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मिथिला लोक उत्सव 2019

December 06, 2019
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01.12. 2019 (दरभंगा) : जिला प्रशासन दरभंगा के द्वारा लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम में दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से स्टेडियम परिसर में कई तरह के सरकारी योजनाओं से सम्बंधित जैसे जल जीवन हरियाली, जीविका, कन्या उत्थान योजना आदि से सम्बंधित स्टाल लगाए गए। जीविका दीदियों की और से लगाए गए स्टाल पर खूबसूरत झोले और बैग मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने खरीदारी भी की। इस दो दिवसीय लोक उत्सव में स्थानीय कलाकार और बाहर से आये कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गायकी का प्रदर्शन किया। लोग झूमने पर मजबूर हुए। नटराज डांस एकेडमी व सृष्टि फाउंडेशन द्वारा भी एक से बढ़कर एक नृत्य की प्रस्तुति की गयी जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। इस दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव के उद्धाटन के मौके पर जन प्रतिनिधियों ने डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की खूब तारीफ़ की। उनके कार्यशैली की प्रशंसा की गयी। पुलिस प्रशासन भी अपने कर्तव्य पथ पर सुबह से लेकर कार्यक्रम में देर शाम तक डटे रहे।

जन्मदिवस

December 06, 2019
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28.11.2019 (दरभंगा) : महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन के द्वारा महाराजा कामेश्वर सिंह का 112वां जन्मदिवस कल्याणी निवास में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भारती एस कुमार ने की। शुरुआत भगवती वंदना से हुई, तथा महाराजा कामेश्वर सिंह के चित्र पर आगत अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर आयोजित महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल लेक्चर प्रोफेसर महेश रंगराजन, पूर्व निदेशक जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नयी दिल्ली ने "नेचर एण्ड नेशन : इकोलॉजी, सोसाइटी एण्ड हिस्ट्री इन कंटेम्पररी इंडिया" विषय पर दिया।

प्रोo महेश रंगराजन ने कहा कि "प्रकृति और राष्ट्र के बीच का संबंध सर्वव्यापी है, किन्तु अवधारणा की दृष्टि से कम भी है। आज राष्ट्र और प्रकृति दोनों संक्रमण की दौड़ से गुजर रहे हैं। दोनों एक-दूसरे पर आज अधिक आश्रित हैं। इतिहास हमें यह संबंध समझने में इसके रहस्यों को सुलझाने में सहायक है। प्रर्यावरण प्रकृति के विज्ञान को समझने की कोशिश है। प्रकृति के लिए राष्ट्र की सीमा बेमानी होती है। बीस एशियाई देशों की मानसून की गति को समझने के लिए हिन्द महासागर एवं प्रशान्त महासागर की जलवायु को समझना होगा। राष्ट्र की सीमा हमें अलग करती है, किन्तु प्रकृति एक दूसरे से जोड़ती है। उन्होंने कहा की द्वितीय विश्व युद्ध में एशिया के तीन हजार हाथियों को भी झोंक दिया, हाथियों के अलावे असंख्य घोड़े एवं खच्चरों को भी झोंका गया। कुदरत को विकास का दुश्मन मान लिया गया और हरित क्रांति के दौर में सबसे ज्यादा जंगल और जानवर नष्ट हुए। अब यही विकास हमारे विनाश का कारण बनता जा रहा है। बहुत से राष्ट्र-राज्यों के अपने अपने राष्ट्रीय पशु, पक्षी, पर्वत या नदी उनके राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक हैं।

