May 12, 2022

12.05.2022 (दरभंगा) : आगामी माह में बाढ़ की संभावना को देखते हुए दरभंगा शहरी सुरक्षा तटबंध एकमी-सिरनियाँ तटबंध का निरीक्षण डीएम राजीव रौशन ने जल संसाधन विभाग, दरभंगा प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता, अपर समाहर्त्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहाय के साथ किया। निरीक्षण के दौरान तटबंध सुरक्षा हेतु लगाये गये पत्थर के समीप घास-फूस एवं उगे हुए झाड़ की सफाई कराने तथा रैट हॉल्स एवं फोक्स हॉल्स को बन्द करवाने का निर्देश कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा प्रमण्डल को दिया। साथ ही बाढ़ के पूर्व पर्याप्त संख्या में बालू भड़े बैग का भंडारण रखने का निर्देश दिया। तटबंध निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नदी की ओर एक रैयत द्वारा पाँच से छः फीट की चाहर दिवारी उठाकर उसमें मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा है। संबंधित रैयत के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। सिरनियाँ तटबंध के 0.5 किलोमीटर पर अवस्थित सलुइस गेट से निकलने वाले नाला की सफाई कराने के लिए दरभंगा नगर निगम को आदेश दिया गया। साथ ही अंचलाधिकारी, बहादुरपुर को उक्त नाला की अतिक्रमित जमीन का सर्वेक्षण करवाकर शीघ्र अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
May 12, 2022

11.05.2022 (दरभंगा) : रेल संबंधी स्थायी समिति एवं रेल मंत्रालय के परामर्शदात्री समिति के सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने लहेरियासराय स्टेशन का औचक निरीक्षण किया वहीं यात्री सुविधा एवं स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान सांसद ने स्टेशन पर साफ सफाई, सुरक्षा,पूछताछ, पानी,शेड सहित यात्री सुविधा से जुड़े सभी चीजों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ ठाकुर ने वहां उपस्थित यात्रियों से बातचीत कर यथास्थिति से अवगत हुए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि लगभग 15 करोड़ की लागत से लहेरियासराय स्टेशन सहित इससे जुड़े क्षेत्र का विकास कार्य जल्द शुरू होगा। उन्होंने ने कहा 2.46 करोड़ की लागत से लहेरियासराय स्टेशन पर प्लेटफार्म का नवीनीकरण, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास एवं सड़क से स्टेशन तक एप्रोच सड़क का निर्माण होगा। 5.23 करोड़ की लागत से लहेरियासराय में लो कॉस्ट ओवरब्रिज का निर्माण भी जल्द प्रारंभ होगा, इसको लेकर विभागीय प्रक्रिया चल रहा है। उन्होंने कहा की 3.57 करोड़ की लागत से लहेरियासराय स्टेशन से पंडासराय गुमती तक सड़क निर्माण को भी स्वीकृति मिल चुकी है।सांसद डॉ ठाकुर ने बीते दिनों केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा लहेरियासराय से सहरसा के बीच तीन सीधी ट्रेनों का परिचालन को हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ किया गया है, जो मिथिला क्षेत्र के लोगों का बहुप्रतीक्षित मांग था। सांसद डॉ ठाकुर ने बीते कुछ महीना पहले लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर बहुप्रतीक्षित पैदल उपरिगामी पुल (फुट ओवरब्रिज) का निर्माण 2.25 करोड़ की लागत से पूरा कर लोकार्पण किया गया था। उन्होंने कहा की इस पुल के बन जाने से यात्रियों को काफी सुविधा हो गया है। अब लहेरियासराय स्टेशन पर भी यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आसानी से आवागमन कर रहे है।
निरीक्षण के दौरान समस्तीपुर डिवीजन के रेल प्रबंधक आलोक अग्रवाल से दूरभाष पर बात कर स्टेशन की यथास्थिति से अवगत कराते हुए कई दिशा निर्देश दिए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के नेतृत्व में दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला में रेल विकास के क्षेत्र में नया अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने कहा की रेल विकास के तहत 253 करोड़ की लागत से 9.8 किलोमीटर लंबी "काकरघाटी-शीशो बायपास" रेल लाइन निर्माण, 516 करोड़ की लागत से दरभंगा समस्तीपुर रेलखंड का दोहरीकरण, समस्तीपुर - दरभंगा - जयनगर रेलखंड का विद्युतीकरण एवं लहेरियासराय में 30 रेलवे क्वार्टर का निर्माण चल रहा है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा की मोदी सरकार के कार्यकाल में सभी कार्य एक दूरगामी विजन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, उसी को मद्देनजर रखते हुए केंद्र सरकार ने आरएलडीए को आगामी पचास वर्षों को ध्यान में रखते हुए दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने हेतु स्वीकृति दिया है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। इस दौरान सांसद के साथ अभयानंद झा, पारसनाथ चौधरी, ज्योतिकृष्ण झा लवली, प्रेम कुमार मिश्रा, घनश्याम राय, अभिषेक कर्ण, पिंटू कुमार झा सहित कई लोग उपस्थित रहें।
May 12, 2022

