April 30, 2022

29.04.2022 (दरभंगा) : जल संसाधन व सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री, बिहार, संजय कुमार झा के द्वारा दरभंगा के 07 स्थलों पर बाँध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य/ कटाव निरोधक कार्य/सीढ़ी घाट निर्माण कार्य एवं नाला लाइनिंग कार्य का शिलान्यास/उद्घाटन किया गया। केवटी प्रखण्ड के माधोपट्टी में मब्बी- गोपालपुर दायाँ जमींदारी बाँध तथा लाधा में मब्बी-गोपालपुर बायाँ जमींदारी बाँध का उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया। मंत्री ने बताया कि यह दोनों कार्य जून तक संपन्न हो जाएगा। इसके उपरान्त दरभंगा नगर निगम के वाजितपुर वार्ड संख्या - 23 में आयोजित कार्यक्रम में वाजितपुर वार्ड नम्बर - 23 एवं रत्नोपट्टी वार्ड नम्बर - 09 में बागमती नदी के दायें किनारे कटाव निरोधक कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नगर विधायक संजय सरावगी ने मंत्री को मिथिला का वरद पुत्र बताया एवं दरभंगा के नगर वासियों की ओर से उनका हार्दिक अभिनन्दन किया और कहा कि जब से वे जल संसाधन विभाग के मंत्री बने हैं, मिथिला क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान वाजितपुर और रत्नोपट्टी हमेशा कटाव से परेशान रहता था, यहाँ कटाव निरोधक कार्य आरंभ हो जाने से यहाँ के वासियों को समस्या से निजात मिल गया है। उन्होंने इसके लिए मंत्री जी को कोटि-कोटि बधाई दी। उन्होंने कहा कि 04 जगहों पर 5.35 करोड़ रूपये की लागत से 100 फिट का कटाव निरोधक पक्का निर्माण एवं सीढ़ी घाट का निर्माण कराया जाएगा। इससे छठ व्रत करने में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि यह कटाव लगभग 02 किलोमीटर में होता है, यदि चरणबद्ध तरीके से ज्यादा कटाव वाले स्थल में काम कराया जाता रहे, तो दरभंगा शहर का कल्याण हो जाएगा। उन्होंने लगभग 20 करोड़ रूपये की लागत से नगर निगम क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से चट्टी चौक होते हुए हरपट्टी तक नाला लाइनिंग कार्य जल संसाधन विभाग से करवाने के लिए मंत्री जी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान दरभंगा में आये थे और विभिन्न कटाव स्थल का निरीक्षण किये थे और तभी वे यह निश्चित किये थे कि दरभंगा शहर को कटाव से बचाना है, क्योकि दरभंगा पूरे मिथिला की नाक है और नाक को बचाना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि तत्काल 4 स्थलों पर स्थायी निदान के लिए कार्य किया जा रहा है। 30 जून तक इन चारों स्थलों पर निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने नगर विधायक की माँग पर कटाव निरोधक घाट का निर्माण की लम्बाई में वृद्धि करने का निर्देश जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग नई तकनीकी के माध्यम से कटाव निरोधक कार्य कर रही है और उसका प्रयोग दरभंगा शहर से ही प्रारंभ किया जा रहा है। यह काम प्रयोग के तौर पर किया जा रहा है, यदि यह प्रयोग सफल रहा तो शेष बचे हुए भाग में भी कार्य करा लिया जाएगा। भले ही इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम कराने पड़े। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान कटाव स्थल के समीप के लोग तीन चार महीने तक शंका एवं भय के माहौल में जीते हैं, कि न जाने कब कटाव हो जाएगा।
उन्होंने अपने अभियंताओं को कहा कि कटाव का स्थायी समाधान करने के लिए कार्य किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने नगर विधायक द्वारा निरंतर मजबूती से दरभंगा की समस्या विभिन्न विभागों में व हर स्तर पर रखने के लिए प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि नगर विधायक के आग्रह पर ही हरपट्टी में 20 करोड़ रुपये की लागत से नाला लाईनिंग निर्माण का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग बाढ़ एवं सिंचाई से संबंधित कार्य करती है, लेकिन नगर विधायक के आग्रह पर जल निकासी का कार्य करने जा रही है, जिसका आज शिलान्यास किया जाएगा। जिससे लहेरियासराय इलाके का पानी आसानी से निकल जाएगा, इससे बहुत लोगों को राहत मिलेगी। उक्त अवसर पर उप महापौर भरत सहनी, जदयू के मदन प्रसाद राय, वार्ड पार्षद गीता देवी, वार्ड सदस्य सीमा देवी के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण, पदाधिकारीगण उपस्थित थे। इसके साथ ही उनके द्वारा दरभंगा सदर प्रखण्ड के रन्ना गाँव में जीवछ नदी के दाँये किनारे सीढ़ी घाट निर्माण कार्य का शिलान्यास तथा बेनीपुर प्रखण्ड के ग्राम - बलनी, शिव मंदिर के निकट जीवछ कमला नदी के किनारे निर्मित सीढ़ी घाटों का उद्घाटन किया गया तथा बेनीपुर प्रखण्ड के ग्राम - जरिसों में जीवछ कमला नदी के किनारे घाट निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। उक्त दोनों अवसर पर विधायक, बेनीपुर डॉ. विनय कुमार चौधरी उपस्थित थे। तत्पश्चात् उनके द्वारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से चट्टी चौक होते हुए हरपट्टी तक नाला लाइनिंग कार्य का शिलान्यास किया गया।
April 30, 2022

