March 17, 2022

08.03.2022 (दरभंगा) : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन बाल कल्याण समिति दरभंगा में समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र झा की अध्यक्षता एवं मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एशोसिएशन के संचालन में आयोजित किया गया। जिसमें दरभंगा के महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में दरभंगा जिला की सबसे पहली महिला अधिवक्ता मृदुला सिंह ने महिला के सुधार एवं सशक्तिकरण हेतु विचार रखी। बाल कल्याण समिति सदस्य इन्दिरा कुमारी ने कहा कि महिला कमजोर नहीं है, हमें कमजोर महिला को रास्ता दिखाकर मजबूत बनाने की आवश्यकता है। सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नुपूर ने कहा कि महिलाओं को रुढ़िवादी व्यवस्था से निकलकर विकासवादी विचार से सोचना चाहिए तभी समाज में सार्वजनिक विकास हो पाएगा। समिति सदस्य प्रीति कुमारी ने कहा कि महिलाओं को निर्भिकता से अपना काम करने की आवश्यकता है, परिस्थितियों से संघर्ष कर ही हम अपने आपको विकसित कर सकते हैं।समिति सदस्य रेणु कुमारी ने कहा कि इस दिवस की सभी को शुभकामनाएं देने के साथ बेटे और बेटियों की सोच को समान करना होगा तभी समाज में समरसता कायम होगी। चाइल्डलाइन दरभंगा के केंद्र समन्वयक आराधना कुमारी ने कहा कि महिलाओं का विकास से ही देश का विकास संभव है। वन स्टौप सेन्टर सह महिला हेल्पलाइन दरभंगा की समन्वयक अजमातुन निशा ने कहा कि हमें महिलाओं को घरेलू हिंसा से मुक्त करने एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।अध्यक्षीय भाषण में वीरेंद्र झा ने कहा कि महिला सशक्त है, कमजोर नहीं है। ऐसी महिलाओं से आग्रह है कि जो महिला सशक्त नहीं हैं, उनको सशक्त बनाने का प्रयास करें। कार्यक्रम में उपस्थित चाइल्डलाइन के सुनील पासवान ने कहा कि वे पिछले पायदान पर खड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने मे सहयोग करते हैं। कार्यक्रम में मानवाधिकार ईमरजेन्सी हेल्पलाइन एशोसिएशन के मिथिला क्षेत्र दरभंगा के अध्यक्ष मनोहर कुमार झा, दरभंगा जिला के अध्यक्ष उमाकांत यादव, अधिवक्ता रीता चौधरी, अधिवक्ता सपना कुमारी सहित दर्जनों लोगों ने अपने अपने विचार रखे।
March 06, 2022

06.03.2022 (दरभंगा) : निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी, राजीव रौशन द्वारा आम सूचना निर्गत करते हुए कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के अद्यतन निर्देश के आलोक में बिहार विधान परिषद के 16-दरभंगा स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के प्रारूप निर्वाचक सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रारूप निर्वाचक सूची सभी निकायों के कार्यालय की सूचना पट्ट/सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के कार्यालय के सूचना पट्ट /जिले के सभी अनुमण्डल कार्यालय के सूचना पट्ट तथा जिला निर्वाचन कार्यालय एवं अन्य विर्निदिष्ट स्थलों पर 04 मार्च से 10 मार्च 2022 तक प्रकाशित रहेगी तथा सभी के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगा। उक्त के आलोक में उन्होंने दरभंगा जिले के सभी कार्यरत निकायों (नगर निकाय/पंचायत निकाय) के पदेन सदस्यों/जिले में कार्यरत नगर निकाय के निर्वाचित सदस्यों/पंचायत निकाय के निर्वाचित सदस्यों (प्रखण्ड प्रमुख/पंचायत समिति के सदस्य/ग्राम पंचायत के मुखिया/ग्राम पंचायत के सदस्य) से अनुरोध है कि वे प्रारूप सूची का अवलोकन कर लें।
