March 05, 2020

03.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि पर्यावरण में असंतुलन एवं जलवायु परिवर्तन के चलते आज पूरे विश्व में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कभी अतिवृष्टि के चलते एक बड़ी आबादी को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है तो कभी सूखे का दंश एवं जल-संकट की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। ये सभी स्थितियाँ जलवायु में तेजी से हो रहे परिवर्त्तन के कारण हो रहा है। जलवायु परिवर्त्तन के चलते पर्यावरण में असंतुलन हो गया है। इसका बुरा प्रभाव आबादी पर पड़ रही है। अगर अभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति हम जागरूक नहीं हुए तो भविष्य में स्थितियाँ और विकट हो जायेगी। वर्तमान परिस्थिति एवं भविष्य में आने वाले संकट को दृष्टिगत रखते हुए ही राज्य सरकार द्वारा पूरे बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया गया है।
इस अभियान से सभी लोगों को जोड़ना है। सभी लोगों को जागरूक करनी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के उद्येश्य से ही राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा की सरकार के उक्त निदेश के आलोक में आज जिला के सभी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाया गया। इस एक घंटे के कार्यक्रम में आज सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत विषय पर चर्चा-परिचर्चा किया गया।
आगे भी प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाया जायेगा एवं इसके महत्व पर परिचर्चा की जायेगी। ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किये जाने पर आम लोगों में प्रकृति के प्रति प्रेम पनपेगा और अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ेगे। आज प्रथम जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला का डीएम, उप विकास आयुक्त, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान के सभी 11 अवयवों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया एवं इस दिशा में दरभंगा जिला में क्रियान्वित किये गये कार्यों के बारे में भी संक्षिप्त वर्णन प्रस्तुत किया गया। बताया कि प्राकृतिक जल श्रोतों के जीर्णोद्धार, नये जल श्रोतों का सृजन, सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार, छत वर्षा जल संचयन, ग्राउंड वाटर रिजार्जिग, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में जिला में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। आगामी 09 अगस्त 2020 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर जिला में 10.50 लाख पौधारोपण किया जायेगा। इस योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।
उप विकास आयुक्त द्वारा इस कार्यशाला में सौर ऊर्जा के उपयोग के फायदे एवं उर्जा की बचत पर विस्तार से चर्चा किया गया। सौर ऊर्जा से कोई प्रदूषण नहीं फैलता है। इसके उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा होती है एवं पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार होता है। पर्यावरण के शुद्ध रहने के चलते गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। साथ ही इसका रख-रखाव आसान है एवं लागत कम पड़ती है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा संयत्र संस्थापित करने हेतु सरकार द्वारा अनुदान भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने सरकारी दफ्तरों सहित अपने-अपने घरों में ऊर्जा की बचत करने के बारे में विभिन्न उपायों पर भी विस्तार से चर्चा किया।
February 23, 2020

23.02.2020 (दरभंगा) : बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड स्थित मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, चंदनपट्टी के प्रांगण में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत वाली अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर शिलान्यास किया।
इस अवसर उन्होंने मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा कि इस संस्थान का और विस्तार करिए, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को कह दिया गया है, इसके लिए राज्य सरकार जमीन मुहैया कराएगी। सुबहानी साहब जमीन जल्द से जल्द मुहैया कराइये ताकि हमलोग उसका शिलान्यास कर सकें। बिहार में पहले 12.5 प्रतिशत बच्चें स्कूलों से बाहर थे, जिनमें अधिकांश बच्चें अल्पसंख्यक और दलित-महादलित समुदाय से थें, उन्हें स्कूलों तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल किया गया जिसका परिणाम है कि अब एक प्रतिशत से भी कम बच्चें स्कूलों से बाहर हैं। शिक्षा के प्रति अधिक से अधिक लड़कियों को आकर्षित करने के लिए साईकिल योजना के बाद पोशाक योजना चलाया गया जिसका नतीजा आज यह है कि हाई स्कूल में लड़कियों की संख्या लड़कों के बराबर हो गई है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद जो लाभ अन्य शिक्षकों को दे रहे हैं वही लाभ मदरसा के पुराने शिक्षकों को और बाकी शिक्षकों को नियोजित शिक्षकों का पे-स्केल देने का निर्णय लिया है। न्याय के साथ विकास का काम करते हुए हमलोगों ने विशेष पहल कर हाशिये पर खड़े सभी तबके के लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। राज्य सरकार ने सभी जिलों में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण कराने का निर्णय लिया है, जिसका आज यहां शिलान्यास भी हुआ है। आपकी सेवा करना ही हमारा धर्म है।
