May 16, 2022

15.05.2022 (दरभंगा) : 07 अप्रैल 2022 को बिरौल थाना अंतर्गत सुपौल शाखा के पंजाब नेशनल बैंक लूटकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी अवकाश कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया की अज्ञात 5- 6 अपराधकर्मियों द्वारा आग्नेयास्त्र का भय दिखाकर बैंक से करीब 46 लाख रूपए की लूट की घटना को अंजाम दिया था। उक्त घटना के उद्भेदन हेतु SIT का गठन किया गया, जिन्होंने वैज्ञानिक एवं तकनिकी अनुसंधान के आधार पर 05 बदमाशों को गिरफ्तार किया है बाकी अन्य के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मो. खुर्शीद आलम बकारी निवासी थाना खोदाबंदपुर जिला बेगूसराय, मो. रहमत जिला बेगूसराय, मो. आसिफ व असलम आज़ाद निवासी उदयपुर थाना रोसड़ा तथा दरभंगा जिला के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के सिसौना निवासी गंगा राम मुखिया के रूप में हुई है। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की गिरफ्तार बदमाशों के पास से गोली, पिस्टल, घटना में प्रयुक्त आई-20 उजले रंग की कार, यामाहा मोटरसाइकिल, 07 स्मार्ट फ़ोन और 07 लाख इकतीस हज़ार छः सौ रूपए बरामद हुई है। उन्होंने बताया की इस लूटकांड की घटना में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के सिसौनी निवासी गंगाराम ने लाइनर की भूमिका निभायी थी तथा तीन बदमाशों का आपराधिक इतिहास पाया गया है जिनपर विभिन्न थानों में पूर्व से ही मामला दर्ज़ है। एसएसपी ने बताया की 04 अपरदधकर्मियों का बैंक डकैती की घटना में संलिप्त होना पाया गया है तथा घटना में संलिप्त अन्य 05 अभियुक्तों का पहचान किया गया है जिसकी गिरफ़्तारी हेतु छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा की इस घटना के उद्भेदन करने में SIT टीम को पुरुस्कृत करने हेतु अनुशंसा भेजी जा रही है।
May 14, 2022

14.05.2022 (दरभंगा) : राष्ट्रीय सेवा योजना की महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय इकाई द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम का आयोजन पूरे हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत योग संबंधी व्याख्यान, योग संबंधी क्विज प्रतियोगिता तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय के स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाओं ने बढ़- चढ़कर भाग लिया तथा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इस कार्यक्रम के वक्ता डॉ दिवाकर नाथ झा ने कहा कि योग एक साधना है जिससे प्राप्त शक्ति से शरीर और मन में एक संतुलन स्थापित होता है और यही शक्ति मनुष्य को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है। सदियों पुरानी हमारी योग परंपरा वास्तव में मनुष्य जीवन के परमलक्ष्य तक जाने वाले मार्ग को प्रशस्त करता है जिससे मनुष्य अंततोगत्वा अपने जीवन के परम आनंद को प्राप्त करता है। डॉ शम्शे आलम ने कहा कि हमारा शरीर मस्तिष्क, आत्मा और मन का एक पुंज है। हमारे ऋषि-मुनियों ने योग नामक एक ऐसी विधा का अविष्कार किया था जो मस्तिष्क, आत्मा और मन को जोड़ कर एक पुंज बनाता है। इस पुंज के जुड़ने पर ही मन नियंत्रित होता है और आत्मा में ईश्वर का निवास होता है। यदि हम सभी धर्मों के ध्यान, उपासना या नमाज अदा करने के तौर-तरीकों पर ध्यान दें तो हम पाते हैं कि सभी धर्मों में उपासना की जितनी भी विधाएं हैं वह सभी योग का ही एक रूप है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि धर्म कोई भी हो योग एक है, लक्ष्य एक है।
इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ सरोज चौधरी ने योग की महत्ता एवं उसका छात्रों पर प्रभाव विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान वैश्वीकरण के युग में आज योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं जुड़ा है बल्कि योग विरक्ति और समष्टि से जुड़ा है। वस्तुतः ध्यान ही योग है। मानव की चित्त वृत्तियां अत्यंत चंचल होती है जो कि उसे नकारात्मक प्रवृति की ओर ज्यादा उन्मुख करती है ऐसी अवस्था में आज हम सभी के लिए यह आवश्यक हो गया है कि योग के द्वारा अपनी चित्त की वृत्तियों को नियंत्रित करके सकारात्मक प्रवृत्ति की ओर उन्मुख हो और न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र को भी स्वस्थ,सकारात्मक और संतुलित वातावरण बनाने की दिशा में अपना योगदान दें। योग पुरुषार्थ से संबंधित है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि यह किसी पुरुष जाति विशेष से संबंधित है क्योंकि योग सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय से संबंधित है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ परवेज अख्तर ने अपने अध्यक्षीय भाषण में योग की महत्ता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा देश योग विधा का जनक रहा है। 21 जून को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाया जाना वर्तमान समय में भी इसकी प्रासंगिकता और महत्ता को दर्शाता है। हम सभी को अपने दैनिक जीवन में योग को स्थान देना चाहिए ताकि हम निरोग रह सके तथा एक स्वस्थ समाज के निर्माण में हमारा जो दायित्व है उसका हम निर्वहन कर सके। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम का 14 मई एवं 20 जून को सुनिश्चित किया जाना वास्तव में सराहनीय है। हम सभी उनके इस दृढ़ संकल्प के साथ है। मुझे विश्वास है कि यह अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम देश में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा जिसका लाभ हमारे स्वयंसेवक और स्वयंसेविकायें ले पायेंगे और अपने जीवन के साथ- साथ समाज को भी सही दिशा में ले जाने में सक्षम हो पायेंगे।
इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ रीता कुमारी ने सफलतापूर्वक किया। योग संबंधी व्याख्यान कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रियंका राय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। योग संबंधी व्याख्यान कार्यक्रम के उपरांत योग संबंधी क्विज प्रतियोगिता तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्विज प्रतियोगिता में मोहम्मद अब्दुल्ला खान ने प्रथम स्थान, रविशंकर प्रसाद ने द्वितीय स्थान तथा जयकांत कुमार और राधिका शीतल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। योग संबंधित पोस्टर प्रतियोगिता में हर्ष राज झा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उक्त प्रतियोगिताओं का संचालन डॉ सुनीता कुमारी, डॉ गीतांजलि चौधरी, डॉ श्वेता शशि तथा डॉ रीता कुमारी ने किया।
May 14, 2022

14.05.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय परिसर से सेव द चिल्ड्रन व यूनिसेफ संस्था द्वारा बाल श्रम निषेध अभियान के अन्तर्गत बाल श्रम निषेध जागरूकता रथ को डीएम राजीव रौशन, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नूपुर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। तदोपरांत डीएम द्वारा संवाददाता को संबोधित करते हुए कहा कि यह जागरूकता रथ जिले के 06 प्रखण्डों यथा - बहादुरपुर, बहेड़ी, हायाघाट, दरभंगा सदर, सिंहवाड़ा एवं जाले प्रखण्ड में जाकर आमजनों को बाल श्रम निषेध के बारे में जागरूक करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार सरकार द्वारा 30 अप्रैल 2022 को राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाया गया एवं 12 जून 2022 को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर यूनिसेफ द्वारा एक माह का बाल श्रम निषेध जागरूकता माह का आयोजन बिहार के कई जिलों में किया जा रहा है। बाल श्रम (निषेध व नियमन) कानून 1986- के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को 13 पेशा और 57 प्रक्रियाओं में, जिन्हें बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए अहितकर माना गया है, नियोजन को निषिद्ध बनाता है। इन पेशाओं और प्रक्रियाओं का उल्लेख कानून की अनुसूची में है। बाल श्रम निषेध जागरूकता रथ का आयोजन बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, इसमें सेव द चिल्ड्रेन यूनिसेफ की अहम भूमिका है।
May 14, 2022

