February 09, 2022

09.02.2022 (दरभंगा) : बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस.के सिंघल तथा पुलिस, उत्पाद विभाग एवं खनन विभाग के आला अधिकारी गण, सभी प्रमंडल के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक/उप पुलिस महा निरीक्षक सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित पदाधिकारी ऑनलाइन जुड़े हुए थे।
बैठक में पुलिस महानिदेशक बिहार एवं अपर मुख्य सचिव मद्य निषेध द्वारा बिहार राज्य की विधि व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में बिहार के सभी थानों में दो-दो गश्ती वाहन उपलब्ध करा दिया गया है तथा गश्ती वाहन पर एक भी संविदा चालक नहीं रखा गया है। इसके लिए 1639 चालक सिपाहियों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जो फरवरी माह तक पूरी हो जाएगी। गश्ती में 12 हजार 111 अतिरिक्त बल लगाया गया है तथा सभी वाहनों में जीपीएस लगाया गया है। गश्ती ड्यूटी में खराब प्रदर्शन वाले बल के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जबकि अच्छे प्रदर्शन वाले को पुरस्कृत किया गया है। सीएम के निर्देशानुसार रात्रि गश्ती एवं पैदल गश्ती जारी है। पैदल गश्ती में 3170 पुलिस बल कार्यरत हैं। महिला पुलिस कर्मियों का सशक्तिकरण किया जा रहा है वर्तमान में कुल पुलिस बल में 26.8 प्रतिशत महिला सिपाही हैं, 16 प्रतिशत महिला अवर निरीक्षक, 750 महिला पुलिस पदाधिकारी पदस्थापित हैं। थानों को दैनिक कार्यों के लिए चक्रीय निधि उपलब्ध कराया जा रहा है, सभी थानों में महिला शौचालय बनवाया गया है। 656 थानों में दो सीटेड, 107 थानों में पांच सीटेड महिला शौचालय बनवाया गया है। जबकि 51 पुलिस केंद्र में 20 सीटेड महिला शौचालय एवं स्नानगार बनवाया गया है। 660 थानों में आगंतुक कक्ष बनवाया जा रहा है, 377 थानों के निर्मित आगंतुक कक्ष में फर्नीचर की भी व्यवस्था कर दी गयी है। 1251 थानों में से एक 1180 थानों में लैंडलाइन फोन लगवा दिया गया है। राष्ट्रीय औसत के अनुसार त्रिस्तरीय समिति द्वारा राज्य के में पुलिस बल के 96 हजार 607 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय औसत एक लाख जनसंख्या पर 195.39 पुलिस बल है, बिहार में 115.26 पुलिस बल है। वर्ष 2021 में 1557 कांडों में स्पीडी ट्रायल करवाया गया तथा 2631 लोगों को दोष सिद्ध करवाया गया अब ऑनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे हैं अभी तक 3 लाख 24 हजार 711 ऑनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किए जा चुके हैं। अपराधियों का डाटा अब ऑनलाइन दिखलाया जा रहा है वर्तमान में 7156 अपराधियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड है। वर्ष 2013 से अब तक 45 हार्डकोर आत्म समर्पित नक्सलियों का पुनर्वास करवाया जा चुका है। 26 हजार 802 थाना स्तर से, 1700 अनुमंडल स्तर से एवं 373 जिला स्तर से सुनवाई कर भूमि विवाद के मामले का निपटारा करवाया गया है।
जनवरी 2022 में भूमि विवाद निबटान को लेकर 4027 बैठक हुई हैं। 40 पुलिस जिला एवं चार रेल पुलिस जिलों में स्थापित 74 साइबर क्राइम और सोशल मीडिया इकाई (सीसीएसएमयू) केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। जहां सोशल मीडिया के माध्यम से किये जा रहे क्राइम का पता लगाकर निष्पादन किया जा रहा है।बैठक में बताया गया कि वर्तमान में एस टी एफ की 7 टीम कार्यरत है। विगत वर्ष के आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट है कि बिहार में हत्या, डकैती, चोरी, लूट, गृह भेदन, महिला अपराध, बलात्कार, महिला यौन उत्पीड़न, पति व उनके रिश्तेदार द्वारा प्रताड़ना के मामलों में काफी कमी आई है। ऑपरेशन प्रहार में 111 कंपनी एवं 45 प्लाटून बल कार्यरत हैं। शराबबंदी अभियान के तहत लगातार छापेमारी, जप्ती, नीलामी एवं राज्यसात की कार्रवाई की जा रही है।
सीएम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हत्या के 60 प्रतिशत मामले भूमि विवाद से जुड़े हुए होते हैं। इसलिए निर्धारित तिथि/दिन को थाना, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर निश्चित रूप से भूमि विवाद निष्पादन हेतु बैठक होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अब थाना के कार्य को दो भागों में बांट दिया गया है। पहला विधि व्यवस्था से संबंधित एवं दूसरा अनुसंधान से संबंधित। इसलिए अनुसंधान वाले बल को विधि व्यवस्था के कार्य में नहीं लगाया जाए।
