March 08, 2020

06.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस एम ने कहा है कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है। टेक्नोलॉजी में नित्य नए अनुसंधान हो रहे हैं। इसमें सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी ने समूचे दुनिया में पैठ बना लिया है। देश की सरकारें भी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी को अपना रहीं है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के बढ़ते चलन को देखते हुए हम ई गवर्नेंस पद्धति को अपनाने जा रहे है। आने वाला समय ई-गवर्नेंस का ही होगा। इसलिए हमें ई-गवर्नेंस की कार्य प्रणाली को अच्छे से सिखने की जरूरत है। ई-गवर्नेंस प्रणाली में नवोन्मेषी प्रयोग की पूरी गुंजाइस रहती है। सरकारी कार्यालयों में भी तेज़ी से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सरकार की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोंगो को ऑनलाइन पद्धति से प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित ई-गवर्नेंस एवं सूचनाओं की संरक्षा हेतु जागरूकता कार्यशाला में उक्त बातें कहीं। डीएम ने एन.आई.सी. से कहा कि जिला के एक दो कार्यालयों में पूरी ई-गवर्नेंस प्रणाली विकसित करे। ई-गवर्नेंस प्रणाली से सरकारी कार्यालयों में कार्य करने में सहूलियतें होगी एवं कार्यों का निष्पादन तेज़ी से होगा। इससे वित्तीय अनियमितता पर भी रोक लगेगी। गौरतलब है की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रावैधिकी संस्थान, भारत सरकार द्वारा आज दिनांक 6 मार्च को समाहरणालय सभाकक्ष में ई-गवर्नेंस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में मुख्य रूप से ई-प्रणाली सेवाओं से सभी पदाधिकारियों को अवगत कराने एवं सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल करने में सुरक्षा मानकों को अपनाने तथा धोखाधड़ी से बचाव के लिए जानकरी दी गयी। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से एन.आई.ई.एल.आई.टी, पटना के आईटी प्रबंधक यशवंत झा, प्रोजेक्ट प्रबंधक विशाल कुमार एवं सिनियर फैकल्टी अतुल कुमार द्वारा ई-गवर्नेस और सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता के बारे में उपस्थित पदाधिकारियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से वित्तीय निकासी में धोखाधड़ी आदि को रोका जा सकता है। साथ ही सुरक्षित ढंग से डिजिटल हस्ताक्षर के द्वारा कैसे फाइलों के निपटारे में आसानी हो रही है। ई-गवर्नेस के तहत नोट सीट बनाने, डाटा व फाइलों को सालों-साल तक सुरक्षित रखने, ई-रक्तकोष पोर्टल के द्वारा अधिकोष में रक्त की उपलब्धता की क्या स्थिति है, उसकी जानकारी उपलब्ध हो पायेगी।
बताया गया कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऍप के माध्यम से सेवानवृत कर्मियों को लाइफ सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। इसके साथ ही ई-राही एप्प, डिजी लॉकर, पीएमजी दिशा, डिजिटल पेमेंट्स, ई-हॉस्पीटल, फोन आधारित आरटीआई, ऑनलाईन शिकायत, ऑनलाईन बिजली बिल भुगतान, गवर्नमेंट टेंडर, गुड गवर्नेस, ई-डिस्ट्रिक्ट, वेवसाईट डायरेक्ट्री, जेम पोर्टल आदि से सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी।
आई.टी.प्रबंधक द्वारा सुरक्षित ई-मेल के इस्तेमाल, फेक मैसेज से होने वाले नुकसान तथा सोशल मिडिया पर लुभावने ऑफर आदि से परहेज करने एवं क्रेडिट और डेविट कार्ड के माध्यम से वित्तीय लेनदेन में होनेवाले धोखाधड़ी से बचने के उपाय के बारे में भी जानकारी दी गयी। इस कार्यशाला का संचालन डीआईओ राजीव झा द्वारा किया गया. इस कार्यशाला को डीडीसी डॉ कारी महतो द्वारा भी सम्बोधित किया गया। इस अवसर पर डीपीजीआरओ आर आर प्रभाकर, डीपीआरओ सुशील कुमार शर्मा, डीसीएलआर पुष्पेश कुमार, योजना पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद, डीएसओ अजय गुप्ता, डीपीओ अलका आम्रपाली, एडीएसएस रवि तिवारी, एपीओ सुजाता कुमारी, सभी सीडीपीओ, सभी आईटी असिस्टेंट ने भाग लिये।
