September 08, 2022

05.09.2022 (दरभंगा) : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ब्रजेश मेहरोत्रा द्वारा सभी जिलाधिकारी को पत्र निर्गत करते हुए कहा कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत पत्र के आलोक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित वैसे परिवादों, जिनकी सुनवाई 60 कार्य दिवसों से अधिक से चल रही है, का त्वरित निष्पादन कराये जाने हेतु जिला एवं अनुमण्डल स्तरीय लोक प्राधिकार को निदेशित किया जाए। उन्होंने कहा की ऐसे सभी मामले, जो बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित विषय सूची में सम्मिलित है एवं 10 अगस्त 2022 तक जिनकी सुनवाई 60 कार्य दिवस से अधिक से चल रही है, वैसे सभी मामलों का निष्पादन कराया जाए। उक्त के आलोक में अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण) -सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा अनुमण्डल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सदर, बेनीपुर एवं बिरौल तथा सभी लोक प्राधिकार, दरभंगा जिला को निदेशित किया कि 60 कार्य दिवस से अधिक लंबित वादों का त्वरित निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाए।
August 23, 2022

22.08.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन के कार्यालय कक्ष में उनकी अध्यक्षता में एम्स के कार्यकारी निदेशक, प्राचार्य डीएमसीएच, अपर समाहर्ता राजस्व एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ एम्स को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में बीएसएनएल, पोस्ट ऑफिस, बैंक, पीएचइडी की पानी टंकी, पावर ग्रिड, नाका, पथ निर्माण विभाग का निरीक्षण भवन को खाली करने की स्थिति की समीक्षा की गयी। संबंधित सभी विभागों ने परिसर खाली करने की जानकारी दी। एम्स के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि बीएसएनएल का भवन किनारे में है इसलिए उसके रहने पर कोई आपत्ति नहीं है। पावर ग्रिड के संदर्भ में स्थल देखकर निर्णय लेने की बात कही गई है। निदेशक ने बताया कि एम्स को भी 20 मेगा वाट बिजली आपूर्ति के लिए अलग स्थाई पावर ग्रिड की आवश्यकता होगी। डीएम ने बीएमएसआईसीएल को अतिशीघ्र इन भवनों के ढांचा को हटाने का निर्देश दिए। बीएमएसआईसीएल के अधिकारी ने कहा कि 03 से 04 सप्ताह के अंदर सभी भवनों को हटा दिया जाएगा, इसके साथ ही अधीक्षक डीएमसीएच एवं प्राचार्य डीएमसीएच को प्रथम चरण के 75 एकड़ भूमि एम्स को विधिवत हस्तांतरित करने देने का निर्देश दिया ताकि फाउंडेशन एवं चाहर दिवारी का कार्य प्रारंभ किया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता राजस्व, डीएमसीएच प्राचार्य, उप निदेशक जन संपर्क, सहायक समाहर्ता आपदा एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
August 23, 2022

22.08.2022 (दरभंगा) : राजीव रौशन की अध्यक्षता में मनरेगा की योजनाओं की प्रगति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 58 लाख 85 हजार 832 मानव दिवस रोजगार सृजित किए गए हैं। 2021 में 31 जुलाई तक 50 लाख मानव दिवस सृजित किए गए थे,विगत वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष की स्थिति बेहतर है। जिलाधिकारी ने लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी से धीमी प्रगति के लिए जवाब तलब किया। जिनमें हायाघाट, बेनीपुर, बहेड़ी एवं बहादुरपुर शामिल रहे, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति एवं महिलाओं के लिए मनरेगा के तहत रोजगार सृजन हेतु लक्ष्य के अनुरूप जॉब कार्ड नहीं बनवाने के लिए निचले पायदान पर रहने वाले प्रखंडों से जवाब तलब किया गया। डीएम ने कहा कि मनरेगा में ज्यादातर रोजगार उन्हीं लोगों को मिलता है जो आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं। अनुसूचित जाति और महिलाओं को अधिक से अधिक इस योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति को मनरेगा में रोजगार प्रदान करने का राज्य औसत 22 प्रतिशत है जबकि दरभंगा का 9.2 प्रतिशत है। इसी प्रकार महिलाओं को राज्य स्तर पर रोजगार देने का प्रतिशत 68 है, जिसे प्राप्त करने का निर्देश दिए गए। जिन प्रखंडों में