29.04.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में मद्य निषेध एवं भूमि विवाद को लेकर अपर समाहर्त्ता, उत्पाद अधीक्षक, जिले के सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के साथ बैठक की गयी। बैठक को सम्बोधित करते हुए डीएम ने कहा कि मद्यनिषेध कानून में बदलाव किया जा चुका है। अतः अब वाहन जप्ति के लिए प्रपत्र-12 ‘क’ में एवं परिसर में शराब बरामदगी के लिए प्रपत्र - 12 ‘ख’ में संबंधित मालिक को नोटिस किया जाएगा। वाहन के बीमा मूल्य का आधा जुर्माना राशि देने के लिए यदि वाहन मालिक प्रपत्र - 4 में 15 दिनों के अन्दर सहमति देंगे तो जुर्माना राशि प्राप्त कर वाहन छोड़ने का आदेश निर्गत किया जाएगा।
परिसर के मालिक यदि उस भूमि क्षेत्र के लिए निर्धारित मूल्य का आधा 15 दिनों के अन्दर जमा करने की सहमति देंगे, तो उसे राज्यसात नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीने वाले अब पकड़े जाएंगे, तो उन्हें जुर्माना अधिरोपित कर छोड़ा जा सकेगा, लेकिन उसकी प्रविष्टि आई.ई.एम.एस. पोर्टल पर किया जाएगा, ताकि दुबारा पकड़े जाने पर जेल भेजने के लिए निर्णय लेने में सुविधा हो सके। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल 2022 के बाद के मद्यनिषेध के सभी मामले नये अधिनियम के तहत निष्पादित किये जाएंगे। शराब विनिष्टिकरण प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए जिस थाने में भी शराब विनिष्टिकरण लंबित है, वे शीघ्र शराब विनिष्टिकरण कर लें। उन्होंने कहा कि थानों द्वारा ब्रेथ एनेलाईजर का प्रयोग निरंतर किया जाए तथा आसूचना संग्रह किया जाए।
सूचक की जानकारी सार्वजनिक नहीं किया जाए। उन्होंने जिले के सीमावर्ती थानों को विशेष सर्तक रहने को कहा ताकि अन्य जिलों से शराब की आवाजाही न हो सके तथा भनरेबुल क्षेत्र में लगातार छापेमारी करते रहने का निर्देश दिया। जीविका के डी.पी.एम. द्वारा बताया गया कि जिले में नीरा का उत्पादन तेजी से किया जा रहा है, सूबे में यह 14वें स्थान पर पहुंच गया है। जिले में 33 नीरा बिक्री केन्द्र चल रहे हैं। डीएम ने इसमें और वृद्धि करने के निर्देश दिये। सहायक लोक अभियोजक, मद्य निषेध द्वारा बताया गया कि अप्रैल माह में मद्यनिषेध के 17 मामलों का निष्पादन कराया गया है, जिनमें 02 मामलों में 05--05 साल की सजा हुई है। डीएम द्वारा उन सबों के कार्य की प्रशंसा की गयी। भूमि विवाद मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में जिले के सभी अंचलों की जाँच करायी गयी है।
दरभंगा सदर अंचल में दाखिल-खारिज के अत्यधिक मामलें लंबित पाए गए है। उन्होंने भूमि सुधार समाहर्त्ता, सदर को 63 दिन से अधिक वाले लंबित मामलों में संबंधित अंचलाधिकारी के विरुद्ध स्वतः संज्ञान लेते हुए जुर्माना अधिरोपित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद के मामले में यदि दोनों पक्ष नहीं आ रहा है, तो एक पक्षीय निर्णय लिया जाए, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107, 133, 145 एवं 147 की कार्रवाई की जाए। सरकारी जमीन के मामलें में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत कार्रवाई की जाए। भू-मापी के मामलें में अभिलेख में प्रविष्टि नहीं करने के पाए गए मामले से भी अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि भू-मापी के सभी मामलों की प्रविष्टि अभिलेख में की जाए। दुबारा भू-मापी के लिए भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के यहाँ अपील करना अनिवार्य होता है। उन्होंने बहेड़ी, बहादुरपुर, अलीनगर सहित सभी अंचल से 01-01 कर उनके लंबित मामलों के संबंध में जानकारी ली।
April 30, 2022