March 05, 2020

05.03.2020 (दरभंगा) : डीएम ने कहा है कि कोरोना वायरस से घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं है। सभी लोंगो को सिर्फ साबधानी बरतनी चाहिए। सभी लोंगो को साफ-सफाई पर विशेष सजग रहना चाहिए, खासकर अपने हाथों को बराबर साफ करते रहना चाहिए। लोंगो को ज्यादा भीड़ भाड़ बाले जगहों पर जाने से बचना चाहिए। अफवाहों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा की दरभंगा में फ़िलहाल कोरोना वायरस का कोई केस नहीं मिला है। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण हेतु पूरी एहतियात बरती जा रहीं है। एस.ओ.पी. के तहत सभी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में वार्ड चिन्हित कर तैयार हालत में रखा गया है। सभी चिकित्स्कों को अलर्ट मोड में रखा गया है। उन्होंने ये बातें आज भिभिन्न बैठकों में कहीं है।
March 05, 2020

05.03.2020 (दरभंगा) : इस वर्ष होली का त्यौहार दिनांक 09 एवं 10 मार्च को मनाये जाएगे। 09 मार्च के रात्रि में होलिका दहन एवं 10 मार्च को होली पर्व। जिला स्तरीय शांति समिति के सदस्यों द्वारा जिला प्रशासन को भरोसा दिलाया गया कि दरभंगा जिला में होली का त्योहार विगत वर्षो की भांति पूर्ण शांतिपूर्ण एवं सोहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जायेगा। शांति समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिला में वर्षों से गंगा जमुनी संस्कृति कायम है। यहां हर धर्म मजहब के लोग एक दूसरे के पर्व त्योहारों में वर्षों से शरीक होते रहे हैं और आगे भी यह सौहार्द कायम रहेगा।
शांति समिति के सदस्यों द्वारा प्रशासन को आश्वस्त किया गया कि होलिका दहन से लेकर होली खेलने तक वे लोग स्वयं भी अपने अपने वार्डों में मौजूद रहकर प्रशासन को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं शांति समिति के सदस्यो के द्वारा यह भी ध्यान दिलाया गया कि इस पर्व त्यौहार के अवसर पर प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरूस्त रहे ताकि किसी अप्रत्याशित घटना पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। शांति समिति के सदस्यों के द्वारा होली त्यौहार के अवसर पर एहतियात के तौर पर कुछ साबधानियाँ बरतने का बहुमूल्य सुझाव दिया गया. इनके द्वारा दिये गये सभी सुझावों को जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संज्ञान में लिया गया और इसपर पूर्ण कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।डीएम डॉ त्यागराजन एस एम ने कहा कि सभी संवेदनशील स्थलों पर सशस्त्र बल के साथ पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। बताया गया कि होलिका दहन हेतु जिला में कुल 182 जगह चिन्हित है। उक्त स्थलों पर प्रशासन की पूरी नजर रहेगी। होलिका दहन एवं होली के अवसर पर नियत्रंण कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा, जिसके द्वारा किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी। डीएम द्वारा शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया गया कि संवेदनशील स्थलों पर शांति समिति के सदस्य अवश्य उपस्थित रहें और इस पर्व को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में अपनी महत्वपूर्ण भुमिका निभाएँ। डीएम द्वारा बताया गया कि होली में नशा करके हुड़दंग करने वाले लोगो से शख्ती से निपटा जाएगा। डी.जे. बजाने और अश्लील गाना बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और प्रशासन से अनुमति प्राप्त किये बगैर लाउडस्पीकर बजाये जाने पर उपकरण को जप्तकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने कहा कि होली का त्यौहार पूर्ण शांतिपूर्ण एवं सादगी से मनाया जाना चाहिए।
