May 12, 2022

11.05.2022 (दरभंगा) : सचिव, ग्रामीण विकास, भारत सरकार की अध्यक्षता में मिशन अमृत सरोवर को लेकर बैठक की गयी। बैठक में बताया गया कि दरभंगा के 77 स्थलों को अमृत सरोवर के लिए चिन्हित किया गया है। अमृत सरोवर पोर्टल पर 29 स्थलों की प्रविष्टी कर ली गयी है। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा बताया गया कि जल संरक्षण के साथ साथ आम जनों की सुविधा हेतु प्रत्येक जिले के 75 तालाबों को विकसित कर अमृत सरोवर का निर्माण किया जाना है।सरोवर का निर्माण कम से कम 01 एकड़ में किया जाएगा साथ ही सरोवर की गहराई 10 फीट रखी जाएगी। सरोवर के चारो ओर इस तरह से चौड़ीकरण किया जाएगा कि लोग आराम से सरोवर के चारो ओर भ्रमण कर सकें, उस पर वृक्षारोपण कर सौंदर्यीकरण किया जा सके। बैठक के उपरान्त डीएम ने उप विकास आयुक्त व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जिन 29 स्थलों का चयन अमृत सरोवर निर्माण हेतु किया गया है, उनका डी.पी.आर. बनाकर जल्द ही कार्य आरंभ करा दिया जाए। यदि उन तालाबों में पानी बचा हुआ है, तो उसे भी निकलवाना पड़ेगा और उसके गाद को भी साफ कराने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अमृत सरोवर की निगरानी हेतु एक समिति बना ली जाए। उस समिति के सदस्यों के नाम अमृत सरोवर के समीप लगा दिया जाए। साथ ही जो लोग इसके निर्माण में अपना आर्थिक या श्रम योगदान देते हैं, उनके नाम भी लिखवाया जाए।उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर के निर्माण में आर्थिक पहलू को देखकर कार्य कराया जाए। सरोवर का निर्माण इस तरह हो कि उससे सिंचाई या मछली पालन या मखाना का उत्पादन किया जा सके।
डीएम ने कहा कि सरोवर का अन्दर का ढ़ाल 45 डिग्री से अधिक नहीं होनी चाहिए, नहीं तो इसके धसने की संभावना होती है। ऊपर के हिस्सा को 30 फीट की चौड़ाई में मिट्टीकरण किया जाए साथ ही वृक्षारोपण जिग-जैग वे में किया जाए, ताकि देखने में खुबसुरत लगे और वृक्ष के नीचे बैठने के लिए बेंच का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य प्रारंभ करने के दौरान निर्देशानुसार स्वतंत्रता सेनानी/शहीद के परिजन/पद्म श्री/पद्म विभूषण से सम्मानित व्यक्ति तथा महिलाओं को प्राथमिका दी जाए। उन्होंने कार्यारंभ के दौरान पद यात्रा या समारोह का आयोजन करने का भी निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो सके। उन्होंने कहा कि सरोवर निर्माण के दौरान उसमें से निकलने वाली मिट्टी का सदुपयोग किया जाए, जिसे रास्ता भरने या भवन निर्माण स्थल ऊँचा करने में उपयोग किया जाए। बैठक में एन.आई.सी. से डीएम राजीव रौशन, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
May 05, 2022

04.05.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा दरभंगा जिले में संचालित बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया।किशोर न्याय अधिनियम-2015 के तहत यह निरीक्षण समिति प्रत्येक तीन माह पर बाल देख-रेख संस्थानों का निरीक्षण करती है। डीएम के अलावा सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति व अन्य कर्मी निरीक्षण में शामिल हुए। सर्वप्रथम उन्होंने बाल गृह का निरीक्षण किया, जहाँ कुल 24 बच्चे आवासित पाए गए, जिनमें से 11 बच्चे विशेष इकाई के थे। डीएम श्री रौशन ने बच्चों से बात कर वहाँ खान-पान, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष इकाई के बच्चों को पढ़ाने व सिखाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद लेने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से बाहर कैंपस में खेलने के लिए निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने संगीत-कला आदि का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। पर्यवेक्षण गृह में निरीक्षण के समय बच्चे परिसर में कबड्डी खेलते हुए पाए गए। डीएम ने एक-एक कर बच्चों के खेल का आनंद लिया। गृह में 111 बच्चे आवासित पाए गए। डीएम ने बच्चों से गृह में आने के पीछे के कारण को जानने की कोशिश की और उन्हें सही रास्ते पर चलने व भविष्य को सही दिशा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अधीक्षक को बच्चों की आयु के अनुसार वर्गीकृत करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें टाइपिंग, कुकिंग, पेंटिंग आदि से जोड़ने का निर्देश दिया ताकि गृह से निकल कर वे अपना रोजगार शुरू कर सके। जिला शिक्षा पदाधिकारी को गृह में संगीत शिक्षक की प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया। खाजा सराय स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण में दो बच्चियाँ आवासित पाई गई। यह संस्थान कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत है। इसके अलावा अस्पताल या किसी अन्य साधन से बच्चों को गोद लेना अवैध एवं दंडनीय है।
May 05, 2022

