April 28, 2022

26.04.2022 (पटना) : डीएम डॉ0 चन्द्रशेखर सिंह एवं एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने ईद के नमाज की तैयारी के लिए आज गाँधी मैदान, पटना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन, अपर जिला दण्डाधिकारी विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता, पुलिस अधीक्षक यातायात, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, अध्यक्ष नमाज-ए-इदैन कमिटी, कार्यपालक पदाधिकारी पटना नगर निगम, विद्युत कार्यपालक अभियंता, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी सहित अनेक पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष ईद का त्योहार दिनांक 03 मई, 2022 को चाँद के दृष्टिगोचर होने के अनुसार मनाये जाने की संभावना है। इस अवसर पर गाँधी मैदान में ईद की नमाज अदा की जाती है जिसमें काफी संख्या में लोग भाग लेते हैं। डीएम डॉ0 सिंह एवं एसएसपी श्री ढिल्लो ने गाँधी मैदान में साफ-सफाई, पार्किंग, विधि-व्यवस्था, जलापूर्ति, प्रकाश की व्यवस्था सहित विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा की तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया। डीएम डॉ0 सिंह ने पटना नगर निगम, नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी को गाँधी मैदान की ससमय एवं समुचित सफाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया। नमाज अदा करने के वक्त धूल से नमाजियों को परेशानी न हो इसके लिए उन्होंने गाँधी मैदान में पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गाँधी मैदान में गड्ढों की भराई एवं ससमय समतलीकरण करने का निदेश दिया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को उक्त अवसर पर जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया। जिला अग्निशाम पदाधिकारी अग्निशमन दस्ता की प्रतिनियुक्ति करेंगे।
सिविल सर्जन गाँधी मैदान में चिकित्सा सुविधा एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था रखेंगे। जिला नजारत उप समाहर्त्ता सीसीटीवी कैमरा चालू हालत में रखेंगे।डीएम डॉ0 सिंह एवं एसएसपी श्री ढिल्लो ने कहा कि इस अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। थानाध्यक्ष एवं सभी पदाधिकारी आसूचना तंत्र को सुदृढ़ रखेंगे ताकि किसी भी तरह के अफवाह को फैलने से रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक, यातायात वाहन की पार्किंग हेतु समुचित संख्या में यातायात पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करेंगे ताकि यातायात अवरूद्ध न हो। ईद के नमाज हेतु सारी प्रशासनिक तैयारी एवं अन्य व्यवस्था ससमय पूरी कर लेने का निदेश दिया।
April 28, 2022

26.04.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में दरभंगा जिला प्रशासन के सभी शाखा, सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से शत-प्रतिशत पत्र एवं संचिका निष्पादन एवं संधारण करने को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित सभी कार्यालय प्रधान एवं प्रधान लिपिक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा कार्यालय कार्य निष्पादन हेतु प्रारंभ किया गया ई-ऑफिस प्रणाली बहुत अच्छी पहल है, कागज कलम के माध्यम संचिका निष्पादन करने की व्यवस्था अंग्रेजों के समय से चल रही है और इसमें काफी समय लगता है। साथ ही संचिका या पत्र गुम होने, जलने, गलने एवं दीमक लगने की समस्या बनी रहती है। लेकिन ई-ऑफिस के माध्यम से जहां पत्र एवं संचिका निष्पादन की गति तीव्र हो जाती है वही किस स्तर पर संचिका रुकी हुई है और कब से रुकी हुई है। इसकी जानकारी भी मिल जाती है। इस तरह कार्यालय की कार्य संस्कृति में पारदर्शिता रहती है तथा समय पर कार्य संपन्न होता है। उन्होंने कहा कि अब जन आकांक्षा में काफी तीव्रता आई है।
