June 07, 2022

07.06.2022 (दरभंगा) : 13585 करोड़ की लागत से 15 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास हेतु पटना पहुंचे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पटना एयरपोर्ट आगमन पर दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने मिथिला परंपरा अनुसार पाग, चादर व मखान माला से स्वागत एवं अभिनंदन किया। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि बिहार में एनएच सड़कों के समुचित विकास हेतु देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा 55000 करोड़ रुपया पीएम पैकेज से दिया गया है, वहीं सड़क एवं परिवहन नितिन गडकरी जी के विजनरी नेतृत्व में लगभग एक लाख करोड़ से अधिक का कार्य प्रगति पर एवं प्रक्रियारत है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी जी के कर कमलों द्वारा 1742 करोड़ के महात्मा गांधी सेतु सुपरस्ट्रक्चर रिप्लेसमेंट परियोजना का लोर्कापण एवं उमगांव से भेजा तक दो लेन पेब्ड शोल्डर सड़क परियोजना सहित ग्यारह परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है।
वहीं केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी सेतु हिंदुस्तान का सबसे लंबा स्टील ब्रिज है, जो लगभग छः किलोमीटर लंबा है और इसमें 67 हजार टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा में 217 करोड़ की लागत से पांच आरओबी के निर्माण, रिंग रोड निर्माण, भारत माला परियोजना के लगभग 7500 करोड़ की लागत 200 किलोमीटर लंबा बिहार के पहले आमस - दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क, भारत माला धार्मिक संपर्क योजना के तहत उमगांव (उच्चैठ भगवती) से महिषी (तारास्थान) तक बनने वाली सड़क और इस परियोजना के तहत देश का सबसे लंबा पुल का निर्माण, 500 करोड़ की लागत से लहेरियासराय से रोसड़ा पथ को एनएच सड़क में परिवर्तित करने (एनएच 527E), दरभंगा हवाई अड्डा से जयनगर सड़क को एनएच फोर लेन सड़क में परिवर्तित करने, मझौली से चिरौत फोर लेन सड़क निर्माण को मंजूरी प्रदान करने हेतु केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार प्रकट किया।
वहीं सांसद डॉ ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से कई एनएच सड़क एवं लिंक पथों का भी मांग किया, जिसमे आज उमगांव (उच्चैठ भगवती) से महिषी तारा स्थान तक भारतमाला परियोजना से दो लेन सड़क का शिलान्यास हुआ है, उक्त सड़क में भेजा के पास कोसी नदी पर देश का सबसे लंबा पुल निर्माणाधीन है। सांसद ने मंत्री से आग्रह किया है कि निर्माणाधीन पुल से एक लिंक रोड वाया किरतपुर, गंडौल (एसएच17) होते हुए महिषी तारा स्थान तक बनाया जाए, जिसकी लंबाई लगभग 32 किमी है। जिसके बन जाने से चार जिला एवं चार लोकसभा क्षेत्र का आपस में जुड़ाव हो जाएगा और लाखों लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने वरूणा-रसियारी (S.H-88) सड़क जो निर्माणाधीन है, उसे एनएच सड़क में परिवर्तित करने एवं रसियारी से लगभग 12 किलोमीटर भेजा, जहां से उमगांव (उच्चैठ)- तारास्थान महिषी सड़क जा रही है, उसमें मिलाने का आग्रह किया। सांसद ने लहेरियासराय (रामनगर आईटीआई) से रोसडा एनएच सड़क में बहेडी बाजार को लगभग 8 किलोमीटर लिंक रोड से जोड़ने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे सड़क के एलाइनमेंट में दरभंगा को भी शामिल करने का अनुरोध किया। सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा- सहरसा - पूर्णिया नए ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क निर्माण को भी स्वीकृति देने का आग्रह किया।
उन्होंने दरभंगा शहर में पिछले महीने स्वीकृत पांच आरओबी के पश्चात बचे पांच अन्य आरओबी को जल्द स्वीकृति देने का भी अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया। सांसद ने इसके अलावा सकरी एनएच57 से कुशेश्वरस्थान- खगड़िया प्रस्तावित 135 किलोमीटर सड़क को धरौडा से दोनार दरभंगा, लगभग 22 किलोमीटर लंबे लिंक पथ से जोड़े जाने का भी आग्रह किया। सांसद ठाकुर ने कहा कि दरभंगा सहित मिथिला में एनएच एवं एनएचएआई सड़कों का अधिक से अधिक निर्माण हो इस दिशा में प्रारंभ से ही प्रयासरत रहे हैं और इसको लेकर कई बार केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा एवं मांग कर चुके हैं तथा लोकसभा पटल पर भी मांग करते रहे हैं। सांसद डॉ ठाकुर ने दरभंगा सहित मिथिला में आरओबी, एनएच एवं एनएचएआई की कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन को आठ करोड़ मिथिलावासियों की ओर से धन्यवाद दिया।