किन्तु जब ये राष्ट्रीय प्रतीक दूसरे लोगों या राष्ट्रों से बांटे जाते हैं तो इनमें काफी आपसी संघर्ष भी होते हैं। उदाहरण के लिए बाघ छः एशियाई देशों के राष्ट्रीय पशु है, अमरीकी इतिहास में "सेव बिशन मिशन" ने भी काफी गति पकड़ा। अमाजोन का क्षेत्र, जो कई लैटिन अमेरिकी देशों में फैला हुआ है, का ब्राजील के लिए विशेष महत्व है। अब प्रश्नों पर गौर करें, क्या राष्ट्र-राज्य प्रकृति को शान्ति के समय सुरक्षित रखते हैं या उसे अपनी आवश्यकतानुसार घेरते जा रहे हैं। या फिर, प्रकृति को घेरने की साज़िश है। या फिर, राष्ट्र के लिए संरक्षित प्रकृति के संघर्ष में हारने वाले भी हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में पद्मश्री मानस बिहारी वर्मा ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह बिहार हेरिटेज सीरीज के अधीन स्वर्गीय प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरी की कालजई अप्रकाशित ग्रंथ "पोलिटिकल एण्ड कल्चरल हेरिटेज ऑफ़ मिथिला" का लोकार्पण किया गया और इस पुस्तक को समाज के समक्ष प्रोफेसर कृष्ण कुमार मंडल, इतिहास विभाग, भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर ने प्रस्तुत किया। प्रोo मंडल ने कहा कि मिथिला का वैज्ञानिक इतिहास तब तक नहीं लिखा जा सकता है, जब तक कि हम प्रोo राधाकृष्ण चौधरी के इतिहास लेखन के पैमाने का अनुसरण नहीं करते हैं। इस पुस्तक ने मिथिला के इतिहास के कई विवादास्पद तिथियों को स्पष्ट किया है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भारती एस. कुमार ने दरभंगा राज के विस्तृत सांस्कृतिक और राजनीतिक आर्थिक अवदानों पर प्रकाश डाला। प्रोo कुमार ने दिवंगत प्रोo हेतुकर झा जी को याद किया और मिथिला के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक इतिहास पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष महोदया ने मंच से सरकार से मांग की कि मिथिला को धरोहर घोषित किया जाय।आगत अतिथियों के प्रति आभार कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो रामचंद्र झा ने प्रकट किया।

मेडल व डिग्री पाकर खिल उठे छात्र-छात्राओं के चेहरे

December 06, 2019
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28.11.2019 (दरभंगा) : केएसडीएसयू में आयोजित सातवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए सूबे के महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल माननीय फागू चौहान ने गुरुवार को कहा कि भारत को फिर से जगतगुरु के रूप में प्रतिष्ठा दिलानी है तो संस्कृत का विकास जरूरी है। संस्कृत ज्ञान के अभाव में हम न तो भारत की सांस्कृतिक सम्पन्नता और विपुल ज्ञान सम्पदा से परिचित हो पाएंगे और न ही अपने राष्ट्र की भावनात्मक एकता को सुरक्षित रख पाएंगे। संस्कृत की संवृद्धि के लिए उसकी बहुमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण एवम उसके डिजिटाइजेशन पर बल दिया।

विश्व के ज्ञान विज्ञान के सम्पूर्ण विषय संस्कृत साहित्य में सुरक्षित है। उन्होंने संस्कृत को विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा बताया। अपने सम्बोधन के क्रम में महामहिम ने संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्थापक महाराजाधिराज डॉ. सर कामेश्वर सिंह के प्रति श्रद्धा निवेदन किया और उनके संस्कृत शिक्षा प्रेम को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि उपाधि ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए आज का दिन उनके जीवन का स्वर्णिम अवसर है क्योंकि आज उन्हें अपनी साधना व परिश्रम का मधुर फल प्राप्त हुआ है। महामहिम ने सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा जताई कि विश्वविद्यालय से अर्जित ज्ञान व संस्कार का उपयोग वे अपने जीवन के साथ साथ सम्पूर्ण मानवता के व्यापक कल्याण के लिए करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान , नई दिल्ली के कुलपति प्रो0 पी0एन0 शास्त्री ने कहा कि इन दिनों संस्कृत भाषा के प्रति कई जानी- अनजानी भ्रांतियां समाज मे फैल गयी हैं। इससे देववाणी को नुकसान हो रहा है। इसलिए जरूरत है संस्कृत में प्रतिपादित मौलिक विचारों को जनमानस तक पहुंचाने की। ताकि व्याप्त भ्रांतियां व आशंकाएं निर्मूल हो सके और संस्कृत भी निर्वाध गति से फल फूल सके।

साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत में हो रहे शोध कार्यों से निकले नए नए तथ्यों को विभिन्न माध्यमों के जरिये देश-विदेशों में प्रचारित-प्रसारित करने की नितांत जरूरत है। इन माध्यमों में दूरदर्शन, इंटरनेट, पत्र पत्रिकाएं समेत अन्य संसाधनों का भरपूर उपयोग किया जा सकता है। अपने दीक्षांत भाषण को आगे बढ़ाते हुए प्रो0 शास्त्री ने संस्कृत विश्वविद्यालय को एक महत्वपूर्ण सुझाव यह दिया कि यहां से उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए कम से कम एक पांडुलिपि के संशोधन, प्रकाशन, मुद्रण या फिर सम्पादन की अनिवार्यता सुनिश्चित कर देना चाहिए। इस प्रयास से दुर्लभ ग्रन्थों का प्रकाशन हो सकेगा और जो पांडुलिपियाँ पंडितों के घरों में, पेटियों में, पुस्तकालयों में जैसे तैसे पड़ी हुईं हैं या कैद हैं उसे पुनर्जीवन मिलेगा। इस समारोह के अवसर पर संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 सर्व नारायण झा ने विकास प्रतिवेदन पेश करते हुए कई उपलब्धियां गिनायीं और कहा कि समुचित विकास के लिए यहां रोज नए प्रयोग व प्रयास जारी है।

सत्र नियमित करने, छात्र हित में सुलभ छात्रवृत्ति के नियमों में सुधार, समय पर छात्र संघ का चुनाव, करीब दो दर्जन संगोष्ठीव कार्यशाला आयोजित करने, एनएसएस के विविध कार्यक्रमों को सम्पादित करने, शास्त्रार्थ सभा का आयोजन होने, शिक्षकों की नियुक्ति, विद्वानों के विशेष व्याख्यानों को यूट्यूब पर अपलोड करने, पवन एवम तर्पण विधि पर लाइव कार्यक्रम कर जनमानस के लिए इसे उपलब्ध कराने, उपाकर्म विधि पर पुस्तक का प्रकाशन कर निःशुल्क वितरण करने, नैड में पंजीयन कराने समेत ढेर सारे किये गए कार्यों को गिनाया। इसी क्रम में कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह पहले समावर्तन संस्कार के नाम से प्रसिद्ध था। उस समय मे ही जो उपदेश दिए जाते थे वही आज भी दिए जा रहे हैं। मानना तो यह है कि इस संकल्प से , वर्णभेद, आतंकवाद, वर्गभेद, क्षेत्रभेद, भ्रष्टाचार विरोधी भावना को दूर करने में मदद मिलती है।

उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ श्री निशिकांत ने बताया कि प्रतिकुलपति प्रो0 चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह ने संस्कृत में आगत सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। गौतलब है कि महामहिम कुलाधिपति ने करीब दो दर्जन भर कार्यों के लिए आधारशिला रखी।

सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने लगाया रोक

November 25, 2019
Dbg

24.11.2019 (दरभंगा) : बहादुरपुर थाना क्षेत्र के पंडासराय ग्राम मेँ सरकारी भूमि पर माले समर्थकों द्वारा किये जा रहे झोपडी निर्माण कार्य को डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम के निर्देश पर रोक लगा दिया गया हैं। माले के नेताओं द्वारा भी आगे वहां पर कोई नया निर्माण कार्य नहीं करने का वचन दिया हैं। गौरतलब हैं कि पिछले दो दिनों से पंडासराय मेँ सरकारी भूमि पर भूमिहीन लोंगो के जत्थे द्वारा अवैध निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। डीएम के संज्ञान मेँ यह बात आते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीएम के निर्देशानुसार आज सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ दल बल के साथ उक्त स्थल पर पहुंच कर अवैध निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया। सदर एसडीओ राकेश गुप्ता ने बताया हैं कि सीओ बहादुरपुर को सरकारी एवं संस्थान की भूमि की मापी कराने का निर्देश दिया गया हैं, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। माले समर्थित आंदोलनकारियों ने भी जमीन की मापी कराने तक कोई निर्माण कार्य नहीं किये जाने पर सहमति जताया हैं।