उन्होंने कहा कि यदि किन्हीं का नाम प्रारूप निर्वाचक सूची में दर्ज नहीं है, तो वे प्रपत्र-17 में अपना आवेदन दे सकते हैं, यदि किन्हीं का नाम या किसी प्रविष्टि में संशोधन की आवश्यकता है तो वे प्रपत्र -8 में अपना आवेदन दे सकते हैं, यदि किसी प्रविष्टि के विलोपन हेतु आक्षेप किया जाना है तो, वे प्रपत्र - 7 में अपना आवेदन दे सकते हैं। इसके साथ ही एक मतदान केन्द्र से दूसरे मतदान केन्द्र पर नाम स्थानान्तरण हेतु प्रपत्र - 8'क ' में आवेदन दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह आवेदन संबंधित प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी या अनुमण्डल के अनुमण्डल पदाधिकारी या जिला निर्वाचन कार्यालय में दिनांक 04 मार्च 2022 से 10 मार्च 2022 तक कार्यालय अवधि में दिया जा सकता है। आवेदनों का नियमानुसार निस्तार कर तदनुसार इसका अंतिम प्रकाशन किया जायेगा।
March 06, 2022

05.03.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में दरभंगा जिला के आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वीरेन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिले में आयुष्मान कार्ड बनने की गति धीमी है, 27 लाख के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अबतक 3 लाख लोग ही आयुष्मान कार्ड बनवाएँ हैं।
डीएम ने इसके लिए सभी प्रखण्ड मुख्यालय में आयुष्मान कार्ड बनाने वाली वसुधा टीम की काउंटर लगवाने का निर्देश दिया। साथ ही नगर निगम, दरभंगा, नगर परिषद्, बेनीपुर, जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जीविका के सभी सी.एल.एफ. सेन्टर पर आयुष्मान कार्ड बनाने को स्थायी काउण्टर लगवाने के निर्देश दिये। डीएम ने इन स्थायी काउण्टरों के संबंध में सभी पंचायत जनप्रतिनिधि को पत्र के माध्यम से जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पत्र के साथ ही इस योजना के लिए सूची बद्ध अस्पतालों की सूची भी उपलब्ध करायी जाए, जहाँ 05 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज कराया जा सकता है। उन्होंने पटना एवं दिल्ली के सूचीबद्ध बड़े अस्पतालों की भी जानकारी देने का निर्देश दिया। बैठक में श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि नाम, उम्र एवं पता मिसमैच करने के कारण बहुत से लोगों का कार्ड नहीं बन पा रहा है। उन्होंने बताया कि पोर्टल मिसमैच पर रिजेक्ट कर देता है। डीएम ने इस आशय की जानकारी सरकार को देने हेतु जिला कार्यक्रम समन्वयक को निर्देश दिया गया ताकि पोर्टल पर सुधार का विकल्प बनाया जाए। उन्होंने सभी विभाग को अपने कर्मियों के माध्यम से योग्य लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड के काउण्टर पर भेजवाने हेतु पत्र लिखने को कहा। साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिये। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत एस.ई.सी.सी. के वैसे लाभुक जो गरीबी रेखा के नीचे हैं, अमूमन सभी राशन कार्डधारी इसके पात्र हैं। उन्हें केवल अपना आधार कार्ड, अपना राशन कार्ड और अपने मोबाईल के साथ किसी भी वसुधा केन्द्र या यु.टी.आई. सेन्टर पर जाना है, उनके राशन कार्ड के नीचे अंकित 24 अंक है जिससे उनकी पात्रता की जाँच की जा सकती है। आयुष्मान कार्ड परिवार के सभी लोगों का अलग-अलग बनेगा। यदि आयुष्मान कार्डधारी किसी गंभीर बीमारी या वैसी बीमारी का ईलाज कराना चाहता हैं, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है, तो वे जिले के 21 सरकारी एवं 17 सूचीबद्ध निजी अस्पताल में से किसी भी अस्पताल में जाकर निःशुल्क 05 लाख रूपये तक का ईलाज करा सकते हैं।
