November 25, 2019

21.11.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक में समग्र शिक्षा अभियान एवं मध्याह्न भोजन योजना की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान द्वारा बताया गया कि वर्ग 09वीं की कक्षा संचालन हेतु अतिरिक्त वर्ग कक्ष का निर्माण कार्य विभिन्न मध्य विद्यालयों में प्रारंभ हो गया है। जिले के 194 सभी कोटि के उत्क्रमित/माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका एवं विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्ययन की शुरूआत की जा चुकी है। उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, लोआम, दरभंगा सदर में स्मार्ट क्लास के लिए क्रय किया गया टेलीविजन सेट के चोरी हो जाने की जानकारी दी गई है। जिस पर डीएम द्वारा उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया गया है। डी.पी.ओ. ने बताया कि परियोजना बा.उ.वि., बघांत, मनीगाछी के द्वारा स्मार्ट क्लास प्रारंभ नहीं किया गया है। डीएम द्वारा इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया और उन्होंने परियोजना बा.उ.वि., बघांत के प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का निदेश दिया है। असैनिक संभाग अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा में 79 स्कूलों में वर्ष 2005-06 से वर्ष 2017-18 की कई योजनाएँ लंबित पाई गई।
बताया गया कि उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक द्वारा योजना की राशि निकाल ली गई है, लेकिन निर्माण कार्य नहीं कराया है। ऐसे कई प्रधानाध्यपक सेवानिवृत भी हो गये है, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इनके विरूद्ध अभी तक कोई अनुशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। यह अत्यंत गंभीर मामला है। डीएम द्वारा उक्त सभी 78 विद्यालयों के डिफाॅल्टर प्रधानाध्यापक चाहे वह सेवा में हो अथवा सेवानिवृत हो गये है, के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर प्रतिवेदन करने का निदेश दिया गया है। डीएम ने कहा कि यह विशुद्ध रूप से गबन का मामला लग रहा है। उन्होंने डी.पी.ओ. सर्व शिक्षा अभियान को उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के विरूद्ध एक सप्ताह के अन्दर नीलाम पत्रवाद दायर कर राशि की वसुली की कार्रवाई करने का निदेश दिया है। असैनिक संभाग की समीक्षा में पाया गया कि कई योजना का एम.बी. बुक नहीं हुआ है। डीएम ने संबंधित तकनीकी अभियंताओं के विरूद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निदेश दिया है।
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में पाया गया कि कतिपय कारणों से कुछ विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन अभी बंद है। डीएम द्वारा कुछ विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के बंद रहने पर सख्त नाराजगी व्यक्त किया गया। उन्होंने डी.पी.ओ. सर्व शिक्षा अभियान को खाद्यान्न की वैकल्पिक व्यवस्था कर एम.डी.एम. बंद विद्यालयों में तुरंत एम.डी.एम. प्रारंभ कराने का निदेश दिया। उन्होंने हिदायत दिया कि किसी भी परिस्थति में एक भी विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना बंद नहीं होनी चाहिए। आगे से इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त होगी तो संबंधित अधिकारियों की जबावदेही तय कर उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी। बताया गया कि दरभंगा जिला में एकता शक्ति फाउन्डेशन नामक एक स्वंय सेवी संस्था द्वारा विभिन्न विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूत्र्ति की जा रही है। डीएम ने पूर्वी चंपारण जिला में पिछले दिनों घटी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस जिले में कार्यरत स्वयं सेवी संस्था का नियमित रूप से निरीक्षण एवं जाँच किया जाय। उन्होंने दरभंगा जिला में संचालित सभी आवासीय कस्तुरबा बालिका विद्यालयों की भी नियमित जाँच करने का निदेश दिया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान द्वारा अनुरोध किये जाने पर डीएम ने सभी कस्तुरबा बालिका विद्यालय के नियमित जाँच हेतु एक टीम का गठन करने का निदेश दिया। इस टीम में जिला स्तरीय प्रशासनिक पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। यह टीम हरेक सप्ताह कस्तुरबा बालिका विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर डीएम को प्रतिवेदन समर्पित करेंगी। बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़े वर्ग के मैट्रिक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सरकार द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस हेतु राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एन.एस.पी.) पर संबंधित विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाना है। बताया गया कि दरभंगा जिला में एन.एस.पी. पोर्टल पर कुल 25105 आवेदन निबंधन किया गया। जिसमें से 11,773 आवेदन आवश्यक जाँचोपरांत स्वीकृत कर दिया गया है। 3,387 आवेदन की जाँच संबंधित संस्थाओं के द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं प्रदान किये जाने के चलते लंबित है। डीएम द्वारा उक्त संस्थानों एवं संबंधित विश्वविद्यालय को उनके स्तर से पत्र भेजने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हक में सरकार की यह अत्यंत लाभकारी योजना है। इसका लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखी जाय।
