July 16, 2019
14.07.2019 (दरभंगा) : बाढ़ से संबंधित किसी भी तरह की सूचना अथवा सुझाव देने के लिये जिला प्रसासन द्वारा दूरभाष एवं मोबाइल नंबर जारी किया गया है। आपदा संचालन केन्द्र, दरभंगा का दूरभाष संख्या 06272-245821 है जो बराबर कार्यरत रहेगा। इस नंबर पर बाढ़ से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही जिला के वरीय प्रसाशनिक पदाधिकारियों से भी उनके मोबाइल पर सम्पर्क करके बाढ़ राहत बचाव कार्य के बारे मेँ जानकारी ली जा सकती है। डी. एम. - 9473191317 अपर समाहर्ता, - 9473191318 उप विकास आयुक्त, -9431818365 एस डी ओ, दरभंगा -9473191319 एस डी ओ, बेनीपुर -9473191320 एस डी ओ, बिरौल -9473191321 आपदा प्रभारी, दरभंगा -8544412322
July 16, 2019

11.07.2019 (दरभंगा) : नशा अभिमुक्ति सप्ताह के अंतिम दिन एसएसपी बाबूराम, सिटी एसपी योगेंद्र कुमार व कई पुलिस के जवानों ने मिलकर लहेरियासराय स्थित पुलिस लाइन परिसर में एक वृक्ष लगाया। इस अवसर एसएसपी ने बताया कि आज सभी पुलिस प्रतिष्ठानों में एक-एक वृक्ष नशा अभिमुक्ति के रूप में लगाया जा रहा है ताकि पुलिसकर्मियों एवं आम-जन में जागरूकता फैले की नशा मुक्ति व शराब बन्दी समाज के लिये कितना फायदे मंद एवं कितना जरूरी है।
July 10, 2019

10.07.2019 (दरभंगा) : प्राकृतिक जल श्रोतों यथा - तालाब/पोखर/आहर/पैन आदि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लेने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में दरभंगा सदर एवं बेनीपुर अंचल के अंचलाधिकारी द्वारा अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर अतिक्रमणकारी स्वयं नही हटेगे तो उन्हें बल पूर्वक हटाया जायेगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने कहा है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध सख्ती से पेश आया जायेगा। जिन लोगों ने भी तालाब/पोखर आदि की जमीन पर अतिक्रमण करके मकान, दुकान आदि का निर्माण कर लिया है, उन्हें उसे अपने से हटाना पड़ेगा। उन्होंने समाहरणालय स्थित सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं। बैठक में केवटी के अंचलाधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त अंचल में 196 सरकारी तालाब है, जिसमें से 50 सरकारी तालाब पर अतिक्रमण है।
बहादुरपुर के अंचलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने 06 तालाबों का सर्वेक्षण कराया है, जिसमें से बलुआही पोखर में अतिक्रमण पाया गया है। सदर अंचलाधिकारी द्वारा बताया गया कि दिग्घी पोखर, लाल पोखर में भी अतिक्रमण पाया गया है। इसके साथ ही जिला के अन्य अंचलाधिकारियों द्वारा तालाबों का सर्वेक्षण प्रतिवेदन समर्पित किया गया। केवटी अंचल का सर्वेक्षण प्रतिवेदन को छोड़कर अन्य सभी अंचलों के प्रतिवेदन में कई त्रुटियाँ पाई गई। इस पर सभी अंचलाधिकारियों को अपने क्षेत्राधीन अवस्थित सभी सरकारी तालाबों का स्थलीय सर्वेक्षण करके दुबारा संशोधित प्रतिवेदन सोमवार तक अचूक रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अंचल कर्मी अभिलेख के साथ स्थल पर जायेंगे और प्रथम दृष्ट्या अनुमान के आधार पर तालाब या पोखर के जितने हिस्से में अतिक्रमण पाया जाये उसका विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन तैयार करके जिला राजस्व शाखा में भेजेगे। अंचल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अतिक्रमण वाद चलाया जायेगा और तालाब/पोखर को अतिक्रमण मुक्त किया जायेगा। डीएम द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को शत्-प्रतिशत तालाबों का सर्वेक्षण कराने का सख्त हिदायत दिया गया है।
उन्होंने कहा की अगर एक भी तालाब छूटेगा या पक्षपात पूर्ण प्रतिवेदन प्राप्त होगा तो संबंधित अंचलाधिकारी पर कार्रवाई होगी। डीएम द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को बताया गया कि दरभंगा में जल संकट को देखते हुए मनरेगा योजना से जल संचयन का कार्य कराया जा रहा है। आहर/पैन/तालाब/पोखर आदि के जीर्णोद्धार हेतु 380 योजनाएँ ली गई है। वहीं नल-जल योजना के तहत 4400 वार्डों में 3200 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति हेतु जहाँ-जहाँ नल अथवा स्टैड पोस्ट लगाया गया है वहाँ पर सोख्ता बनवाया जाये। इसके साथ ही हैडपंप, ट्यूवबेल, बोरबेल के पास भी सोख्ता बनाने को कहा गया है। बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा में आपदा प्रबंधन विभाग के सम्पूर्ति पोर्टल पर लाभार्थियों का डाटा-बेस अद्यतीकरण की स्थिति कई अंचलों का अत्यंत असंतोषजनक पाया गया। इसमें कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, किरतपुर, जाले, सिंहवाड़ा अंचल शामिल है। डीएम ने संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी, वरीय प्रखण्ड प्रभारी पदाधिकारी को इन अंचलों में विशेष कैंप लगाकर संपूर्त्ति पोर्टल पर अविलंब डाटा अद्यतीकरण करने का निर्देश दिया है। वहीं सभी अंचलाधिकारी को नाव परिचालन हेतु घाटों की सूची भेजने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि असुरक्षित घाटों पर किसी भी हालत में नाव का परिचालन नहीं होगा। ऑनलाइन म्यूटेशन की समीक्षा में बहेड़ी, हनुमाननगर, हायाघाट, जाले, कुशेश्वरस्थान, सिंहवाड़ा अंचलो की प्रगति असंतोषजनक पाया गया। उन्हें इसमें प्रगति लाने का निर्देश दिया गया है।

