October 23, 2022

22.10.2022 (दरभंगा) : प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं बिहार राज्य परिवहन विकास निगम लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय मार्ग, राज्य राजमार्ग एवं अन्य मार्गों पर गुजरने वाले यात्रियों के लिए मर्गीय सुविधा की व्यवस्था की जा रही है। सड़क मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए चार प्रकार के मॉडल में सुविधा की व्यवस्था की जा रही है जिनमें प्रीमियम मॉडल, स्टैंडर्ड मॉडल, बेसिक मॉडल और मौजूदा मॉडल की मार्गीय सुविधा शामिल हैं। मार्गीय सुविधा में सड़कों पर स्थित एक परिसर होगा जिसमें विश्राम क्षेत्र, वृद्ध व दिव्यांगजनों के प्रावधान सहित महिला- पुरुष शौचालय, आर ओ का पानी, फ़ूड प्लाजा, रेस्टुरेंट व कैफिटेरिया, स्मारिका, हस्तशिल्प की दुकानें प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, वाहन मरम्मत, वाहन धुलाई सुविधा, गाड़ियों के लिए पार्किंग, एटीएम व बैंक इत्यादि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रीमियम मॉडल की मार्गीय सुविधा प्रत्येक 50 किलोमीटर पर होगी। जिसके लिए न्यूनतम 1.5एकड़ यानी 65340 वर्ग फीट जमीन होगी। इसमें 15000 वर्ग फुट में निर्मित क्षेत्र होगा।
अनिवार्य सेवाओं के लिए 10000 वर्ग फीट, अतिरिक्त सुविधा के लिए 5000 वर्ग फीट एवं अन्य सुविधा के लिए अतिरिक्त सुविधा के लिए 5000 वर्ग फीट जमीन उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके लिए विज्ञापन के माध्यम से संचालक का चयन किया जाएगा। वांछित जमीन संचालक के स्वामित्व की होनी चाहिए या उसके नाम पर 10 साल के पट्टे पर होनी चाहिए। प्रीमियम मॉडल के मार्गीय सुविधा में विश्राम कक्ष, फूड प्लाजा,कैफेटेरिया व रेस्तरां की व्यवस्था रहेगी, जिसमें कम से कम 50 से 60 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था होगी, पीने के लिए आरओ का पानी रहेगा। पुरुष व महिला के लिए 300- 300 वर्ग फीट में शौचालय सुविधा उपलब्ध होगी। स्मारिका हस्तशिल्प इत्यादि की दुकानों की सुविधा 1000 वर्ग फिट जमीन में उपलब्ध रहेगी। पक्का भूतल वाला पार्किंग स्थल 10000 वर्ग फीट का होगा। अतिरिक्त सुविधा के लिए 5000 वर्ग फुट विकसित किया जाएगा, जिसमें मिनी जनरल स्टोर, हस्तशिल्प प्रदर्शन, वाहन मरम्मत की दुकान, कार धोने की सुविधा, एटीएम व बच्चों का खेल क्षेत्र रहेगा। यहाँ प्राथमिक उपचार की सुविधा स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार उपलब्ध रहेगी। पानी और बिजली की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इसमें अपशिष्ट निपटान की व्यवस्था भी रहेगी। स्टैंडर्ड मॉडल की मार्गीय सुविधा प्रत्येक 30 किलोमीटर पर होगी।
जिसके लिए न्यूनतम 1.0एकड़ यानी 43560 वर्ग फीट जमीन होगी। इसमें 10000 वर्ग फुट में निर्मित क्षेत्र होगा। अनिवार्य सेवाओं के लिए 10000 वर्ग फीट, अतिरिक्त सुविधा के लिए 5000 वर्ग फीट एवं अन्य सुविधा के लिए अतिरिक्त सुविधा के लिए 5000 वर्ग फीट जमीन उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके लिए विज्ञापन के माध्यम से संचालक का चयन किया जाएगा। वांछित जमीन संचालक के स्वामित्व की होनी चाहिए या उसके नाम पर 10 साल के पट्टे पर होनी चाहिए। स्टैंडर्ड मॉडल के मार्गीय सुविधा में विश्राम कक्ष, फूड प्लाजा, कैफेटेरिया व रेस्तरां की व्यवस्था 5000 वर्गफीट में रहेगी, जिसमें कम से कम 50 से 60 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था होगी, पीने के लिए आरओ. का पानी रहेगा। पुरुष व महिला के लिए 300- 300 वर्ग फीट में शौचालय सुविधा उपलब्ध होगी। स्मारिका हस्तशिल्प इत्यादि की दुकानों की सुविधा 1000 वर्ग फिट जमीन में उपलब्ध रहेगी। पक्का भूतल वाला पार्किंग स्थल 10000 वर्ग फीट का होगा। यहाँ प्राथमिक उपचार की सुविधा स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार उपलब्ध रहेगी।