महिलाओं को रोजगार देने का प्रतिशत कम रहा, उन्हें सख्त हिदायत देते हुए लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। विगत वर्षों में मनरेगा की योजनाओं को पूर्ण करने की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि कई प्रखंड में वर्ष 2019-20 की काफी योजनाएं अपूर्ण हैं, जिनमें केवटी, तारडीह मुख्य रूप से शामिल रहे। डीएम ने चेतावनी देते हुए सभी लंबित योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया। आवास योजना के लाभुकों को मनरेगा के तहत दी जाने वाली 90 दिनों का काम व भुगतान की गई मजदूरी की समीक्षा में पाया गया कि कुशेश्वरस्थान पूर्वी, बहेड़ी एवं मनिगाछी में काफी लोगों की मजदूरी देय है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीनों प्रोग्राम पदाधिकारी को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि आवास योजना में मनरेगा की मजदूरी लंबित नहीं रहनी चाहिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान दिए गए लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही निर्देश दिया गया कि जो योजना पूर्ण हो गई हो उसकी देय राशि लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को मनरेगा के तहत मजदूरी का स-समय भुगतान, स-समय एमबी बुक करने, स-समय मास्टर रोल भरने के निर्देश दिए गए। वृक्षारोपण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दरभंगा जिले को 6.18 लाख पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया। वर्तमान में 2 लाख 40 हजार पौधारोपण कराया गया है।
डीएम ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को अपने अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर सरकारी जमीनों की सूची प्राप्त कर उनपर सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर पौधारोपण करना चाहता है तो कार्यक्रम पदाधिकारी निर्धारित दर पर आवश्यकतानुसार उस व्यक्ति को पौधा उपलब्ध करावें। अमृत सरोवर की समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने बताया कि दरभंगा के 94 में से 38 सरोवर पर कार्य पूर्ण हो गया है, शेष पर कार्य जारी है। डीएम ने अमृत सरोवर के चारों ओर सघन वृक्षारोपण कराने का निर्देश दिए। बैठक में उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीओ मनरेगा एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
August 23, 2022
21.08.2022 (दरभंगा) : मखाना सिर्फ मखाना नहीं अब "मिथिला मखाना" के नाम से जाना जाएगा। उक्त बातें सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर आठ करोड़ मिथिलावासियों को वैश्विक स्तर पर पहचान देने के ऐतिहासिक कार्य किया है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मिथिला क्षेत्र का प्रमुख फसल मखाना को "मिथिला मखाना" के नाम से जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई टैग) पंजीकृत किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए संपूर्ण मिथिलावासी की ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रति कृतज्ञता प्रकट किए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मखाना का जीआई टैग मिथिला मखाना के नाम हो इसके लिए वह वर्षों से प्रयासरत थे और 24 अगस्त 2020 को केंद्रीय मंत्री को पत्र के माध्यम से तत्पश्चात लोकसभा में 03 फरवरी 2021 एवं विगत शीतकालीन सत्र में 01 दिसंबर 2021 को शून्य काल के दौरान प्रश्न भी किए थे। इसके अलावा वह दशकों से मखाना के बेहतर उत्पादन, विकास एवं व्यापार की समुचित व्यवस्था को लेकर हर स्तर पर प्रयासरत रहें है और अनेकों बार संबंधित मंत्री से मिलकर अनुरोध कर चुके हैं, इसके अलावा वह विभिन्न बैठक में भी इस विषय को प्रमुखता से रखते आ रहे है, जिसके फलस्वरूप आज यह सुखद समाचार मिथिलवासियों को प्राप्त हुआ है। इससे पहले एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत "मखाना" के उत्पादन एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा जिला को प्रधानमंत्री अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने कहा कि अब यहां का मखाना का मिथिला मखाना के नाम से ग्लोबल मार्केट में प्रचलित होगा और व्यापारिक क्षेत्र में एक बेहतर मुकाम प्राप्त करेगा। जिसका सीधा लाभ दरभंगा एवं मिथिला के कृषकों, व्यापारियों और उद्यमियों को मिलेगा। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तब से मिथिला में विकास को एक नई दिशा मिली है।
