February 09, 2020
08.02.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस. एम. उड़ीसा की राजधानी भुवनेस्वर में दिनांक 10 एवं 11 फरवरी 2020 को आयोजित आपदा शमन से संबंधित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला में बिहार राज्य की प्रतिनिधि के तौर पर भाग लेंगे. इस कार्यशाला में भाग लेने के लिये राज्य सरकार द्वारा उन्हें प्राधिकृत करते हुए अनुरोध पत्र भेजा गया है। मालूम हो कि देश के विभिन्न राज्यों में कभी कभी भयंकर बाढ़, आंधी, तूफान आदि जैसे हालात उत्तपन्न हो जाते हैं। इन प्राकृतिक आपदाओं के आ जाने पर जान माल की सुरक्षा हेतु राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने की जरूरत होती हैं।
भारत सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन एवं शमन हेतु विभिन्न उपायों / तरीकों को प्रभावकारी तरिके से क्रियान्वित करने के बारे में विचार विमर्श करने के लिये 10-11 फरवरी को भुवनेश्वर में क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित किया गया हैं। इस प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिये आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के राज्य सरकारों को अपने अधिकारी एवं प्रतिनिधि को भेजने हेतु अनुरोध किया गया हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा दरभंगा के डीएम को उक्त कार्यशाला में भाग लेने के लिये प्राधिकृत किया गया हैं।
February 09, 2020

05.02.2020 (दरभंगा) : जल-जीवन-हरियाली अभियान अन्तर्गत जिला में अवस्थित प्राकृतिक जल श्रोतों की पहचान कर इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके साथ ही नये जल श्रोतों का सृजन करने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी संबंधित एजेंसियों को प्राकृतिक जल श्रोतों के जीर्णोद्धार एवं नये जल श्रोतों के सृजन कार्यों का तीव्र गति से क्रियान्वयन करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान में कुल 10 अवयव हैं। सभी अवयवों में राज्य स्तर पर जिले की रैकिंग की जा रही है।
दरभंगा जिला की रैकिंग को सुधारने हेतु सभी अवयवों में प्रगति लानी होगी। उन्होंने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक एवं निजी जल श्रोतों की पहचान कर इसका जीर्णोद्धार किया जायेगा। इस हेतु कुआँ/तालाब आदि का भौतिक सर्वेक्षण करने का निदेश सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पी.ओ.मनरेगा एवं पी.एच.ई.डी. को दिया गया था। सर्वेक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा में पाया गया कि अनुमानित जल श्रोतों की संख्या से इसमें कम संख्या प्रतिवेदित हुए है। डीएम ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पी.ओ.मनरेगा एवं पी.एच.ई.डी. के अभियंता को पुनः तीन दिनों के अंदर अंतिम रूप से सभी सार्वजनिक एवं निजी कुओं का सर्वेक्षण करके अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भौतिक सर्वेक्षण प्रतिवेदन में राजस्व विभाग के अभिलेख से मिलान कर ली जाये।
गौरतलब है की ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित कुओं का जीर्णोद्धार कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमण्डल द्वारा किया जाएगा। जबकि नगर निकाय क्षेत्र के कुओं का जीर्णोद्धार नगर विकास विभाग के द्वारा किया जाना है। बैठक में डीडीसी डॉ. कारी प्रसाद महतो द्वारा बताया गया कि चापाकल/कुआँ एवं अन्य जल श्रोतों के निकट सोख्ता बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। तथा 2437 सोख्ता का निर्माण पूर्ण हो गया है। कार्यपालक अभियंता, पी.एच.ई.डी. द्वारा बताया गया कि 36 कुओं का जीर्णोद्धार पूरा कर दिया गया है और वर्त्तमान में 55 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है। डीएम ने कार्यपालक अभियंता को और 288 चिन्ह्ति कुओं का जीर्णोद्धार कार्य भी प्रारंभ करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल्य टोलों में प्राथमिकता के आधार पर कुओं का जीर्णोद्धार किया जाये। कहा कि लघु सिंचाई प्रमण्डल के द्वारा 01 एकड़ से अधिक रकबा वाले तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य किया जा रहा है एवं 01 एकड़ से कम वाले तालाबों का जीर्णोद्धार मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है। जल-जीवन-हरियाली अभियान का एक अहम पार्ट वर्षाजल का संचयन है। इसके तहत वर्त्तमान में सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र लगाने का कार्य प्रगति में है।
