February 20, 2022

19.02.2022 (दरभंगा) : शहर के जीएम रोड में घटित अमानवीय घटना में नामजद आरोपी शिव कुमार झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उक्त बात की जानकारी देते हुए प्रभारी एसएसपी अशोक कुमार प्रसाद ने बताया की घटना के बाद शिव कुमार झा नेपाल भाग गया था। पुलिस के टेक्निकल टीम के सहयोग से उसे मधुबनी जिला के साहरघाट से गिरफ़्तार किया गया है।
प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी ने बताया की 10 तारीख को घटना घटी थी उसमे एक नामजद और चालीस अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई थी जिसमे नामजद अभियुक्त शिव कुमार झा को गिरफ्तार किया गया है। अज्ञात में से 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने बताया की जो लोग भी चिन्हित हुए है उनकी गिरफ्तारी होगी। उन्होंने बताया की पूछ ताछ में कुछ और नाम आये है लेकिन इन्वेस्टीगेशन का हिस्सा है जल्द ही खुलासा हो जायेगा। उन्होंने बताया की इस घटना में दोषियों को गिरफ्तारी कर अनुसंधान जल्द से जल्द पूरा कर स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाने के लिए साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किया जायेगा। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया की जिला स्तर पर भू माफियाओं की सूचि तैयार की जा रही है। सभी थानाध्यक्षों को सूचि बनाने के लिए निर्देश दिया गया है। सूचि के आधार पर ऐसे लोग जिनसे समाज के लोगो को डर है, मन में भय व्याप्त है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है की 10.02.2022 को जीएम रोड निवासी निक्की झा के घर पर भू माफियाओं द्वारा बुलडोजर चलाया गया। ज्वलनशीलशील पदार्थ से आग लगा दिया गया जिसमे उनके भाई बहन सहित गर्भ में पल रहे मासूम की मौत इलाज के दौरान हो गयी। दिल दहला देने वाली इस घटना से पुरे शहरवासी का मन कुंठित हो गया। पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगे। कई संगठनो ने विरोश प्रदर्शन किया जिसमे कई आमजन भी शामिल हुए।
भाकपा(माले), इंसाफ मंच, आइसा नेताओ ने कहा कि आज बिहार के अंदर भाजपा-जदयू - भूमाफिया गठजोड़ की सरकार चल रही हैं। भूमाफिया को सत्ता सरकार व जिला प्रशासन का खुलेआम संरक्षण मिल रहा हैं। जिसके चलते ही देर शाम में ही एक परिवार को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
MSU के सदस्यों ने कहा की जिस पुलिस प्रशासन पर खुद सवाल उठ रहे हैं, वह पुलिस खुद क्या जांच करेगी। इस घटना की जांच आईजी - डीआईजी एवं बिहार डीजीपी खुद मोनिटरिंग कर करें कांड का पर्दाफाश।
दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने इस घटना पर डीजीपी से मामले में सीबीआई जांच कराने का भी मांग किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने, भरण पोषण के लिए सरकारी नौकरी एवं भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसको देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा की अपराधी कितना भी रसूखदार हो बख्शा नहीं जाएगा।
ABVP के विभाग संयोजक सुमित सिंह ने कहा की इस विभिषक मामले की सीबीआई से जांच कर दोषी को बीच चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए ताकि कोई दूसरा इस तरह की कुकृत्य करने की दुबारा हिम्मत ना करे क्योंकि अगर समय रहते अपराधियों पर लगाम ना लग पाया तो अन्य के जानमाल के साथ भी इस तरह की घटना दुहराने की भय बनी रहेगी। जब तक इंसाफ नहीं मिलती विद्यार्थी परिषद आंदोलनरत रहेगी।
पूर्व सांसद कीर्ति झा आजाद ने कहा की इस घटना में पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग पर बड़ा प्रश्न चिन्ह है, क्योंकि जिस समय यह घटना घट रही थी उस समय बिजली भी चली जाती है ये कैसा संजोग है। श्री आजाद ने कहा की इस घटना की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस के नेतृत्व में होनी चाहिए या कमिश्नर या आईजी लेवल से निचे नहीं होनी चाहिए। जांच की समय सीमा भी निर्धारित होनी चाहिए।
जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा की इस घटना की जांच टेक्निकल तरीके से बड़े लेवल पर हो। CBI इन्क्वायरी के लिए जरुरत होगी तो PIL फाइल करेंगे। मुख्यमंत्री से मिलेंगे भी मिलेंगे।
February 20, 2022

