September 11, 2022
09.09.2022 (दरभंगा) : डिवीजनल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार से उन्के कार्यालय में मिकार उन्हें जानकारी दी कि चैंबर के एक सम्मानित सदस्य मे0 दगरू सेठ को पून: एक बार मोबाइल मैसैज भेजकर 50 लाख की रंगदारी की मांग की गई है और रंगदारी नहीं देने की स्थिति में हत्या की धमकी दी गयी है। यह धमकी उन्हें 2 माह पूर्व भी आई थी जिसकी जानकारी चैंबर ने पुलिस अधीक्षक महोदय को उस समय भी दी थी। प्रतिनिधिमंडल में चैंबर के पूर्व अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका, प्रधान सचिव सुशील कुमार जैन एवम सचिव अभिषेक चौधरी शामिल थे। चैंबर ने इस बात पर भी अपनी नाराजगी जाहिर कि की दो माह पूर्व पहली बार धमकी मिलने पर ही यदि पुलिस ने सक्रियता के साथ मुस्तैद होकर अपराधियों पर नकेल कस ली होती तो आज पून: उनकी इतनी हिम्मत नहीं होती। उन्होंने कहा की इस बार तो अपराधियों ने अत्याधिक हिम्मत करते हुए रंगदारी की राशि ट्रांसफर करने के लिए एक फ़ोन पे का भी न0 दिया है। यह सब पुलिस द्वारा पिछली धमकी को हल्के में लेने का नतीज़ा है। अब चैंबर ने पुलिस पदाधिकारी से मांग की है की मामले में त्वरित ठोस कार्यवाही हो, अपराधियों को जल्द जल्द चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाय। धमकी मिले व्यक्ति को लम्बे समय के लिए पर्याप्त सुरक्षा मिले तथा पुलिस द्वारा की गयी इस मामले में कार्रवाई से संस्था को भी अवगत करवाया जाये ताकि चैंबर अपने सभी सदस्यों का हौसला बढ़ा सके। अब अगर पुलिस की सक्रियता में कमी रहेगी तो सारा शहर अपराधियों का चारागाह बन जायेगा।
September 08, 2022

07.09.2022 (दरभंगा) : सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने दरभंगा सर्किट हाउस में बीपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक शैलेश कुमार के साथ दरभंगा में पीएनजी एवं सीएनजी के प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सहित सीएनजी के हरेक पहलू पर चर्चा कर कार्य में तेजी लाने को कहा। बैठक के दौरान सांसद ने बीपीसीएल ईस्टर्न रीजन के जीएम रउफ मोहमद खान के साथ दूरभाष पर जानकारी लिए। बैठक के पश्चात सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि सीएनजी एवं पीएनजी के सर्वे काम पूर्ण कर डिटेल्स फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है और सीएनजी पंप स्थापना का कार्य जल्द प्रारंभ होगा और साल के अंत तक सीएनजी का लाभ लोगों को मिलना प्रारंभ हो जाएगा। वहीं पाइप लाइन के माध्यम से रसोई गैस आपूर्ति (पीएनजी) का कार्य भी जल्द प्रारंभ हो जाएगा।
सांसद ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए की लागत से केंद्र सरकार के इस परियोजना के तहत जिले के सभी प्रखंड में रसोई उपभोक्ताओं को पाईप लाईन के माध्यम से गैस आपूर्ति एवं सीएनजी का लाभ पहुंचाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि पीएनजी की सुविधा उपलब्ध हो जाने से घरेलू उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलेगा और गैस सिलेंडर पर हो रहे खर्च में काफी बचत होगी। इसके अलावा पाइप लाईन से वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भी गैस की निरंतर आपूर्ति हो सकेगा। भाजपा सांसद ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और गाड़ियों की संख्या में हो रहे इजाफे को देखते हुए सीएनजी का उपयोग न केवल प्रदूषण नियंत्रित करेगा अपितु दूसरे ईंधनों से काफी सस्ता उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने दरभंगा सहित मिथिला क्षेत्र के पांच जिलों में पाइप लाइन के माध्यम से रसोई गैस आपूर्ति (पीएनजी) एवं सीएनजी पंप के स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान की थी। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा में पीएनजी एवं सीएनजी की स्थापना को लेकर वह वर्षों से प्रयत्नशील रहें है एवं इस विषय को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी एवं पूर्व के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर कई बार आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दरभंगा सहित मिथिला के विकास के लिए काफी तत्पर हैं।
September 08, 2022