इस योजना की विशेषता यह है कि उनके अस्पताल में भर्ती होने के 03 दिन पूर्व और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का ईलाज और दवाईयों पर हुए खर्च भी इसमें शामिल किया जाता है। इस कार्ड की विशेषता यह है कि प्रत्येक वर्ष 01 अप्रैल को इस कार्ड का स्वतः नवीकरण हो जाता है और इस कार्ड का लाभ लाभार्थी जीवन भर उठा सकते हैं। दरभंगा जिले के 27 लाख लाभुक योग्य हैं, जिन्हें आशा द्वारा बताया भी जा चुका है, यानि जिले के 27 लाख लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने की पात्रता रखते हैं, लेकिन अभी भी जिले के केवल लगभग 03 लाख लोगों ने ही आयुष्मान कार्ड बनवाया है, यानि 24 लाख लोग अभी भी जानकारी के अभाव में या प्रयास नहीं करने के कारण छूटे हुए हैं। पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों, आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका एवं आशा कार्यकर्ता के साथ अनेक ऐसे सरकारी कर्मी व जन प्रतिनिधि हैं, जो घर-घर भ्रमण करते हैं, जिनमें विकास मित्र, किसान सलाहकार, पंचायत सचिव, कर्मचारी भी शामिल हैं। उनके द्वारा भी लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दरभंगा के अमृत नर्सिग होम, आई.बी. स्मृति आरोग्य सदन, जोगिन्दर मेमोरियल मेडिकल अस्पताल, पारस ग्लोबल अस्पताल, प्रसाद पोली क्लिनिक, आर.आर.आई. अस्पताल, सर्राफ ऑर्थों स्पाईन एवं मैटरनीटी सेन्टर, शेखर नेत्रालय एण्ड इअर नोज थ्रोट अस्पताल, शुभम् नर्सिग होम, श्यामा सर्जिकल संस्थान, श्री साईं अस्पताल, श्री विसुधानंद अस्पताल प्राईवेट लिमिटेड, स्वामी विवेकानन्द कैंसर अस्पताल, यूरो स्टोन रिसर्च प्राईवेट लिमिटेड, महावीर नेत्रालय, प्राइम हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर एवं दरभंगा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, जैसे बड़े-बड़े हॉस्पिटल इसकी सूची में शामिल है, जहाँ आयुष्मान कार्डधारी अपना ईलाज करा सकते हैं।
March 06, 2022

05.03.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, दरभंगा के चलंत चापाकल मरम्मती दल को हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों/क्षेत्र में रवाना किया गया। इस अवसर पर डीएम द्वारा बताया गया कि पीएचईडी द्वारा नगर निगम क्षेत्र, प्रखंडों के ग्रामीण इलाके में स्थापित किए गए सरकारी चापाकल के रख-रखाव एवं मरम्मती के लिए एक-एक चलंत मरम्मति दल जिसमें प्लंबर, टेक्नीशियन व अन्य कर्मी हैं, भेजे जा रहे हैं। इसके लिए हेल्प लाईन नंबर भी उपलब्ध कराया गया है, जो 06272-22056 है। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों का जलस्तर नीचे चला गया है। उन प्रखंडों में प्राथमिकता के आधार पर तुरंत मरमति का कार्य किया जाएगा। विकास मित्र के माध्यम से सभी महादलित टोला का सर्वेक्षण कर मरम्मति का कार्य चलाया जा रहा है।
विभागीय निर्देशानुसार जिला कल्याण पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी से खराब चापाकलों की सूची मांगी गई है। पीएचईडी के सभी कनीय अभियंता इस कार्य की देख रेख व अनुश्रवण करेंगे। उन्होंने बताया कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है। इस हेल्प नंबर पर जैसे ही कॉल आएगा, तो कनीय अभियंता एवं अन्य अभियंता, पदाधिकारी एवं टेक्नीशियन और कर्मी इसी चलंत मरम्मती दल के साथ जाएंगे और वहीं पर उसका समाधान करेंगे, इससे आम लोगों को बहुत फायदा होगा। इस अवसर पर उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, कार्यपालक अभियंता नितिन कुमार, सहायक अभियंता रतन कुमार, आदित्य कुमार, कनीय अभियंता योगेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, फैजान अतिरेक, कृष्ण कुमार, प्रोग्रामर राज किशोर कमल एवं संबंधित अभियंता गण उपस्थित थे।
March 06, 2022

