January 24, 2021

19.01.2021 (दरभंगा) : वरिष्ठ सामाजिक चिंतक एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने पत्रकारों से समाज की बदलती धारा में बदलते सामाजिक मूल्यों के बावजूद सत्य का साथ देने का आह्वान करते हुए आज कहा कि वास्तविक सत्य ही अन्तिम सत्य होता है इसलिए कलम के सिपाहियों को समाचार बनाने के क्रम में अपने विवेक का इस्तेमाल करके मर्यादित सत्य की अभिव्यक्ति करने की जरूरत है।
उन्होंने उक्त बातें ख्यातिलब्ध पत्रकार राम गोविंद प्रसाद गुप्ता जी की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर "सत्य प्रकटीकरण की सीमाएं और पत्रकार का दायित्व" विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा की वास्तविक सत्य ही सत्य होता है इसलिए पत्रकारों को समाचार बनाने के क्रम में इस तथ्य का ध्यान रखना चाहिए और अपने विवेक का इस्तेमाल करके मर्यादित सत्य की अभिव्यक्ति ही करनी चाहिए। यदि सत्य छुपाना आवश्यक हो तब भी उसकी आत्मा नष्ट नहीं हो इसका ख्याल निश्चित रूप में रखा जाए। सामाजिक चिंतक ने कहा कि शब्द का दायरा पत्रकारों को स्वयं निश्चित करना पड़ेगा तभी पत्रकारिता, समाज - राष्ट्र सब का हित सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की बदलती धारा में सामाजिक मूल्य भी बदले हैं और सत्य का क्या मापदंड हो इसका भी दायरा बदला है।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राजनीतिक चिंतक एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीतिक शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ जितेंद्र नारायण ने कहा कि सत्य की अभिव्यक्ति में समाजिक हितों को प्राथमिकता देना अनिवार्य माना गया है। इससे सत्य संपूर्णता से प्रकट तो होता ही है और उसकी शालीनता भी बरकरार रहती है। आजकल सब सत्य को प्रकट नहीं होने देते हैं, उसे खींचते हैं, नतीजतन सत्य विखंडित हो जाता है। जाति, धर्म, भाषा आदि के चश्मे से सत्य को नहीं देखना चाहिए । पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर सत्य को प्रकट नहीं किया जा सकता। सत्य को प्रकट होने देना चाहिए, उसे आरोपित नहीं करना चाहिए। पूर्वाग्रह से ग्रसित लोग ही सत्य को आरोपित करते हैं नतीजतन सत्य दूषित हो जाता है। सत्य विश्लेषण की सीमाएं हैं और इसके वहन की सबसे अधिक जिम्मेदारी पत्रकारों पर है। उन्हें समाज हित, राष्ट्र हित सबका ध्यान रखते हुए सत्य को आमजन तक पहुँचाना होता है। डॉ. जितेंद्र नारायण ने कहा कि सत्य की अभिव्यक्ति में समाजिक हितों को प्राथमिकता देना अनिवार्य माना गया है। इससे सत्य तो संपूर्णता से प्रकट होता ही है, उसकी शालीनता भी बरकरार रहती है। उन्होंने कहा की सबको नग्न सत्य नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि लोग इससे विचलित हो सकते हैं। सत्य सर्वांगीण होता है, एकांकी नहीं। इसलिए कलम - कैमरा पकड़कर सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखना चाहिए। बिना दार्शनिक बने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन नहीं हो सकता और ना ही सच सामने आएगा। इसलिए भारत के ग्रंथों में भी सत्य की विस्तृत व्याख्या की गई है। सत्य को ढ़का नहीं जा सकता पर उसे शालीन रूप में प्रस्तुत करना ही पत्रकारिता का धर्म है। सत्य को परोसने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए अन्यथा पत्रकारिता की आत्मा मर जाएगी। सत्य को आरोपित करने के बजाय उसे प्रस्फुटित होने देना चाहिए, तभी सामाजिक सरोकार की भी रक्षा संभव है।
