September 01, 2021

31.08.2021 (दरभंगा) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी एवं दरभंगा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया एवं दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड स्थित ग्राम अदलपुर एवं सहोरवा में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। हरौली पंचायत स्थित असमा हेलीपैड से एन.डी.आर.एफ. की बोट से मुख्यमंत्री ने ग्राम अदलपुर, सहोरवा सहित बाढ़ के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो चुके आस-पास के इलाकों का जायजा लिया। सड़क किनारे शरण लिए हुये बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं के संबंध में भी अधिकारियों से पूरी जानकारी ली।
बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रखंड कुशेश्वर स्थान पूर्वी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय मसानखोन में बनाये गए बाढ़ राहत शिविर का जायजा लिया। बाढ़ राहत शिविर के निरीक्षण के क्रम में बाढ़ प्रभावित गर्भवती महिलाओं का आश्रय स्थल, समुदायिक रसोई, आवासन, विद्यालय में चल रहे स्मार्ट क्लास सहित बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविर में दी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से सामुदायिक रसोई में मिलने वाले भोजन एवं उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के संबंध में पूरी जानकारी ली। शंकरा मॉडर्न पब्लिक स्कूल, ग्यासपुरा में जिला स्वास्थ्य समिति दरभंगा द्वारा बनाये गए कोविड-19 टीकाकरण केंद्र -सह- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने जेनरल ओ.पी.डी., नेत्र ओ.पी.डी., संचारी एवं गैर संचारी रोगों से संबंधित जांच, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजिकल जांच, मातृत्व स्वास्थ्य हेतु अभिनव प्रयास सहित उपलब्ध अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मोहम्मद रब्बानी को मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक ऋण योजना के तहत 02 लाख रुपये का चेक, नजमा आफरीन को मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना के तहत 25 हजार रूपये का चेक और बाढ़ प्रभावित श्रीमती ममता देवी को राहत शिविर में पुत्री पैदा होने पर 15 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। शंकरा मॉडर्न पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को पारम्परिक पाग पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। स्कूल प्रांगण में मुख्यमंत्री ने पौधारोपण भी किया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण केंद्र -सह- सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर को लोगों के बीच प्रचारित करायें और प्रतिदिन अधिक से अधिक लोगों की कोरोना जांच करायें। निरीक्षण के पश्चात मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह से गंभीर है। हमलोग बाढ़ की स्थिति का प्रतिदिन आकलन करते हैं और विभिन्न जिलों में जाकर राहत के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा भी करते हैं। वर्ष 2007 से ही हमलोग बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने का काम कर रहे हैं। कई बार इन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर चुके हैं।
उन्होंने कहा की आज हमने दरभंगा और मधुबनी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया है। यह इलाका वर्ष में 06 महीने बाढ से प्रभावित रहता है। इसको लेकर सरकार ने योजना बनाई है। इंबैंकमेंट का काम किया जा रहा है ताकि बाढ़ का पानी यहां नहीं रहे और लोगों को राहत मिले। लोगों ने बताया है कि यहां बाढ़ राहत का काम अच्छी तरह से चल रहा है।
गौरतलब है की मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के रउता पंचायत के रउता ग्राम स्थित आवास पर स्व. शशि भूषण हजारी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. रेखा हजारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी एवं दिवंगत विधायक शशि भूषण हजारी के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने श्री बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर, में पूजा अर्चना कर राज्य की तरक्की, सुख, शांति, समृद्धि एवं बाढ़ से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए कामना की। पूजा अर्चना के क्रम में मुख्यमंत्री ने कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर की परिक्रमा भी की।