समाज मे प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का माहौल हर सूरत-ए-हाल में कायम रहना चाहिये। इसके लिए हमारी सरकार काम कर रही है। बिहार का विकास दर 11.3 प्रतिशत है जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है लेकिन हम इतने से ही संतुष्ट नही हैं। सीएम नितीश कुमार ने सरकार के विभिन्न योजनाओं का जिक्र भी इस अवसर पर किया। उन्होंने कहा कि यहां एन0आर0सी0 लागू नही होने वाला है और जो एन0पी0आर0 होगा वह वर्ष 2010 में जो हुआ है, उसी के आधार पर होना चाहिए। समारोह में शामिल लोगों से आह्वान करते हुए सीएम ने कहा कि एकता के साथ सबको जोड़कर चलिये, बिहार देश मे उदाहरण बनेगा। उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल, हर घर बिजली, जीविका समूहों का गठन जैसी योजनाओं के साथ ही रिटायर्ड आर्मी के जवानों को बिहार में सैप के रूप में बहाल किये जाने के निर्णय को केंद्रीय स्तर पर लागू किया गया है। यही नहीं बिहार के लोक सेवा कानून को कई राज्यों ने अपनाया है और लोक शिकायत निवारण कानून को भी कई राज्य अपनाने जा रहे हैं।
इसके अलावा कई राज्यों में शराबबंदी की भी चर्चा हो रही है इसलिए बिहार में शांति एवं सद्भाव का माहौल कायम रहे, इसके लिए हर व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मिथिला आगे बढ़ेगा तभी बिहार आगे बढ़ेगा।
समारोह को योजना एवं विकास विभाग-सह-दरभंगा जिले के प्रभारी मंत्री महेश्वर हाजारी, जल संसाधन मंत्री संजय झा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मो0 अली अशरफ फातमी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 मो0 असलम परवेज, बी0एड0 कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 मो0 फैज अहमद ने भी संबोधित किया।
February 17, 2020
एसएसपी बाबू राम(फाइल फोटो)
17.02.2020 (दरभंगा) : बिहार में शराबबंदी क़ानून लागू है। दरभंगा पुलिस भी इन दिनों शराबबंदी क़ानून को प्रभावशाली बनाने में जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। दरभंगा के कर्मठ एसएसपी बाबू राम ने इन दिनों एक प्रभावशाली जनसम्पर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान के बारे में DarbhangaOnline.com से बात करते हुए उन्होंने कहा की जिले के सभी थाना क्षेत्र में जनसम्पर्क कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस अभियान में साफ छवि के लोगो के साथ बैठक कर शराबबंदी को लेकर विशेष चर्चा होगी। उन्होंने बताया की सामाजिक दबाब से ही इस तरह के कार्यक्रम को सफलता मिलेगी। जो संदिग्ध लोग पाए जाएंगे उनको इस मीटिंग से दूर ही रखा जाएगा। एसएसपी ने बताया की डीजीपी सर का भी आदेश है की अफसर लोग शहर से लेकर गाँव में जाकर लोगों से मिलें और उनकी समस्यायों को सुने। इसलिए हमलोग पुलिस टीम के साथ सभी थाना क्षेत्र में जाएंगे।
उन्होंने कहा की बहुत जल्द ही पुलिस टीम के साथ बैठक कर एक कैलेण्डर बनाएंगे जिसके अनुरूप इस अभियान को प्रभावशाली बनाया जायेगा। फिलहाल हायाघाट, एपीएम व अन्य कई थानों में इसकी शुरुआत हो गयी है जिसका रिस्पांस काफी अच्छा दिख रहा है। इस दौरान कहीं चौकीदारों तो कहीं थानेदारों पर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने कहा की शराब के व्यापार में लगे लोग पकडे तो जाते हैं लेकिन जेल से लौटने के बाद फिर वही काम करने में लग जाते हैं, ऐसे लोगों का कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार भी होना चाहिए। एसएसपी ने बताया की जल्द ही DGP सर से समय लेकर उन्हें यहाँ बुलाएंगे तथा जिला स्तर पर मीटिंग कर इस अभियान को और बेहतर बनाने के लिए उनसे विशेष दिशा निर्देश प्राप्त करेंगे।। गौरतलब है की बिहार में शराबबंदी क़ानून सीएम नितीश कुमार के मत्वाकांक्षी योजना है जिसको लेकर वो काफी गंभीर हैं।
February 17, 2020

16.02.2020 (DarbhangaOnline Desk) : बिहार के सीएम नितीश कुमार ने कहा कि बिहार मद्य-निषेध अभियान के लिए पूरे देश में रोल मॉडल है। शराबबंदी का राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने नई दिल्ली में ‘शराब-मुक्त भारत‘ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि देश के विभिन्न भागों से आए लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन मिलित ओडिसा निषा निवारण अभियान (मोना) द्वारा ईस्ट ऑफ़ कैलाश के इस्काॅन सभागार में किया गया। सीएम ने कहा कि पूरे देश में शराबबंदी लागू होना चाहिए। यह सामाजिक, धार्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी आवश्यक है।
