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एक्साइज एक्ट के तहत एक अभियुक्त को मिला 05 वर्ष का कारावास

October 18, 2022
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14.10.2022 (दरभंगा) : जिला अभियोजन कार्यालय, दरभंगा द्वारा बताया गया है कि श्री सत्यभूषण आर्य, माननीय विशेष न्यायाधीश (उत्पाद-1), दरभंगा द्वारा आज 14 अक्टूबर 2022 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2016(संशोधित - 2022) की धारा 30(a) के अन्तर्गत अभियुक्त दिनेश सहनी, पिता - महेश्वर सहनी, बेंता चौक, थाना - लहेरियासराय, दरभंगा को उत्पाद पी.आर संख्या - 59/2018 (जी.ओ - 240/2018) में दोषी करार दिया गया तथा पाँच वर्ष का कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा दी गयी। उन्होंने कहा कि उक्त अभियुक्त द्वारा जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त 06 माह का साधारण कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा। इस मुकदमे के अभियोजन पदाधिकारी विशेष लोक अभियोजक, उत्पाद, दरभंगा, हरे राम साहू हैं।

रोक सूची की जमीन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी

October 11, 2022
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11.10.2022 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मल्होत्रा, उत्पाद आयुक्त-सह-निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, बी. कार्तिकेय धनजी एवं सभी जिलाधिकारी की उपस्थिति में निबंधन के लिए रोक सूची की जमीन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सभी जिलाधिकारी से बारी-बारी से अपने-अपने जिले के रोक सूची में शामिल जमीन के सत्यापन एवं रोक सूची से हटायी गयी जमीन की संख्या के संबंध में आँकड़े लिये गये तथा उन्हें जल्द से जल्द रोक सूची की सभी जमीनों का सत्यापन कर लेने तथा दोहरी प्रवृष्टि वाले जमीनों का सत्यापन कर लेने तथा वैसे जमीन जो रोक सूची से मुक्त किये जाने योग्य है, उस भू-खण्ड की रोक सूची मुक्त करने की कार्रवाई करने के निदेश दिए। मुख्य सचिव ने कहा की यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन को रोक सूची से हटवाने का दावा करता है, तो वह साक्ष्य के साथ जिला स्तरीय समिति के समक्ष अपना दावा कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोक भूमि एवं वक़्फ़ बोर्ड/धार्मिक न्यास की जमीन बेची नहीं जा सकती, रोक सूची के सत्यापन के समय इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मल्होत्रा ने कहा कि रोक सूची से जमीन निबंधन हेतु विमुक्त करते समय यह ध्यान देने की जरूरत है कि टोपो लैंड का सर्वे नहीं हुआ है, इसलिए यह भूमि अहस्तांतरणीय है। बन्दोबस्त की भूमि अहस्तातरणीय होती है। सीलिंग में निहित जमीन भी रोक सूची से नहीं हटायी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में कुल 28 लाख 84 हजार 891 भूमि रोक सूची में शामिल है, जिनमें सत्यापन कर 02 लाख 32 हजार 887 भूमि को रोक सूची से हटाया गया है। दरभंगा एन.आई.सी. से जिलाधिकारी-सह-जिला निबंधन पदाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि जिले की 46 हजार 769 भूमि रोक सूची में शामिल है, जिनमें से सत्यापन के उपरान्त 06 हजार 265 भूमि को रोक सूची से हटाया गया है। जिले में 04 हजार 851 दोहरी प्रविष्टि वाली जमीन थी। उन्होंने कहा की दरभंगा में रोक सूची की जिला स्तरीय कमिटी प्रत्येक माह में एक बार बैठक करती है। जहाँ रोक सूची से अपनी भूमि को हटवाने ले लिए दावा करने वाले आवेदकों के आवेदन पर भी सुनवाई की जाती है।

बैठक में जिला अवर निबंधन पदाधिकारी निगम प्रकाश ज्वाला, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, अवर निबंधन पदाधिकारी, बहेड़ा सोहैल अख्तर, अवर निबंधन पदाधिकारी, कमतौल अम्बुज कुमार कुणाल एवं अवर निबंधन पदाधिकारी, बिरौल भास्कर ज्योति एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