19.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में डीएम राजीव रौशन व जिला परिषद् अध्यक्ष श्रीमती रेणु देवी की संयुक्त अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति, मानव व्यापार विरोधी समिति, चाईल्ड लाईन एडवाइजरी बोर्ड व बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित जिले के विभिन्न स्टेक होल्डर्स के साथ मैराथन बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न मुद्दो यथा :- किशोर न्याय परिषद में मामलों की स्थिति, बाल कल्याण समिति, पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के कार्यों की समीक्षा तथा गैर संस्थागत संचालित विभिन्न योजनाओं यथा :- परवरिश योजना, बाल सहायता योजना, पी.एम. केयर्स फंड, प्रायोजन एवं देखरेख योजना, स्ट्रीट चिल्ड्रेन योजना आदि के साथ-साथ पुलिस विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा आदि के साथ समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक की संचालन करते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नेहा नुपूर ने डीएम को पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह परिसर की सुरक्षा व परिसर के बाहरी दीवार का अतिक्रमण, कचरा उठाव की व्यवस्था आदि से अवगत कराया गया। जिसपर डीएम ने निर्देश दिया कि गृह परिसर की दीवार को ऊँचा करने का, तार लगाने हेतु भवन निर्माण विभग से कराया जाए।
इसके साथ ही कचरा उठाव आदि समस्या को लेकर नगर निगम को निदेशित करने तथा अगली बैठक में उन्हें शामिल करने का निर्देश दिया गया। कोविड-19 से मृत परिवार के बच्चों को संरक्षण हेतु चिकित्सा विभाग से तथा आपदा प्रबंधन से समन्वय बनाने का निर्देश दिया। इसके आलावा आपदा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गृह में आवासित किशोरों को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं आपदा से बचाव हेतु प्रशिक्षण दिलाने की बात कही। उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आई.सी.डी.एस.) को परवरिश योजना में तेजी लाने एवं बाल संरक्षण समिति की बैठक प्रखण्डवार नियमित रूप से करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति, चाईल्ड लाईन आदि से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिये। डीएम ने शिक्षा विभाग से आर.टी.ई. के तहत कमजोर वर्ग के लिए 25 प्रतिशत् रिजर्वेशन से संबंधित रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा जिला परिषद अध्यक्ष को देने का निदेश दिया। साथ ही बाल गृह के बच्चों व अन्य कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन निजी स्कूलों मे सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सचिव विधिक सेवा प्राधिकार जावेद आलम, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक, डी.एम.सी.एच., पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय अमित कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नुपूर, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा नेहा कुमार, डी.पी.ओ. (आई.सी.डी.एस.), बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सभी सदस्य, किशोर न्याय परिषद के सदस्य, चाईल्ड लाईन की टीम तथा विभिन्न गृहों के कर्मी मौजूद थे।
February 20, 2022

18.02.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला सामान्य शाखा की संचिका डिजिटल हस्ताक्षर से अनुमोदित कर ई-ऑफिस का शुभारंभ किया। उन्होंने सर्वप्रथम जिला सामान्य शाखा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से अपने वरीय पदाधिकारी उप विकास आयुक्त, दरभंगा को अपने प्रस्ताव एवं संबंधित पत्र के साथ संचिका प्रेषित किया था। उप विकास आयुक्त, दरभंगा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से जिलाधिकारी, दरभंगा को अपने मंतव्य के साथ संचिका अनुमोदनार्थ एवं हस्ताक्षरार्थ भेजा गया था, उसे जिलाधिकारी द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से ही डिजिटल हस्ताक्षर करते हुए संचिका को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही दरभंगा समाहरणालय में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य प्रारंभ हो गया। अब जिला सामान्य शाखा की सभी संचिकाएँ एवं पत्र ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इस अवसर पर डीएम ने उपस्थित मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब सभी नयी संचिका ई-ऑफिस के माध्यम से खोली जाएगी। और उसपर जो भी निर्णय होंगे, वह भी ई-ऑफिस के माध्यम से होगा। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही बेहतर पहल है। बिहार सरकार द्वारा भी सचिवालय स्तर पर भी ई-ऑफिस के माध्यम से संचिका का निष्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यालय कार्य सम्पन्न करने की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी। साथ ही यह देखा जा सकेगा कि संचिका किस स्तर पर है, इससे अनुश्रवण में भी काफी सहुलियत मिलेगी एवं संबंधित पदाधिकारी को निर्णय लेना भी आसान होगा। इस प्रणाली से कोई भी पदाधिकारी किसी जगह से संचिका का निष्पादन कर सकते हैं, यानि उसकी संचिका एक क्लिक में उसके मोबाईल पर उपलब्ध होगी।
पदाधिकारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए अपनी टिप्पणी एवं सुझाव देते हुए वरीय पदाधिकारी को संचिका अग्रसारित किया जा सकेगा या उन्हें लगता है कि इसमें दुबारा कोई संशोधन आवश्यक है, तो पुनः वापस संचिका वापस भेजी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस में बहुत सारी फीचर्स डाली गयी है, जो संचिका निष्पादन के लिए आवश्यक है। वास्तव में देखा जाए तो यह क्रांतिकारी बदलाव होगा। जहाँ से हम पूर्ण डिजिटाईजेशन की ओर बढ़ेंगे और पेपर लेस ऑफिस की धारणा को हम आगे ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी यह अच्छी पहल है। इसमें समय की भी बचत होगी और संचिका का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन होगा। उन्होंने इस प्रणाली को संस्थापित करने के लिए कार्य करने हेतु जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिला सामान्य शाखा के साथ धीरे-धीरे समाहरणालय के सभी कार्यालय ई-ऑफिस से जुड़ेंगे और इसके उपरान्त अनुमण्डल तथा प्रखण्ड कार्यालय को भी जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सामान्य शाखा के प्रभारी-सह-वरीय उप समाहर्त्ता टोनी कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं आई.टी. प्रबंधक संजय कुमार सहनी उपस्थित थे।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : अपर समाहर्त्ता(लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मुख्यमंत्री, बिहार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सरकार द्वारा परिवादों के सम्यक निस्तारण/निवारण सुनिश्चित कराने के प्रयोजनार्थ परिवाद निस्तारण की प्रणाली विकसित की गई है जिसमें आमजनों को निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) के अंदर उनके द्वारा दायर वादों को निराकरण किया जाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस अधिनियम के तहत दायर वादों को आम आवेदन की तरह व्यवहार में लाते हुये निर्धारित अवधि के बजाए बिलंब से प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोक प्राधिकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण परिवादों का सम्यक/सार्थक निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिस कारण अनुमण्डल, जिला स्तर पर भी कई मामलें विस्तारित हो रहे हैं। विदित है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर वादों के परिवादी "जनता के दरबार मुख्यमंत्री कार्यक्रम" में जाते हैं, जहाँ लोक शिकायत निवारण के तहत दर्ज मामलों में पारित आदेश का अवलोकन स्वंय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा किया जाता है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में उन्होंने दरभंगा जिला के सभी लोक प्राधिकारों से कहा है कि मुख्यमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना को सफल बनाने में सहभागिता देते हुये बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत दायर वादों में निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) में सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध करायें, ताकि परिवादों का ससमय निराकरण/निवारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग/सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित लोक प्राधिकार के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा वरीय पदाधिकारियों/ विभाग से की जा सकती है।