बिहार में शराबबंदी अभियान के बारे में अपने अनुभवों को सीएम ने विस्तार से रखा। उन्होंने कहा की ग्रामीण इलाकों में रह रहे गरीब लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे। इसका सबसे बुरा प्रभाव निर्धन लोगों के स्वास्थ्य एवं उनके आर्थिक स्थिति, खान-पान, घरेलू शांति एवं महिलाओं के सम्मान पर पड़ रहा था। यहां तक कि युवा वर्ग भी शराब के आदी होते जा रहे थे। बढ़ते घरेलू कलह एवं बिगड़ती सामाजिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने अपने स्तर पर शराब के विरूद्ध आवाज उठाई और इस पर रोक लगाने की मांग की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा शराबबंदी की मांग भी उठाई गयी। सीएम नितीश कुमार ने कहा कि शराब के दुष्प्रभाव को लेकर पूरा विश्व चिंतित है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट (ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन अल्कोहल एण्ड हेल्थ 2018) में शराब के दुष्परिणामों के विस्तृत आंकड़े दिए गए हैं और मानव समाज को शराब के कुप्रभाव से निजात दिलाने के लिए एक अभियान चलाने पर बल दिया गया है। 2016 में शराब के कारण विश्वभर में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई है जो विश्व के कुल मृत्यु का 5.3 प्रतिशत है। शराब के सेवन के कारण युवाओं में मृत्यु दर बूढ़े लोगों की अपेक्षा काफी अधिक है और 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार शराब लगभग 200 बीमारियों को बढ़ाता है। शराब का सेवन कैंसर, एड्स, हेपटाइटिस, टी.बी, लीवर एवं दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी, माता-शिशु से संबंधित बीमारियों के साथ-साथ हिंसक प्रवृति को भी बढाता है और महिलाओं के साथ हिंसा में इसकी अहम भूमिका है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पूरे देश में ऐसी स्थिति आ गयी है कि आज हर ओर शराबबंदी की मांग तेजी से बढ़ने लगी है।
सीएम ने कहा कि बिहार राज्य में लागू शराबबंदी नीति को अध्ययन करने हेतु विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधिगण आये। वर्ष 2017 में कर्नाटक से, वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ से तथा दिसंबर 2019 में राजस्थान से उत्पाद विभाग एवं अन्य संस्थाओं के अध्ययन दल आये। इन अध्ययन दलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया और शराबबंदी के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर देखा। इन सभों दलों ने बिहार में की गई शराबबंदी के सभी प्रयासों की काफी सराहना की। देश के कोने-कोने से शराबबंदी की आवाज उठने लगी है इसलिए शराब के धंधे में लगे लोग परेशान हैं कि कहीं बिहार जैसी शराबबंदी पूरे देश में लागू न हो जाए।
सीएम नितीश कुमार ने कहा कि बिहार में न्याय के साथ विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, इससे कोई समझौता नहीं करेंगे लेकिन जब तक नशाखोरी, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों सेे समाज को छुटकारा नहीं मिलेगा, तब तक विकास का पूरा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन दिनों जलवायु परिवर्तन सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है, इसलिए हम पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दे रहे हैं।
February 09, 2020

08.02.2020 (पटना) : डीएम कुमार रवि की अध्यक्षता में आज जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड व कुशल युवा कार्यक्रम-सह-सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएम के सात निश्चय के अन्तर्गत ’’आर्थिक हल युवाओं को बल’’ के तहत जिला निबंधन परामर्श केन्द्र, पटना स्थित शिविर कार्यक्रम में दो योजना, क्रमशः बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 50 लाभुकों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड तथा कुशल युवा कार्यक्रम के 100 लाभुकों को प्रशिक्षण समाप्ति उपरांत डीएम श्री कुमार रवि ने सर्टिफिकेट प्रदान किया।
इस अवसर पर डीएम कुमार रवि ने बताया कि मुख्यमंत्री आप सभी के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें, आर्थिक सहयोग के लिए हम सभी आपको हर संभव मदद करेंगे। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के दौरान न केवल हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा ज्ञान की जानकारी दी जाती है बल्कि संवाद एवं व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास में वृद्धि होगा एवं किसी भी सेवा के लिए साक्षात्कार में सहयोग मिलेगा। बिहार स्टूडेंट क्रडिट कार्ड योजना से बच्चों को बहुत ही कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र के वित्त निगम द्वारा प्रदान किये जाने पर माता-पिता पर आर्थिक भार अत्यन्त कम हो जाता है। साथ ही उन्होंने बच्चों से अपील की कि लाभ प्राप्त बच्चे दूसरे बच्चों को भी उक्त तीनों योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करें ताकि पटना जिला में अधिक से अधिक बच्चों को उक्त तीनों योजना का लाभ मिल सके। बच्चों के बीच प्रोत्साहन के उद्देश्य से ही जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र में इस प्रकार के सर्टिफिकेट एवं कार्ड वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
मुख्यमंत्री स्वयं भत्ता योजना से लाभ प्राप्त कर रहे बच्चों से उन्होंने अपील की कि जो भी राशि आपके खाते में भेजी जा रही है, उसका उपयोग आपलोग रोजगार की तलाश या आवेदन भरने में उपयोग कर आर्थिक मजबूती हासिल करें। अपने मित्रों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक करें ताकि सभी योग्य एवं इच्छुक युवक-युवतियों को इस योजना का लाभ मिल सके। वहीं, परिचय सत्र के दौरान स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के बाद लाभुकों से बातचीत भी उन्होंने की। सभी उपस्थित लाभुकों द्वारा इस योजना की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं अन्य संभावित आवेदकों से मन लगाकर पढ़ाई पूरी कर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने की अपील की।