कार्यपालक अभियंता, भवन संरचना प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा बताया गया कि 3000 वर्ग फीट एवं इससे अधिक क्षेत्रफल वाले सरकारी भवनों में छत वर्षाजल संचयन का कार्य उनके द्वारा किया जा रहा है। इसमें 142 भवनों में से 119 सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र संस्थापित कर दिया गया है। मनरेगा योजना के तहत 121 भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र संस्थापित किया गया है। शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के भवनों में छत वर्षा जल संचयन की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। डीएम ने डी.पी.ओ. समग्र शिक्षा को 100 भवनों में तुरंत छत वर्षा जल संचयन संयत्र लगाने का कार्य प्रारंभ करने का सख्त हिदायत दिया है। जबकि प्रभारी सिविल सर्जन को अद्यतन प्रगति की जानकारी देने को कहा गया है।
डीएम ने कहा कि अगले हफ्ते प्रखण्डवार जल-जीवन-हरियाली अभियान के सभी अवयवों के प्रगति की समीक्षा करेंगे।
January 19, 2020

19.01.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं सामाजिक कुरीतियो के विरूद्ध जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 19 जनवरी 2020 को राज्यव्यामी मानव श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। इसमें दरभंगा जिला में कुल 468 कि.मी. लम्बी मानव श्रृंखला का निर्माण किया जायेगा। इस हेतु सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला में बड़ी संख्या में आमलोग भाग लेगे। जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध जन-जागरूकता हेतु संपूर्ण जिला क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया है। सभी प्रखण्ड मुख्यालयों/पंचायतों/गाँवो में बराबर बैठकें करके आमलोगो को मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए अनुरोध किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि 19 जनवरी 2020 को दरभंगा जिला का मानव श्रृंखला अद्वितीय होगा। उन्होंने कहा कि इस मानव श्रृंखला में भाग लेने वाले लोगो के सुरक्षा तथा स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाएँ मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है। प्रतिभागियों के सुविधा हेत प्रत्येक 10 कि.मी. पर एक एम्बुलेंस एवं प्रत्येक 01 कि.मी पर आशा/ए.एन.एम मेडिकल किट्स के साथ मौजूद रहेगी।
उन्होंने कहा कि कल जिला के सभी रेफरल अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, अस्पताल केन्द्र खुले रहेगे एवं सभी चिकित्सक एवं पारा मेडिकल स्टाफ्स, ए.एन.एम., आशा कार्यकर्त्ताओ को कर्त्तव्य स्थल पर मौजूद रहने का निदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि मानव श्रृंखला के लिए निर्धारित मार्गों पर सरकारी वाहन एवं आवश्यक सेवा/आपातकालीन सेवा को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। ऐसे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण किया गया है। कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उक्त बातें उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2020 को दरभंगा जिला में बनने वाले मानव श्रृंखला में विभिन्न प्रकार की झाँकियाँ/रंगोली भी बनाई जायेगी। जिसमें नगर के पोलो मैदान एवं कर्पूरी चौक पर विशेष प्रकार की झाँकियाँ शामिल है।