06.09.2022 (दरभंगा) : आज सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने अपने आवासीय कार्यालय पर जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान ज़िले के विभिन्न प्रखंड से आए हुए आम लोगों की समस्याओं को सुना तथा उनके निदान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। वहीं बिहार की वर्तमान परिदृश्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में बढ़ता अपराधिक घटना चिंता का विषय है। सत्ता परिवर्तन के बाद से अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि रोजगार मांगने वाले युवाओं को लाठियों से पीटा जा रहा है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल व्याप्त होता जा रहा है।वहीं लोगों से मिलने के दौरान सांसद डॉ ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवम केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं एवं दरभंगा से जुड़े विभिन्न विकासात्मक कार्यों का विस्तृत जानकारी लोगों के बीच रखा तथा आम लोगों को इसका लाभ शत प्रतिशत मिले इसके लिए पंचायत से लेकर प्रखंड व अनुमंडल स्तर पर सकारात्मक प्रयास करने आग्रह किया। सांसद डॉ ठाकुर ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना,आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उज्ज्वला योजना,प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना,सुकन्या समृद्धि योजना, अमृत योजना सहित कई योजना से जुड़े विभिन्न जानकारी वहां उपस्थित लोगों से साझा किया। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में दरभंगा में स्वीकृत सभी विकासात्मक परियोजनाओं के पूर्ण होने के साथ, मिथिला का केंद्र दरभंगा एक नए रूप में लोगों के सामने होगा और इन विकास परियोजनाओं में स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए रोजगार के कई नए अवसर का सृजन होगा। जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
September 08, 2022

06.09.2022 (दरभंगा) : डीएम ऑफिस में डीएम राजीव रौशन की मौजदुगी में डी.एम.सी.एच. के प्राचार्य कृपा नाथ मिश्र एवं अधीक्षक हरिशंकर मिश्रा के द्वारा भारतीय गैर न्यायिक स्टाम पत्र पर हस्ताक्षर कर एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. मधवानन्द कर को प्रथम चरण की एकासी एकड़ नौ डिसमिल छः सौ पचास वर्गकड़ी भूमि का हस्तान्तरण किया गया। एम्स की ओर से डॉ. माधवानन्द कर ने भारतीय गैर न्यायिक स्टाम पेपर पर हस्ताक्षर कर इसे ग्रहण किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एम्स के भवन निर्माण कार्य प्रारम्भ करने हेतु विधिवत भूमि हस्तान्तरण की माँग एम्स के कार्यपालक निदेशक द्वारा की जा रही थी। प्रथम चरण की भूमि विधिवत स्टाम पेपर पर हस्तान्तरित हो जाने के पश्चात अब एम्स के लिए भवन, चाहरदिवारी एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए रास्ता साफ हो गया है। इस अवसर पर उपस्थित अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी राजेश झा ‘‘राजा’’, डी.सी.एल.आर. सदर राकेश रंजन, अंचलाधिकारी, सदर इन्द्राशन साह, अंचलाधिकारी, बहादुरपुर अभयपद दास ने साक्ष्य के रूप में स्टाम पेपर पर अपने-अपने हस्ताक्षर किये। उल्लेखनीय है कि एम्स में विभिन्न गंभीर रोगों का बेहतर से बेहतर ईलाज मुहैय्या कराया जाता है। दरभंगा में एम्स का शीघ्र निर्माण हो जाने से मिथिलाचंल, तिरहुत, कोशी एवं पूर्वांचल के सभी जिलो के साथ पड़ोसी देश के नागरिकों को भी अब बेहतर ईलाज के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उक्त अवसर पर सहायक समाहर्त्ता सूर्य प्रताप सिंह, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय सहित अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
September 08, 2022

05.09.2022 (दरभंगा) : शिक्षा हमें संस्कार तथा विद्या बोधिसत्व प्रदान करती है। विद्या इतनी महत्वपूर्ण है कि वह हर दरवाजे खोल देती है। शिक्षक तथ्यों एवं सूचनाओं से इतर शिक्षा को व्यापक विस्तार देते हैं। वे छात्रों को सद्कार्य हेतु प्रेरित करते हैं। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर जुबली हॉल में आयोजित "शिक्षक दिवस सम्मान समारोह" के अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक सृजनकर्ता एवं भविष्य निर्माता हैं, जिनकी जरूरत समाज और राष्ट्र को सदैव होती है। शिक्षक दिवस सोचने- विचारने तथा चिंतन- मनन करने का दिन होता है। अवकाश प्राप्त शिक्षकों की भी समाज में जरूरत है, क्योंकि वे ज्यादा अनुभवी होते हैं। दुनिया में सभी अच्छी बातें पहले ही कही जा चुकी हैं, पर शिक्षक उसे कार्यरूप देते हैं। उन्होंने कहा कि पैसों की तुलना में सम्मान हमें ज्यादा प्रेरित करता है, क्योंकि सम्मान अधिक प्रेरक होता है, जिससे लोग स्वत: स्फूर्त हो जाते हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा समरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत में 1962 से शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा रही है। पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कहने पर ही उनके छात्रों ने उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया था। इंसानियत एवं सहिष्णुता सिखाने वाले शिक्षकों का हमारे जीवन में सबसे ऊंचा स्थान है। उन्होंने अपील की कि शिक्षकों को सदा अच्छा आचरण करना चाहिए, ताकि छात्रों को उनसे बेहतर सीखने का अवसर मिले तथा समाज का बेहतरीन नवनिर्माण हो सके। प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉली सिन्हा ने राधाकृष्णन व अब्दुल कलाम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए अनेक गुरु- शिष्यों के संबंध में प्रेरक जानकारियां दी। उन्होंने कोरोना काल में भी विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से लगातार कक्षा जारी रखने की सराहना करते हुए बताया कि अच्छे शिक्षक हमेशा ज्ञान बांटते हैं तथा वे छात्रों के दिलों में रहते हैं। प्रति कुलपति ने कहा कि शिक्षक की महानता उनके छात्रों की काबिलियत से होती है। शिक्षक छात्रों के गुणों को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक- छात्र का संबंध देश- काल से ऊपर होता है। कोई भी संस्था अपने भवनों से नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा से जाना जाता है। उन्होंने शिक्षक के गुणों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि छात्रों की नजर में शिक्षक प्रेम और विश्वास के कारण ही महान होता है। आज भी छात्रों के लिए तकनीक से ज्यादा जरूरत शिक्षकों की है।
अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलसचिव प्रो मुश्ताक अहमद ने बताया कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में दूसरी बार शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हो रहा है। कुलपति के प्रयास से ही मिथिला विश्वविद्यालय राज्य में अपना ऊंचा स्थान प्राप्त किया है तथा लगातार विकास की ओर अग्रसर है। कुलपति महोदय ने हमेशा दूसरों को सम्मान देने का काम किया है। यही कारण है कि आज शिक्षक दिवस को सामूहिक रूप से मनाने का सार्थक प्रयास किया गया है। कुलसचिव ने अवकाश प्राप्त शिक्षकों के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कल्पना करते हुए कहा कि शिक्षकों से ही समाज की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। समारोह में विश्वविद्यालय के अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के गत 1 वर्ष में अवकाश ग्रहण करने वाले 84 शिक्षकों का पाग, चादर व प्रशस्ति पत्र आदि से मुख्य अतिथि, कुलपति, प्रतिकुलपति, वित्तीय परामर्श तथा कुलसचिव द्वारा सम्मान किया गया। वहीं 31 अगस्त को "मेरे जीवन में प्रेरक शिक्षक" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के हिन्दी माध्यम में प्रदीप कुमार- प्रथम, राधा कुमारी- द्वितीय तथा सिद्धि सुमन झा के तृतीय स्थान प्राप्त करने तथा अंग्रेजी माध्यम में नीतीश नायक- प्रथम, रवि राहुल- द्वितीय तथा मोनिका चौधरी के तृतीय स्थान पाने हेतु उन्हें प्रमाण पत्र तथा मेडल से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान के पूर्व डीन प्रो गोपी रमण प्रसाद सिंह लिखित "भारत में सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक आंदोलन" नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं उपकुलसचिव प्रथम डा कामेश्वर पासवान ने अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के वित्तीय परामर्श कैलाश राम की भी गरिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत पाग- चादर, मिथिला पेंटिंग एवं पौधे से किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्रधानाचार्य तथा अवकाश प्राप्त शिक्षक- शिक्षिकाएं आदि काफी संख्या में उपस्थित थे, जिनका जुबली होल में प्रवेश के समय चंदन- अक्षत, आरती व पुष्प- पंखुड़ियों स्वागत से किया गया। समारोह का प्रारंभ बिहारगीत एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के गायन से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से। कार्यक्रम का संचालन मैथिली के प्राध्यापक प्रो अशोक कुमार मेहता द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलानुशासक प्रो अजय नाथ झा ने किया।