August 06, 2021

06.08.2021 (दरभंगा) : जनता के दरबार में मुख्यमंत्री बिहार के कार्यक्रम में दरभंगा जिला के चयनित परिवादी को समाहरणालय परिसर अवस्थित योजना भवन में जिला प्रशासन द्वारा उन्हें टीकाकरण कराने एवं उनका आर.टी.पी.सी.आर के माध्यम से कोरोना जाँच हेतु बुलाया गया था। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने योजना भवन में उपस्थित चयनित परिवादियों से मुलाकात की एवं की जा रही व्यवस्था का जायजा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक महीने के प्रथम तीन सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री,बिहार द्वारा लोगों की शिकायतों को सुनी जाती है। जनता के दरबार कार्यक्रम में शामिल कराने के लिए लोगों को पटना ले जाने के पूर्व जिला प्रशासन द्वारा सभी परिवादी को, यदि किसी को टीका नहीं लगा है, कोविड-19 का टीका लगवाया जाता है, एवं आरटीपीसीआर जाँच करायी जाती है। इसके साथ ही संबंधित परिवादियों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित वाहनों में दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की देख-रेख में उन्हें जनता के दरबार कार्यक्रम में शामिल कराने हेतु पटना ले जाया जाता है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी विभा कुमारी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) संजय देव "कन्हैया" एवं डी.पी.एम (हेल्थ) विशाल कुमार उपस्थित थे।
August 06, 2021

05.08.2021 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 49वें स्थापना वर्ष एवं स्वर्ण जयंती वर्ष के प्रवेश पर्व का आज समारोहपूर्वक ऑनलाइन उद्घाटन बिहार के महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति फागू चौहान ने किया। श्री चौहान ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की सत्र 2021-22 में विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती और ललित बाबू की जन्मशती का सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि अपनी आधी सदी के सफर में विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली एवं संकायों के अन्तर्गत उल्लेखनीय मानक स्थापित करने में सफल रहा है। महामहिम ने कोरोना काल में ऑनलाइन वर्गों के संचालन का विशेष रूप से उल्लेख किया। पाँच सौ से अधिक इंटरऐक्टिव क्लासेज के संचालित होने और विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर चार हजार पाठ्य सामग्री के उपलब्ध होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने ललित बाबू का स्मरण करते हुए मिथिला में रेल, मिथिला चित्रकला, मैथिली भाषा और कोशी नहर योजना के प्रसंग में ललित बाबू के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा की बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है किंतु साक्षरता, स्वास्थ्य, सकल घरेलू उत्पाद आदि क्षेत्रों में हम राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं। बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है, इसलिए हमें कृषि विकास के प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा।
समारोह के मुख्य अतिथि बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने ऑनलाइन माध्यम से अपना उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला विद्वानों की भूमि रही है। ऐसी महान भूमि में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय स्थापित है और इसी महान भूमि के सपूत हैं स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र। श्री चौधरी ने अपने को विश्वविद्यालय के स्थापना काल का छात्र बताया। और कहा कि इसके विकास में सहयोग से उन्हें खुशी होगी। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के चेहरे पर अध्यापन से सन्तुष्टि का भाव होना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने नैक से ससमय मूल्यांकन पर जोर दिया। ललित बाबू का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि वे ज्योतिपुंज थे तथा स्नेहिल स्वभाव के थे। वे मिथिला के विकास के लिए समर्पित थे। इस अवसर पर महामहिम कुलाधिपति, शिक्षा मंत्री एवं आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो० सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के पचासवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है तथा आगामी 2 फरवरी 2022 को श्रद्धेय ललित बाबू की जन्मशती है, इसलिए हमने इस सत्र को विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती एवं ललित बाबू की जन्मशती पर एकाग्र किया है।
