October 18, 2022

17.10.2022 (दरभंगा) : राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, नगर आयुक्त कुमार गौरव, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर स्पर्श गुप्ता, डी.आर.डी.ए. निदेशक गणेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल संजीव कुमार कापर, अनुमण्डल पदाधिकारी, बेनीपुर शम्भू नाथ झा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज के साथ-साथ जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंतागण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में जिस विभाग के कार्य अन्य विभाग के स्तर पर लंबित हैं, उस विभाग के पदाधिकारी ने उस संबंधित विभाग के पदाधिकारी को अवगत कराया। उप विकास आयुक्त द्वारा बताया गया की अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्लू.पी.यू.) का निर्माण जिले के 50 पंचायतों में किया जाना है, लेकिन अभी तक 31 पंचातयों में ही कार्य प्रारंभ हो पाया है। 19 स्थलों पर भूमि की समस्या बतायी जा रही है। इस संबंध में बिरौल, बहादुरपुर, घनश्यामपुर, गौड़ाबौराम एवं हायाघाट के अंचलाधिकारी को चिन्ह्ति स्थलों को शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में डीएम ने कहा कि भूमि विवाद के मामलों में पुनरीक्षण (रिविजनल) सर्वें अंतिम माना गया है, जब आदेश प्रकाशित हो गया है, तो वही माना जायेगा न कि सी एस खतियान। इसलिए आर.एस. खतियान में यदि जमीन सरकारी है और उसकी जमाबंदी नहीं चल रही है, तो निर्विवाद रूप से वह सरकारी जमीन है। ऐसे जमीन पर यदि कोई अपना दावा करता है, तो वह निराधार है। अंचलाधिकारी ऐसे जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। गोवर्धन योजना के लिए वैसे विद्यालय/छात्रावास चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए गए, जहाँ गोबर गैस का उपयोग भोजन पकाने में किया जा सके। बताया गया कि इसके लिए 03 हजार वर्गफीट जमीन की आवश्यकता है। आवास योजना के अन्तर्गत बताया गया कि जिले के केवल 6 लाभुकों को नए जमीन पर बसाना है, इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत अतिक्रमित पोखर एवं तलाब को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में डीएम ने कहा की सड़क निर्माण कार्य कराने से पूर्व कार्यकारी विभाग, यह सुनिश्चित कर ले कि अन्य विभाग द्वारा उस पर पहले कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीण सड़क निर्माण कराते समय मुखिया जी यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्माण कार्य सरकारी जमीन पर ही करवाया जा रहा है। यदि मुखिया द्वारा निजी जमीन पर कार्य कराया जाता है, तो इसके लिए संबंधित मुखिया, जिम्मेवार माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुखिया जी इस आशय का सत्यापन अपने अंचलाधिकारी से कर लेंगे कि जमीन सरकारी ही है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) ने कहा कि लगभग 1700 आँगनवाड़ी केन्द्र के लिए भवन निर्माण करवाने हेतु भूमि की आवश्यकता है। इस पर डीएम ने कहा कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के माध्यम से यह सर्वे करा लिया जाए कि उनके प्रखंड में वैसे कितने स्कूल हैं जहाँ जमीन उपलब्ध है। यदि जमीन उपलब्ध है तो वहाँ के प्रधानाध्यापक से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर आँगनवाड़ी केन्द्र के लिए भवन का निर्माण करावें। बताया गया कि 04 स्थलों पर आम सभा की बैठक सम्पन्न कराने में कठिनाई हो रही है।
डीएम ने संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी को वैसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करने एवं आम सभा की बैठक सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि तीन प्रखण्ड अलीनगर, गौड़ाबौराम एवं हायाघाट में सद्भाव मंडप का निर्माण जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नहीं हो रहा। इस पर डीएम ने अलीनगर, गौड़ाबौराम एवं हायाघाट के अंचलाधिकारी को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सेवान्त लाभ लंबित रहने के मामले में डीएम ने कहा कि जहाँ भी सेवान्त लाभ लंबित है, वहाँ के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी का वेतन स्थगित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सेवानिवृत कर्मी के यहाँ सरकारी राशि का बकाया है, तो इसका समायोजन पेंशन की राशि से की जाए। पंचायत सरकार भवन के संबंध में बताया गया कि सभी पंचायतों में चरणवार पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जाना है। साथ ही बैठक में बताया गया की पंचायत सरकार भवन में पंचायत के सभी कर्मी बैठ रहे है। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवन में नहीं बैठने वाले पंचायत कर्मी के विरूद्ध अब कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बुधवार को किये जाने वाले जाँच के दौरान इस तथ्य का सत्यापन वरीय पदाधिकारी से करने का निर्देश दिया। जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि अभी 27 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य अतिक्रमण के कारण लंबित है।
डीएम ने सभी चिन्ह्ति कुओं को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में आर.टी.पी.एस. खुलेगा। खेलो इंडिया एवं मुख्यमंत्री स्टेडियम निर्माण योजना के अन्तर्गत सभी प्रखण्ड में जमीन उपलबध कराने के लिए डीएम ने वैसे विद्यालय जहाँ पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, उसका प्रस्ताव देने हेतु प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निदेशित कया। इसके साथ ही कई विभागों ने अपने-अपने विभाग के अन्य विभाग से अपेक्षित कार्य से अवगत कराया। डीएम ने कहा कि समन्वय की अगली बैठक के एक सप्ताह पूर्व संबंधित विभाग अपनी सूची उपलब्ध करा देंगे कि कौन सा कार्य किस विभाग के माध्यम से निष्पादित किया जाना लंबित है, ताकि वह विभाग अपनी तैयारी कर बैठक में आएगें।
October 18, 2022