लोग अपना काम तुरंत निष्पादित करवाना चाहते हैं। आरटीपीएस में जाति एवं आवासीय बनाने के लिए 10 दिन का समय निर्धारित है। लेकिन, आवेदक अंतिम समय में आवेदन करते हैं और एक से दो दिनों में प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आकांक्षा रखते हैं। ई-ऑफिस इस जन आकांक्षा को पूरा करेगा। इससे हर स्तर पर कार्य संस्कृति में सुधार होगा और जब हर स्तर पर सुधार होगा तभी व्यवस्था में सुधार हो सकेगा। कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि सही काम स-समय न करने पर उसके न करने के जवाब में लगातार पत्राचार करना पड़ता है और जो काम एक बार में संपन्न हो जाता, उसके लिए वर्षों संचिका बढ़ती रहती है और मोटी होती रहती है। ई-ऑफिस में ऐसी विलंब की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि ई ऑफिस के माध्यम से उन्हें केवल डाक देखने में एक तिहाई समय कम लगेगा। संचिका सही ढंग से बढ़ेगी और पदाधिकारी एवं संबंधित लिपिक कहीं से कभी भी अपना काम निष्पादन कर सकेंगे। जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा ने बताया कि समाहरणालय के प्रमुख शाखाओं द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है सामान्य शाखा द्वारा 270 संचिका ई-ऑफिस के माध्यम से निष्पादित किया गया है।
01 जून से अनुमंडल स्तर के कार्यालय को तथा अगस्त से प्रखंड एवं अंचल कार्यालय को तथा अक्टूबर से अनुषंगी सभी विभाग के कार्यालय को ई-ऑफिस से जोड़ दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि संबंधित सभी पदाधिकारी आज से ही ई-ऑफिस के माध्यम से अपना डाक देखना शुरू कर दें और यदि कठिनाई है तो एनआईसी से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर लें। डीएम ने जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी को सभी कार्यालय में एक-एक कार्यपालक सहायक के साथ इंटरनेट की व्यवस्था कर देने एवं ग्रुप में सभी प्रधान लिपिक को एक बार प्रशिक्षण दे देने का निर्देश दिया।
April 28, 2022

26.04.2022 (दरभंगा) : जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, क्रियान्वयन एवं प्रबन्धन समिति, नेहरू स्टेडियम, लहेरियासराय राजीव रौशन की अध्यक्षता में समिति के सदस्यों के साथ एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में आउटडोर एवं इण्डोर स्टेडियम जीर्णोद्धार के साथ-साथ परिसर अवस्थित दुकानों का किराया वृद्धि एवं अन्य विकासात्मक विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी। बैठक में उपस्थित कार्यपालक अभियंता (भवन) को निर्देशित किया गया की बैठक के पश्चात कमेटी के सदस्यों के साथ अविलम्ब जाकर स्थलीय निरीक्षणोंपरांत प्राक्कलन तैयार करें। बैठक में परिसर अवस्थित दुकानों की भाड़ा बढ़ोतरी के संबंध में निर्णय लिया गया कि सचिव, स्टेडियम कमिटी अविलम्ब अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर को अनुरोध पत्र देकर अग्रसर कार्रवाई कराएंगे। उक्त बैठक में कार्यपालक अभियंता (भवन), कार्यपालक अभियंता (विद्युत), जिला खेल पदाधिकारी, सचिव स्टेडियम कमिटी जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रदीप गुप्ता, नवीन सिन्हा, जावेद अनवर, देव नन्दन झा आदि सदस्यगण उपस्थित थे।
April 25, 2022

25.04.2022 (दरभंगा) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के भवन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार-सह-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जावेद आलम की अध्यक्षता में दरभंगा सदर के सभी निजी विद्यालयों के प्रबंध निदेशक, प्रशासक एवं प्राचार्य के साथ एक विधिक साक्षात्कार का आयोजन किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए सचिव ने बैठक में उपस्थित निजी विद्यालयों के प्रबंध निदेशक, प्रशासक एवं प्राचार्य को आर.टी.