Common Application Software का हुआ शुभारम्भ

November 25, 2019
Patna

21.11.2019 (पटना) : डीएम कुमार रवि ने आज बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में पटना जिला अन्तर्गत सभी आँगनवाड़ी केन्द्र पर ICDS-CAS लागू करने हेतु पटना सदर-1 के आँगनवाड़ी केन्द्र संख्या-06 के आँगनवाड़ी सेविका के मोबाईल फोन में ICDS-CAS सॉफ्टवेयर पर एक परिवार का सर्वे डालते हुए ICDS-CAS पटना का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ICDS-CAS के शुभारंभ से संबंधित विनाइन चित्र का अनावरण भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि ICDS-CAS को पूरी तैयारी के साथ पटना जिले के प्रत्येक आँगनवाड़ी केन्द्र हेतु लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से आँगनवाड़ी केन्द्रों की Real Time Monitoring करना सुविधाजनक होगा।डीएम ने सभी मास्टर ट्रेनर को अपने-अपने सेक्टर के सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करने हेतु प्रोत्साहित किया। पटना जिले के सभी स्वीकृत 5261 आँगनवाड़ी केन्द्रों हेतु एंड्राइड मोबाईल फोन की आपूर्ति की गई है। इन सभी मोबाईल फोन को आई0सी0डी0एस0 निदेशालय के निदेशानुसार ICDS-CAS के क्रियान्वयन हेतु तैयार कर दिया गया है। साथ ही साथ पटना जिले के तेईस प्रखंडों के कुल 198 सेक्टर हेतु चयनित कुल 198 मास्टर ट्रेनर का प्रथम फेज का प्रशिक्षण कराया गया है। इन्हें अब जिले के सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित करना है।

आई0सी0डी0एस0 बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के समग्र पोषण आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु एक महत्वकांक्षी कार्यक्रम है, जिसे सुदृढ़ करने हेतु महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने Information Communication Technology (ICT) द्वारा आई0सी0डी0एस0 सेवाओं की प्रदायता की Real Time Monitoring हेतु एक Common Application Software (CAS) का शुभारम्भ ICDS-CAS के नाम से किया गया है। इस वेब आधारित सॉफ्टवेयर ने आई0सी0डी0एस0 की सेवाओं की गुणवत्ता एवं पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन को Digitized कर दिया है, जिससे वास्तविक समय में निगरानी (Real Time Monitoring) के आधर पर डाटा संकलन करना, किसी विशिष्ट गाँव के पोषण स्थिति की मैपिंग करना तथा पोषण स्थिति के अंतराल को भरने हेतु त्वरित निर्णय लेना सम्भव हो जाता है।

उन्होंने बताया कि आई0सी0डी0एस0 के प्रारम्भ से अब तक के इतिहास में सर्वप्रथम ICDS-CAS के सहयोग से डाटा का सटीक संकलन एवं उसका त्वरित विश्लेषण संभव हो पाया है। ICDS-CAS का उद्देश्य अद्यतन तकनीकों का उपयोग कर सेविका के कार्य क्षमता को सुदृढ़ करना, सेवा प्रदायता हेतु वास्तविक समय में निगरानी कर बच्चों के विकास एवं पोषण स्तर में सुधार हेतु ससमय आवश्यक कदम उठाना, एक विशेष क्षेत्र की पोषण एवं भौगोलिक स्थिति के आधार पर प्राथमिकता निर्धारित करना, आई0सी0डी0एस0 पंजियों का ऑनलाइन संधारण करना एवं लाभुकों तक सीधे पहुँच बनाना है। सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं को ICDS-CAS साॅफ्टवेयर पर परिवार का सर्वे एवं Real Time Monitoring हेतु एंड्रॉयड मोबाईल दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी आँगनबाड़ी सेविकाएँ CAS पर खुद डाटा इन्ट्री करें। उन्होंने कहा की उन्हें पूरा विश्वास है किअपरे हुनर एवं इच्छाशक्ति से सभी आँगनबाड़ी सेविकाएँ सफल होंगी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देंगी।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
प्रायोजित विज्ञापन
मुकुल के साथ संगीत : https://youtube.com/c/MusicWithMukul
लाइव शो की बुकिंग / संगीत उत्पादन और संगीत कक्षाओं की पूछताछ के लिए, मुझसे संपर्क करें: +918565842678
इंस्टाग्राम हैंडल: @musicwithmukul.
डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
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04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।