हवाई अड्डा के लिए लगभग 07 एकड़ जमीन हस्तांतरित किया गया

October 11, 2022
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10.10.2022 (दरभंगा) : दरभंगा हवाई अड्डा को जिला प्रशासन दरभंगा की ओर से जल्द ही 24 एकड़ जमीन मिल जाएगी इस कड़ी में जिला प्रशासन, दरभंगा द्वारा आज 10 अक्टूबर 2022 को मंत्रीमंडल सचिवालय, बिहार पटना-सह-अधियाची विभाग को दरभंगा हवाई अड्डा के लिए लगभग - 07 एकड़ जमीन हस्तांतरित किया गया। जिसमें ग्राम - बेला, (टुकड़ा नम्बर - 01 एवं 02) थाना - दरभंगा सदर, थाना नम्बर - 516, अंचल - दरभंगा सदर में से 6.65 एकड़ तथा ग्राम - बेलादुल्ला, थाना - दरभंगा सदर, थाना नम्बर - 513, अंचल - दरभंगा सदर में से 0.25 एकड़ जमीन शामिल है, जिसे अधिघोषण संख्या - 387 एवं 389 दिनांक - 09 मई 2022 के द्वारा अधिग्रहित किया गया है। उक्त अवसर पर संयुक्त सचिव, मंत्रीमंडल सचिवालय, बिहार पटना (अधियाची पदाधिकारी), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, दरभंगा एवं अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

बिहार जाति आधारित गणना 2022 के सफलता पूर्वक एवं ससमय निष्पादन हेतु जिला स्तर पर हुआ 10 कोषांगों का गठन

October 11, 2022
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10.10.2022 (दरभंगा) : जिलाधिकारी-सह-प्रधान गणना पदाधिकारी, राजीव रौशन द्वारा आदेश निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार जाति आधारित गणना, 2022 के सफलता पूर्वक एवं ससमय निष्पादन हेतु जिला स्तर पर 10 कोषांगों का गठन करते हुए वरीय पदाधिकारी, नोडल/सहायक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार जाति आधारित गणना, 2022 हेतु 10 कोषांग बनाये गये है, जिनमें कार्मिक कोषांग, प्रिटिंग कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, सामग्री वितरण/वापसी कोषांग, गणना किट प्रबंधन कोषांग, आई.टी. कोषांग, विधि-व्यवस्था कोषांग, वित्तीय प्रबंधन कोषांग, अनुश्रवण कोषांग तथा प्रचार-प्रचार कोषांग शामिल है। उन्होंने सभी कोषांग के वरीय पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी को अपने-अपने आवंटित कोषांग के कार्य दायित्व को अच्छी तरह से पारदर्शिता के साथ करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि कार्मिक/प्रिटिंग/प्रशिक्षण/वित्तीय प्रबंधन कोषांग का वरीय प्रभारी पदाधिकारी अपर समाहर्त्ता-सह-अपर प्रधान गणना पदाधिकारी, दरभंगा राजेश झा ‘‘राजा’ को बनाया गया है। वहीं सामग्री वितरण-वापसी/गणना किट प्रबंधन/प्रचार-प्रसार कोषांग का वरीय प्रभारी पदाधिकारी अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार तथा आई.टी. कोषांग एवं अनुश्रवण कोषांग का वरीय प्रभारी पदाधिकारी उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस को बनाया गया है। उन्होंने आदेश में कहा है कि विधि-व्यवस्था कोषांग सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, दरभंगा जिला द्वारा गठित किया जायेगा।

सांस्कृतिक विरसातों के विकास को लेकर काम करने में एक अलग आनंद की अनुभूति होती है

October 11, 2022
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09.10.2022 (दरभंगा) : शरद पूर्णिमा के मौके पर तारडीह प्रखण्ड के लगमा स्थित प्रसिद्ध जदगीश नारायण ब्रह्मचर्य आश्रम में मिथिला के विद्वानों का जमावड़ा लगा। इस मौके पर संस्कृत व संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और वृत्ति निर्माण में इस आश्रम के योगदान पर संगोष्ठि आयोजित की गई। इस कार्यक्रम को बिहार सरकार के जल संसाधन व सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने भी संबोधित किया तथा वहाँ अपने ऐच्छिक कोष से निर्मित एक छात्रावास के साथ-साथ चाहरदिवारी और द्वार का लोकार्पण किया।

उन्होंने अपने संबोधन में लगमा आश्रम को विद्यापीठ बनाने के लिए बिहार सरकार से लेकर केन्द्र सरकार तक पहल करने की बात कही है। उन्होंने मैथिल विद्वानों को संबोधित करते हुए संस्कृत को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने शरद पूर्णिमा के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि आज हम शरद पूर्णिमा के दिन लगमा के इस पवित्र आश्रम में एकत्रित हुए हैं। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का काफी महत्व है। विज्ञान भी मानते हैं कि इस दिन पृथ्वी चंद्रमा के सबसे नजदीक होती है। शास्त्रों के मुताबिक चंद्रमा मनुष्य के मन को शांत करता है। पूर्णिमा की रात के चांद के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़ी कहानी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा की ''कलाम साहब कहा करते थे कि वे पूर्णिमा की रात को जरूर 2-3 घंटा खुले आसमान के नीचे में बिताते थे। इस प्रक्रिया से उनका मन काफी शांत रहता था। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनका यह सिलसिला जारी रहा है।