प्रो० सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि शोध-कार्यों का प्रकाशन, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन विश्वविद्यालय की नियमित गतिविधियाँ हैं। कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में हमने ऑनलाइन वर्गों के संचालन में कीर्तिमान स्थापित किया है। इस संदर्भ में हम एक व्यापक डिजिटल प्लेटफार्म का निर्माण करने जा रहे हैं। प्रो० सिंह ने आगे कहा कि भूमंडलीकरण के इस युग में हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कृतसंकल्पित हैं, ताकि हमारे छात्र-छात्राएँ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने सूचित किया कि शोध की गुणवत्ता में अभिवृद्धि के लिए ऐंटी-प्लैगरिज्म सॉफ्टवेयर लगवाया जा चुका है तथा वह गत जनवरी से कार्य कर रहा है।उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति-2017, यू०जी०सी० की स्टार्टअप योजना और यूनिसेफ तथा आई०सी०एस०एस०आर० कोलैबोरेशन के तहत विकास अनुदानों का विशेषरूप से उल्लेख किया। प्रो० सिंह ने ससमय परीक्षा के आयोजन एवं परीक्षाफल के प्रकाशन, डिग्री पर डिजिटल हस्ताक्षर की स्वीकृति, पुस्तकालय ऑटोमेशन एवं शोध कोषांग की स्थापना का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्वाह्न ग्यारह बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित ललित बाबू, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर आदि महापुरुषों की प्रतिमाओं पर कुलपति, प्रति कुलपति, कुलसचिव एवं अन्य पदाधिकारियों के माल्यार्पण से हुआ। उद्घाटन सत्र में ललित कला संकाय के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र का समापन प्रति कुलपति प्रो० डॉली सिन्हा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
August 06, 2021

05.08.2021 (दरभंगा) : कोरोना संक्रमण से बचाव व सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण महाअभियान के अन्तर्गत दरभंगा जिले में बुजूर्गों, महिलाओं एवं काम-काजी लोगों के लिए विशेष सुविधाएँ मुहैया कराने वाला एक मेगा कोविड वेक्सीनेशन सेन्टर दरभंगा के टाउन हॉल में बनाया गया है। इस टीकाकरण केन्द्र पर ड्राइव थ्रू की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। यानि जो नागरिक टीकाकरण केन्द्र के अन्दर जाने में असमर्थ हैं, उनको केन्द्र के बाहर गाड़ी में ही टीकाकरण की सारी सुविधाएँ उपलब्ध करायी जा रही है। यह मेगा कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर प्रतिदिन सुबह 06:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक चलेगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर इस मेगा कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार मिश्र, डी.पी.एम. हेल्थ विशाल कुमार, युनिसेफ के शशिकान्त सिंह व ओंकर चन्द्र एवं केयर इण्डिया के जिला समन्वयक श्रीमती श्रद्धा झा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस मेगा कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर का संचालन केयर इण्डिया के सहयोग से किया जा रहा है।
डीएम द्वारा मेगा कोविड टीकाकरण केन्द्र का गहन निरीक्षण किया गया। उन्होंने सतत् निगरानी केन्द्र एवं विभिन्न टीकाकरण काउन्टरों का अवलोकन किया तथा वहाँ उपस्थिति महिलाओं से वार्ता की। महिला द्वारा बताया गया कि उन्हें रक्तचाप है, क्या वह टीका ले सकती है। इसपर उन्हें बताया गया कि सहरूगणता, गर्भवती महिला एवं बीमार व्यक्ति को छोड़कर शेष सभी टीका लगवा सकते हैं। डीएम ने केयर इण्डिया के जिला समन्वयक डॉ. श्रद्धा झा को मेगा कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर पर आने वाले 500 लोगों का तथा ग्रामीण क्षेत्र के टीकाकरण केंद्र के 500 लोगों का सर्वेक्षण करवाने का निर्देश दिया कि कितने लोगों को रक्तचाप या अन्य बीमारी है और उन्हें इसकी जानकारी है कि नहीं कि वे इस स्थिति में टीका लगवा सकते है। उन्होंने I got my COVID-19 VACCINE Did you? में अपना तस्वीर भी खिचवाया। इस अवसर पर संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के 90 प्रतिशत् लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।