उन्होने कहा कि देश के नागरिकों को देश के प्रति भक्ति होनी चाहिए, छोटी-मोटी बातों पर उत्तेजित न होकर अफ़वाहों को फैलने से रोकना चाहिए। उन्होने कहा कि प्रशासन पूर्ण सतर्क व सजग है जिसमें आम नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है। कहा कि डीजे का उपयोग अवैध है, इसलिए डीजे बजाने वालों पर पूरी सख्ती रहेगी। कि डीजे बजाने बालों को पड़कर सीधे जेल भेज दिया जायेगा।
इस बैठक में शांति समिति के सदस्यों के माध्यम से डीएम द्वारा होली पर्व को पूर्ण शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने हेतु जिलावासियों से अपील की गई। इसके पूर्व जिला स्तरीय शांति के समिति के सदस्यों द्वारा होली का त्यौहार उल्लास एवं सद्भावपूर्ण वातावरण में मनाई जाने की बातें बतायी गई और कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए जिसमें पुलिस एवं दंडाधिकारी की सक्रिय मौजूदगी, शराब बंदी कानून का कड़ाई से अनुपालन, अग्निशमन की पर्याप्त व्यस्था, सम्पूर्ण साफ-सफाई की व्यवस्था, जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की वैकल्पिक व्यस्था, दरभंगा मेडीकल कॉलेज सहित सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24 घंटे खुली रखने की व्यवस्था, डीजे व अश्लील गानों पर पूर्ण सख्ती से रोक, खराब चापाकलों की मरम्मति आदि शामिल है। शांति समिति की बैठक में विचार रखने वालों में श्री प्रधान, नवीन कुमार, शैलेन्द्र कुमार एवं अन्य कई सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित नगर आयुक्त ने बताया कि पानी का आभाव होने पर नगर निगम के टैंकर से पानी की लगातार आपूर्ति की जाएगी ,वहीं डीएम ने कार्यपालक अभियन्ता लोक स्वास्थ्य को नगर में जलापूर्ति हेतु बिछाए गये पानी के पाइप में लीकेज को तुरंत दुरुस्त कराने,खराब चापाकलों को शीघ्र ठिक कराने, सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, पारा मेडिकल स्टाफ्स एवं दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, कार्य. अभि. विद्युत् प्रमंडल को बिजली के तारों को ठीक कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि सभी सरकारी अधिकारी एवं कर्मी अपने कर्तव्यों का तत्परतापूर्वक निर्वहन करें। हम लोगों का काम पहले नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है और फिर अगर समय मिला तभी हम पर्व मनाएंगे। उन्होंने कहा कीअगर सरकारी कर्मी ही खुद पर्व त्यौहार मनाने में वयस्त हो जायेंगे तो जनता का ख्याल कौन रखेगा। उक्त बैठक में जिप अध्यक्षा गीता देबी, नगर महापौर बैजयंति खेड़िया, नगर उप महापौर, नगर आयुक्त्त, घनश्याम मीणा, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आर आर प्रभाकर, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सुशील कुमार शर्मा, विशेष कार्य पदाधिकारी पुष्पेश कुमार, एसडीपीओ अनोज कुमार, लाइन डीएसपी, कार्यपालक अभियंता, पी.एच.डी./बिजली, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी सहित शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित हुए।
March 05, 2020

05.03.2020 (दरभंगा) : उत्पाद आयुक्त श्री बी. कार्तिकेय धनजी ने कहा है कि बिहार राज्य में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराब बन्दी कानून लागू है। इस कानून को आम जनता का समर्थन प्राप्त है। फिर भी कुछ मुट्ठी भर लोग शराब के अवैध निर्माण, विपणन आदि धंधो में सक्रिय देखे जा रहे हैं। ऐसे शराब कारोबारियों के विरूद्ध प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती रही है। लेकिन शराब माफियों के व्यवसाय पर पूर्ण लगाम लगाने के लिए इसमें आम जनता/प्रतिनिधिगण का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। तभी इन धंधेबाजो के विरूद्ध कारगर कार्रवाई संभव हो पायेगी। उन्होंने कहा कि उत्पाद एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शराब कारोबारियों के विरूद्ध सख्ती की जा रही है। उनके विरूद्ध धड़ पकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में शराब की खेप पकड़ी गई है और धंधे में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है।