14.05.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर संबंधित पदाधिकारियों, अभियंताओं, अंचलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में अबतक की तैयारी की गहन समीक्षा की गयी। जल संसाधन विभाग के झंझारपुर बाढ़ प्रमण्डल-1, झंझारपुर बाढ़ प्रमण्डल-2, दरभंगा बाढ़ प्रमण्डल, हथौड़ी बाढ़ प्रमण्डल एवं निर्मली बाढ़ प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंताओं से बारी-बारी से अपने तटबंधों की स्थिति की समीक्षा की गयी। डीएम ने कहा कि जिस बाढ़ प्रमण्डल के तटबंध दरभंगा जिला में जितनी दूरी तक है, उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भी संबंधित प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता की है।
उन्होंने संवेदनशील कटाव स्थलों पर पर्याप्त संख्या में मिट्टी भरे हुए बैग की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों का सर्वे करवा लेने का निर्देश दिया गया और जिन स्थलों पर कार्य कराने की आवश्यकता है, उसकी सूचना लिखित में संबंधित बाढ़ प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता को दे देने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सभी प्रखण्डों में वर्षा मापक यंत्र का दुरूस्त करवा लेने का निर्देश दिया। बताया गया कि जाले प्रखंड को छोड़कर बाँकि सभी प्रखण्डों में वर्षा मापक यंत्र क्रियाशील है। प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहायक ने बताया कि चुड़ा, गुड़, सत्तु, पॉलिथीन सिट्स इत्यादि सामग्रियों की निविदा हो गयी है एवं टेंट तथा जेनरेटर के लिए दर का निर्धारण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ सहायता अनुदान राशि के त्वरित भुगतान हेतु सम्पूर्ति पोर्टल पर लाभुकों के नाम, आधार व बैंक खाता संख्या को अपडेट करना है। सभी अंचलाधिकारी को इसके लिए निर्देश दिये जा चुके है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सम्पूर्ति पोर्टल पर मृतकों के नाम एवं गलत नाम हटाते हुए नये लाभुकों नाम जोड़ने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ 18 मई से पहले कर ली जाए।
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशुचारा के लिए निविदा हो गयी है तथा दर का निर्धारण हो गया है। डीएम ने पशु कैम्प, पशु दवा एवं भ्रमणशील पशु चिकित्सा दल का गठन शीघ्र कर लेने का निर्देश दिया। बताया गया कि जिले में 02 महाजाल उपलब्ध है तथा 152 सरकारी नाव एवं 747 निजी नाव उपलब्ध है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को निजी नाविकों के साथ एकरारनामा कर लेने तथा जिला परिवहन कार्यालय से नाव का निबंधन करा लेने एवं नाव का भौतिक सत्यापन कर लेने का निर्देश दिया। साथ ही 16 मई तक सभी नाविकों के लंबित भुगतान कर देने का निर्देश दिया। आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 20,000 पॉलिथीन सिट्स एवं 100 लाइफ जाकेट उपलब्ध है। डीएम ने सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों को 500-500 पॉलिथीन शीट्स तथा बिरौल अनुमण्डल को 2,500 एवं बेनीपुर अनुमण्डल को 1,200 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध करा देने का निर्देश दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन को जिला नियंत्रण कक्ष एवं अनुमण्डल तथा अंचल स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करते हुए दूरभाष संख्या प्रचारित कराने का निर्देश दिया। उपलब्ध गौताखोरो का सत्यापन करा लेने तथा उनका नम्बर प्रेषित करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि एस.डी.आर.एफ. के 05 मोटर वोट जिले में उपलब्ध हैं, जिनमें 02 परिचालन योग एवं 03 में मरम्मति की आवश्यकता है। डीएम ने एस.डी.आर.