ई. एक्ट, 2009 के प्रावधानों से अवगत कराया एवं उन्होंने सभी संबंधित को कहा कि 25 प्रतिशत् गरीब बच्चों का किस प्रकार नामांकन सुनिश्चित हो, इसके बारे में सभी को अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार बच्चों का एक मौलिक अधिकार है, जो हर कीमत पर सुनिश्चित होना चाहिए, ये उनका कानूनी हक है। जैसा कि विदित है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा - बच्चों का विधिक अधिकार है, जो 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है। आगे उन्होंने कहा कि निजी स्कूल के प्रशासक केवल इस बात से नहीं बच सकते है कि कोई व्यक्ति हमारे पास प्रस्तुत नहीं हुआ, ये सारे निजी स्कूलों की जिम्मेवारी है कि वे अपनी ओर से सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी को पूरा करें, ताकि 25 प्रतिशत् गरीब बच्चों का नामांकन सुनिश्चित हो सके। सचिव ने आगे कहा कि जो भी बकाया राशि उन्हें नहीं मिली है, उन्हें तुरन्त ही जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात कर विमुक्त करायी जाएगी, ताकि बच्चों के शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। बैठक में उपस्थित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी जया कुमारी ने कहा कि वर्ष 2017-18 का बकाया का भुगतान तुरन्त ही निजी विद्यालयों को किया जाएगा।
April 25, 2022

25.04.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली के 11 अनुषंगी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस-तरल कचरा प्रबंधन के अंतर्गत जल शुद्धीकरण यूनिट के निर्माण कार्य की हुई समीक्षा। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया द्वारा बताया गया कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 के अंतर्गत जिले के चयनित 50 ग्राम पंचायतों में ठोस तरल-कचरा प्रबंधन योजना के अंतर्गत जल शुद्धीकरण यूनिट का निर्माण जून तक कराया जाना है, लेकिन अभी तक बहादुरपुर, सिंहवाड़ा, मनीगाछी, हायाघाट, बिरौल, दरभंगा सदर एवं गौड़ाबौराम अंचल के 24 यूनिटों में कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा वहां यूनिट संस्थापित करने हेतु चिन्हित सरकारी जमीन में कहीं अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दी गई है, तो कहीं जमीन विवादित चिन्हित की गई है। डीएम श्री रौशन ने सभी संबंधित अंचलाधिकारी को तीन दिनों का समय देते हुए जल शुद्धिकरण यूनिट के लिए चिन्हित जमीनों का एनओसी दे देने या जमीन विवादित है तो कहीं अन्यत्र चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शनिवार तक यदि जल शुद्धिकरण यूनिट की जमीन से संबंधित मामले का निराकरण नहीं किया गया तो संबंधित अंचलाधिकारी राजस्व कर्मचारी के साथ जिला मुख्यालय में तलब होंगे। उन्होंने कहा कि हर हाल में शनिवार तक सभी 50 यूनिट में कार्य शुरू हो जाना चाहिए। जल-जीवन-हरियाली अभियान के 11 अनुषंगी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अतिक्रमित जल निकायों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि सबसे अधिक अतिक्रमित 37 जल निकाय मनीगाछी में है इसके उपरांत सिंहवाड़ा में 19, तारडीह में 10, बहादुरपुर में 7, जाले में 7, बहेड़ी में 6, अलीनगर में 4, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 1, कुशेश्वरस्थान पश्चिमी में 1 एवं घनश्यामपुर में 1 है।