November 25, 2019

21.11.2019 (पटना) : सीएम नीतीश कुमार ने आज अश्वारोही सैन्य पुलिस, आरा के शताब्दी समारोह का गुब्बारा उड़ाकर शुभारम्भ किया। एम0एम0पी0 (माउंटेड मिलिट्री पुलिस) मैदान में आयोजित शताब्दी समारोह में अश्वारोही सैन्य पुलिस की गौरवशाली उपलब्धियों से संबंधित चित्र प्रदर्शनी का रिबन काटकर उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा की सौ साल पहले 1919 के अक्टूबर माह में अश्वारोही सैन्य पुलिस का गठन हुआ था। कानून व्यवस्था को बनाये रखने में अश्वारोही सैन्य पुलिस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। 30 साल पहले जब मैं पहली बार सांसद बना था तो हमारे संसदीय क्षेत्र के टाल के इलाके में अश्वारोही सैन्य पुलिस की लोग बहुत मांग करते थे। उसी समय से हम अश्वारोही सैन्य पुलिस के बारे में जानने लगे। अश्वारोही दस्ते द्वारा आज जो प्रदर्शन किया गया, वह काफी उत्तम रहा, इसके लिए मैं आप सबको बधाई देता हूँ। आज के बदलते परिवेश में नई तकनीक और नए-नए यंत्रों की अलग-अलग भूमिका है लेकिन मेरी तो अपनी समझ है कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने में अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका सदैव अहम रहेगी।
हम तो यही कहेंगे कि अश्वारोही सैन्य पुलिस को निरंतर कायम रखते हुए आवश्यकतानुसार इनकी संख्या में वृद्धि करें। उन्होंने कहा की कानून व्यवस्था और अपराध की हम लगातार समीक्षा करते रहते हैं। आप नयी तकनीक का सहारा लेते हुए आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान या जांच पड़ताल करें लेकिन इसके साथ ही जो पुराने तौर तरीके हैं उसे भी कायम रखिये। आबादी बढ़ने के साथ ही कई प्रकार की समस्यायें उत्पन्न हो रही है। कुछ ही गिने-चुने लोग हैं जो अपराध करते हैं। हमारे सुझाव के बाद सभी 40 पुलिस जिलों के थानों द्वारा उनके इलाके में होने वाली तरह-तरह की आपराधिक घटनाओं को चिन्हित किया गया है। अब उन इलाकों में पुलिसकर्मियों को मुश्तैदी से अपना काम करना है। 2007 में हमने नया पुलिस एक्ट बनाकर कानून व्यवस्था और आपराधिक अनुसंधान के काम को दो भागों में बांटकर पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इस साल से बिहार के 90 से 95 प्रतिशत थानों में यह व्यवस्था लागू कर दी गयी है। इससे अनुसंधान के काम मे तेजी आएगी साथ ही लॉ एंड ऑर्डर भी बेहतर होगा। पहले शराब पीकर गाड़ी चलाने से सड़क दुर्घटनाएं हुआ करती थीं लेकिन शराबबंदी लागू होने के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आयी है। इन दिनों वाहन चालकों के झपकी लेने और ओवरटेक करने के चक्कर में सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसके बाद हंगामा मचने से लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके लिए लोगों में अवेयरनेस लाना होगा। इस दिशा में परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग को मिलकर काम करना होगा।
दुर्घटनायें नहीं होनी चाहिए और अगर ऐसा हो भी जाता है तो इसमें हंगामा मचाने का कोई मतलब नहीं है। गलती करने वालों पर हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिये। जनता के प्रति आपकी जो जिम्मेवारी है उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाइए। सीएम नितीश कुमार ने कहा कि पुलिस के लिए हमने जो काम किया है, वह सर्वविदित है। इस प्रकार से भी पुलिस थाने बनेंगे कोई कल्पना भी नही करता था। महिलाओं के लिए पुलिस में हमने 35 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया जिसका नतीजा है कि बिहार पुलिस जितना किसी भी राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या नहीं है। हर थाने में महिला पुलिस के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है। पटना के नेहरू पथ में पुलिस मुख्यालय के रूप में सरदार पटेल भवन का निर्माण कराया गया है, जो रिक्टर स्केल पर 9 की तीव्रता वाली भूकंप को भी सहने की क्षमता रखता है। राजगीर एक ऐतिहासिक जगह है जहाँ पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ चार हजार पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण प्राप्त करने की व्यवस्था वाली पुलिस एकेडमी का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा पुलिस बल की संख्या में भी वृद्धि की गई है। आपके लिए जब हमने इतना कुछ किया है तो हम भी चाहते हैं कि आप अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आमलोगों को सुरक्षा प्रदान करें।