इस अवसर पर मंत्री जल संसाधन संजय कुमार झा, उपाध्यक्ष बिहार विधानसभा महेश्वर हजारी, सचिव जल संसाधन संजीव हंस, विशेष कार्य पदाधिकारी आपदा प्रबंधन संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, आयुक्त दरभंगा प्रमंडल मनीष कुमार, आई.जी. दरभंगा रेंज अजिताभ कुमार, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक बाबू राम उपस्थित थे।
August 27, 2021

27.08.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में कोविड-19 की जाँच एवं टीकाकरण अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गयी। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 की जाँच के लिए जिले का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है।
वर्तमान लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन 6500 से 7000 लोगों का कोविड-जाँच करनी है। पूर्व में प्रतिदिन 4500 लोगों का कोविड-जाँच की जाती थी। साथ ही की गयी कोविड-जाँच की डाटा इन्ट्री भी उसी दिन होनी चाहिए, नही तो फर्जीवारा का संदेह उत्पन्न होता है, जो असह्य होगा। उन्होंने कहा कि इस तथ्य पर सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ध्यान देंगे कि कोविड जाँच की किट्स बहुत मँहगी होती है, इसलिए एक भी किट्स कहीं बर्बाद नहीं होनी चाहिए न ही कहीं गिरा हुआ पाया जाना चाहिए। ऐसा पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए सितम्बर महीने में बिहार को 1.5 करोड़ डोज(टीका) प्राप्त होने वाला है। इस तरह दरभंगा जिला को 06 से 07 लाख डोज प्राप्त होगा। इसके अनुसार प्रतिदिन 20 से 23 हजार टीकाकरण करना होगा और इसके लिए अभी से कार्य योजना बना ली जाए। तीसरी लहर से बचने के लिए कोविड टीकाकरण अति महत्वपूर्ण है। प्राप्त होनेवाले टीका में 40 प्रतिशत् टीका दूसरे डोज के लिए मिलेगा। इसलिए दूसरे डोज वाले को भी कन्ट्रोल रूम से कॉल करना होगा। साथ ही आशा या जीविका को देय सूची (Due List) देनी होगी तथा द्वितीय डोज वालों के लिए अलग टीकाकरण केन्द्र भी बनाना होगा।
यद्यपि इन केन्द्रों पर प्रथम डोज के लिए कोई आ जाये तो उसे भी मना नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सितम्बर में बाढ़ एवं चुनाव के कार्य भी होंगे, लेकिन किसी भी परिस्थिति में टीकाकरण के कार्य में रूकावट नहीं होनी चाहिए।05 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी सरकारी एवं निजी शिक्षकों का शत्-प्रतिशत् टीकाकरण किया जाना है। यह राष्ट्रीय अभियान है। इसलिए सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों से वार्ता कर लें। जिला स्तर पर भी निजी स्कूल के संगठन के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी बैठक कर लें। 05 सितम्बर को शिक्षकों के लिए अलग टीकाकरण केन्द्र बनाया जाएगा। उन टीकाकरण केन्द्रों पर अन्य व्यक्ति के आ जाने पर उसे भी टीका दिया जाएगा। इसके साथ ही हेल्थ केयर वर्कर एवं फ्रंट लाइन वर्कर का शत्-प्रतिशत् टीकाकरण करा लिया जाए। साथ ही टीकाकरण के दिन ही उनकी प्रविष्टि भी CoWin पोर्टल पर हो जानी चाहिए। सदर प्रखण्ड में कोविड टीकाकरण की बहुत सारी प्रविष्टि लंबित रहने के कारण प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक का वेतन स्थगित करते हुए कारण पृच्छा की गयी है। CoWin पोर्टल पर प्रविष्टि को अद्यतन करने के लिए अतिरिक्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों की व्यवस्था 451 रूपये दैनिक मानेदय की दर पर करने का निर्देश डी.पी.एम. (हेल्थ) को दिया गया और ऑपरेटरों को प्रत्येक प्रखण्ड की आवश्यकतानुसार प्रखण्डों को उपलब्ध करने को कहा गया है। द्वितीय डोज का टीका लेने के लिए 40 लाभुकों को प्रोत्साहित करने हेतु 200 रूपये प्रेरक को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा।