29.04.2022 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में पेयजल समस्या को लेकर प्रभावित रहने वाले बिहार के 10 जिलों के जिलाधिकारियों एवं पीएचईडी के साथ बैठक की गयी।बैठक में कैमूर, जमुई, नालंदा, गया, नवादा, रोहतास, मुंगेर, बांका, पश्चिमी चंपारण एवं दरभंगा जिला के जिलाधिकारी एवं पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, वुडको एवं नगर निगम के पदाधिकारी शामिल थे। दरभंगा जिला के संबंध में जिलाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि दरभंगा के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में पेयजल की समस्या नहीं है। दरभंगा का भूजल स्तर औसतन 12 फीट 8 इंच है। दरभंगा नगर निगम के लालबाग क्षेत्र के बोरिंग खराब होने से वहाँ पेयजल की समस्या है, वहां बोरिंग लगाया जा रहा है बोरिंग के बन जाने पर वहां की समस्या दूर हो जाएगी। तत्काल 10 टैंकरों के माध्यम से वहाँ पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वुडको के द्वारा पानी पाइप लाइन से गृह संयोजन की गति धीमी रहने के कारण कुछ क्षेत्रों में पेयजल की समस्या है। यदि पाइप लाइन से सभी गृह का संयोजन कर दिया जाता तो समस्या समाप्त हो जाती है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को वुडको प्रबंधन निदेशक से बात कर इसमें जल्द कार्य करवाने के निदेश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि दरभंगा नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में 100 चापाकल पीएचईडी के माध्यम से लगवाया जा रहा है। साथ ही सभी 48 वार्ड में एक-एक समरसेबुल लगाया गया है तथा एक-एक समरसेबुल के लिए पीएचईडी को नगर निगम द्वारा राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
April 28, 2022

28.04.2022 (दरभंगा) : दरभंगा जिले के नवनिर्मित दरभंगा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार हेतु लगातार मांग के मद्देनजर दरभंगा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार हेतु जिला प्रशासन दरभंगा द्वारा 24 एकड़ जमीन चिन्हित किया गया है। परियोजना की महत्ता को देखते हुए जिला समाहर्ता सह जिलाधिकारी राजीव रौशन द्वारा स्वयं चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया गया एवं जमीन के किस्म का निर्धारण किया गया। अब दरभंगा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। वांछित जमीन उपलब्ध हो जाने से शीघ्र ही रनवे का विस्तार किया जा सकेगा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, अंचलाधिकारी सदर, अवर निबंधक, मंत्रिमंडल के उप सचिव के अतिरिक्त अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
April 28, 2022

28.04.2022 (दरभंगा) : विकसित बिहार के सात निश्चय योजना के तहत आर्थिक हल युवाओं के बल के अंतर्गत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को देने हेतु प्रत्येक प्रखंड में एक दिवसीय जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है। डीएम राजीव रौशन द्वारा इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र दरभंगा के 01-01 पदाधिकारी एवं 03-03 सिंगल विंडो ऑपरेटर को नामित करते हुए 04 जागरूकता दल का गठन किया गया है, जो रोस्टर के अनुसार प्रखंडों में जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। डीएम द्वारा जारी किया गया जागरूकता कार्यक्रम के अनुसार 04 मई को दरभंगा सदर प्रखंड में, 05 मई को बहादुरपुर प्रखंड, 06 मई को हनुमाननगर, 07 मई को बहेड़ी, 09 मई को हायाघाट, 11 मई को बेनीपुर, 12 मई को घनश्यामपुर, 13 मई को गौड़ाबौराम, 14 मई को बिरौल, 17 मई को कुशेश्वरस्थान, 18 मई को कुशेश्वरस्थान पूर्वी, 19 मई को मनिगाछी, 20 मई को तारडीह, 21 मई को किरतपुर, 23 मई को केवटी, 24 मई को जाले, 25 मई को सिंहवाड़ा एवं 26 मई को अलीनगर प्रखंड में प्रखंड स्तरीय जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रम में उस प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक (जीविका), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड समन्वयक, शिक्षा विभाग, प्रखंड प्रमुख, सभी मुखिया, सभी पंचायत समिति सदस्य, सभी सरपंच, सभी विकास मित्र, प्रखंड में संचालित बिजनेस स्किल्स एवं डेवलपमेंट सेंटर तथा स्किल डेवलपमेंट सेंटर के संचालक शामिल होंगे।