डीएम ने 28 अप्रैल तक इन सभी निकायों को अतिक्रमण मुक्त करवाने का अल्टीमेटम संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई विस्थापित व्यक्ति वास भूमि रहित है तो उसके लिए अभियान बसेरा के अंतर्गत घर बनाने के लिए भूमि क्रय कर दिया जाएगा या उपलब्ध सरकारी भूमि से आवास निर्माण हेतु बंदोबस्ती की जाएगी। लेकिन हर हाल में 28 अप्रैल तक सभी अतिक्रमित जल निकाय अतिक्रमण मुक्त होने चाहिए। अन्यथा संबंधित अंचलाधिकारी के विरुद्ध प्रपत्र- (क) गठित करने की कार्रवाई की जाएगी। उप विकास आयुक्त ने बताया कि नए तालाब निर्माण के संबंध में बताया गया कि 05 एकड़ से अधिक वाले 174 तालाब बनाए जाने हैं जिनमें से 24 पर काम प्रारंभ होने की जानकारी दी गयी है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार की योजना अमृत सरोवर के अंतर्गत जिले में 75 नए सरोवर का निर्माण करवाया जाना है।डीएम ने कहा कि जहां बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन उपलब्ध है वहां 1 एकड़ से 5 एकड़ तक के कई तालाब एक साथ बनवाया जाये। साथ ही उस तालाब से निकलने वाली मिट्टी का उपयोग सड़क ऊंचीकरण तथा नए भवन निर्माण स्थल का मिट्टी करण करने में किया जाये। उप विकास आयुक्त ने बताया कि जिले के 243 पोखर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। लेकिन अभी भी 2700 से 2800 पोखर का जीर्णोद्धार कराया जा सकता है, इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जा सकता है। डीएम ने कहा कि तालाब का निर्माण आर्थिक उद्देश्य को देखते हुए किया जाये, जिनमें मछली पालन, मखाना उत्पादन को शामिल किया जाए। साथ ही नवनिर्मित पोखर के चारो और इस प्रकार वृक्षारोपण कराया जाए कि पेड़ की छाया तालाब के पानी पर न पड़े, इससे मछली पालन में परेशानी होती है।
सार्वजनिक कुओं के संबंध में बताया गया कि उनके जीर्णोद्धार अब पंचायती राज विभाग से कराया जाएगा। इसके लिए 15 वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग किया जाएगा। एक कुआं जीर्णोद्धार के लिए 62 हजार 400 रुपये का मॉडल एस्टीमेट बनाया गया है। 74 हजार 480 रुपये तक के प्राक्कलन पर ग्राम पंचायत स्वत: कार्य करा सकती है। डीएम ने कहा कि अप्रैल से जून तक के बीच कुंओं एवं पोखर का जीर्णोद्धार कराने का सबसे अच्छा समय होता है। इसके साथ ही सार्वजनिक चापाकलों के साथ सोखता का निर्माण करावें। जिला पंचायत राज पदाधिकारी को उनके 55 अभियंताओं के माध्यम से कुओं का जीर्णोद्धार कार्य करवाने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया कि जल -जीवन- हरियाली पोर्टल पर जिले में 34367 चापाकल बताया जा रहा है, इन्हें सत्यापित करते हुए इनके बगल में सोखता का निर्माण कराया जा सकता है। डीएम ने मनरेगा के अंतर्गत इनक जीर्णोद्धार करवाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि जिले में अबतक 23 चेक डैम बनाया गया है, डीएम ने नदियों के पुरानी धार के समीप अनेक चेक डैम बनवा कर संचित जल का उपयोग कृषि सिंचाई में करने का निर्देश मनरेगा के कार्यपालक अभियंता को दिया।
खेत पोखर निर्माण योजना के अंतर्गत जिले में 489 नए खेत पोखर का निर्माण रैयतों की जमीन पर करवाया गया है। डीएम ने प्रत्येक प्रखंड में 50-50 नए खेत पोखर का निर्माण करवाने का निर्देश दिया। वर्षा जल संचयन योजना के अंतर्गत वैसे सभी विद्यालय जिनमें चाहरदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है तथा सरकारी भवनों में वर्षा जल संचयन पिट बनवाने के निर्देश दिए। वृक्षारोपण के संबंध में बताया गया कि प्रत्येक पंचायत में 10-10 यूनिट वृक्षारोपण कराया जाना है. एक यूनिट में 400 पौधे रहते हैं। इस प्रकार जिले में 12 लाख पौधारोपण कराया जाना है। डीएम द्वारा इसकी पूर्व तैयारी कर लेने का निर्देश दिया गया। पहले से पौधों के लिए गड्ढा तैयार कर लेने तथा पर्याप्त पौधा की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। खेत पोखर निर्माण के लिए किसानों के साथ बैठक कर उन्हें पोखर निर्माण हेतु प्रोत्साहित करने तथा पोखर का निर्माण मखाना उत्पादन के उद्देश्य से कराने का निर्देश दिया गया, ताकि किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ जिले में मखाना उत्पादन को भी बढ़ाया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, नगर आयुक्त अखिलेश प्रसाद सिंह, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।