February 20, 2022

19.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में डीएम राजीव रौशन व जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती रेणु देवी की संयुक्त अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति, मानव व्यापार विरोधी समिति, चाईल्ड लाईन एडवाइजरी बोर्ड व बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित जिले के विभिन्न स्टेक होल्डर्स के साथ मैराथन बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न मुद्दो यथा :- किशोर न्याय परिषद में मामलों की स्थिति, बाल कल्याण समिति, पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के कार्यों की समीक्षा तथा गैर संस्थागत संचालित विभिन्न योजनाओं यथा :- परवरिश योजना, बाल सहायता योजना, पी.एम. केयर्स फंड, प्रायोजन एवं देखरेख योजना, स्ट्रीट चिल्ड्रेन योजना आदि के साथ-साथ पुलिस विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा आदि के साथ समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक की संचालन करते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नेहा नुपूर ने डीएम को पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह परिसर की सुरक्षा व परिसर के बाहरी दीवार का अतिक्रमण, कचरा उठाव की व्यवस्था आदि से अवगत कराया गया। जिसपर डीएम ने निर्देश दिया कि गृह परिसर की दीवार को ऊँचा करने का, तार लगाने हेतु भवन निर्माण विभग से कराया जाए।
इसके साथ ही कचरा उठाव आदि समस्या को लेकर नगर निगम को निदेशित करने तथा अगली बैठक में उन्हें शामिल करने का निर्देश दिया गया। कोविड-19 से मृत परिवार के बच्चों को संरक्षण हेतु चिकित्सा विभाग से तथा आपदा प्रबंधन से समन्वय बनाने का निर्देश दिया। इसके आलावा आपदा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गृह में आवासित किशोरों को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं आपदा से बचाव हेतु प्रशिक्षण दिलाने की बात कही। उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आई.सी.डी.एस.) को परवरिश योजना में तेजी लाने एवं बाल संरक्षण समिति की बैठक प्रखण्डवार नियमित रूप से करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति, चाईल्ड लाईन आदि से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिये। डीएम ने शिक्षा विभाग से आर.टी.ई. के तहत कमजोर वर्ग के लिए 25 प्रतिशत् रिजर्वेशन से संबंधित रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा जिला परिषद अध्यक्ष को देने का निदेश दिया। साथ ही बाल गृह के बच्चों व अन्य कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन निजी स्कूलों मे सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सचिव विधिक सेवा प्राधिकार जावेद आलम, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक, डी.एम.सी.एच., पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय अमित कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नुपूर, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा नेहा कुमार, डी.पी.ओ. (आई.सी.डी.एस.), बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सभी सदस्य, किशोर न्याय परिषद के सदस्य, चाईल्ड लाईन की टीम तथा विभिन्न गृहों के कर्मी मौजूद थे।
February 20, 2022

18.02.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला सामान्य शाखा की संचिका डिजिटल हस्ताक्षर से अनुमोदित कर ई-ऑफिस का शुभारंभ किया। उन्होंने सर्वप्रथम जिला सामान्य शाखा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से अपने वरीय पदाधिकारी उप विकास आयुक्त, दरभंगा को अपने प्रस्ताव एवं संबंधित पत्र के साथ संचिका प्रेषित किया था। उप विकास आयुक्त, दरभंगा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से जिलाधिकारी, दरभंगा को अपने मंतव्य के साथ संचिका अनुमोदनार्थ एवं हस्ताक्षरार्थ भेजा गया था, उसे जिलाधिकारी द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से ही डिजिटल हस्ताक्षर करते हुए संचिका को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही दरभंगा समाहरणालय में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य प्रारंभ हो गया। अब जिला सामान्य शाखा की सभी संचिकाएँ एवं पत्र ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इस अवसर पर डीएम ने उपस्थित मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब सभी नयी संचिका ई-ऑफिस के माध्यम से खोली जाएगी। और उसपर जो भी निर्णय होंगे, वह भी ई-ऑफिस के माध्यम से होगा। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही बेहतर पहल है। बिहार सरकार द्वारा भी सचिवालय स्तर पर भी ई-ऑफिस के माध्यम से संचिका का निष्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यालय कार्य सम्पन्न करने की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी। साथ ही यह देखा जा सकेगा कि संचिका किस स्तर पर है, इससे अनुश्रवण में भी काफी सहुलियत मिलेगी एवं संबंधित पदाधिकारी को निर्णय लेना भी आसान होगा। इस प्रणाली से कोई भी पदाधिकारी किसी जगह से संचिका का निष्पादन कर सकते हैं, यानि उसकी संचिका एक क्लिक में उसके मोबाईल पर उपलब्ध होगी।
पदाधिकारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए अपनी टिप्पणी एवं सुझाव देते हुए वरीय पदाधिकारी को संचिका अग्रसारित किया जा सकेगा या उन्हें लगता है कि इसमें दुबारा कोई संशोधन आवश्यक है, तो पुनः वापस संचिका वापस भेजी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस में बहुत सारी फीचर्स डाली गयी है, जो संचिका निष्पादन के लिए आवश्यक है। वास्तव में देखा जाए तो यह क्रांतिकारी बदलाव होगा। जहाँ से हम पूर्ण डिजिटाईजेशन की ओर बढ़ेंगे और पेपर लेस ऑफिस की धारणा को हम आगे ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी यह अच्छी पहल है। इसमें समय की भी बचत होगी और संचिका का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन होगा। उन्होंने इस प्रणाली को संस्थापित करने के लिए कार्य करने हेतु जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिला सामान्य शाखा के साथ धीरे-धीरे समाहरणालय के सभी कार्यालय ई-ऑफिस से जुड़ेंगे और इसके उपरान्त अनुमण्डल तथा प्रखण्ड कार्यालय को भी जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सामान्य शाखा के प्रभारी-सह-वरीय उप समाहर्त्ता टोनी कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं आई.टी. प्रबंधक संजय कुमार सहनी उपस्थित थे।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : अपर समाहर्त्ता(लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मुख्यमंत्री, बिहार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सरकार द्वारा परिवादों के सम्यक निस्तारण/निवारण सुनिश्चित कराने के प्रयोजनार्थ परिवाद निस्तारण की प्रणाली विकसित की गई है जिसमें आमजनों को निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) के अंदर उनके द्वारा दायर वादों को निराकरण किया जाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस अधिनियम के तहत दायर वादों को आम आवेदन की तरह व्यवहार में लाते हुये निर्धारित अवधि के बजाए बिलंब से प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोक प्राधिकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण परिवादों का सम्यक/सार्थक निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिस कारण अनुमण्डल, जिला स्तर पर भी कई मामलें विस्तारित हो रहे हैं। विदित है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर वादों के परिवादी "जनता के दरबार मुख्यमंत्री कार्यक्रम" में जाते हैं, जहाँ लोक शिकायत निवारण के तहत दर्ज मामलों में पारित आदेश का अवलोकन स्वंय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा किया जाता है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में उन्होंने दरभंगा जिला के सभी लोक प्राधिकारों से कहा है कि मुख्यमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना को सफल बनाने में सहभागिता देते हुये बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत दायर वादों में निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) में सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध करायें, ताकि परिवादों का ससमय निराकरण/निवारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग/सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित लोक प्राधिकार के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा वरीय पदाधिकारियों/ विभाग से की जा सकती है।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : जिला में भारत सरकार की विशिष्ट पहचान पत्र UDID CARD परियोजना के अन्तर्गत ऑफलाइन पंजीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्गत आदेशानुसार 01 अप्रैल 2021 से ऑफलाइन दिव्यांग का प्रमाण पत्र मान नहीं किए जाएंगे। 