पानी और बिजली की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।इसमें अपशिष्ट निपटान की व्यवस्था भी रहेगी। बेसिक मॉडल की मार्गीय सुविधा प्रत्येक 30 किलोमीटर पर होगी। जिसके लिए न्यूनतम 7500 वर्ग फीट जमीन होगी। इसमें 2800 वर्ग फुट में निर्मित क्षेत्र होगा। अनिवार्य सेवाएं 2800 वर्ग फीट में होगी। इसके लिए विज्ञापन के माध्यम से संचालक का चयन किया जाएगा। वांछित जमीन संचालक के स्वामित्व की होनी चाहिए या उसके नाम पर 10 साल के पट्टे पर होनी चाहिए। बेसिक मॉडल के मार्गीय सुविधा में फूड प्लाजा,कैफेटेरिया व रेस्तरां की व्यवस्था 1000 वर्गफीट में रहेगी, जिसमें कम से कम 15 से 20 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था होगी, पीने के लिए आरओ का पानी रहेगा। पुरुष व महिला के लिए 300- 300 वर्ग फीट में शौचालय सुविधा उपलब्ध होगी।
स्मारिका हस्तशिल्प इत्यादि की दुकानों की सुविधा 1000 वर्ग फिट जमीन में उपलब्ध रहेगी। पक्का भूतल वाला पार्किंग स्थल 3500 वर्ग फीट का होगा। यहाँ प्राथमिक उपचार की सुविधा स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार उपलब्ध रहेगी।पानी और बिजली की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। मौजूदा मार्गीय सुविधा के अंतर्गत राष्ट्र मार्गों, राजमार्गों व अन्य मार्गों पर पर मौजूद ढाबा, रेस्टोरेंट को ही विकसित व नवीकरण कर किया जाएगा और इसके लिए 0.5 एकड़ यानी 21780 फीट जमीन की संचालक के स्वामित्व में होना अपेक्षित है। इन सुविधाओं के विकसित हो जाने पर सड़क मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत व राहत मिलेगी। इसकी निगरानी व अनुश्रवण के लिए परियोजना समीक्षा समिति बनाई जाएगी जिसकी बैठक प्रत्येक तीन माह पर होगी। परियोजनाएं स्क्रीनिंग समिति आवेदक व संचालक की स्क्रीनिंग करेगी।
October 23, 2022

22.10.2022 (दरभंगा) : कृषि विभाग, बिहार सरकार के द्वारा रवि महा अभियान 2022 के तहत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) दरभंगा द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय रवि कार्यशाला प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहुउद्देशीय भवन दरभंगा में आयोजितन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रशेखर सिंह संयुक्त निदेशक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा द्वारा किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी संजय सिंह ने रवि महा अभियान दौड़ की संक्षिप्त जानकारी दी एवं गणमान्य व्यक्तियों को बुके, स्मृति चिन्ह से स्वागत किया। डिप्टी विकास आयुक्त ने कहा कि कृषि की सभी योजनाओं को कृषि विभाग के सभी कर्मी और अधिकारी शत-प्रतिशत लागू करें। राज्य स्तर से अनुश्रवण कर रहे अनिल कुमार, उप निदेशक (शस्य) पटना द्वारा माननीय कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत जी के द्वारा 20 सूत्री कार्यक्रम, कृषि विभाग के सभी पदाधिकारी/कर्मी को शपथ के माध्यम से टीम एग्रीकल्चर की भावना कार्य करने एवं जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के बारे में बताया गया। कृषि विभाग के वैज्ञानिक डॉ दिव्यांशु शेखर द्वारा गेहूं एवं रवि फसल की वैज्ञानिक विधि की जानकारी दी गयी। वैज्ञानिक गौतम कुणाल द्वारा समेकित कीट संयत्र रोग की जानकारी दी गयी। प्रबंधन अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर हरिमोहन मिश्र द्वारा कृषि विभाग की योजना एवं क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। अमित रंजन सहायक निदेशक शस्य द्वरा बीज विश्लेषण, बीज परिग्रहण एवं कार्यकित कृषि प्रणाली के संबंध में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री पूर्णेन्दु नाथ झा द्वारा किया गया। उनके द्वारा स्वागत भाषण एवं रवि कार्यशाला कार्यक्रम का उद्देश बताया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