04.03.2022 (दरभंगा) : मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक की अध्यक्षता में दरभंगा प्रमण्डल के तीनों जिलों के शराबबन्दी अभियान की समीक्षा बैठक की गयी।बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आयुक्त द्वारा शराबबंदी अभियान के अंतर्गत तीनों जिला द्वारा अब तक किए गए कार्रवाई से अवगत कराते हुए बताया गया कि 01 अप्रैल 2016 से फरवरी 2022 तक दरभंगा में 7,053 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 8,583 गिरफ्तारियाँ हुई, 05 लाख 32 हजार 894 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब की जप्ति की गयी, 1327 वाहन जप्त किये गये एवं 97 भूमि की जप्ति हुई। वहीं मधुबनी में 13023 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 13956 गिरफ्तारियाँ हुई, 10 लाख 14 हजार 333 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब की जप्ति की गयी, 4260 वाहन जप्त किये गये एवं 26 भूमि की जप्ति हुई तथा समस्तीपुर में 7686 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 7141 गिरफ्तारियाँ हुई, 09 लाख 03 हजार 639 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब की जप्ति की गयी, 1315 वाहन जप्त किये गये एवं 19 भूमि की जप्ति हुई, जबकि शराब विनष्टीकरण दरभंगा में 97.53 प्रतिशत्, मधुबनी में 98.38 प्रतिशत एवं समस्तीपुर में 97.87 प्रतिशत हुई है। स्पीडी ट्राइल के संबंध में बताया गया कि दरभंगा में 24, मधुबनी में 21 एवं समस्तीपुर में 64 मामलें में सजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है।अपर मुख्य सचिव ने तीनों जिले के विशेष लोक अभियोजकों से मार्च माह में 10 से 15 मामलें में सजा दिलवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शराब के मामलें में दुबारा पकड़े जाने पर अब जमानत नहीं मिलेगी, इसलिए वैसे शराब माफिया जो दुबारा पकड़े गये हैं, उनके खिलाफ स्पीडी ट्राइल चलवाकर उन्हें सजा दिलवायी जाए।
तीनों जिलो के विशेष लोक अभियोजकों ने मार्च माह में अपने अपने जिले के 10 से 15 मामलों का निष्पादन कराने का आश्वासन दिया। शराबबंदी अभियान के अंतर्गत छापेमारी की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि दरभंगा में 05, मधुबनी में 06 एवं समस्तीपुर में 10 ए.एल.टी.एफ. (एंटी लिकर टास्क फोर्स) कार्यरत हैं, जिन्हें वाहन और मोबाईल की सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है, इसलिए लगातार छापेमारी करवाई जाए। नदी घाट के क्षेत्र में ट्रेक्टर एवं बाईक में साइरन लगाकर गश्ती करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को ड्रोन उपलब्ध कराया जा चुका है। जिसका प्रयोग लगातार कर अवैध शराब बनाने वाले को पकड़ा जाए। ब्रेथ एनालाइजर का प्रतिदिन प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने मधुबनी जिले के नेपाल सीमा पर नियुक्त सीमा सुरक्षा बल को सीमा क्षेत्र में ट्रेक्टर एवं बाईक से गश्ती करवाने, लगातार ड्रोन के साथ छापेमारी करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक, मधुबनी को सीमा सुरक्षा बल के साथ महिला पुलिस एवं जिला पुलिस बल के जवान को प्रतिनियुक्त करने एवं लगातार नेपाल सीमा क्षेत्र में गश्ती करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी लगातार नेपाल भारत सीमा क्षेत्र में गश्ती करने का निर्देश दिया। सीमा सुरक्षा बल द्वारा बताया गया कि उनके 27 चौकी भारत-नेपाल सीमा पर हैं तथा अवैध शराब लाने के रूट की भी जानकारी उन्हें हो गयी है।गश्ती बढ़ाये जाने पर शराब माफिया पकड़ में आ जाएंगे। समीक्षा के दौरान उन्होंने जीविका को नीरा का उत्पादन करने एवं सतत् जीवीकोपार्जन का लाभ अधिक से अधिक परिवारों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।