11.05.2022 (दरभंगा) : सचिव, ग्रामीण विकास, भारत सरकार की अध्यक्षता में मिशन अमृत सरोवर को लेकर बैठक की गयी। बैठक में बताया गया कि दरभंगा के 77 स्थलों को अमृत सरोवर के लिए चिन्हित किया गया है। अमृत सरोवर पोर्टल पर 29 स्थलों की प्रविष्टी कर ली गयी है। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा बताया गया कि जल संरक्षण के साथ साथ आम जनों की सुविधा हेतु प्रत्येक जिले के 75 तालाबों को विकसित कर अमृत सरोवर का निर्माण किया जाना है।सरोवर का निर्माण कम से कम 01 एकड़ में किया जाएगा साथ ही सरोवर की गहराई 10 फीट रखी जाएगी। सरोवर के चारो ओर इस तरह से चौड़ीकरण किया जाएगा कि लोग आराम से सरोवर के चारो ओर भ्रमण कर सकें, उस पर वृक्षारोपण कर सौंदर्यीकरण किया जा सके। बैठक के उपरान्त डीएम ने उप विकास आयुक्त व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जिन 29 स्थलों का चयन अमृत सरोवर निर्माण हेतु किया गया है, उनका डी.पी.आर. बनाकर जल्द ही कार्य आरंभ करा दिया जाए। यदि उन तालाबों में पानी बचा हुआ है, तो उसे भी निकलवाना पड़ेगा और उसके गाद को भी साफ कराने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अमृत सरोवर की निगरानी हेतु एक समिति बना ली जाए। उस समिति के सदस्यों के नाम अमृत सरोवर के समीप लगा दिया जाए। साथ ही जो लोग इसके निर्माण में अपना आर्थिक या श्रम योगदान देते हैं, उनके नाम भी लिखवाया जाए।उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर के निर्माण में आर्थिक पहलू को देखकर कार्य कराया जाए। सरोवर का निर्माण इस तरह हो कि उससे सिंचाई या मछली पालन या मखाना का उत्पादन किया जा सके।
डीएम ने कहा कि सरोवर का अन्दर का ढ़ाल 45 डिग्री से अधिक नहीं होनी चाहिए, नहीं तो इसके धसने की संभावना होती है। ऊपर के हिस्सा को 30 फीट की चौड़ाई में मिट्टीकरण किया जाए साथ ही वृक्षारोपण जिग-जैग वे में किया जाए, ताकि देखने में खुबसुरत लगे और वृक्ष के नीचे बैठने के लिए बेंच का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य प्रारंभ करने के दौरान निर्देशानुसार स्वतंत्रता सेनानी/शहीद के परिजन/पद्म श्री/पद्म विभूषण से सम्मानित व्यक्ति तथा महिलाओं को प्राथमिका दी जाए। उन्होंने कार्यारंभ के दौरान पद यात्रा या समारोह का आयोजन करने का भी निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो सके। उन्होंने कहा कि सरोवर निर्माण के दौरान उसमें से निकलने वाली मिट्टी का सदुपयोग किया जाए, जिसे रास्ता भरने या भवन निर्माण स्थल ऊँचा करने में उपयोग किया जाए। बैठक में एन.आई.सी. से डीएम राजीव रौशन, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
May 05, 2022