इस बैठक में अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी, उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच) वीरेन्द्र प्रसाद, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी बिरौल ब्रज किशोर लाल, अनुमण्डल पदाधिकारी बेनीपुर प्रदीप कुमार झा, डी.सी.एल.आर. सदर पुष्पेश कुमार, डी.सी.एल.आर. बिरौल रामदुलार राम, डी.सी.एल.आर. बेनीपुर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी शत्रुध्न कामती, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी सुशील कुमार शर्मा एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
July 10, 2019

09.07.2019 (दरभंगा) : सुभाष चन्द्र बोस लीगल एड सोसाइटी सी. एम. लॉ कॉलेज, दरभंगा में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय साइबर क्राइम एवं साइबर लॉ रखा गया था। सेमीनार में उपस्थित मुख्य वक्ता डॉ. सुबीर कुमार ने साइबर क्राइम को रोकने के लिए सख्त कानून एवं जन जागरूकता पर बल दिया वहीं डिजिटल सेशन के मुख्य वक्ता मैथ्यू ग्राफ ने डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने के लिए कानून के छात्रों को आगे आने को कहा। डीन डॉ. अनिल कुमार झा ने छात्रों से साइबर क्राइम के प्रति कानून को समाज एवं व्यक्ति तक प्रसार करने पर जोर दिया। प्रिंसिपल डॉ. बदरे आलम खान ने साइबर क्राइम रोकने में कानून के छात्रों को जनहित के लिए सरल मेथड ढूंढने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए इसे एक चुनौती और मिशन के रूप में लेकर आगे बढ़ने की बात की। सेमिनार में छात्रों की उपस्थिति सराहनीय रही। मुख्य वक्ता डॉ सुबीर कुमार ने लॉ के उपयोग से साइबर क्राइम को रोकने के संदर्भ में अहम माना। उन्होंने आई टी एक्ट के बेहतर उपयोग और उसके लिए ओरिजिनेटर अड्रेसी और मीडिएटर को मुख्य समझने को कहा।
डिजिटल ऐक्सपर्ट मैथ्यू ग्राफ ने लॉ स्टूडेंट्स को वर्ल्ड क्लास एप्रोच विकसित करने का सुझाव दिया। डॉ अनिल कुमार झा ने शिक्षा के महत्व पर अधिक फोकस करने का सुझाव दिया।
उदघाटन सत्र की अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ बदरे आलम खान, की-नोट्स संबोधन डॉ सुबीर कुमार एसिस्टेंट प्रोफेसर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रांची, मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार झा, डीन एल० एन० एम० यू, गेस्ट ऑफ ऑनर डेनियल ग्राफ, एवं संचालन विकास झा ने किया। टेक्निकल सत्र की अध्यक्षता डेनियल ग्राफ, रेपोटियर डॉ. रमाशंकर एवं संचालन सुमन कुमार द्वारा किया गया। वेलिडिक्टरी सत्र के अध्यक्ष प्रिंसिपल डॉ. बदरे आलम खान, मुख्य अतिथि मैथ्यू ग्राफ, स्वागत संबोधन पी. के. नीरज द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन मो० नुरुल्लाह द्वारा किया गया।
July 10, 2019

09.07.2019 (दरभंगा) : मनरेगा योजना के तहत सभी प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रति पंचायत 05-05 सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर संस्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं नलकूप, हैंडपंप, कुँआ आदि जल श्रोतों जहाँ पानी निकालने के क्रम में कुछ पानी बह जाता है, वहाँ पर सोख्ता का निर्माण कराने को कहा गया है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने कहा है कि जिला में पारिस्थितिकी संतुलन हेतु दिनांक 21 जुलाई को एक साथ एक लाख पौधारोपण का बृह्त लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 68 हजार से अधिक पौधे मनरेगा योजना से लगाये जायेंगे। डीएम ने ग्रामीण सम्पर्क पथों के दोनों किनारे एक ही तरह के पौधे लगाने को कहा है ताकि उक्त गाँवों का पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ प्राकृतिक सौदर्य में भी इजाफा हो।
उन्होंने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जल संचयन, सोख्ता निर्माण आदि योजनाओं का वृहत प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि आमलोगों में पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े। इन लोकोपयोगी योजनाओं का उद्घाटन माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराये जायें। डीएम ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता निर्माण एवं पौधारोपण स्थलों का चयन कर सूची तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस बैठक में डी.डी.सी. डॉ. कारी प्रसाद महतो, निदेशक डी.आर.डी.ए. मो. वसीम अहमद एवं सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
डीएम ने मनरेगा योजना के तहत आहर/पोखर की उड़ाही/चेक डैम का निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं पाये जाने पर सबसे खराब उपलब्धि हासिल करने वाले कार्यक्रम पदाधिकारी/कनीय अभियंता से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया है। इसमें हायाघाट, गौड़ाबौराम, बेनीपुर, बहादुरपुर के प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल है। गौड़ाबौराम के कार्यक्रम पदाधिकारी के बैठक से अनाधिकृत तौर पर अनुपस्थित रहने के चलते उनसे कारण पृच्छा करते हुए उनके एक दिन का मानदेय की कटौती कर लेने का निर्देश दिया है।