17.10.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य सुभाष पारधी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति कल्याण से सम्बंधित योजनाओं एवं उनको दिये जाने वाले लाभ एवं मुआवजा की प्रमण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र, दरभंगा ललन मोहन प्रसाद, डीएम राजीव रौशन, डीएम, समस्तीपुर योगेन्द्र सिंह, एसएसपी अवकाश कुमार, एसपी समस्तीपुर हृदयकान्त, उप विकास आयुक्त, दरभंगा अमृषा बैंस, उप विकास आयुक्त मधुबनी एवं समस्तीपुर तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।सदस्य द्वारा छात्रवृति योजना, आवास योजना, रोजगार गारंटी योजना, छात्रावास योजना, स्वरोजगार व स्वउद्यम हेतु बैंक द्वारा ऋण की स्वीकृति, शिक्षा ऋण से संबंधित योजनाओं की जिलावार समीक्षा की गयी।
समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग व बैंकिंग के आँकड़ों की अस्पष्टता के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को उन्होंने आँकड़ों में सुधार कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु 30 दिनों का समय दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अनुसूचित जाति के विकास व कल्याण के लिये तथा उन्हें सशक्त करने व उनके आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए चलायी जा रही योजनाओं को धरातल पर मुर्त रूप में ससमय उतारने का आग्रह किया। बैठक में संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, ज्ञानेश्वर कुमार सिंह, दरभंगा/मुजफ्फरपुर एवं सारण जिला के लिए निदेशक एस.के. सिंह, अनुसंधान पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह उपस्थित थे। बैठक के पूर्व एवं बैठक के पश्चात् सदस्य ने अनुसूचित जाति के विभिन्न संगठनों एवं लोगों से वार्ता की तथा उनकी समस्याओं को सुना। डीएम, दरभंगा ने इस अवसर पर सदस्य को बधाई दी तथा अपने पदाधिकारियों को अपने आँकड़े दुरूस्त करने के निर्देश दिए। पुलिस महानिरीक्षक ने सदस्य को धन्यवाद दिया तथा कहा की इस तरह की समीक्षा से योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी लाभ पहुँचता है।
October 18, 2022

15.10.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गजेटियर प्रारूप प्रकाशन समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में बताया गया की राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के आलोक में दरभंगा जिला गजेटियर का पाण्डुलिपि तैयार करने हेतु जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी, दरभंगा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गजेटियर प्रारूप प्रकाशन समिति का एवं उसके अधीन विषयवस्तु के अनुरूप उप समितियों का गठन किया गया है।
समिति में रितु राज, Senior Advisor Etchers Private Limited, विपुल किरण सिंह, M.D Etchers Private Limited एवं संजय कुमार सिंह, वरीय शोध पदाधिकारी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा दरभंगा के डॉ. मंजर सुलेमान, सहायक प्रध्यापक, डॉ. जाकिर हुसैन टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, दरभंगा, डॉ. अमिताभ कुमार, प्रध्यापक, विश्वविद्यालय इतिहास विभाग, एवं डॉ. अनुरंजन कुमार, प्रध्यापक, विश्वविद्यालय, भूगोल विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा शामिल हैं। समिति में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता सहित 20 अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। बैठक में रितु राज द्वारा बताया गया कि दरभंगा का प्रमाणित गजेटियर 1964 का है, बिहार सरकार समयानुकूल अद्यतन गजेटियर प्रकाशित कराना चाहती है, इसके लिए पटना एवं दरभंगा को पायलट जिला के रूप में लिया गया है। इसके लिए जिला स्तरीय समिति के साथ-साथ राज्य स्तरीय समिति भी बनायी गयी है।
जिला से प्रारूप का अनुमोदन हो जाने पर राज्य स्तरीय समिति इस पर अध्ययन करेंगी, तत्पश्चात् अनुमोदन करेंगी। उन्होंने गजेटियर की विषयवस्तु एवं रूपरेखा प्रस्तुत की। डीएम ने कहा की जिला का गजेटियर ऐसा हो, जिसे पढ़ने पर दरभंगा के इतिहास की पूरी जानकारी मिले। एक नजर में किसी भी विषय की बातें शुरू से अब तक की समझ में आ जाए और इसका आधार 1964 हो, इस गजेटियर का डाटा शामिल रहे। गजेटियर में इतिहास के चित्रण के साथ-साथ क्रमानुसार विकास एवं बदलाव को रेखांकित किया जाए।
उन्होंने कहा की इसके लिए दरभंगा के अन्य विद्वानों द्वारा दरभंगा पर लिखित पुस्तक की भी सहायता ली जा सकती है। बताया गया कि गजेटियर तैयार करने के लिए 13 महीने का समय निर्धारित किया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, अपर समाहर्त्ता (राजस्व)-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी राजेश झा ‘‘राजा’’, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी समर बहादुर सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, वरीय उप समाहर्त्ता टोनी कुमारी, जिला कल्याण पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
October 18, 2022