रात्रि गश्ती, भोर में गश्ती एवं दिन की गश्ती पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। गश्ती के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले पुलिस को पुरस्कृत किया जायेगा। अगर कहीं कोई घटना घट जाती है तो उसके अनुसंधान में विलंब न हो और एक समय सीमा के अंतर्गत चार्जशीट कर दिया जाए। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को विधि व्यवस्था की स्थिति देखने के लिए महीने में एक बार अचानक रात्रि भ्रमण करने का सुझाव दिया, ताकि पुलिस की गतिविधियों व वस्तु स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति हथियार लेकर चलने की हिम्मत कैसे कर रहा है इसको देखें। उन्होंने कहा कि संप्रदायिक तनाव की घटना कहीं न हो, महिला की सुरक्षा में कमी न हो, शराबबंदी अभियान के अंतर्गत लगातार कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी अभियान के कारण सुबे में दूध एवं सब्जी की बिक्री बढ़ गई है। आंकड़े बता रहे हैं कि एक करोड़ 64 लाख लोगों ने शराब छोड़ दी। इसका पुनः सर्वेक्षण कराया जाएगा तो संख्या और बढ़ेगी, इस अभियान से बिहार का विकास होगा।
एनआईसी दरभंगा से आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा, मनीष कुमार, डीएम राजीव रौशन, आईपीएस विक्रम सिंहाम, आयुक्त के सचिव देवेंद्र प्रसाद तिवारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश उपस्थित थे।
February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में तकनीकी पदाधिकारियों की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में शहरी आधारभूत संरचना प्रमण्डल, दरभंगा, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, बेनीपुर, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, बिरौल, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, दरभंगा-1, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, दरभंगा-2, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, दरभंगा-1, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, बेनीपुर-2, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, भवन निर्माण संरचना प्रमण्डल, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड, बिहार राज्य चिकित्सा आधारभूत संरचना, पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी।
बैठक में भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट पर व्यू-कटर का कार्य अंतिम चरण में है, केवल 50 मीटर मे लगाना शेष रह है। रन-वे पर फेसिंग का काम भी तेजी से चल रहा है। डीएम ने इसे 10 फरवरी तक पूरा करने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फेंसिंग का कार्य पूर्ण होने के उपरांत ही जंगली सुअर और नीलगाय को हवाई अड्डा क्षेत्र से अन्यत्र हटाया जा सकेगा। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड के अभियंता ने बताया कि एम्स की जमीन पर मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसे दो हिस्से में बाँटा गया है, 50 एकड़ का सुखा भाग एवं 25 एकड़ जलमग्न भाग। उन्होंने बताया कि वांछित सभी मशीन आ चुका है, 03 महीने में मिट्टी भराई का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा बताया गया कि कुशेश्वरस्थान-फुलतोड़ा पथ में कुल - 04 उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-2, बेनीपुर ने बताया कि कब्रिस्तान घेराबन्दी की 25 योजनाएँ पूर्ण कर ली गयी हैं, 08 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड ने बताया कि नेहरू स्टेडियम में निर्मित प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साउड, लाईट एवं विडियो प्रोजेक्टर का कार्य शेष है। डीएम ने इसे शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि हायाघाट प्रखण्ड में मानू पॉलटेकनिक कम्पैस में 100 शय्या वाले बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रथम तल की ढ़लाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। उसी परिसर में 100 शय्या वाले बालक छात्रावास का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। केवटी प्रखण्ड में 560 आवासन क्षमता वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है। भवन निर्माण संरचना प्रमण्डल ने बताया कि दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय में 200 शय्या वाले बालिका छात्रावास एवं 300 शय्या वाले बालक छात्रावास की निविदा निष्पादन की प्रक्रिया में है। अप्रैल माह से कार्य प्रारंभ हो जाएगा। आई.टी.आई., बिरौल एवं बेनीपुर को निर्धारित समय के अन्दर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने सभी तकनीकी विभागों का जमीन उपलब्धता एवं अतिक्रमण के मामले को पत्र के माध्यम से अवगत कराने का निर्देश दिया, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिस दिन अतिक्रमण हटाया जाए, उसी दिन से निर्माण कार्य प्रारंभ होनी चाहिए। इसके साथ ही अन्य योजनाओं की समीक्षा की गयी एवं ससमय पूरा कराने के निर्देश दिये गये।