June 07, 2022

06.06.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय के सभी कार्यालय के पदाधिकारी, लिपिक एवं अन्य कर्मीगणों की उपस्थिति 06 जून से बॉयोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज होगी, जिसमें उपस्थिति का समय स्वतः दर्ज हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार, पटना द्वारा निर्गत पत्र में निहित निर्देश के आलोक में राज्य के सभी कार्यालयों में BBAS के माध्यम से Biometric Attendance Device लगाने हेतु निर्देश संसूचित है। जिसके आलोक में 06 जून को डीएम राजीव रौशन के द्वारा फीता काटकर इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डीसीएलआर सदर सादुल हसन खां, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा, उप निर्वाचन पदाधिकारी पुष्कर कुमार, जिला आईटी प्रबंधक संजय कुमार सहनी, कार्यालय के सभी प्रशाखा पदाधिकारी एवं अन्य कर्मीगण उपस्थित थे। डीएम ने कहा कि बॉयोमेट्रिक सिस्टम प्रारम्भ हो जाने से प्रशासनिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता की दृष्टिकोण से इसका महत्व है, इससे उपस्थिति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यों का निर्वहन समय पर करेंगे, उनमें दायित्व की एक भावना विकसित होगी और सुनिश्चित ढंग से इसका मैनेजमेंट होगा। उपस्थिति दर्ज करने का एक रजिस्टर मेंटेन करने में जो समय जाया होता है या जो कार्य प्रणाली में कठिनाई होती है, उसका इससे समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा निर्देश दिया गया है कि 15 जून तक इस कार्य को सभी कार्यालयों में पूर्ण करा लिया जाए। हम समय पर कार्य पूर्ण करा लेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों को समय पर कार्यालय आना अनिवार्य हो गया है। क्योंकि विलम्ब से आने पर बॉयोमेट्रिक सिस्टम में समय दर्ज हो जाएगा।
June 07, 2022

05.06.2022 (दरभंगा) : महाराजाधिराज लक्ष्मेश्वर सिंह संग्रहालय में डीएम राजीव रौशन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक संवाद किया गया। राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर दरभंगा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कुल 100 फलदार एवं औषधीय वृक्षों का रोपण किया गया। प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि पर्यावरण के प्रति जनमानस की जागरूकता बढ़ाने हेतु 4 जून को प्रभात फेरी निकाली गई थी, जिसमें श्रम संसाधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जीवेश मिश्रा ने भाग लिया था। उनके द्वारा बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक पिलाई गई थी एवं 600 वृक्षों का वितरण भी किया गया था। आज बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर उन वृक्षों का वृक्षारोपण कर उसका फोटो एवं वीडियो महाविद्यालय कार्यालय को उपलब्ध कराया। प्राचार्य ने बताया की जिनके द्वारा पौधों का रोपण एवं संरक्षण समुचित ढंग से किया जाएगा। उन्हें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को सम्मानित किया जाएगा।महाविद्यालय के मुख्य परिसर में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, दरभंगा प्रमंडल के द्वारा प्रदत्त फलदार वृक्ष एवं अमृत औषधीय पौधा उत्पादक कृषक हित समूह के संरक्षक सुधीर प्रसाद के द्वारा उपलब्ध कराए गए।
औषधीय पौधों का रोपण डॉ दिनेश कुमार, मोहनपुर ग्राम के प्रधान राजकुमार दास, उप प्रधान रंजीत यादव, पूर्व मुखिया मोहन चौधरी, जितेंद्र पासवान, संजय यादव, प्रमोद यादव, साधु यादव, कौशल यादव, ईशा फाउंडेशन वालेंटियर रोहित, सुमित, जितेंद्र कुमार, संदीप, शंकर एवं ग्रामीण महिलाओं में फूलों देवी, मंजू देवी, राम सुनौली देवी आदि के द्वारा किया गया। मोहनपुर ग्राम पंचायत के मुखिया राजकुमार दास ने प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद के वृक्षारोपण कार्य की सराहना करते हुए यह कहा कि पर्यावरण के लिए वृक्षारोपण वरदान साबित होगा। वृक्षों से हमें जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। उपप्रधान रंजीत यादव ने यह संदेश दिया कि हमें जागरूक होकर हर उत्सव पर वृक्षारोपण का अवश्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिनेश कुमार ने कहा वृक्षों से हमें शुद्ध हवा, भोज्य सामग्री के अतिरिक्त औषधी की भी प्राप्ति होती है। पेड़-पौधों से हमारे जीवन का पोषण, संवर्धन एवं संरक्षण भी होता है। रोगी होने पर हमें औषधि की प्राप्ति इन्हीं वृक्षों से होती है। विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की मूल आत्मा वृक्ष रुपी औषधि ही है। अतः हमें जीवन संरक्षक वृक्षों का रोपण हर पर्व त्यौहार एवं उत्सव के समय करना आवश्यक रूप से करना चाहिए। इस कार्यक्रम में प्रधान एवं ग्रामीण महिलाओं के द्वारा यह नारा लगाया कि -सांसे हो रही है कम, आओ पेड़ लगाए हम, लगाए हम।