इससे आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सिर्फ हम जैसे लोगों को ही सुरक्षा प्रदान करना आपका काम नहीं है। आज कल आपसी विवाद और दूसरे प्रकार के झगड़ों में कमी आयी है लेकिन एनालिसिस में यह बातें सामने आई हैं कि हत्या की अधिकांश घटनाये संपत्ति विवाद और आपसी झगड़ों के कारण ही घटित हो रही हैं इसलिए पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ आप अपनी भूमिका का निर्वहन करें। हमने महसूस किया है कि बदलती परिस्थितियों में भी अश्वारोही सैन्य पुलिस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है और वह सदैव रहेगी।
November 21, 2019

18.11.2019 (पटना) : सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे एवं अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने आज बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह- अध्यक्ष और ट्रस्टी श्री बिल गेट्स से मुलाकात की एवं राज्य के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों के समाधान तलाशने में निरंतर भागीदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बिहार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रगति की है। लोक स्वास्थ्य प्रबंधन कैडर (Public Health Management Cadre) के निर्माण के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में निर्णायक सुधार लाने हेतु राज्य सरकार प्रयासरत है, जो लोक स्वास्थ्य में अधिक प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता लाते हुए अच्छी गुणवत्ता वाली चिकित्सकीय देखभाल देने के लिए परिकल्पित है। इसके अलावा, पूरी तरह कार्यात्मक एकीकृत रेफरल परिवहन प्रणाली को प्राप्त करने के लिए लोक निजी भागीदारी के प्रयास, सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मातृ और नवजात शिशु देखभाल में सुधार के लिए अमानत नर्स मेंटरिंग कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में मानव संसाधन बढ़ाने की प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना बिहार सरकार के कुछ उल्लेखनीय प्रयास हैं।
लगभग 9,00,000 स्वयं सहायता समूहों (एस0एच0जी0) के स्तर में अभूत पूर्व वृद्धि हुई है। जीविका के माध्यम से स्वास्थ्य और विकास के प्रक्षेत्र में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूह कृषि, जेंडर, पशुधन, मातृ, नवजात स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन परिणामों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सेवा प्रदान कर रहे हैं। इस परिचर्चा के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को आगे भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बिहार में एक मजबूत, व्यापक और उत्तरदायी स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की बात बताई गयी।
जिस के लिए एक व्यापक रोडमैप के माध्यम से उपचारात्मक सेवाओं के सहयोग की बात पर जोर दिया गया। इसके अलावा, इस बात पर सहमति हुई कि उपेक्षित ट्रॉपिकल रोगों (Neglected Tropical Disease) यथा कालाजार, लिम्फेटिक फाइलेरिया तथा संक्रामक रोग जैसे यक्ष्मा के उन्मूलन में पूर्व की प्रतिबद्धता में तेजी लायी जाएगी। डिजिटल डैशबोर्ड और निर्णय सहयोग प्रणाली के माध्यम से समावेशी कृषि परिवर्तन योजना और पशुधन मास्टर प्लान (एल0एम0पी0) कार्यान्वयन की प्रगति की निगरानी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। जेंडर डैशबोर्ड को क्रियान्वानित करने में राज्य का प्रयास सराहनीय है। जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव का मुकाबला करने और पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिए सीएम द्वारा संचालित कार्यक्रम “जल-जीवन-हरियाली” के अन्तर्विभागीय प्रयासों को बताया गया। श्री गेट्स को राज्य के इस अभिनव मुहिम से अवगत कराया गया। सीएम ने विमर्श पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हम, लोक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सामुदायिक स्तर पर जन-व्यवहार परिवर्तन, स्वास्थ्य, पोषण एवं कृषि जैसे क्षेत्रों में अभिनव प्रयास को बढ़ाने में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहभागिता से बहुत खुश हैं।
बिहार स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे विभागों में स्थायी प्रणालियों को और मजबूत करने के लिए गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी जारी रखने को इच्छुक हैं। ”बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष बिल गेट्स ने कहा, “पिछले 20 वर्षों में, बहुत ही कम स्थानों ने बिहार की तुलना में गरीबी और बीमारी के खिलाफ अधिक प्रगति की है। बिहार में आज जन्म लेने वाले एक शिशु में अपने 5वें जन्मदिन तक पहुंचने की संभावना, दो दशक पहले जन्मी उनकी मां की तुलना में दो गुने से अधिक है।