पत्रकार और बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य की परिभाषा समझने के लिए आज कोई तैयार नहीं। सब इसको अपने हिसाब से तय कर रहे हैं। पर सत्य हमेशा सच ही रहता है। समाचार लिखते समय पत्रकारों को वास्तविक सत्य का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उन पर जन अपेक्षाओं की पूर्ति का भी दायित्व होता है। जन आकंक्षाओं को समझने वाला ही सच्चा पत्रकार होता है और इस बात को श्रद्धेय रामगोविंद गुप्ता जी की पत्रकारिता से समझी जा सकती है। गुप्ता जी की प्रतिष्ठा आज भी इसलिए बरकरार है क्योंकि वह सत्य को जन आकांक्षाओं के चश्मे से देखते थे। पत्रकार भी समाज की सेवा करते हैं इसलिए उन्हें सामाजिक हितों का ख्याल रखना चाहिए। सत्य का क्या प्रभाव समाज व राष्ट्र पर पड़ेगा, इसका ध्यान रखते हुए पत्रकारिता करना ही सच्ची पत्रकारिता कहलाती है। पत्रकार विष्णु कुमार झा ने कहा कि सत्य के पीछे का तथ्य बहुआयामी होता है इसलिए पत्रकारों को उस तथ्य को पटल पर लाना चाहिए जो समाज व देश हित में हो। किसी की निजता भंग नहीं करना चाहिए पत्रकार को। सत्य की तलाश में अंतिम क्षण तक तहकीकात करना जरूरी है।
पत्रकार संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता जीवन में सत्य का प्रकटीकरण सरल और कठिन दोनों ही है। जल्दबाजी और आपाधापी के दौर में भी सत्य को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। सत्य सरलता से रख देना ही उचित है। उसमें पत्रकारों को अपने विचार समाहित नहीं करना चाहिए। सत्य के लिए अनुसंधान जरूरी है और इसमें अनुभव का भी समावेश आवश्यक है। सत्य के लिए और उसके प्रकटीकरण लिए वरीय साथियों से पत्रकारों को सलाह मशविरा निश्चित रूपेण करनी चाहिए। पत्रकारों का पेशा सामाजिक जीवन से जुड़ा है इसलिए समाज सर्वोपरि है। सत्य का विभिन्न स्वरूप सामने आता है तो जमीनी हकीकत उससे दूर हो जाता है। संगोष्ठी में उपस्थित कई लोगो ने भी इस विषय पर अपनी बातें कही।
संगोष्ठी का प्रारंभ अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के द्वारा राम गोविंद प्रसाद गुप्ता जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर किया गया। वही संगोष्ठी का संचालन शायराना अंदाज व सरल शब्दों में डॉ. ए डी एन सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप गुप्ता ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद गुप्ता ने किया।
January 19, 2021

18.01.2021 (दरभंगा) : सड़क दुर्घटना से लोगों को सचेत करने के लिए आम जनों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग,बिहार सरकार द्वारा 18 जनवरी से 17 फरवरी 2021 तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। दरभंगा जिले में इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला क्लब से डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उन्होंने खुले आसमान में गुब्बारे उड़ाकर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर स्वागत गान एवं ओडीसी नृत्य की प्रस्तुति माउंट समर कन्वेंट स्कूल, दरभंगा द्वारा किया गया। डीएम के पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा बैंड बजा कर उनका स्वागत किया गया। तथा परेड मार्च के साथ उन्हें मंच पर लाया गया। मंच पर पहुंचते ही जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका हार्दिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग,बिहार सरकार द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष व्यापक रूप से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। दरभंगा में भी बहुत ही बेहतर ढंग से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी से अनुरोध है कि वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा नियमों का विधिवत पालन करें तथा समाज में भी इसके लिए जागरूकता फैलाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार वैसी जगहों पर कुछ परिवर्तन करने पर विचार कर रही है, जहाँ बार-बार सड़क दुर्घटना होती है। सड़क के बगल में अवस्थित स्कूलों के लिए बाउंड्री वाल अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि कोई भी वाहन विद्यालय में प्रवेश न कर सके और बच्चे दुर्घटनाग्रस्त न हो सके।