डीएम ने प्रेरक के लिए जीविका दीदी को रखने का निर्देश दिए। कोविड-19 के मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि के भुगतान की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 125 मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि प्रदान किया जा चुका है। डीएम ने सदर, बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर एवं जाले प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को अंचलाधिकारी के साथ बैठकर शेष मृतकों के आश्रितों को चिन्ह्ति करते हुए शीघ्र ही मुआवजा राशि का भुगतान करा देने के निर्देश दिये। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन प्रखण्डों में कोविड मृतकों के ज्यादातर आश्रितों का अनुदान भुगतान लंबित है उनमें सदर प्रखण्ड के 38, बहादुरपुर प्रखण्ड के 24, एवं हायाघाट प्रखण्ड के 07, जाले प्रखण्ड के 06, बेनीपुर प्रखण्ड के 04 तथा तारडीह प्रखण्ड के 02, कोविड मृतक के आश्रितों का भुगतान लंबित है। बैठक में बताया गया कि जिले में प्रत्येक चौथे शनिवार को टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कैम्प का भी आयोजन टीकाकरण केन्द्र पर किया जाना है। इसलिए इसकी भी व्यवस्था कर ली जाए।
August 27, 2021

26.08.2021 (दरभंगा) : दरभंगा, समाहरणालय अवस्थित अम्बेदकर सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत)-सह-जिला दण्डाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम व वरीय पुलिस अधीक्षक बाबूराम की संयुक्त अध्यक्षता में सभी अनुमण्डल पदाधिकारी/अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं सभी थानाध्यक्ष के साथ पंचायत चुनाव, 2021 के दौरान विधि-व्यवस्था बनाये रखने तथा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने को लेकर बैठक आयोजित की गयी।
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि हर गाँव व टोला का सर्वें कर थानाध्यक्ष अपराधिक एवं असामाजिक तत्वों को चिन्ह्ति कर लें। इसके लिए पूर्व के चुनाव इतिहास का भी अध्ययन कर लें और जो भी अपराधिक प्रवृति के चुनाव में व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्ति हैं, उन्हें चिन्ह्ति कर लें और त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उनके विरूद्ध भा0द0वि0 की धारा - 107 में कार्रवाई की जाए। उनके नाम गुंडा पंजी में दर्ज कर, चुनाव के दौरान उन्हें लगातार थाना में पेरेड कराया जाए। साथ ही गंभीर अपराधिक प्रवृति वालों के विरूद्ध सी.सी.ए.- 03 एवं सी.सी.ए.- 12 में थाना बाद व जिला बदर के लिए प्रस्ताव दे दें। सभी संवेदनशील गाँव एवं टोलों को चिन्ह्ति कर लिया जाए। इसके लिए थाना स्तर पर कैम्प किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व का इतिहास है कि पंचायत चुनाव के दौरान शराब का वितरण एवं उपयोग व्यापक पैमाने पर किया जाता है। इसलिए शराब माफियाओं की चिन्ह्ति करते हुए उनकी सूची बना ली जाए और उनके नाम भी गुंडा पंजी में दर्ज कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि 29 सितम्बर को बेनीपुर एवं अलीनगर से पंचायत चुनाव प्रारंभ होकर 12 दिसम्बर तक चलेगा। पूर्व से गुंडा सूची में नाम दर्ज रहने पर चुनाव के दिन उन्हें थाना पर निवारक निरोध (Preventive Detention) किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान चुनाव वाले क्षेत्र में कोई भी जुलूस, आम सभा या बैठक बिना निर्वाची पदाधिकारी की अनुमति के नहीं होगी तथा कहीं भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग अनुमण्डल दण्डाधिकारी के आदेश के बिना नहीं किया जाएगा। साथ ही रात्रि 10ः00 बजे से सुबह 06ः00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र पर प्रतिबंध यथावत् लागू रहेगा। किसी भी उम्मीदवार के द्वारा चुनाव के दौरान धर्म, जाति, धार्मिक स्थल का प्रयोग या धार्मिक भावना भड़काने वाला प्रचार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवार को नुक्कड़ सभा से पूर्व संबंधित थाना को सूचना देना होगा।