04.05.2022 (दरभंगा) : DMCH स्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में एम्स को दी गयी जमीन को खाली करवाने को लेकर प्राचार्य डीएमसीएच व संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गयी। बैठक में डीएमसीएच, दरभंगा द्वारा एम्स को दी गयी जमीन पर बने स्ट्रक्चर (संरचना) को खाली कराने की स्थिति का जानकारी ली गयी। उन्होंने सबसे पहले डी.एम.सी.एच. के प्राचार्य को अपने संरचना को खाली कराकर दी गयी भूमि एम्स को सौपने का निर्देश दिया तथा खाली कराए जाने वाली संरचना में संचालित फिजियोलॉजी व अन्य विभाग के लिए बी.एम.एस.आई.सी.एल को अन्यंत्र भवन निर्माण करवा कर डी.एम.सी.एच. को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि संबंधित विभाग संचालित रहे। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन, बिजली विभाग, याँत्रिक विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपनी संचना को अन्यंत्र शिफ्ट करने एवं एम्स की जमीन पर अवस्थित स्ट्रक्चर को 15 जून तक खाली करवाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। गंदी बस्ती योजना एवं मलीन बस्ती के लोगों के लिए अन्यंत्र भूमि चिन्ह्ति कर उपलब्ध कराने का निर्देश अंचलाधिकारी, सदर को दिया गया। उन्होंने सभी संबंधित को हरहाल में 15 जून तक एम्स की जमीन को खाली कराकर मिट्टी भराई कार्य के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक के उपरान्त डीएम द्वारा उप विकास आयुक्त व वरीय पदाधिकारियों के साथ रेलवे लाईन के उस पर एम्स की जमीन में मिट्टी भराई कार्य का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, प्राचार्य, डी.एम.सी.एच., अपर समाहर्त्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी, अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच)-सह-नगर आयुक्त अखिलेश प्रसाद सिंह, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर मो. सादूल हसन एवं सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
May 05, 2022

03.05.2022 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कोलकाता में होटल ग्रांट ओबराय में बीपीसीएल के जीएम रउफ मोहमद खान, डीजीएम मनीष पाटनी एवं टेरेटरी मैनेजर सैलेश कुमार के साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एवं सीएनजी स्टेशन की स्थापना को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के सचिव सी एम शर्मा एवं ज्वाइंट सेक्रेटरी आनंद झा से दूरभाष पर बात करने पश्चात उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एवं पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन संचालित पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने दरभंगा सहित मिथिला के क्षेत्र के पांच जिला में पाइप लाइन के माध्यम से रसोई गैस आपूर्ति (पीएनजी) एवं सीएनजी पंप के स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इसके तहत इन चयनित जिलों में कार्य करने हेतु भारत पेट्रोलियम का चयन किया गया है। उन्होंने कहा की इसको लेकर संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है।सांसद ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जल्द ही एक डिटेल्स फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार किया जाएगा, और इसके बाद मास्टर प्लान बनाकर कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा की दरभंगा में इस कार्य का शुभारंभ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पूरी जी के कर कमलों से होगा। सांसद ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए की लागत वाले इस परियोजना के तहत दरभंगा जिला अंतर्गत दरभंगा सदर, बिरौल, बेनीपुर, बहेरी, बहादुरपुर, अलीनगर, हनुमाननगर, घनश्यामपुर, गौराबौराम, मनीगाछी, तारडीह, किरतपुर, सिंहवाड़ा, कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी, हायाघाट,जाले एवं केवटी प्रखंड के सभी रसोई उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा की इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सीएनजी पंप के स्थापना का प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ होगा।
दरभंगा में पीएनजी एवं सीएनजी की स्थापना को लेकर वह जीत के पश्चात से ही प्रयासरत थे एवं इस विषय को लेकर वह केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी एवं पूर्व के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से कई बार मिलकर आग्रह भी कर चुके थे, जिसके फलस्वरूप आज यह कार्य धरातल पर उतरने जा रहा है। सांसद ने कहा की आज का दिन मिथिलावासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने इस ऐतिहासिक कार्य को स्वीकृति प्रदान करने हेतु देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी जी को आठ करोड़ मिथिलावासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि सिटी गैस वितरण परियोजना के तहत इसका उपयोग घरेलू उपभोक्ता के साथ साथ होटल, अस्पतालों, रेस्तरां, कार्यालयों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में भी किया जाएगा। वहीं सीएनजी गैस का उपयोग टेम्पु, बस, ट्रक और कार सहित अन्य परिवहन गाड़ियों में किया जाएगा।सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि पीएनजी की सुविधा उपलब्ध हो जाने से घरेलू उपभोक्ताओं को काफी लाभ मिलेगा। लोगों को गैस की बर्बादी, सिलेंडर बदलने की झंझट, सिलेंडर बुकिंग इत्यादि झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
उन्होंने ने कहा की पीएनजी आने के बाद गैस सिलेंडर पर हो रहे खर्च में पचास प्रतिशत की बचत होगी। इसके अलावा पाइपलाइन से घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में गैस की सुरक्षित, सुनिश्चित और निरंतर आपूर्ति हो सकेगा। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के उपयोग ने वाहनों से निकलने वाले धुआं के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सीएनजी दूसरे ईंधनों से काफी सस्ता प्राकृतिक ईंधन है तथा इसके उपयोग से पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दरभंगा सहित मिथिला के विकास के लिए काफी तत्पर है, जिसके तहत दरभंगा एवं मिथिला को एक के बाद कई परियोजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं बीपीएसएल के महाप्रबंधक मोहमद खान ने कहा कि दरभंगा में सीएनजी एवं पीएनजी के इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार का सृजन एवं प्रदूषण नियंत्रण होगा और लोगों को रसोई गैस पर हो रहे खर्च में बचत होगी। बैठक के दौरान सांसद के साथ मिथिला विकास परिषद के अध्यक्ष अशोक झा एवं अशोक कुमार उपस्थित रहें।
May 05, 2022