यहाँ मेगा कोविड वैक्सीनेशन सेन्टर बनाया गया है, जहाँ महिलाओं के लिए अलग, बुजूर्गों के लिए अलग, सामान्य लोगों के लिए अलग काउन्टर बनाये गये हैं। वैसे असक्षम लोग, जो गाड़ी से नहीं उतर सकते हैं, उन्हें यहाँ बाहर जाकर गाड़ी में ही टीका देने की सुविधा उपलब्ध है। इस सेन्टर पर सभी प्रकार की वांछित सुविधा उपलब्ध है और यहाँ सुबह 06ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक टीका लगाया जाएगा। इसलिए जो लोग छूटे हुए हैं, उनसे भी अपील है कि वे अपने नजदीकी टीकाकरण केन्द्र पर जाकर टीका लगवा लें। यदि कोई दिक्कत है तो यहाँ आकर टीका लगवा लें। जैसा कि बताया जा रहा है कि कोविड की तीसरी लहर भी आनेवली है। इसलिए अपनी सुरक्षा के लिए टीका बहुत जरूरी है। इसके साथ ही जो कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सरकार के गाइडलाइन हैं, उसका भी अनुपालन आवश्यक है। इसलिए मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना, बार-बार हाथ धोना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सेन्टर से दो महीने में 01 लाख लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
July 24, 2021

24.07.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में नगर निकाय क्षेत्र/शहरी क्षेत्र में तेजी से टीकाकरण करवाने को लेकर जिला के आलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक में 25 से 31 जुलाई 2021 तक नगर निकाय/शहरी क्षेत्र में शत्-प्रतिशत् टीकाकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाने को लेकर रणनीति बनाई गयी। इसके लिए संबंधित नगर निकाय के पदाधिकारियों के फीडबैक के आधार पर टीकाकरण केन्द्रों की संख्या बढ़ा दी गयी है। 25 जुलाई के लिए नगर निकाय/शहरी क्षेत्र में कुल एक सौ(100) टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं, जो निम्न प्रकार हैं :- दरभंगा नगर निगम क्षेत्र में 40, बेनीपुर नगर परिषद् क्षेत्र में 15, बहेड़ी नगर पंचायत में 09, जाले नगर पंचायत में 07, हायाघाट नगर पंचायत में 06, बिरौल नगर पंचायत में 05, घनश्यामपुर नगर पंचायत में 05, कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत में 05, सिंहवाड़ा नगर पंचायत में 05, भरवाड़ा नगर पंचायत में 05, कमतौल नगर पंचायत में 03 टीकाकरण केन्द्र बनाया गया है। इन केन्द्रों पर कोई भी व्यक्ति पहला एवं दूसरा डोज का टीका ऑन द स्पॉट ले सकता है। इनमें से सिंहवाड़ा के 04 टीकाकरण केन्द्र पर को-वैक्सीन एवं शेष 96 टीकाकरण केन्द्रों पर कोविशिल्ड का टीका उपलब्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण केन्द्र चलते रहेंगे।
July 24, 2021

24.07.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में जिले में बाढ़ की स्थिति एवं चलाये जा रहे बाढ़ राहत कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में डीएम ने बाढ़ प्रभावित अंचलों के सभी संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देशित किया कि चलाये जा रहे बाढ़ राहत कार्य एवं सामुदायिक किचन की सभी पंजी अच्छी तरह से संधारित की जाए, क्योकि भविष्य में भुगतान पंजी के आधार पर ही किया जाता है। इसलिए सभी पंजी का सही तरीके से संधारण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भ्रमण के क्रम में पाया गया है कि कई जगहों पर सामुदायिक रसोई में पंजियाँ ठीक से संधारित नहीं की जा रही है। उन्होंने बेनीपुर के जरिसो पंचायत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक जगह पंजी ठीक से संधारित नहीं था, जबकि उसी पंचायत में दूसरी जगह लवानी में पंजी बिल्कुल सही तरीके से संधारित किया गया था, जिसे जिले का मॉडल भी बनाया जा सकता है। उन्होंने डी.