे और इस सेक्टर में इन्वेस्ट करने वालों को भी जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी। देश भर से आए प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया और जूरी के सदस्यों ने उनसे प्रस्तुतिकरण से जुड़े सवाल किये। आगत अतिथियों ने इस आयोजन के लिए बिहार के आईटी विभाग को बधाई दी एवं उम्मीद जतायी कि इस आयोजन से कई स्टार्टअप्स राज्य और देश के लिए कुछ नया करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों में रचनात्मक नवाचारों की संस्कृति को तेजी से आगे बढाते हुए राज्य की समग्र वृद्धि और उन्नति के लिए भी यह आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। 14 अलग-अलग विषयों पर आधारित इस आयोजन में डिजिटल एथिक्स एंड साइबर सिक्यूरिटी, ब्लॉकचेन, डिजिटल सिक्यूरिटी, बिग डाटा, ऑर्टिफिशियल इंटिलिजेंस, ऑटोनोमस सिस्टम, सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म जैसे बेहद महत्पवूर्ण विषय शामिल है। तकनीक की दुनिया और डिजिटल होती हमारी जिंदगी ने हमें विकास के नये पैमाने गढ़ने को मजबूर किये हैं।
इस अवसर पर आईटी सचिव सह बेल्ट्रान के एमडी श्री राहुल सिंह, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, माइक्रोसाफ्ट के एमडी मनीष प्रकश, कंट्री मेनेजर, एचपी एंटरप्राइज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
December 04, 2018

03.12.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर में नवनिर्मित बिहार पुलिस अकादमी का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। साथ ही महिला एवं पुरूष सिपाहियों के लिए प्रशिक्षण भवनों का शिलान्यास रिमोट का बटन दबाकर किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस बात की खुशी है कि बिहार पुलिस अकादमी के भवन का उद्घाटन हुआ है। 13 अगस्त 2010 को इसका शिलान्यास किया गया था, जिसमें से बने भवनों का आज उद्घाटन किया गया, बाकी चीजों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने की योजना है। पुलिस प्रशिक्षण के लिए यह भवन उपयुक्त है, जिसमें डी0एस0पी0 से लेकर सब इंस्पेक्टर तक की यहां ट्रेनिंग होगी। साथ ही सिपाहियों के लिए प्रशिक्षण भवन बनने के बाद यहां सिपाहियों का भी प्रशिक्षण होने लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बटंवारे के बाद पुलिस प्रशिक्षण के लिए यहां कोई उपयुक्त प्रशिक्षण संस्थान नहीं बचे थे। भागलपुर के नाथनगर में ही पुलिस ट्रेनिंग होती है।
हमलोगों ने पुलिस एकेडमी के भवन के निर्माण की योजना बनायी और उसके लिए राजगीर के इस जगह का चयन किया गया। बगल में ही नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। हमलोगों ने नालंदा विश्वविद्यालय को वल्र्ड हेरिटेज साइट के रुप में घोषित करवाया। नालंदा विश्वविद्यालय की पहचान एक विशिष्ट विश्वविद्यालय के रुप में फिर से बनेगी, जहां देश-विदेश के लोग अध्ययन करने आएंगे। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से राजगीर पहाड़ी के नीचे सी0आर0पी0एफ0 का केंद्र बनवाया और यहां पर बिहार पुलिस अकादमी का निर्माण करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के समय हमारे यहाॅ बिहार पुलिस के लिए पोशाक, अस्त्र-शस्त्र एवं वाहनो की स्थिति अच्छी नहीं थी। हमलोगों ने उनकी जरुरतों के मुताबिक पोशाक की राशि को उपलब्ध कराया। अच्छे वाहन एवं अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्र की व्यवस्था करवायी। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद पहली समीक्षा बैठक में मैंने जानकारी मांगी तो पता चला की पुलिस बल की औसत आयु 38 वर्ष है। पुलिस को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए भी काम किया गया। सैप की बहाली करायी गई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिस बल की बहाली हो रही है। 133 एकड़ में बनने वाला यह पुलिस अकादमी उत्कृष्ट है। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि इसके अगल-बगल में पेड़-पौधे लगाए जाएं ताकि पर्यावरण के लिए लाभदायक हो। उन्होंने कहा कि पटना के जवाहर लाल नेहरू पथ पर सरदार पटेल भवन बना है, जो पुलिस मुख्यालय भी है।

साथ ही आपदा प्रबंधन का संचालन भी वहां से होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की एक-एक चीज का हमलोगों ने ख्याल रखा है। पुलिस बल की बहाली, प्रशिक्षण, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था, उनकी जरुरतें सबको ध्यान में रखा है। राज्य सरकार आपलोगों की चिंता करती है, आपलोग भी बिहार के लोगों की चिंता कीजिए। राज्य में कानून का राज कायम रहना चाहिए। राज्य सरकार आपकी स्वायत्तता में कोई दखल नहीं देती है। न हम किसी को फंसाने को कहते हैं, न हम किसी को बचाने को कहते हैं।
हमारी आपसे अपेक्षा है कि दोषी को बख्शा नहीं जाए और निर्दोष को फंसाया नहीं जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को पकड़ना आपकी जिम्मेवारी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अधिकार संपन्न है। उनकी रक्षा और देखभाल कर आप उन पर अपना भरोसा कायम रखें। उन्होंने कहा कि सरकार के तंत्र की कामयाबी के लिए पुलिस तंत्र की मुस्तैदी जरुरी है। आपकी मुस्तैदी से लोगों के बीच में आपकी प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी और लोगों के बीच में भरोसा भी कायम रहेगा। उन्होने कहा कि अपराधी को पकड़कर समय सीमा के अंदर सजा दिलाएं, इसके लिए सरकारी गवाह की उपस्थिति को भी सुनिश्चित कराएं। इन्वेस्टिगेशन के लिए प्रत्येक थाने में पृथक तौर पर जिम्मेवारी तय करें ताकि जांच कार्य में तेजी आयेे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर ऐतिहासिक, पौराणिक एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी विशिष्ट जगह है। यहां भगवान बुद्ध सिद्धार्थ के रुप में भी आए थे और बुद्ध बनने के पश्चात यहां वेणुवन में ठहरते थे और गृद्धकुट पर्वत पर उपदेश देते थे। भगवान महावीर ने यहां पहला उपदेश दिया था। सूफी संत मखदूम साहब की यह भूमि है, गुरु नानक भी यहां आए थे। बाहर से आने वाले पर्यटक भी इस पुलिस अकादमी भवन को देखने-समझने आएंगे। उन्होंने कहा कि यहां ऐसी ट्रेनिंग दी जाय, जो सही मायने में मानवता का संदेश हो। पुलिस बल का दायित्व मानवता की रक्षा करना भी है। यहां ट्रेनिंग कार्य के बेहतर संचालन के लिए अगर अतिरिक्त विशेषज्ञों की जरुरत होगी तो राज्य सरकार उसके लिए राशि उपलब्ध कराएगी। इसे इतना उत्तम संस्थान बनाइये कि आई0ए0एस0 और आई0पी0एस0 भी यहां ट्रेनिंग के लिए आएं। मेरी अपेक्षा आपलोगों से है कि 4 हजार सिपाहियों के लिए जो प्रशिक्षण भवन का शिलान्यास किया गया है, उसका कार्यारंभ तीन महीने में शुरु कर दें और बिहार पुलिस अकादमी के जो बाकी बचे हुए काम हैं, उसे 6 माह में पूर्ण कर दें।
कार्यक्रम को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 दिवेदी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम सुनील कुमार ने भी संबोधित किया।