यह सीख कलाम साहब को उनके पिता ने दी थी। उनके पिता को रामेश्वर मंदिर के साधुओं ने पूर्णिमा की रात के चांद के महत्व के बारे में बताया था। कलाम साहब के पूर्वजों को रामेश्वर मंदिर के प्रथम प्रसाद ग्रहण करने का भी अधिकार प्राप्त था "! लगमा आश्रम के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी इस आश्रम ने गुरुकुल की परंपरा को जीवंत रखा है। इस भौतिक युग में भी यह आश्रम वैदिक और संस्कृत की शिक्षा के प्रसार में जुटा हुआ है। आज भी यहां के बटुक भिक्षाटन कर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। उन्होंने कहा "मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि मैं आज उनके लिए एक छोटा सा प्रयास कर पाया, उनके लिए एक छात्रावास की व्यवस्था की।" संस्कृत को रोजगार से जोड़ने की अपील करते हुए श्री झा ने लोगों से इस भाषा से जुड़े पेशे को लेकर धारणा बदलने की अपील की। उन्होंने कहा, ''हमें यह समझना होगा कि संस्कृत रोजगार की एक भाषा है।

आज के समय में दिल्ली, मुंबई जैसे महानगर हो या फिर कैलिफोर्निया जैसा अमेरिका का शहर, पंडितों के पास रोजगार है। आज का जमाना टेक्नोलॉजी का है। भारत में बैठकर पंडित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विदेशों में भी पूजा कराते हैं। उनके पास नंबर लगा होता है।'' उन्होंने आगे कहा, ये पंडित कौन हैं? ये हमारे-आपके बीचे के ही लोग हैं। इसलिए हमें इनके प्रति धारणा बदलने की आवश्यकता है। यह रोजगार के एक जरिया है। इसके अलावा संस्कृत के विद्वानों से इस विषय को और भी भिन्न रोजगारों से जोड़ने के लिए मंथन करने की अपील की। उन्होंने इस क्षेत्र में रिसर्च की आवश्यक्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा की ''सरकार आती-जाती रहती है, लेकिन विद्वानों की विद्वता स्थाई है। उनकी राय सरकारों के लिए भी काफी महत्व रखती है। अगर कुछ तथ्यात्मक बातें आपकी तरफ से निकलकर आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि मैं अपनी शक्ति के मुताबिक इसे सरकार में रखूंगा।'' इस मौके पर उन्होंने कहा की मुझे सांस्कृतिक विरसातों के विकास को लेकर काम करने में एक अलग आनंद की अनुभूति होती है।

जैसे संस्कृत है वैसे ही मैथिली हमारे संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। मैंने मिथिलाक्षर को लेकर भारत सरकार में काफी ठोस पहल किया था। कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पंडित शशिनाथ झा भी इसके साक्षी हैं। मैंने केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिथिलाक्षर के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक कमिटि गठित करवायी थी। इसमें मिथिला के चार विद्धानों ने अपनी-अपनी राय दी है। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार में दे दी है। इस रिपोर्ट पर कार्रवाई का इंतजार है। जल्द ही मैं इस मामले को लेकर इस विभाग के मंत्री से मिलूंगा और इस पर ठोस कार्रवाई की कोशिश करूंगा।

मिथिला की धरती को उर्वर बताते हुए उन्होंने इस मौके पर कई विद्वानों को याद किया। इस धरती पर उदयनाचार्य, मंडन मिश्र, वाचस्पति मिश्र, भारती, कुमारिल भट्ट, गंगेश उपाध्याय, विद्यापति, शंकर मिश्र, पक्षधर मिश्र, खंडवाला राजवंश के पहले महराजा महेश ठाकुर, बच्चा झा जैसे विभूतियों ने जन्म लिया। उनकी विद्वता आज भी हमारे बीच ग्रंथों के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने कहा की ये नाम अंतिम नहीं हैं। और भी कई विद्वान इस धरती ने दी है। यहां की जमीन इस मामले में काफी उर्वर है। इसे यहीं नहीं थमने देना चाहिए। आवश्यकता है इसे नई पीढ़ि में ट्रांसफर करने की। संस्कृत विश्वविद्यायल के कुलपति पं. डॉ. शशिनाथ झा, जदगीश नारायण ब्रह्मचर्य आश्रम लगमा के आचार्य और कार्यक्रम के आयोजक श्री कृष्ण मोहन दास ब्रह्मचारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
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04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।