इस अवसर पर एसएसपी बाबूराम ने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि जितनी मौतें सड़क दुर्घटना से होती है, शायद ही इतनी मौतें अन्य किसी कारणों से होती है। जहाँ तक की बड़ी से बड़ी बीमारी के कारण किसी को उतना नुकसान नहीं होता है जितना कि सड़क दुर्घटना से होता है। इससे बचना बहुत ही आसान है। इसके लिए केवल थोड़ी सी जागरूकता एवं संयम की आवश्यकता है। यातयात के नियमों एवं छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर इससे बचा जा सकता है। जैसे दुपहिया वाहन हेलमेट पहनकर चलाना, चार पहिया वाहन सीट बेल्ट लगाकर चलाना, नशे में गाड़ी न चलाना, लर्नर एवं युवाओं का अच्छी तरह से गाड़ी चलाना, उन्हें भीड़-भाड़ वाले जगहों पर वाहन चलाने से रोकना। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम सड़क पर यातायात के नियमों का पालन करें एवं सावधानी बरतें। इस अवसर पर डीएम एवं एसएसपी द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को रवाना किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
January 19, 2021

18.01.2021 (दरभंगा) : आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल ,दरभंगा राधेश्याम साह की अध्यक्षता में दरभंगा प्रमण्डल के सभी अनुमंडल पदाधिकारी के साथ विधि व्यवस्था, भूमि विवाद ,कार्यालयों के निरीक्षण एवं खाद्यान्न वितरण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। समीक्षा बैठक में उन्होंने एक-एक कर दरभंगा प्रमंडल के सभी अनुमंडल पदाधिकारी से उनके क्षेत्र की विधि व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने विगत तीन माह के अंतर्गत धारा 107, 144 एवं 145 के अंतर्गत की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को भूमि विवाद निपटाने हेतु पाक्षिक बैठक करने, प्रखंड, अंचल, आई.सी.डी.एस कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी अंचल के हल्का कर्मचारी के कार्यालय का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए तथा कमजोर वर्ग के टोले में जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत पी.एच.एच एवं अंत्योदय योजना के तहत नियमित रूप से खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। इसका निरीक्षण किया जाए। उन्होंने अब तक किए गए निरीक्षण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में आयुक्त के सचिव दुर्गानन्द झा एवं प्रमंडल के सभी अनुमंडल पदाधिकारी उपस्थित थे ।
January 19, 2021

18.01.2021 (दरभंगा) : दरभंगा में बढ़ते अपराध, हत्या, महिला उत्पीरण, सुरेंद्र सदा, दीपक चौरसिया, सफी आलम हत्याकांड की स्पीडी ट्रायल करवाने, हत्यारो को गिरफ्तार करवाने, बिशनपुर थाना कांड संख्या 113-/20 के अभियुक्तों को गिरफ्तार करने सहित अन्य मांगों को लेकर आज भाकपा(माले)- इंसाफ मंच के संयुक्त बैनर तले पोलो मैदान से लहेरियासराय टावर तक प्रतिवाद मार्च निकाला गया। इस अवसर पर नीतीश सरकार व दरभंगा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेवाजी की गई।
प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व इंसाफ मंच के नेयाज अहमद, भाकपा(माले) के देवेन्द्र कुमार, प्रिंस राज, हरि पासवान, प्रवीण यादव, शिवन यादव, साधना शर्मा कर रही थी। लहेरियासराय टावर पर ऐपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा की अद्यक्षता में आयोजित सभा को सबोधित करते हुए इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद में कहा कि बिहार व दरभंगा जिला में अपराध की घटना में काफी बृद्धि हुई है। भाजपा-जदयू सरकार अपराधियो को सरक्षण दे रहे है। जिसके चलते अपराधियो का मनोबल और बढ गया है। और हत्या लूट, बलात्कार कांड में बृद्धि हुई है।