02.05.2022 (दरभंगा) : सघन मिशन इन्द्रधनुष 4.0 तृतीय चक्र की शुरुआत आँगनवाड़ी केन्द्र संख्या - 155, चौपाल टोल, अलीनगर, शहरी क्षेत्र में सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार सिन्हा द्वारा तेरह दिन के शिशु आयुष को पोलियो खुराक पिलाकर एवं तीन माह की गर्भवती को टीकाकरण कार्ड देकर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कारण बहुत बच्चें एवं गर्भवती महिला नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं, वे इस कार्यक्रम के तहत अवश्य अपना टीकाकरण करावें। इसके साथ ही उन्होंने सभी जन समुदाय को सच्चे मन से टीकाकरण को बढ़ाने में अपना सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम बृहद पैमाने पर चलाया जा रहा है, ताकि शिशुओं को बारह जानलेवा बीमारी से एवं गर्भवती महिला का प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात जाँच कर उनकी जिंदगी बचायी जाए। फिलहाल दरभंगा जिला का नियमित टीकाकरण का प्रतिशत 69 तक है, शत प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सघन मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम के तहत जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी क्षेत्रों में कुल 522 सत्र स्थलों पर जन्म से दो साल तक के 10094 बच्चें एवं कुल 1359 गर्भवती महिला का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम तीन चक्र में चलेगा यथा - प्रथम चक्र 07 मार्च से 13 मार्च तक की गई, द्वितीय चक्र 04 अप्रैल से 10 अप्रैल तक तथा अब यह तृतीय अंतिम चक्र 02 मई से 09 मई तक चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया की इस अभियान की सफलता हेतु सभी सत्र स्थलों के पोषण क्षेत्र में घर-घर घूमकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का सर्वे का कार्य करा लिया गया है। सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं आँगनवाड़ी सेविका का प्रशिक्षण भी पूरा करा दिया गया है। विभिन्न विभागों के सहयोग से जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारी के द्वारा सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण का कार्य कराया जाएगा, इसके साथ ही प्रत्येक कार्य दिवस को संध्याकालीन बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसाधारण में अभियान के प्रति जागरूकता करने हेतु विस्तृत संचार योजना बनायी गयी है, साथ ही प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरुक करने का कार्यक्रम चलाया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर से जिला स्तर तक लोगों को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार गतिविधि जारी है। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी से अनुरोध किया गया कि इस अभियान को सफल बनाए तथा- बारह जानलेवा बीमारी यथा - पोलियो, टीबी, टेटनेस, न्यूमोनिया, खसरा, रूबैला, जापानी इंसेफेलाइटिस, डायरिया, काली खाँसी, गोलघोटू, हेपटाइटिस बी, मस्तिष्क ज्वर से बच्चों का जिंदगी बचाएं। इस अवसर पर डीपीएम विशाल कुमार सिंह यूनीसेफ के एस. एम.सी. शशि कान्त सिंह, ओंकार चन्द्र, चाई के सत्य प्रकाश, एएनएम श्वेता कुमारी, आंगनवाड़ी संगीता देवी तथा बच्चे एवं गर्भवती माताओं के साथ-साथ अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।