14.10.2022 (दरभंगा) : जिला अभियोजन कार्यालय, दरभंगा द्वारा बताया गया है कि श्री सत्यभूषण आर्य, माननीय विशेष न्यायाधीश (उत्पाद-1), दरभंगा द्वारा आज 14 अक्टूबर 2022 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2016(संशोधित - 2022) की धारा 30(a) के अन्तर्गत अभियुक्त दिनेश सहनी, पिता - महेश्वर सहनी, बेंता चौक, थाना - लहेरियासराय, दरभंगा को उत्पाद पी.आर संख्या - 59/2018 (जी.ओ - 240/2018) में दोषी करार दिया गया तथा पाँच वर्ष का कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा दी गयी। उन्होंने कहा कि उक्त अभियुक्त द्वारा जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त 06 माह का साधारण कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा। इस मुकदमे के अभियोजन पदाधिकारी विशेष लोक अभियोजक, उत्पाद, दरभंगा, हरे राम साहू हैं।
October 11, 2022

11.10.2022 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मल्होत्रा, उत्पाद आयुक्त-सह-निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, बी. कार्तिकेय धनजी एवं सभी जिलाधिकारी की उपस्थिति में निबंधन के लिए रोक सूची की जमीन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सभी जिलाधिकारी से बारी-बारी से अपने-अपने जिले के रोक सूची में शामिल जमीन के सत्यापन एवं रोक सूची से हटायी गयी जमीन की संख्या के संबंध में आँकड़े लिये गये तथा उन्हें जल्द से जल्द रोक सूची की सभी जमीनों का सत्यापन कर लेने तथा दोहरी प्रवृष्टि वाले जमीनों का सत्यापन कर लेने तथा वैसे जमीन जो रोक सूची से मुक्त किये जाने योग्य है, उस भू-खण्ड की रोक सूची मुक्त करने की कार्रवाई करने के निदेश दिए। मुख्य सचिव ने कहा की यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन को रोक सूची से हटवाने का दावा करता है, तो वह साक्ष्य के साथ जिला स्तरीय समिति के समक्ष अपना दावा कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोक भूमि एवं वक़्फ़ बोर्ड/धार्मिक न्यास की जमीन बेची नहीं जा सकती, रोक सूची के सत्यापन के समय इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मल्होत्रा ने कहा कि रोक सूची से जमीन निबंधन हेतु विमुक्त करते समय यह ध्यान देने की जरूरत है कि टोपो लैंड का सर्वे नहीं हुआ है, इसलिए यह भूमि अहस्तांतरणीय है। बन्दोबस्त की भूमि अहस्तातरणीय होती है। सीलिंग में निहित जमीन भी रोक सूची से नहीं हटायी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में कुल 28 लाख 84 हजार 891 भूमि रोक सूची में शामिल है, जिनमें सत्यापन कर 02 लाख 32 हजार 887 भूमि को रोक सूची से हटाया गया है। दरभंगा एन.आई.सी. से जिलाधिकारी-सह-जिला निबंधन पदाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि जिले की 46 हजार 769 भूमि रोक सूची में शामिल है, जिनमें से सत्यापन के उपरान्त 06 हजार 265 भूमि को रोक सूची से हटाया गया है। जिले में 04 हजार 851 दोहरी प्रविष्टि वाली जमीन थी। उन्होंने कहा की दरभंगा में रोक सूची की जिला स्तरीय कमिटी प्रत्येक माह में एक बार बैठक करती है। जहाँ रोक सूची से अपनी भूमि को हटवाने ले लिए दावा करने वाले आवेदकों के आवेदन पर भी सुनवाई की जाती है।
बैठक में जिला अवर निबंधन पदाधिकारी निगम प्रकाश ज्वाला, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, अवर निबंधन पदाधिकारी, बहेड़ा सोहैल अख्तर, अवर निबंधन पदाधिकारी, कमतौल अम्बुज कुमार कुणाल एवं अवर निबंधन पदाधिकारी, बिरौल भास्कर ज्योति एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।