उन्होंने कहा,“ अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे स्वस्थ होकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हों और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा फाउंडेशन राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान ‘‘रूटीन इमोनाइजेशन’’ पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
November 21, 2019

16.11.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने कहा कि दरभंगा जिला का गौरवशाली इतिहास रहा है। संपूर्ण मिथिला प्रक्षेत्र में दरभंगा का अलग स्थान है। यहाँ की शैक्षणिक संरचना उत्कृष्ट स्तर का है, यहाँ के लोग हर-एक क्षेत्र में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुके है, चाहे वह राजनीतिक क्षेत्र हो या शिक्षा का क्षेत्र हो अथवा प्रशासनिक क्षेत्र हो। दरभंगा के इस समृद्धिशाली विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए इसे और आगे ले जाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा की अभी संचार क्रांति का दौर है। धीरे-धीरे सारे कार्य प्रणाली डिजिटलाइज्ड हो रहे है। डिजिटल युग में सूचनाओं का संप्रेषण बहुत तेजी से हो रहा है, लेकिन इसमें पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। डिजिटल युग में सशक्त एवं संवेदनशील मीडिया के समक्ष चुनौतियाँ भी उतनी ही उभरकर आई है।
डिजिटल युग में मीडिया की आचार नीति एवं चुनौतियाँ विषय पर परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आचारनीति यह कहती है कि जो चीज जैसा है, उसे वैसा ही प्रस्तुत किया जाये। किसी भी प्रसंग अथवा मुद्दा को प्रस्तुत करने से पहले इसके परिणाम एवं दृष्परिणाम की जानकारी भली-भाँति होनी चाहिए। सकारात्मक कदम से ही समृद्ध समाज का निर्माण हो सकता है। नकारात्मक सोच विनाश की ओर ही ले जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन राज्य नीति के तहत जिला में विकास एवं कल्याण के कार्य संचालित करता है। इस कार्य में मीडिया का सकारात्मक पक्ष जिला को विकसित करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि दरभंगा जिला की मीडिया का जिला प्रशासन को पूरा-पूरा सहयोग मिल रहा है। इसी के चलते संकट/त्रासदी के वक्त भी जिला प्रशासन द्वारा ऑपटिमम प्रदर्शन किया जा सका है। दरभंगा की मीडिया द्वारा जब भी कोई समाचार प्रकाशित की जाती है तो यह अपने दरभंगा को ही पेश करते है। दरभंगा लोकसभा निर्वाचन, दरभंगा जिला में जल-संकट, दरभंगा में बाढ़ त्रासदी आदि के वक्त मीडिया के द्वारा जिला प्रशासन को सकारात्मक सहयोग प्रदान किया गया। इसके परिणाम अच्छे रहे।
दरभंगा जिला स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में राज्य में पहली बार वंडर एप के माध्यम से एक नवोन्मेषी प्रयोग किया गया है। यह एप आश्चर्यजनक रूप से काफी सफल हो रहा है। जिला स्वास्थ्य केन्द्रों में वंडर एप के लॉचिग करने से स्वास्थ्य के सभी पारा मीटर में उल्लेखनीय सुधार होने लगे है। इस नवोन्मेषी प्रयोग को सफल बनाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सरकार एवं प्रशासन से जनता की अपेक्षाएँ ज्यादा रहती है, लेकिन प्रशासन की सीमाएँ है।
इसी सीमा में प्रशासन को डिलीवर करनी होती है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सकारात्मक सोच के साथ हर किसी को प्रयास करनी है। संगोष्ठी में उपस्थित पत्रकारों ने भी अपनी बातें रखीं जिसमे मुख्य रूप से बताया गया की आज के समय में सोशल मीडिया का आयाम व्यापक हो गया है, इसलिए सोशल मीडिया पर नियंत्रण एवं अनुश्रवण करने हेतु सरकार को नियमावली बनानी चाहिए।
November 21, 2019

14.11.2019 (दरभंगा) : दो दिवसीय मिथिला लोक महोत्सव के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ सरकार के विभिन्न विभागों के द्वारा क्रियान्वित की जा रही महत्वपूर्ण लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाइव प्रदर्शन किया जायेगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया की मिथिला लोक महोत्सव को यादगार बनाया जायेगा। इसमें जल-जीवन हरियाली अभियान पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने उक्त बातें मिथिला लोक महोत्सव तैयारी की समीक्षा बैठक में कहा। जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत 11 कंपोनेट है। सभी 11 कंपोनेट का लाइव डिमोस्ट्रेशन किया जायेगा।
इसके अलावा कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका, डी.आर.डी.ए., समेकित बाल विकास परियोजना, पी.एच.ई.डी., पंचायत, पशुपालन आदि विभागों द्वारा अपने-अपने ऑनगोइंग स्कीम्स का लाइव डिमोस्ट्रेशन किया जायेगा। इसके साथ ही समारोह स्थल पर मिथिला ग्राम की संरचना की जायेगी। यहाँ पर एक पूरा गाँव का नजारा दिखेगा। यहाँ घर-मकान, गली-नाली, हाट-बाजार, मवेशी, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक भवन आदि की संरचना कर के गाँव की संकल्पना को जीवंत करने का प्रयास होगा। डीएम ने सभी संबंधित विभागों के प्रभारी पदाधिकारी को तीव्र गति से पूरी तैयारी करने का निदेश दिया है।