इनका उल्लंघन होने पर थाना स्तर से संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। मतदान प्रारम्भ होने के 48 घंटे पूर्व प्रचार बंद हो जाएगा। चुनाव के दौरान कोविड-19 के लिए जारी गाइडलाइन का अनुपालन शत्-प्रतिशत् किया जाएगा। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि वैसी विकास योजना, जो पूर्व से स्वीकृत है चलती रहेगी तथा वैसे लाभार्थी जो पूर्व से चयनित हैं, उन्हें राशि दी जा सकेगी। चुनाव के दौरान नयी योजना नहीं ली जाएगी। योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन नहीं होगा, लेकिन आपदा से संबंधित कार्य पर कोई रोक नहीं रहेगा। उन्होंने सरकारी कर्मियों को निष्पक्ष आचारण रखने तथा निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश दिया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारी को अपराधिक एवं असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही शस्त्र सत्यापन, शराब एवं आर्म्स की बरामदगी मामले में शीघ्र कार्रवाई, अपराधिक प्रवृति के लोगो को चिन्ह्ति करते हुए गुंडा पंजी में नाम दर्ज करने तथा उनके विरूद्ध भा द वि की धारा 107 एवं सी.सी.ए. -3/12की कार्रवाई करने के निर्देश दिये। हथियार सत्यापन के दौरान हथियार के लिए कितनी गोलियां ली गयी हैं तथा वर्तमान में कितनी गोली है, इसका भी सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने हथियार की दुकानों का भी सत्यापन करने का निर्देश दिया और निरोधात्मक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिये। हर गाँव, हर गली में जाकर असामाजिक तत्वों को चिन्ह्ति करने, शराब माफियाओं को चिन्ह्ति करने, उनके यहाँ छापामारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जिनके क्षेत्र में कार्रवाई कम होगी और चुनाव के दौरान किसी प्रकार की घटना घटने पर उनसे जबाव-तलब किया जाएगा और कार्रवाई भी होगी। उन्होंने सभी नाका को 27 अगस्त 2021 से ही चालू कर वाहनों की चेकिंग प्रारंभ कर देने के निर्देश दिये। गैर-जमानतीय वारंट वाले अपराधियों को 10 दिन के अन्दर गिरफ्तार करने के निर्देश दिये। साथ ही अपने क्षेत्र के मतदान केन्द्रों का सत्यापन भी कर लेने को कहा। बैठक में आदर्श आचार संहिता के नोडल पदाधिकारी-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि नामांकन के दौरान निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय से 100 मीटर की दूरी तक उम्मीदवारों के लिए सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ग्राम पंचायत सदस्य एवं पंच के लिए प्रचार हेतु वाहन की अनुमति नहीं होगी। निर्वाची पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त जुलूस के मार्ग एवं समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा। प्रचार के दौरान किसी उम्मीदवार को ठेस पहुंचाने वाला वक्तव्य नहीं दिया जाएगा ना ही किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग किया जाएगा तथा धार्मिक भावना वाला प्रचार नहीं किया जाएगा। यह चुनाव राजनीतिक दल पर आधारित नहीं है इसलिए किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी राजनीतिक दल का चुनाव चिन्ह या झंडा का प्रयोग नहीं किया जाएगा। निर्वाची पदाधिकारी के अनुमति के बिना कोई भी सभा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा न ही कोई जुलूस निकाला जा सकेगा। प्रचार के दौरान असत्यापित आरोप किसी भी उम्मीदवार के विरुद्ध पर नहीं लगाया जाना है, प्रचार में ना ही किसी के घरेलू मामले को लाया जाएगा न ही किसी के नीजता के अधिकार का उल्लंघन किया जाएगा।
बैठक में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी सदर अनोज कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी अजय कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अलोक राज एवं संबंधित पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
August 27, 2021

26.08.2021 (दरभंगा) : बिहार सरकार के गृह विभाग, बिहार, पटना से निर्गत आदेश के अनुसार दिनांक 25 अगस्त 2021 को आपदा प्रबंधन समूह (CMG) की बैठक में राज्य में कोरोना के संक्रमण की स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु लागू प्रतिबंधों को शिथिल करने की प्रकिया को जारी रखते हुए दिनांक 26 अगस्त 2021 से 25 सितम्बर 2021 तक प्रतिबंधों को निम्न रूपरेखा को गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र में उल्लेखित कोविड अनुकूल व्यवहार संबंधित National Directives For COVID-19 Management के अनिवार्य अनुपालन के साथ लागू करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के उपरोक्त आदेश के आलोक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत सम्पूर्ण जिला अन्तर्गत निम्नांकित निषेधाज्ञा दिनांक - 26 अगस्त 2021 से 25 सितम्बर 2021 तक जारी किया गया हैं।
01. सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुल सकेंगे। दुकानों/प्रतिष्ठानों का संचालन निम्नलिखित शर्तों के साथ किया जाएगा। ● दुकानों/प्रतिष्ठानों में सभी के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ● दुकानों/प्रतिष्ठानों के काउन्टर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों के लिए उपयोग हेतु सैनिटाईजर की व्यस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। ● दुकान एवं प्रतिष्ठान परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मानकों (2 गज की दूरी) का अनुपालन किया जाएगा, जिसके लिए सफेद वृत चिन्हित किए जाएंगे। ● दुकानों/प्रतिष्ठानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों का ही कार्य करने की अनुमति होगी। ● सभी दुकानों/प्रतिष्ठानों को अपने यहां कार्यरत कर्मियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना होगा तथा उनकी विवरणी सहित सूची संधारित करनी होगी। उपर्युक्त शर्तो का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
02. सभी प्रकार के कॉलेज एवं तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा विद्यालय - पहली से बारहवी कक्षा तक के लिए - सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे। ऑनलाईन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था के विकल्प को भी उपलब्ध रखा जाएगा। सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे। *कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय तथा अनुसूचित जाति/जनजाति आवासीय विद्यालय/कर्पूरी छात्रावासों का संचालन पूर्व की भाँति अनुमान्य होगा। राज्य सरकार के आयोगों, पर्षद, बोर्डों एवं अन्य समतुल्य संस्थानों तथा राज्य के विश्वविद्यालय/कॉलेजों/विद्यालयों द्वारा सभी प्रकार की परीक्षाएँ कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित की जा सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग, शैक्षणिक संस्थानाओं के व्यस्क छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए टीकाकरण की विशेष व्यवस्था यथावत जारी रखेगा। सभी कोचिंग संस्थान सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे। कोचिंग संस्थानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी। सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहाँ कार्यरत कर्मियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना होगा तथा उनकी विवरणी सहित सूची संधारित करनी होगी। शिक्षा विभाग द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार की जानकारी बच्चों को दी जायेगी, ताकि उनके माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक किया जा सके।
03. *सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन जिला प्रशासन की पुर्वानुमति तथा कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ किया जा सकेगा। इसके लिए निम्नरूप से आदेश/प्राधिकृत किया जाता है। ● सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन हेतु 500 तक की संख्या के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को स्थानीय थाना/सक्षम पुलिस पदाधिकारी की अनुशंसा पर आदेश निर्गत करने हेतु प्राधिकृत किया जाता है। ● जहाँ पर 500 से अधिक संख्या में आयोजन होगा, वहां पर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी की स्पष्ट अनुशंसा के आधार पर जिला दंडाधिकारी की अनुमति से होगा,जो आदेश जिला सामान्य शाखा द्वारा निर्गत होगा। परन्तु उपरोक्त दोनों मामले में भी पंचायत चुनाव, 2021 से संबंधित किसी भी कार्यक्रम के आयोजन में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देश मान्य होगा।