उन्होंने डीएमसीएच प्रेक्षागृह में मद्य निषेध के संदर्भ में आयोजित कार्यशाला में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन करने वालों के माँग पर ही शराब का व्यापार होता है। शराब का सेवन करने वाले लोगों की घर समाज में सहज ही पहचान हो जाती है। शराब व्यापार के धंधे में लिप्त लोगों की भी किसी न किसी को जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि आप लोग प्रशासन को सटीक सूचनाएँ दें, जरूर कार्रवाई होगी। आयुक्त महोदय द्वारा इस हेतु दो नम्बर भी सार्वजनिक किया गया। जिसमें एक 15545 एवं एक अन्य ट्रॉल फ्री नम्बर 1800345268 शामिल है। आयुक्त महोदय ने कहा कि सूचनादाता का नाम/पता गोपनीय रखा जाता है। वे इन नम्बरों पर शराब कारोबारियों की जानकारी दे सकते है। इस नम्बर पर सूचना देने पर किसी को भी यह पता नहीं चलेगा कि कहाँ से और किस व्यक्ति ने सूचना दी है उन्होंने कहा की अगर उत्पाद अथवा पुलिस का ही कोई कर्मी इस धंधे में संलिप्त है तो उसके बारे में भी सूचनाएँ दी जाये। गैर कानूनी करने वाले ऐसे कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।
कार्यशाला में उपस्थित डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि शराब बंदी कानून में अत्यंत कड़े प्रावधान किये गये हैं। इस कानून को पूरी कड़ाई से लागू करने के लिये जिला प्रशासन कृत संकल्प है। शराब के अवैध व्यापार में संलिप्त लोंगो, व्यापारियों, माफियाओं आदि के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु सूचना संकलन तंत्र को विकसित की जायेगी।
जिला के वरीय पदाधिकारियों, समाहरणालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अनुमण्डल स्तरीय कार्यालयों में शिकायत पेटिकाएँ रखी जायेगी। जिसमें कोई भी व्यक्ति शराब कारोबारियों के संदर्भ में सूचनाएँ लिखकर डाल सकता है। सूचना देने वालों को अपना नाम/पता बताने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन समाजिक बुराई है। शराब पर रोक लगाने पर समाज पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ा है। खासकर महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में सुधार हुआ है। कहा कि शराब व्यापारियों को पकड़वाने में जनप्रतिनिधिगण सक्रिय भूमिका निभा सकते है। आम लोगों के सहभागिता से ही शराब बंदी नीति पूर्ण सफल होगा।
इसके तदन्तर कार्यशाला में उपस्थित जन प्रतिनिधियों से शराब बन्दी कानून के संदर्भ में फीडबैक आमंत्रित किया गया। इसमें अनेकों जनप्रतिनिधियों द्वारा खुलकर विचार रखा गया। बताया कि छोटे-छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई होती है। जरूरत है बड़े कारोबारियों/शराब माफियाओं पर कारगर कार्रवाई करने की। कतिपय जनप्रतिनिधिगणों द्वारा उत्पाद एवं पुलिस विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। इन लोंगो द्वारा उत्पाद कर्मियों एवं थानों पर भी नजर रखने का सुझाव दिया गया।
इस कार्यशाला में सिटी एस.पी.श्री योगेंद्र कुमार, नगर मेयर, श्रीमती खेड़िया, जिप उपाध्यक्षा श्रीमती ललिता झा, संयुक्त उत्पाद आयुक्त कृष्णा पासवान आदि ने भी विचार रखे। इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक द्वारा पी.पी.टी के माध्यम से मद्य निषेध कानून लागू होने के बाद उत्पाद एवं पुलिस विभाग द्वारा किये गये कार्रवाई का तुलनात्मक व्यौरा प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यशाला में आयुक्त, नगर निगम घनश्याम मीणा, उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, उपायुक्त मद्य निषेध, दरभंगा प्रमण्डल कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, दरभंगा डॉ. अनिल कुमार, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी सुशील कुमार शर्मा, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर राकेश कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल ब्रज किशोर लाल, जिला योजना पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद, उप निर्वाचन पदाधिकारी पुष्कर कुमार, अधीक्षक मद्य निषेध गणेश प्रसाद, डीपीओ कन्हैया जी, डीपीएम जीविका मुकेश कुमार एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण सम्मिलित हुए।