June 07, 2022

04.06.2022 (दरभंगा) : राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर दरभंगा में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर आमजनों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता हेतु प्रभात फेरी निकाली गई। उक्त प्रभात फेरी में मंत्री, श्रम संसाधन व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार, जीवेश मिश्रा ने भी भाग लिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में आमजनों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा एवं उसके संरक्षण करने के लिए वृक्षों का वितरण भी किया। प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया की प्रतिमाह के पुष्प नक्षत्र में स्वर्ण प्राशन की खुराक बच्चों को पिलाई जा रही है। 4 जून को पुष्य नक्षत्र के दिन बच्चों को मंत्री जीवेश मिश्रा के हाथों से स्वर्ण प्राशन की खुराक पिलाई गई एवं उन सभी बच्चों को औषधीय एवं फलदार वृक्षों का वितरण भी किया गया।
इस वृक्ष को 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रोपण किया जाएगा। महाविद्यालय के मुख्य कैंपस मोहनपुर एवं कामेश्वर नगर आयुर्वेदिक अस्पताल में कुल 175 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक पिलाई गई। आमजनों के बीच 600 वृक्षों का वितरण किया गया। महाविद्यालय के मुख्य परिसर मोहनपुर में आज महारानी रमेश्वरी जी के नाम पर 'रमेश्वरी वनौषधि वाटिका' का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद, डॉ. विनय कुमार शर्मा, डॉ भानु प्रताप राय, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मनीष कुमार, डॉ. अमोद कुमार, डॉ. वीजेन्द्र कुमार, डॉ. मुकेश कुमार एवं उप प्रधान रंजीत यादव के द्वारा किया गया। इस अवसर पर इस वाटिका में नाना प्रकार के औषधियों का रोपण किया गया।महाविद्यालय परिसर में नवग्रह आयुर्वेद वाटिका को लगाया गया है, आज पंचवटि को भी लगाया गया। इस वाटिका को पूर्ण रूप से विकसित किया जा रहा है, ताकि सत्र 2022 में नीट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्र लाभान्वित हो सकेंगे।
मंत्री जीवेश मिश्रा ने प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद के द्वारा इस महाविद्यालय के विकास में किए जा रहे हर सार्थक प्रयास की भूरी- भूरी प्रशंसा करते हुए कहा की मिथिलांचल की धरती पर इस महाविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने रमेश्वरी वनस्पति वाटिका के उद्घाटन समारोह की प्रशंसा करते हुए कहा यह कार्यक्रम महारानी रमेश्वरी जी के सम्मान के लिए बहुत ही उत्कृष्ट कार्य प्राचार्य के दिशा निर्देश में किया गया। इस वाटिका से लोगों को औषधीय पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। कार्यक्रम के आयोजक डॉ दिनेश कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर यह संदेश दिया की हम सब प्रतिवर्ष हर शुभ अवसर पर निश्चित रूप से एक वृक्ष का रोपण करें ताकि हमारा पर्यावरण हमारे स्वास्थ्य के लिए उत्तम हो सके।
समाज सेवी सुधीर कुमार ने भी औषधीय पौधों को वितरण हेतु उपलब्ध कराया। इस अवसर पर अजीत गामी, अर्चना कुमारी, रूपम कुमारी, अमृता कुमारी, मीनू कुमारी, अजय ,राम बृजेश, शंकर, जितेंद्र कुमार आदि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
June 02, 2022
02.06.2022 (दरभंगा) : असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, दरभंगा डॉ. अनिल कुमार ने जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि जिला में "हर घर दस्तक 2.0" का क्रियान्वयन सफलता पूर्वक किया जाना है। उक्त कार्यक्रम का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन हेतु उप विकास आयुक्त अम्रिसा बैंस की अध्यक्षता में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग एवं अन्तर विभागीय पदाधिकारियों, कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग अन्तर्गत सहयोग देने वाले पार्टनर एजेन्सी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आहुत की गई है।