प्रधानमंत्री जी स्वयं मिथिला के इतिहास, धरोहर, खानपान, संस्कृति सहित कई चीजों को नजदीक से समझने के इच्छुक रहें है और वह दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला के विकास को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जब वह प्रधानमंत्री से मिले थे तो प्रधानमंत्री जी द्वारा कहा गया था की वह स्वयं प्रतिदिन मखाना का सेवन करते है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि विगत केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री द्वारा वोकल फॉर लोकल एवं एमएफएस के तहत मखाना सहित अन्य उत्पादों के बेहतर विकास और ग्लोबल मार्केटिंग हेतु दस हजार करोड़ रुपया प्रावधान किया गया था और इसके अलावा इसके बेहतर विकास हेतु कई और योजना चलाया जा रहा है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी के कार्यकाल में दरभंगा में स्थापित मखाना अनुसंधान केंद्र जो पहले राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान केंद्र हुआ करता था, परंतु पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा राजनीतिक साजिश के तहत इसका राष्ट्रीय दर्जा समाप्त कर दिया गया था। उसे पुनः राष्ट्रीय दर्जा दिलाने हेतु प्रधानमंत्री एवं लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिल चुके है, और आने वाले दिनों में जल्द ही इसे पुनः राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हो जाएगा।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही मखाना की माला के साथ किए थे और जब वह लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए तो मिथिला की वेशभूषा के साथ साथ मखान की माला पहनकर पहली बार लोकतंत्र के मंदिर में दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक अवसर पर वरिष्ठ लोगों को मखान का माला देकर सम्मान करते आए है, जिस कारण देशभर में लोग उन्हें मखाना का ब्रांड एम्बेसडर समझने लगे है
August 23, 2022
17.08.2022 (दरभंगा) : दरभंगा के विकास हेतु मेरा एक और प्रयास हुआ सफल। सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा की दरभंगा के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग रेलवे समपार फाटक संख्या-21 (लहेरियासराय चट्टी गुमती) और रेलवे समपार फाटक संख्या-2 SPL (बेला गुमती) 10532.19 लाख की लागत से आरओबी निर्माण को स्वीकृति मिल चुका है और इसके निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु निविदा भी प्रकाशित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समपार फाटक संख्या -21 लहेरियासराय चट्टी गुमती पर 5543.78 लाख वहीं समपार फाटक संख्या - 2 spl बाघ मोड़ - दिल्ली मोड़ के बीच स्थित गुमती पर 4988.41लाख की लागत से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा । उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को इसकी निविदा प्रकाशित हुई, जो एनडीए के मंत्रियों का आखिरी कार्यदिवस था। उक्त बातें सांसद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में ही 80 करोड़ की लागत दोनार गुमती, 36 करोड़ की लागत से पंडासराय गुमती, 101 करोड़ की लागत से बेला गुमती पर आरओबी निर्माण को स्वीकृति दिया जा चुका है। वर्तमान में शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण आम नागरिकों को आए दिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरभंगा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण आरओबी की उपयोगिता काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा कि दरभंगा में इस सभी आरओबी के बन जाने से यातायात सुगम होगा और लोगों को शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। दरभंगा में अधिक से अधिक सड़क एवं आरओबी के निर्माण हो इसको लेकर वह आगे भी प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि दरभंगा के विकास के बिना राज्य का विकास संभव नहीं है।