उन्होंने जिला में बढ़ते हत्या की घटना में गिरफ्तारी नहीं होने पर एसएसपी की भूमिका पर सवाल खड़ा किया। इस अवसर पर भाकपा(माले) जिला कमिटी सदस्य देवेन्द्र कुमार ने कहा कि सुरेंद्र सदा हत्याकांड के कई दिन हो गए लेकिन आज तक हत्यारा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसके कारण प्रशासन के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लोगो मे गुस्सा काफी बढ़ गया है। वही भाकपा(माले) जिला कमिटी सदस्य हरि पासवान में कहा कि दीपक चौरसिया के हत्यारा आज भी खुले घूम रहे है जिसके चलते आम लोगो मे भय का माहौल है। अगर जल्द से जल्द हत्यारो की गिरफ़्तारी नही होती है तो भाकपा(माले) आंदोलन को और उग्र करेगी। उन्होने दरभंगा एसएसपी से दीपक के हत्यारो पर स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा देने की मांग की है।
वही ऐपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि लगातार दरभंगा में महिला उत्पीरण की घटना बढ़ रही है। लेकिन जिला प्रशासन सोई हुई है। कमतौल, हरलाखी, दरभंगा शहर में महिला उत्पीरण के मुकदमा में अभी तक अपराधियो की गिरफ्तारी नही हुई है। अगर जल्द से जल्द अपराधियो की गिरफ्तारी नही होती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज, सूर्य नारायण शर्मा, शिवन यादव, त्रिवेणी यादव, प्रवीण यादव, मिथिलेश भगत, उदय शर्मा, रीता साह, पप्पू पासवान, मोहम्मद आजम खान, सहित कई लोग शामिल थे।
January 19, 2021

16.01.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, दरभंगा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लोक शिकायत निवारण कार्यालय, दरभंगा के एक-एक कर्मियों से उनके द्वारा निष्पादित किए जाने वाले कार्य तथा अभिलेख के रख-रखाव की स्थिति की जानकारी ली। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव रंजन प्रभाकर से उन्होंने ऑनलाइन सुनवाई के संबंध में जानकारी ली। जिसमे बताया गया कि आयुक्त,दरभंगा प्रमंडल द्वारा ऑनलाइन सुनवाई की जाती है। डीएम ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को द्वितीय अपील की ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया की निरीक्षण के दौरान कार्यालय के सभी कर्मी उपस्थित मिले एवं कार्यालय की व्यवस्था भी प्रशंसनीय मिली। उल्लेखनीय है कि आम जनता के शिकायतों का निपटारा एक निर्धारित समय के अंतर्गत करने हेतु बिहार सरकार, द्वारा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार, अधिनियम, 2015 को 5 जून 2016 से बिहार में लागू किया गया है।
यह अधिनियम पूरे भारत में केवल बिहार राज्य ने ही लागू किया है। इस अधिनियम के अंतर्गत बिहार के सभी जिला एवं सभी अनुमंडल में एक-एक लोक शिकायत निवारण केंद्र की स्थापना की गयी है। यहाँ शिकायतकर्ता द्वारा अपनी शिकायत निःशुल्क दायर की जाती है। शिकायत ऑनलाइन भी दायर की जा सकती है। इस अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शिकायत के निवारण हेतु अधिकतम 60 कार्य दिवस निर्धारित किया गया है। शिकायत की वैधता सुनिश्चित होने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध न्यूनतम पांच सौ एवं अधिकतम पाँच हजार रुपये तक की जुर्माना करने का प्रावधान है।
इसके अंतर्गत शिकायतकर्ता एवं संबंधित पदाधिकारी को एक दूसरे के सामने रख कर सुनवाई की जाती है। लोक सेवा शिकायत निवारण पदाधिकारी के निर्णय से संतुष्ट रहने पर शिकायतकर्ता लोक निवारण पदाधिकारी के विनिश्चय की तारीख से 30 से 45 दिनों के अंदर प्रथम अपील दायर कर सकता है तथा प्रथम अपीलीय प्राधिकार के निर्णय से असंतुष्ट होने पर आवेदक निर्णय की तारीक से 30 से 45 दिनों के अंदर द्वितीय अपील दायर कर सकता है। इस अधिनियम के आ जाने से आम लोगों की शिकायतों के निपटारा में काफी तेजी आई है। डीएम श्री त्यागराजन ने दरभंगा समाहरणालय के अन्य कार्यालयों का भी निरीक्षण किया।