01 अप्रैल के उपरांत केवल ऑनलाइन सत्यापित दिव्यांग का प्रमाण पत्र ही मान्य है। ज्ञातव्य है कि जनगणना 2018 के अनुसार दरभंगा जिला में कुल 70,465 दिव्यांगजनों की संख्या है, जिनमें से 54,407 दिव्यांगता प्रमाणीकृत दिव्यांगजन है, इन प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों में लगभग 5,181 दिव्यांगजनों का UDID CARD बनवाया जा चुका है। शेष 49,226 प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाना आवश्यक है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा अगस्त 2022 तक सभी दिव्यांगों का UDID प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय से प्राप्त निर्देश के अनुपालन में दिव्यांगजनों के UDID CARD बनाने हेतु दरभंगा जिला में प्रखण्डवार 21 फरवरी 2021 से 16 मार्च 2022 तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त के आलोक में डीएम राजीव रौशन द्वारा नगर आयुक्त, नगर निगम दरभंगा एवं असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देशित किया गया है कि दरभंगा जिला के सभी प्रखण्डों में दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किया जाना है।
डी.एम.सी.एच(कर्पूरी चौक के पास ग्राउंड में), दरभंगा में 21 फरवरी 2022 को विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही दरभंगा नगर निगम, दरभंगा एवं सदर प्रखण्ड में 22 फरवरी को, बहेड़ी प्रखण्ड में 23 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखण्ड में 24 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान प्रखण्ड में 25 फरवरी को, बिरौल प्रखण्ड में 26 फरवरी को, गौड़ाबौराम प्रखण्ड में 28 फरवरी को, किरतपुर प्रखण्ड में 02 मार्च को, घनश्यामपुर प्रखण्ड में 03 मार्च को, बेनीपुर प्रखण्ड में 04 मार्च को, अलीनगर प्रखण्ड में 05 मार्च तारडीह प्रखण्ड में 07 मार्च को, मनीगाछी प्रखण्ड में 08 मार्च को, केवटी प्रखण्ड में 09 मार्च को, जाले प्रखण्ड में 10 मार्च को, सिंहवाड़ा प्रखण्ड में 11 मार्च को, हनुमाननगर प्रखण्ड में 12 मार्च को, बहादुरपुर प्रखण्ड में 14 मार्च को एवं हायाघाट प्रखण्ड में 16 मार्च 2022 को शिविर का आयोजन किया गया है। असैनिक शल्य चिकित्सक -सह-जिला प्रशासक, UDID को सभी प्रकार के दिव्यांगों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित कराने हेतु उक्त शिविर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति (मोहर एवं स्टांप पैड के साथ) करने का आदेश दिया गया है, जिससे दिव्यांगता प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत निर्गत किया जा सके। इसके साथ ही UDID CARD की ऑनलाइन इंट्री हेतु सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने स्तर से निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे कि शिविर में ही प्रमाण पत्रों का वितरण करेंगे या जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के कर्मी को उपलब्ध करा देंगे।
UDID CARD हेतु सभी दिव्यांगों से आवश्यक दस्तावेज के रूप में निम्नलिखित दस्तावेज की मांग की गयी है - दिव्यांगता का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आवास प्रमाण पत्र की छाया प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो एवं हस्ताक्षर का नमूना। डीएम द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन संध्या 4:30 बजे तक अपना प्रतिवेदन जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, दरभंगा को प्रतिवेदन करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि शिविर स्थल पर पेयजल, प्राथमिक उपचार एवं सुरक्षा आदि की व्यवस्था हेतु थानाध्यक्ष एवं संबंधित कार्यालय को अपने स्तर से सूचित करेंगे साथ ही शिविर हेतु प्रचार प्रचार कराना सुनिश्चित करेंगे।
February 20, 2022

14.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में सांसद गोपाल जी ठाकुर की अध्यक्षता में तथा मधुबनी के सांसद अशोक कुमार यादव, हायाघाट के विधायक रामचन्द्र प्रसाद, बेनीपुर के विधायक विनय कुमार चौधरी, कुशेश्वरस्थान के विधायक अमन भूषण हजारी, महापौर श्रीमती मुन्नी देवी, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेणू देवी की उपस्थिति में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में गत बैठक 26 दिसम्बर 2020 की कार्यवाही के बिन्दु पर समीक्षा की गयी। रेलवे ओवर ब्रीज के संबंध में रेलवे के वरीय पदाधिकारी ने बताया कि 07 आर.ओ.बी. का डी.पी.