04. विवाह समारोहों का आयोजन कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ किया जा सकेगा, किन्तु इसमें डी.जे. एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी। विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को कम से कम 03 दिन पूर्व देनी होगी। अंतिम संस्कार/श्राद्ध कार्यक्रम भी कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SOP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित किये जा सकेंगे।
05. सभी पार्क एवं उद्यान सामान्य रूप से खुल सकेंगे। संबंधित पार्क का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि आगंतुकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाय।
06. सभी धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेंगे। संबंधित धार्मिक स्थल का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि वहाँ आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाय।
07. सभी प्रकार के सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन/खेल-कूद/शैक्षणिक/सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन जिला प्रशासन की पुनर्वानुमति तथा कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SOP) का अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित किये जा सकेंगे।
08. सिनेमा हॉल दर्शकों की कुल क्षमता की 50 प्रतिशत के उपयोग के साथ सामान्य रूप से खुल सकेंगे। सिनेमा हॉल का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि आगंतुक दर्शकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाय।
09. सभी शॉपिंग मॉल कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SOP) का अनिवार्य अनुपालन के साथ सामान्य रूप से खुल सकेंगे।
10. क्लब, जिम एवं स्विमिंग पूल कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ खुल सकेंगे। स्टेडियम (इंडोर सहित) स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खोले जा सकेंगे। किन्तु उपर्युक्त सुविधाओं का उपयोग केवल कोविड टीका (vaccinated) व्यक्तियों के लिए अनुमान्य होगा। संबंधित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोथिंड टीका ले चुके हो। संबंधित प्रतिष्ठान का प्रबंधन यह भी सुनिश्चित करेगा कि आगतुकों द्वारा सोशल डिस्टंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविंड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाए।
11. रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानों का संचालन आगंतुकों की बैठने की कुल क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत उपयोग की अनुमति के साथ अनुमान्य होगा। संबंधित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोविड टीका ले चुके हो।
12. देश के जिन राज्यों से अधिक संख्या में कोरोना के मामलों की सूचना प्राप्त हो रही है अथवा डेल्टा प्लस वैरिएण्ट के मामले सामने आ रहे है, उन राज्यों से आने वाले यात्रियों की जाँच हेतु स्वास्थ्य विभाग (सिविल सर्जन, दरभंगा) द्वारा विशेष व्यवस्था की जायेगी। ऐसे राज्यों से वायुयान/रेल/ट्रकों एवं अन्य वाहनों के माध्यम से राज्यों में प्रवेश करने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से राज्य की सीमाओं/रेलवे स्टेशनों एवं हवाई अड्डों पर रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से जाँच करायी जायेगी। इस जाँच में वैसे व्यक्ति मुक्त रहेंगे, जिनके पास विगत 72 घण्टे का आर.टी.पी.सी.आर. निगेटिव जाँच रिपोर्ट उपलब्ध हो। निम्नांकित प्रावधान पूर्ववत् लागू रहेंगे।
13. सभी सरकारी कार्यालय एवं गैर-सरकारी कार्यालय प्रतिदिन सामान्य रूप से खुल सकेंगे। सरकारी कार्यालयों में केवल कोविड टीका प्राप्त (Vaccinated) आगंतुकों का प्रवेश अनुमान्य होगा। न्यायिक प्रशासन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावी होगा।
14. सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के 100 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति रहेगी। किन्तु खड़े होकर तथा बस की छत पर बैठकर यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
15. सार्वजनिक एवं निजी वाहनों में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इनका पालन नहीं करने पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