उन्होंने "हर घर दस्तक 2.0" के सफल क्रियान्वयन हेतु निम्न निदेश/उद्देश्य की प्राप्ति हेतु दिया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम प्रखण्ड स्तर पर कार्यरत नियंत्रण कक्ष को सक्रिय करते हुए उक्त कार्यक्रम का अनुश्रवण यथा प्रत्येक घंटे उक्त कार्य में संलिप्त कर्मियों की प्रगति प्राप्त किया जाय, जिसका अवलोकन करते हुए प्रगति धीमी रहने पर प्रगति में तेजी लाने हेतु सम्बन्धित को निदेशित किया जाय। उन्होने कहा कि प्रखण्ड नियंत्रण कक्ष में महिला पर्यवेक्षिका, आई.सी.डी.एस एवं शिक्षा विभाग के कर्मियों का सहयोग प्राप्त किया जाय। इसके साथ ही प्रखण्ड स्तर पर माइक्रो प्लान के अनुसार चिकित्सा पदाधिकारियों को उक्त कार्य के पर्यवेक्षण की जिम्मेवारी दी जाय, जिनका दायित्व होगा की हर घर दस्तक 2.0 के क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं एवं आवंटित पंचायत में लक्षित लक्ष्य की उपलब्धि ससमय सुनिश्चित करायी जाय। कोविड टीका से वंचित एवं निर्धारित टीको के लिए ड्यू लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें उनके गाँव में टीकाकरण की सेवा उपलब्ध कराना, इस हेतु आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्त्ता, विकास मित्र, शिक्षा विभाग के द्वारा 07 दिनों के अन्दर अपने-अपने पोषक क्षेत्र का ड्यू लिस्ट तैयार किया जाय। स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा अपने पोषण क्षेत्र के प्रत्येक घरों भ्रमण कर घर के 12 वर्ष से उपर आयुवर्ग के प्रत्येक सदस्यों के लिए कोविड 19 के लिए निर्धारित टीको को प्राप्त करने सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर निर्धारित टीको से वंचित सदस्यों की सूची तैयार करेंगे तथा गाँव में आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्र की तिथि से अवगत करायेंगे।
स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, विकास मित्र, शिक्षा विभाग के द्वारा सत्र दिवस के दिन सभी पात्र लाभार्थियों को सत्र पर आने हेतु उत्प्रेरण किया जाय। 60 दिनों तक चलाये जाने वाले हर घर दस्तक 2.0 अभियान के दौरान प्रत्येक माह पंचायतवार अभियान चलाये जायेंगे। " एक दिन एक पचायत" अभियान के अन्तर्गत पंचायत के सभी गाँवों/वार्ड में आवश्यक टीकाकरण दल के साथ कोविड टीकाकरण हेतु सत्र आयोजित किये जायेगें, इस हेतु पर्याप्त भैक्सीनेटर एवं भेरीफायर की प्रतिनियुक्ति की जाय। आयोजित किये जाने वाले सत्रों पर टीकाकरण दल के साथ आवश्यक पर्यवेक्षक भी सम्बद्ध किये जाये जिनमें सहयोगी संस्थानों के प्रखण्ड स्तरीय कर्मियों का भी सहयोग लिया जाय। सत्र पर अन्य स्वास्थ्य सेवाएँ एन.सी.डी. कार्यक्रम से सम्बन्धित यथा शुगर जाँच, बी.पी. जाँच, हिमोग्लोबिन जाँच की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय, जिससे लाभार्थियों का उत्प्रेरण हो सके, इस हेतु आर.बी.एस.के.दल, अन्य चिकित्सकों एवं कर्मियों को टैग करते हुए मेडिकल टीम का गठन किया जाय।
पंचायत में सत्र आयोजन से पूर्व सम्बन्धित पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों/जिविका/आंगनबाड़ी से आवश्यक समन्वय कर हर घर दस्तक 2.0 का क्रियान्वयन सुनिश्चित करायी जाय। सम्बन्धित स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्त्ता, विकास मित्र, शिक्षा विभाग के द्वारा अपने क्षेत्र में सत्र आयोजन के एक दिन पूर्व सभी घरो का भ्रमण करते हुए पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें सत्र सम्बन्धित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करायेंगी, जिसका पर्यवेक्षण प्रखण्ड स्तरीय कर्मियों द्वारा किया जाएगा। हर घर दस्तक 2.0 अभियान के पूर्ण होने से पूर्व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से प्रतिरक्षित क्षेत्र की घोषणा प्राप्त करना यथा ' मेरा वार्ड / पंचायत प्रतिरक्षित " जिससे उनमें एक प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हो और अधिक से अधिक लोगो का उत्प्रेरण हो सके। बाढ़ प्रभावित पंचायतो में हर घर दस्तक 2.0 अभियान बाढ़ होने के पूर्व कर लिया जाय, यह सुनिश्चित किया जाय कि हर घर दस्तक 2.0 के अन्तर्गत स समय 07 बजे से वैक्सिनेशन कार्य प्रारम्भ हो।