आर. पुल निर्माण निगम द्वारा रेलवे को उपलब्ध कराया गया है, जो प्रक्रियाधीन है। दरभंगा जिले के विभिन्न पुल एवं सड़कों के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंतागण द्वारा दिया गया। सांसद ने कहा कि दरभंगा के सभी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा का विस्तार हो, एक राजधानी एक्सप्रेस को दरभंगा से जोड़ा जाए, लहेरियासराय स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव हो, पर्यटन के विकास के लिए जगदम्बा हाल्ट, नवादा बनाया जाए, लहेरियासराय आदर्श स्टेशन की सूची में सम्मलित हो, यह प्रस्ताव रेलवे को प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का उद्घाटन व शिलान्यास की पूर्व सूचना उन्हें निश्चित रूप से उन्हें उपलब्ध कराया जाए। विभिन्न सड़कों के निर्माण के संबंध में बताया गया कि सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। आमस-दरभंगा सड़क में दरभंगा में 22 किलोमीटर में सड़क निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा की बरूना-रसियारी पथ का अधूरा निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करवाने की जरूरत है।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों से संबंधित विगत बैठक में उठाई गयी आपत्तियों का भी संबंधित विभाग द्वारा अनुपालन प्रतिवेदन दिया गया। मनरेगा के संबंध में उप विकास आयुक्त-सह-प्रभारी जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 82.91 लाख मानव दिवसों का सृजन किया गया है, जो विगत वर्ष की तुलना में 19.59 लाख अधिक है। उन्होंने कहा कि 40,637 योजनाएँ मनरेगा के अन्तर्गत पूरी कर ली गयी हैं। मनरेगा की कार्यों की निगरानी एरिया ऑफिसर एप के माध्यम से की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संबंध में बताया गया कि 01 लाख 71 हजार आवास निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। आवास प्लस योजना के तहत 03 वर्षों के लिए 50 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। लाभुकों के नाम वर्ष 2018 में ही जोड़े गये थे। 28 फरवरी को माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा दरभंगा के 17 हजार लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। स्वच्छ भारत योजना के अन्तर्गत 50 पंचायतों का चयन तरल व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए किया गया है। बैठक में जल मीनार से जल आपूर्ति नहीं किये जाने की जानकारी विधायक, कुशेश्वरस्थान द्वारा दिया गया। सांसद द्वारा पीएचईडी के सभी पानी टंकी की जाँच करवाने के निर्देश दिये गये। कृषि विभाग की योजनाओं के संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 16 ई-किसान भवन कार्यरत हैं।
फसल क्षति योजना का मुआवजा किसानों के खाते में उपलब्ध कराया जा चुका है। धान अधिप्राप्ति के संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 35 हजार मैट्रिक टन अधिप्राप्ति करने के लक्ष्य के विरूद्ध 31 हजार मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गयी है। जिले में जिला सहकारिता बैंक खुलवाने हेतु सरकार को प्रस्ताव प्रेषित कर देने की जानकारी प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा दी गयी। सांसद द्वारा बिरौल के परड़ी में रेफरल अस्पताल खुलवाने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान भारत के संबंध में बताया गया कि 03 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। जिले में 45 हेल्थ एवं वेलनेश सेन्टर चल रहा है। मिथिला स्नातकोत्तर शोध केन्द्र के 62 एकड़ जमीन, आयुर्वेदिक कॉलेज के 32 एकड़ जमीन की तहकिकात कर लेने के निर्देश राजस्व विभाग को दिया गया। वैसे उच्च विद्यालय जो जर्जर है तथा जिनमें चाहरदीवारी नही है, उनके जीर्णोद्वार हेतु सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। राष्ट्रीय मखाना केन्द्र को पुर्नजीवित करने हेतु प्रस्ताव सरकार को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। मिर्जापुर गौशाला की जमीन की पैमाईस कराकर अतिक्रमित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिये गये। खादी भंडार, बिरौल की जमीन को भी अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिये गये। एम्स की जमीन पर मिट्टी भराई के कार्य में तेजी लाने एवं चाहरदिवारी निर्माण कार्य शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया। दरभंगा आकाशवाणी रेडियो स्टेशन की क्षमतासम्बर्द्धन के लिए भारत सरकार के दुरसंचार विभाग को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। दरभंगा हवाई अड्डा के शेष रनवे का शीघ्र निर्माण करवाने हेतु संबंधित एजेंसी को निर्देश देने का प्रस्ताव दिया गया। हराही पोखर के सौंदर्यीकरण का डी.पी.आर. बनाने हेतु नगर निगम को निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक गणेश कुमार उप निदेशक जन संपर्क सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।