प्रेस कॉन्फ्रेस में उपस्थित एसएसपी बाबूराम द्वारा बताया गया कि मानव श्रृंखला के दिन सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था किया गया है। संपूर्ण जिला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दण्डाधिकारियों के साथ सशस्त्र पुलिस बल/जवान की तैनाती किया गया है। ये सभी जवान 08 बजे पूर्वाह्न से ही कर्तव्य पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि यातायात को नियंत्रित करने हेतु 500 से अधिक ट्रैफिक पुलिस को लगाया गया है। शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। पुलिस बल में महिला पुलिस पदाधिकारी एवं महिला कॉस्टेबल की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी पुलिस अधिकारियों एवं जवाना को सख्त हिदायत दिया गया है कि ये मानव श्रृंखला में भाग लेने आये प्रतिभागियों से मित्रवत व्यवहार करेंगे। सभी दण्डाधिकारी एवं पुलिस कर्मी सुबह 08 बजे से भीड़ के पूरी तरह से छंट जाने के बाद ही ड्यूटी से हटेंगे।
December 06, 2019

04.12.2019 (दरभंगा) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दरभंगा नगर छात्रा इकाई द्वारा रैली निकाली गयी। इस रैली के माध्यम से हैदराबाद में हुए महिला डॉक्टर के नृशंस हत्या व सामुहिक बलात्कार के बिरोध में आज दोषियों को फाँसी की मांग किया गया। पूजा झा के नेतृत्व में एम.आर.एम. महाविद्यालय के मुख्य द्वार से आयकर चौराहा व आयकर चैराहा से विश्वविद्यालय चौरंगी तक रैली निकाली गयी। नव निर्वाचित एम.आर.एम. छात्र संघ अध्यक्ष पूजा कुमारी ने कहा कि जिस देश मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लाल किला के प्राचीर से दिया जाता हो, उस देश मे ऐसा कोई दिन नही घटता जब देश मे कोई लड़की की बलात्कार व हत्या न होती हो। गूंगी व लंगड़ी व्यवस्था हमारे देश मे हो रही है। आखिर बलात्कार की घटना स्वीकार करने के उपरांत भी फांसी की सजा क्यो नही दी जा रही है।
हमारे देश की संस्कृति नारायणी की रही है, और हमारे इतिहास ने बताया कि हमारे देश मे नारी रक्षा के लिए रामायण से महाभारत तक हुआ। लेकिन आज के इस दौर में ठीक हम उलट देख रहे हैं। दुनिया के कई देश मे रेप की वारदात पर सीधा फाँसी की सजा है लेकिन हमारे देश मे रेप पीड़ितों से भी दामाद की तरह वर्ताव होता है जो निन्दनीय है। महासचिव ब्यूटी ने कहा कि आये दिन इस तरह के घटना से प्रतीत होता है कि बेटी न तो गर्भ में महफूज है, न घर मे, और न घर के बाहर। हम उस देश मे रह रहे है जहाँ नारी की पूजा होती थी। आज नारी की बलात्कार व हत्या, यह तो सनातनी सभ्यता नही है।
जिस देश मे अखबार को निचोड़ा जाए तो रेप व सामुहिक दुष्कर्म के खून से पटा रहता है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से मांग करते है की बलात्कारियों को सीधा फाँसी की सजा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन में पूजा कुमारी, अन्नू कुमारी, अमृता कुमारी, प्रीति कुमारी, शीतल कुमारी, अभिलाषा कुमारी, अंजलि कुमारी, पिंकी कुमारी, के साथ दर्जनों अन्य छात्राएं उपस्थित थीं।
December 06, 2019

03.12.2019 (दरभंगा) : भाकपा माले और एपवा के संयुक्त तत्वावधान में पोलो मैदान से समाहरणालय होते हुए लहेरियासराय टावर तक कैंडल व नागरिक मार्च निकाला गया जहाँ कैंडल जलाया गया और नारा लगाया गया संघ - भाजपा शर्म करो , बलात्कार का साम्प्रदायिकीकरण करना बंद करो। हैदराबाद के महिला डॉक्टर और रांची के पीड़िता को न्याय दो। रानी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माले के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी पासवान ने कहा कि एक तरफ जीडीपी गिर रहा है वही दूसरी तरफ बलात्कार हत्या की घटनाओं में बेतहाशा बृद्धि हो रही है, जो कि बेहद चिंता की बात है भाजपा की सरकार कठोर कानून बनाकर सजा देने की बात कर रही है। एपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि भाजपा का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा की धज्जी उर रही है। न्याय के बजाय विभाजन की बात निंदनीय है सभा मे जमालुद्दीन, केशरी यादव ,रंजीत राम, पप्पू पासवान, गजेंद्र नारायण शर्मा, सदीक भारती, शिवन यादव, आदि मौजूद थे।