04.05.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा दरभंगा जिले में संचालित बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया।किशोर न्याय अधिनियम-2015 के तहत यह निरीक्षण समिति प्रत्येक तीन माह पर बाल देख-रेख संस्थानों का निरीक्षण करती है। डीएम के अलावा सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति व अन्य कर्मी निरीक्षण में शामिल हुए। सर्वप्रथम उन्होंने बाल गृह का निरीक्षण किया, जहाँ कुल 24 बच्चे आवासित पाए गए, जिनमें से 11 बच्चे विशेष इकाई के थे। डीएम श्री रौशन ने बच्चों से बात कर वहाँ खान-पान, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष इकाई के बच्चों को पढ़ाने व सिखाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद लेने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से बाहर कैंपस में खेलने के लिए निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने संगीत-कला आदि का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। पर्यवेक्षण गृह में निरीक्षण के समय बच्चे परिसर में कबड्डी खेलते हुए पाए गए। डीएम ने एक-एक कर बच्चों के खेल का आनंद लिया। गृह में 111 बच्चे आवासित पाए गए। डीएम ने बच्चों से गृह में आने के पीछे के कारण को जानने की कोशिश की और उन्हें सही रास्ते पर चलने व भविष्य को सही दिशा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अधीक्षक को बच्चों की आयु के अनुसार वर्गीकृत करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें टाइपिंग, कुकिंग, पेंटिंग आदि से जोड़ने का निर्देश दिया ताकि गृह से निकल कर वे अपना रोजगार शुरू कर सके। जिला शिक्षा पदाधिकारी को गृह में संगीत शिक्षक की प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया। खाजा सराय स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण में दो बच्चियाँ आवासित पाई गई। यह संस्थान कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत है। इसके अलावा अस्पताल या किसी अन्य साधन से बच्चों को गोद लेना अवैध एवं दंडनीय है।
May 05, 2022

04.05.2022 (दरभंगा) : DMCH स्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में एम्स को दी गयी जमीन को खाली करवाने को लेकर प्राचार्य डीएमसीएच व संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गयी। बैठक में डीएमसीएच, दरभंगा द्वारा एम्स को दी गयी जमीन पर बने स्ट्रक्चर (संरचना) को खाली कराने की स्थिति का जानकारी ली गयी। उन्होंने सबसे पहले डी.एम.सी.एच. के प्राचार्य को अपने संरचना को खाली कराकर दी गयी भूमि एम्स को सौपने का निर्देश दिया तथा खाली कराए जाने वाली संरचना में संचालित फिजियोलॉजी व अन्य विभाग के लिए बी.एम.एस.आई.सी.एल को अन्यंत्र भवन निर्माण करवा कर डी.एम.सी.एच. को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि संबंधित विभाग संचालित रहे। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन, बिजली विभाग, याँत्रिक विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपनी संचना को अन्यंत्र शिफ्ट करने एवं एम्स की जमीन पर अवस्थित स्ट्रक्चर को 15 जून तक खाली करवाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। गंदी बस्ती योजना एवं मलीन बस्ती के लोगों के लिए अन्यंत्र भूमि चिन्ह्ति कर उपलब्ध कराने का निर्देश अंचलाधिकारी, सदर को दिया गया। उन्होंने सभी संबंधित को हरहाल में 15 जून तक एम्स की जमीन को खाली कराकर मिट्टी भराई कार्य के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक के उपरान्त डीएम द्वारा उप विकास आयुक्त व वरीय पदाधिकारियों के साथ रेलवे लाईन के उस पर एम्स की जमीन में मिट्टी भराई कार्य का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, प्राचार्य, डी.एम.सी.एच., अपर समाहर्त्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी, अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच)-सह-नगर आयुक्त अखिलेश प्रसाद सिंह, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर मो. सादूल हसन एवं सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।