March 05, 2020

03.03.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि पर्यावरण में असंतुलन एवं जलवायु परिवर्तन के चलते आज पूरे विश्व में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कभी अतिवृष्टि के चलते एक बड़ी आबादी को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है तो कभी सूखे का दंश एवं जल-संकट की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। ये सभी स्थितियाँ जलवायु में तेजी से हो रहे परिवर्त्तन के कारण हो रहा है। जलवायु परिवर्त्तन के चलते पर्यावरण में असंतुलन हो गया है। इसका बुरा प्रभाव आबादी पर पड़ रही है। अगर अभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति हम जागरूक नहीं हुए तो भविष्य में स्थितियाँ और विकट हो जायेगी। वर्तमान परिस्थिति एवं भविष्य में आने वाले संकट को दृष्टिगत रखते हुए ही राज्य सरकार द्वारा पूरे बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया गया है।
इस अभियान से सभी लोगों को जोड़ना है। सभी लोगों को जागरूक करनी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के उद्येश्य से ही राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा की सरकार के उक्त निदेश के आलोक में आज जिला के सभी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाया गया। इस एक घंटे के कार्यक्रम में आज सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत विषय पर चर्चा-परिचर्चा किया गया।
आगे भी प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाया जायेगा एवं इसके महत्व पर परिचर्चा की जायेगी। ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किये जाने पर आम लोगों में प्रकृति के प्रति प्रेम पनपेगा और अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ेगे। आज प्रथम जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला का डीएम, उप विकास आयुक्त, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान के सभी 11 अवयवों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया एवं इस दिशा में दरभंगा जिला में क्रियान्वित किये गये कार्यों के बारे में भी संक्षिप्त वर्णन प्रस्तुत किया गया। बताया कि प्राकृतिक जल श्रोतों के जीर्णोद्धार, नये जल श्रोतों का सृजन, सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार, छत वर्षा जल संचयन, ग्राउंड वाटर रिजार्जिग, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में जिला में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। आगामी 09 अगस्त 2020 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर जिला में 10.50 लाख पौधारोपण किया जायेगा। इस योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।
उप विकास आयुक्त द्वारा इस कार्यशाला में सौर ऊर्जा के उपयोग के फायदे एवं उर्जा की बचत पर विस्तार से चर्चा किया गया। सौर ऊर्जा से कोई प्रदूषण नहीं फैलता है। इसके उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा होती है एवं पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार होता है। पर्यावरण के शुद्ध रहने के चलते गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। साथ ही इसका रख-रखाव आसान है एवं लागत कम पड़ती है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा संयत्र संस्थापित करने हेतु सरकार द्वारा अनुदान भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने सरकारी दफ्तरों सहित अपने-अपने घरों में ऊर्जा की बचत करने के बारे में विभिन्न उपायों पर भी विस्तार से चर्चा किया।