एफ., दानापुर को शीघ्र ही इन 03 मोटर वोटों की मरम्मति करा लेने हेतु पत्र प्रेषित करने का निर्देश अपदा प्रबंधन पदाधिकारी को दिया। बाढ़ के दौरान तथा अग्नि कांड से हुई गृह क्षति का लंबित भुगतान 18 मई से पहले कर देने का निर्देश दिया। बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि उनके पास सर्पदंश की 06 हजार एवं कुत्ता काटने की 16 हजार इन्जेक्शन के साथ सभी आवश्यक दवाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा उन्होंने 28 चलंत चिकित्सा दल का भी गठन कर दिया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान का भुगतान किया जा चुका है। डीएम ने किसान सलाहकार के माध्यम से मौजावार किसानों द्वारा लगाये गये फसल का सर्वे करा लेने का निर्देश दिया, ताकि बाढ़ के दौरान फसल क्षति का आसानी से आकलन किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि जिले में 434 बाढ़ शरण स्थली तथा 13 बाढ़ आश्रय स्थल चिन्ह्ति कर लिया गया है, उन सबों में पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अद्यतन कर लेने का निर्देश पी.एच.ई.डी. के कार्यपालक अभियंता को दिया गया। उन्होंने पाँचों बाढ़ प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंताओं को 15 जून से प्रतिदिन अपने कनीय अभियंता, सहायक अभियंता एवं स्वंय रोस्टर के अनुसार अपने सभी बाँधो का पूर्णतः निरीक्षण प्रतिदिन करने एवं निरीक्षण स्थल से जियोटैग फोटो जिला आपदा के व्हाट्सएप ग्रुप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कार्यपालक अभियंता, जल निस्सरण ने बताया कि जिले में केवटी, बहादुरपुर एवं हनुमाननगर में करीब 1100 किलोमीटर में जमीनदारी बाँध है, जिसमें 850 किलोमीटर जल निस्सरण विभाग को देख-रेख करने हेतु मिला है।
डीएम ने उन्हें अपने बांधों को दुरुस्त करवाने तथा संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करते हुए पर्याप्त संख्या में विक्की भरे बैग रखने के निर्देश दिए। डीएम ने सभी बाढ़ प्रमण्डल को अपने-अपने स्लूईस गेट को दुरूस्त करवा लेने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को अपने-अपने सड़क को दुरूस्त करवा लेने तथा बाढ़ क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग अपने सड़कों के सभी पुल/पुलियाँ को दिखवा लें, कहीं भी पुलिया जाम ना रहे तथा पानी का प्रवाह बाधित न हो। साथ ही ब्रिक बैग पर्याप्त संख्या में भंडारण कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सड़क को मोटरेबल बनाया जा सके। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास सेवाएँ) को गर्भवती महिला, बच्चों एवं बुजूर्गों की सूची तैयार कर लेने का निर्देश दिया। बिजली विभाग को अपने ट्रॉसफर्मर एवं झुलते हुए जर्जर तार को दुरूस्त करवा लेने का निर्देश दिया। जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी को बाढ़ के दौरान क्या करें, क्या न करें का प्रचार-प्रसार करवाने का निर्देश दिया।
May 14, 2022

14.05.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में नमामि गंगे को लेकर समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में डीएम ने जिला योजना पदाधिकारी नवीन कुमार को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नम्बर - 08 में यदि कोई जमीन उपलब्ध होता है, तो अंत्येष्टि के लिए शवदाह गृह का निर्माण करवाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए उसकी सभी सहायक नदियों को भी प्रदूषण मुक्त रखना होगा, क्योंकि कहीं न कहीं सहायक नदियाँ गंगा नदी में जाकर मिलती है। उसे प्रदूषण मुक्त रखने के लिए उसमें मिलने वाले नाला के पानी को साफ करने हेतु संगम स्थल से पूर्व जल शुद्धिकरण प्लांट लगाने की आवश्यकता होगी। साथ ही उसके आस-पास के श्मसान के लिए भी शवदाह गृह बनवाने की आवश्यकता होगी, इसलिए ऐसे स्थलों को चिन्ह्ति कर कार्य योजना बनाई जाए। यदि कहीं कारखाना का पानी सीधे नदी में गिरता है, तो वहाँ भी जल शुद्धिकरण प्लांट लगाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने नगर आयुक्त कुमार गौरव को भी शहरी क्षेत्र के वैसे नालों का सर्वे करा लेने का निर्देश दिया। बैठक में नगर आयुक्त कुमार गौरव, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला योजना पदाधिकारी नवीन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी राधा रमण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।