पी.ओ. (मध्याह्न भोजन) को निदेशित किया गया कि शिक्षा विभाग, प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी एवं संकुल केन्द्र प्रभारी की टीम बनाकर सभी सामुदायिक रसोई का भ्रमण करवाये एवं सभी पंजियों का ठीक से संधारण करवाये। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचेन) के प्रभारी शिक्षक का पंजी के सभी पन्नों पर हस्ताक्षर रहनी चाहिए। इसके साथ ही अंचलाधिकारी के भी समय अंतराल पर प्रतिहस्ताक्षर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर रसोईयों का भुगतान नहीं होने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन के खाते में बाढ़ संबंधित राशि, जो वर्ष 2020 के लिए भेजी गयी है, उस राशि की निकासी कर बाढ़ मद के बकाये राशि की भुगतान किया जा सकता है। रसोईयाँ का भुगतान सप्ताहिक रूप से कराया जाए, इसके लिए सभी अंचलाधिकारी को राशि उपलब्ध करायी गयी है। नाविकों के भुगतान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारी को 26 जुलाई को अपने-अपने प्रखण्ड में भ्रमण कर उपलब्ध कराये गये चेकलिस्ट के अनुसार जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पॉलिथिन, पशुचारा, सामुदायिक किचन की जहाँ भी आवश्यकता हो वहाँ उपलब्ध कराया जाए। बाढ़ प्रभावित गाँवों के लाभुकों की सूची पी.एफ.एम.एस. पर अद्यतन कर ली जाए। वैसे प्रभावित गाँवों में सर्वेक्षणकर्ता से पुनः सर्वें कराकर लाभुकों का सत्यापन करा लिया जाए, ताकि योग्य लाभुकों के खाते में राशि ससमय भेजी जा सके। उन्होंने सभी संबंधित अंचलाधिकारी को बाढ़ प्रभावित गाँवों को प्रतिदिन चिन्ह्ति करते रहने का निर्देश दिया। कहा कि प्रतिदिन पानी बढ़ता/घटता हैं तथा नये-नये गाँवों में प्रवेश करता है और निकलता रहता है। डीएमने बारी-बारी से बाढ़ प्रभावित अंचलों के अँचलाधिकारियों से फीडबैक लिया। कुशेश्वरस्थान (सतीघाट) के अंचलाधिकारी ने बताया कि उनके अंचल के 05 पंचायत पूर्णतः एवं 06 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। वर्तमान में 03 पंचायत में पानी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 06 जगहों पर सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है तथा आवागमन के लिए 23 सरकारी नाव का परिचालन कराया जा रहा है। किरतपुर के अंचलाधिकारी ने बताया कि किरतपुर के 03 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित है। 05 नाव चल रहे हैं। डीएम ने कहा कि उन स्थलों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए, जहाँ से नाव का परिचालन किया जाता है, ताकि कहीं भी नाव दुर्घटना नहीं हो सके। गौड़ाबौराम के संबंध में बताया गया कि 03 पंचायत के 04 गाँव आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। बहादुरपुर अंचलाधिकारी द्वारा बताया गया कि बहादुरपुर में पानी घट रहा है, वर्तमान में वहाँ 21 सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है। हनुमाननगर के अंचलाधिकारी ने बताया कि उनके 02 पंचायत पूर्णतः एवं 03 अंशतः बाढ़ प्रभावित हैं, जहाँ 10 सामुदायिक किचन चलाये जा रहे हैं। अब पानी धीरे-धीरे घट रहा है। डीएम ने बैठक में बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल के अभियंताओं को बाँध पर निगरानी रखने, कार्यपालक अभिंयता, पी.एच.ई.डी. को संबंधित अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार चापाकल गड़वाने, ग्रामीण कार्य विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति करवाने, खासकर सतीघाट-राजघाट पथ के निर्माण के लिए पथ निर्माण प्रमण्डल, बेनीपुर को निर्देश दिया गया कि अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर काम प्रारम्भ करवाया जाए। सिविल सर्जन, दरभंगा डॉ. संजीव कुमार सिन्हा को निर्देशित किया कि जिन गाँव से पानी निकल गया है, वहाँ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। साथ ही जहाँ भी सामुदायिक किचन चल रहा है, वहाँ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए तथा बाढ़ आश्रय स्थलों पर कोविड टेस्टिंग एवं कोविड टीकाकरण करवाया जाए।