16. कोरोना के तीसरे लहर के आगमन की संभावनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह द्वारा स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जायेगी। सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबधित कोविड अनुकूल व्यवहार का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जायेगा और जिला प्रशासन द्वारा कड़ाई से अनुपालन भी कराया जायेगा।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देश दिया कि भीड़-भाड़ वाले स्थलों, यथा- सब्जी मंडी, बाजार आदि तथा सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार तथा अद्यतन मानक संचालन प्रकिया (SoP) का सख्त अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी स्थान/बाजार प्रतिष्ठान में निरंतन निदेशों के उपरान्त भी उपर्युक्त का अनुपालन नहीं किया जा रहा हो उन्हें स्थायी रूप से बंद करने के साथ अन्य सख्त कार्रवाई करेंगे। विभिन्न अनुमान्य गतिविधियों हेतु भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट मानक संचालन प्रक्रियाओं (SoPs) के संबंध में गृह विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। उपरोक्त आदेशों का अनुपालन सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/सभी अंचलाधिकारी/सभी पुलिस निरीक्षक/सभी थानाध्यक्ष, दरभंगा जिला अपने स्तर से सुनिश्चित करायेंगे। आदेश का उल्लंधन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 एवं भा.द.वि. की धारा 188 के प्रावधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
August 27, 2021

25.08.2021 (दरभंगा) : विगत दिनों डबल्यू आई टी. के परिप्रेक्ष्य में इस संस्थान की प्रवेश परीक्षा बिहार सरकार के बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (बीसीईसीई) के अधीन संबंधी ऐतिहासिक निर्णय को लेकर विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लाष के साथ प्रतिनिधिमंडल विभाग संयोजक सुमित सिंह के नेतृत्व में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेन्द्र प्रताप सिंह से मिलकर उनको बुके देकर, लड्डू खिलाकर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ज़िला संयोजक सह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ महासचिव उत्सव पराशर ने कहा कि डब्ल्यू आई टी. जो कि नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है, इसके सुदृढ़ीकरण को लेकर लगातार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संघर्षशील रहा है, एवं इस संघर्ष के शुरूआत से लेकर पूर्वोत्तर भारत के प्रथम छात्रा संसद का सफल आयोजन कर इसके विसंगतियों को दूर कर सुढृढीकरण सहित WIT को नारी सशक्तिकरण का प्रतिक मिथिला की बेटी मां जानकी के नाम पर देश का पहला महिला आई.आई. टी. बनाने का प्रस्ताव पारित कर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, बिहार के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं संबंधित विभाग के प्रधान सचिवों को मेल एवं रजिस्ट्रर्ड डाक के माध्यम से पत्र प्रेषित इसकी जानकारी दी थी एवं इसके सुढृढीकरण की बात रखी थी। इस आलोक में विश्वविद्यालय क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी माँगों का ज्ञापन दिया था। परिणामस्वरूप कुलपति ने बिहार सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया जिसका प्रतिफल आज डबल्यू आई टी का प्रवेश परीक्षा बीसीईसीई के माध्यम से होगा जो छात्रा समाज के लिए सुखद है। साथ ही विद्यार्थी परिषद के शिष्टमंडल ने कुलपति को ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया की छात्रा संसद में पारित प्रस्ताव एवं विद्यार्थी परिषद का मांग डब्ल्यू आई टी को देश का पहला महिला आईआईटी जानकी के नाम पर बनाने हेतु छात्रा संसद में पारित प्रस्ताव एवम विद्यार्थी परिषद द्वारा दिए गए ज्ञापन के आलोक में विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य एवम केंद्र सरकार को अपने स्तर से भी प्रस्ताव भेजे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में नगर छात्रा प्रमुख अभिलाषा कुमारी, नगर कार्यसमिति सदस्य वागीश कुमार झा, रवि यादव, अनुपम आनन्द, शशि भूषण कुमार, राघव आचार्य आदि उपस्थित थे।