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : जिला में भारत सरकार की विशिष्ट पहचान पत्र UDID CARD परियोजना के अन्तर्गत ऑफलाइन पंजीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्गत आदेशानुसार 01 अप्रैल 2021 से ऑफलाइन दिव्यांग का प्रमाण पत्र मान नहीं किए जाएंगे। 01 अप्रैल के उपरांत केवल ऑनलाइन सत्यापित दिव्यांग का प्रमाण पत्र ही मान्य है। ज्ञातव्य है कि जनगणना 2018 के अनुसार दरभंगा जिला में कुल 70,465 दिव्यांगजनों की संख्या है, जिनमें से 54,407 दिव्यांगता प्रमाणीकृत दिव्यांगजन है, इन प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों में लगभग 5,181 दिव्यांगजनों का UDID CARD बनवाया जा चुका है। शेष 49,226 प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाना आवश्यक है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा अगस्त 2022 तक सभी दिव्यांगों का UDID प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय से प्राप्त निर्देश के अनुपालन में दिव्यांगजनों के UDID CARD बनाने हेतु दरभंगा जिला में प्रखण्डवार 21 फरवरी 2021 से 16 मार्च 2022 तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त के आलोक में डीएम राजीव रौशन द्वारा नगर आयुक्त, नगर निगम दरभंगा एवं असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देशित किया गया है कि दरभंगा जिला के सभी प्रखण्डों में दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किया जाना है।
डी.एम.सी.एच(कर्पूरी चौक के पास ग्राउंड में), दरभंगा में 21 फरवरी 2022 को विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही दरभंगा नगर निगम, दरभंगा एवं सदर प्रखण्ड में 22 फरवरी को, बहेड़ी प्रखण्ड में 23 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखण्ड में 24 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान प्रखण्ड में 25 फरवरी को, बिरौल प्रखण्ड में 26 फरवरी को, गौड़ाबौराम प्रखण्ड में 28 फरवरी को, किरतपुर प्रखण्ड में 02 मार्च को, घनश्यामपुर प्रखण्ड में 03 मार्च को, बेनीपुर प्रखण्ड में 04 मार्च को, अलीनगर प्रखण्ड में 05 मार्च तारडीह प्रखण्ड में 07 मार्च को, मनीगाछी प्रखण्ड में 08 मार्च को, केवटी प्रखण्ड में 09 मार्च को, जाले प्रखण्ड में 10 मार्च को, सिंहवाड़ा प्रखण्ड में 11 मार्च को, हनुमाननगर प्रखण्ड में 12 मार्च को, बहादुरपुर प्रखण्ड में 14 मार्च को एवं हायाघाट प्रखण्ड में 16 मार्च 2022 को शिविर का आयोजन किया गया है। असैनिक शल्य चिकित्सक -सह-जिला प्रशासक, UDID को सभी प्रकार के दिव्यांगों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित कराने हेतु उक्त शिविर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति (मोहर एवं स्टांप पैड के साथ) करने का आदेश दिया गया है, जिससे दिव्यांगता प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत निर्गत किया जा सके। इसके साथ ही UDID CARD की ऑनलाइन इंट्री हेतु सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने स्तर से निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे कि शिविर में ही प्रमाण पत्रों का वितरण करेंगे या जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के कर्मी को उपलब्ध करा देंगे।
UDID CARD हेतु सभी दिव्यांगों से आवश्यक दस्तावेज के रूप में निम्नलिखित दस्तावेज की मांग की गयी है - दिव्यांगता का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आवास प्रमाण पत्र की छाया प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो एवं हस्ताक्षर का नमूना। डीएम द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन संध्या 4:30 बजे तक अपना प्रतिवेदन जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, दरभंगा को प्रतिवेदन करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि शिविर स्थल पर पेयजल, प्राथमिक उपचार एवं सुरक्षा आदि की व्यवस्था हेतु थानाध्यक्ष एवं संबंधित कार्यालय को अपने स्तर से सूचित करेंगे साथ ही शिविर हेतु प्रचार प्रचार कराना सुनिश्चित करेंगे।