February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित सभागार में एन.बी.पी.डी.सी.एल. (नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) द्वारा चयनित एजेंसी ई.ई.एस.एल. एण्ड ई.डी.एफ के अधिकृत प्रतिनिधि के द्वारा दरभंगा में 8 फरवरी से बिजली का प्रीपेड मीटर निःशुल्क लगाया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर मोबाईल एप की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। डीएम राजीव रौशन ने दीप प्रज्वलन कर स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाने से अब उपभोक्ताओं को बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी। उन्हें दैनिक रूप से यह जानकारी मिलेगी कि उनके यहाँ बिजली की कितनी खपत हो रही है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को कहा कि यह नई व्यवस्था है और यदि उपभोक्ता को कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो जितनी तर्त्पता से इसका निराकरण किया जायेगा, जनता में उतना ही विश्वास उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता जागरूक नहीं है, वह ससमय रिचार्ज नहीं कराया और उसका मीटर माइन्स (-) में चला गया, बिजली कट गयी तो उसके द्वारा जैसे ही रिचार्ज कराया जाता है, तुरंत बिजली की आपूर्ति करनी होगी, इसमें विलम्ब होने पर असंतोष बढ़ेगा, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी दिया जाना आवश्यक है।
इसके लिए लघू वीडियो फिल्म के माध्यम से प्रचार-प्रचार करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों की बिजली की समस्या का समाधान 05 से 10 मिनट के अन्दर करना होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बिजली की चोरी भी रूकेगी, कम्पनी को भी लाभ होगा, उपभोक्ता को भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि पटना में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बहुत अच्छे तरीके से लागू किया गया है। इसलिए दरभंगा के उपभोक्ताओं में संकोच कम होगा।यहाँ के लोग इसे आसानी से स्वीकार करेंगे और यह भी कहा जायेगा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने में दरभंगा प्रमण्डल ने एक आयाम स्थापित किया। उन्होंने कहा कि बिहार बिजली स्मार्ट एप की मदद से वे प्रतिदिन के बिजली उपभोग की जानकारी इस एप से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही यह मोबाईल रिचार्ज कराने की तरह होगा।उपभोक्ता अपने प्रिपेड स्मार्ट मीटर का रिचार्ज अपने एप के माध्यम से करा सकेंगे। उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि अब हर क्षेत्र में तकनीकी प्रगति हो रही है, जिसका परिणाम है कि बिजली के क्षेत्र में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग रहा है।
इससे बिजली विभाग की अपनी संरचना को और मजबूत कर सकेगी। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि समाहरणालय के सभी कार्यालय में जल्द से जल्द स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाए। विद्युत अधीक्षण अभियंता ने कार्यक्रम में बताया कि दरभंगा शहरी क्षेत्र के सभी 80 हजार बिजली उपभोक्ताओं के बिजली मीटर को बदलते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर 31 मई 2022 तक लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के उपक्रम ई.ई.एस.एल. द्वरा फ्रांस सरकार की सरकारी कम्पनी ई.डी.एफ. को इस कार्य के लिए चयनित किया गया है। कंपनी को कुल - 23.5 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने हैं, अबतक 4 लाख 70 हजार मीटर लगा दिया गया है। तदोपरांत डीएम के द्वारा जिला अल्पसंख्यक कल्याण, दरभंगा के कार्यालय में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का शुभारंभ फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बिजली विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि मीटर अधिष्ठापन के समय किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7763818777 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, ईडीएफ के मनोज कुमार सिंह, प्रकाश रंजन सिंह, बबलू आलम, विपुल झा, आनंद झा, पवन सिंह, मोहम्मद राशिद, दीपक कुमार सिंह, सुधीर कुमार यादव, शंकर कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, सहित बिजली विभाग के अन्य कर्मिगण उपस्थित थे।
February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा दरभंगा जिला के बाल गृह, पर्यवेक्षक गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी विभा कुमारी, स्वास्थ्य विभाग के डी.एम.ओ. जय प्रकाश महतो, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नूपुर, अजीत मिश्रा, गुंजन कुमारी, सदस्य किशोर न्याय परिषद तथा वीरेन्द्र कुमार झा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति ने सदस्यों के रूप में निरीक्षण में भाग लिया।निरीक्षण के दौरान पंकज सिन्हा, बाल संरक्षण पदाधिकारी के साथ-साथ दोनों गृह के अधीक्षक व अन्य कर्मी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि किशोर न्याय नियमावली, 2017 की धारा 41 के तहत जिला निरीक्षण समिति प्रत्येक तीन माह पर जिले में संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण कर अपना प्रतिवेदन समाज कल्याण विभाग को प्रपत्र - 46 में भेजती है।
सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी सैदनगर स्थित बाल गृह पहुँचे, जहाँ उन्होंने गृह में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों से मित्रतावत बातें की। डीएम को सहायक निदेशक ने जानकारी दी कि वर्तमान में बाल गृह में कुल 34 बच्चें आवासित हैं, जिनमें 11 बच्चे विशेष आवश्यकता (दिव्यांग) वाले हैं। उन्होंने बताया कि 04 बच्चे समस्तीपुर जिला के, 01 मधुबनी, 01 गया और शेष दरभंगा जिला के बच्चें हैं। 09 बच्चों के परिवार की खोज कर पुनर्वास की प्रक्रिया की जा रही है। डीएम ने बच्चों से खानपान, शिक्षा, खेलकूद एवं पुनर्वास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। वह बाल गृह की साफ-सफाई से संतुष्ट हुए। साथ ही उन्होंने बड़े बच्चों का आयु निर्धारण कराकर उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्देश दिया।इस पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र झा ने एक बच्चे को के.एफ.सी. में रोजगार दिलाने की प्रक्रिया करने की जानकारी दी। तत्पश्चात् डीएम पर्यवेक्षण गृह पहुँचे। उन्हें जानकारी दी गयी कि वर्तमान में 81 बच्चें यहाँ आवासित हैं, जिनमें 08 दरभंगा के, 26 समस्तीपुर के तथा 47 मधुबनी जिला के हैं।
जिलाधिकारी ने बच्चों से बात कर पर्यवेक्षण गृह में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। सहायक निदेशक ने बताया कि गृह के 06 बच्चों ने इंटर की परीक्षा दी है तथा 01 बच्चा मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होगा। गृह में डिजिटल लर्निंग बोर्ड, प्रोजेक्टर, लाइब्रेरी आदि की व्यवस्था पायी गयी। निरीक्षण के दौरान बच्चे बॉलीबाल, बैडमिटन आदि खेल रहे थे। इसी क्रम में विशिष्ट दत्तक संस्थान के निरीक्षण में पाया गया कि 01 बच्चा (06 माह का) तथा 01 बच्ची (15 दिन की) आवासित है। गृह में साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। डीएम द्वारा छोटे बच्चों को ठंड से विशेष बचाव करने का निर्देश दिया गया। साथ ही नवजात/परित्यक्त बच्चा पाये जाने पर जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, विशिष्ट दत्तक संस्थान तथा चाइल्ड लाईन के टॉल फ्री नम्बर - 1098 पर सूचना देने का पर्याप्त प्रचार-प्रसार करवाने का निर्देश दिया।
February 04, 2022

04.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित दरभंगा के एनआईसी से अपर जिला सत्र न्यायाधीश-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा जावेद आलम एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज द्वारा संयुक्त रूप से सभी प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, ग्राम कचहरी सचिवो, न्यायमित्रों एवं प्रखंड कार्यपालक सहायकों के साथ बैठक करते हुए निर्देशित किया कि 12 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लोगों के सुलहनीय मामले का सुलह के आधार पर निष्पादन कराया जाए।
इसके के लिए पंचायत एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता लाने का निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय व जिले के व्यवहार न्यायालय में मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके लिए ग्राम स्तर पर बने ग्राम कचहरी को सक्रिय होना पड़ेगा। सरपंच भी न्यायाधीश होते हैं, और उन्हें भी अनेक मामलों में विवाद निष्पादित करने की शक्ति प्रदत्त है। प्राय: देखा जाता है ग्राम कचहरी में आने वाले मामले का अभिलेख नहीं रहता है। अतः सभी मामलों का दस्तावेजीकरण कर अभिलेख रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर माननीय न्यायाधीश द्वारा कभी भी आपके ग्राम कचहरी का निरीक्षण किया जा सकता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों का निष्पादन तत्परता से की जाती है।
उन्होंने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों में जागरूकता लाने की अपील की। ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज ने सभी कचहरी सचिवों एवं न्यायमित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कचहरी में सचिव पेशकार की भूमिका में होते हैं तथा न्याय मित्र सलाहकार की भूमिका में होते हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम कचहरी को अविलंब क्रियाशील किया जाना है। वर्तमान में कुल 56 पंचायत सरकार भवनों को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कराया जा चुका है तथा इसमे ही ग्राम कचहरी का संचालन किया जाना है। विशेष परिस्थिति में ही ग्राम कचहरी किराये के भवन में चलेंगे।
उन्होंने सभी ग्राम कचहरी में सूचना पट्ट लगाने का भी निर्देश दिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाती है, जिनमें विभिन्न मुकदमा पूर्व एवं लंबित वाद यथा - शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एन. आई. एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बी.एस.एन.एल इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।