इस अवसर पर शंभू कुमार सिंह सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण, श्रीमती सीमा कुमारी सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, जिला पशुपालन पदाधिकारी अजय कुमार सिन्हा, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी बेनीपुर श्रीमती प्रीति सुंदरम, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी बिरौल कुमारी कविता, उप परियोजना निदेशक आत्मा आभा कुमारी, सहायक निदेशक शस्य, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी कृषि समन्वयक, सभी पंचायत के किसान सलाहकार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक ने जिला स्तरीय रवि प्रशिक्षण सह कार्यशाला में भाग लिया। कार्यक्रम में 400 से अधिक कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उपस्थित थे।
October 23, 2022
22.10.2022 (दरभंगा) : आज देश भर के युवा नियुक्ति पत्र पाकर प्रफ्फुलित हो रहे है। उक्त बातें भाजपा केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सह दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा की भारत की युवा शक्ति के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है। धनतेरस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले का शुभारंभ किए है। सांसद ने कहा कि पीएम ने इस मौके पर कहा की केंद्र सरकार देश भर में अब एक साथ ऐसे ही नियुक्ति पत्र जारी करेगा। वहीं देश में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला आज 22 अक्टूबर से शुरू हो गया है।सांसद ने कहा की आज 38 मंत्रालयों में नए कर्मियों की नियुक्ति की गई है। आज जिन 75 हजार युवाओं को पीएम मोदी ने लेटर जारी किया, उनकी पोस्टिंग 38 मंत्रालयों/विभागों में अलग-अलग लेवल पर रहेगी। इनकी जॉइनिंग ग्रुप A और B (गजटेड), गुप B (नॉन-गजटेड) और ग्रुप C में होगी। केंद्र सरकार के अनुसार, इनके पदों में केंद्रीय सशस्त्र बलों के अलावा सब-इंस्पेक्टर, कॉन्स्टेबल्स, लोअर डिविजन क्लर्क्स (LDC), स्टेनो, पर्सनल असिस्टेंट्स, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर और मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) शामिल हैं और आने वाले दिनों में केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, एलडीसी, स्टेनो, पीए, आयकर निरीक्षक, एमटीएस और अन्य विभागों में लोगों की नियुक्ति कि जाएगी।
इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग और रेलवे भर्ती बोर्ड में भी युवाओं की नियुक्ति किया जा रहा हैं। सांसद ने कहा कि सवा 9 लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए पीएम मोदी ने इसी साल जून में सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों को निर्देश दिया था की वे मिशन मोड से 10 लाख पदों पर भर्तियां करें। जिसके मुताबिक सभी मंत्रालय और विभागों ने स्वीकृत पदों पर रिक्तियों को भरने की दिशा में काम शुरू कर दिया और अगले साल दिसंबर तक और सवा 9 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए पूरी केंद्र की मोदी सरकार पूरा प्लानिंग कर चुकी है। सांसद ने कहा कि गांव में अब बड़ी संख्या में रोजगार निर्माण हो रहा है। बीते वर्ष सेल्फ हेल्प ग्रुप से 8 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत देश के लाखों युवाओं को उद्योग की ट्रेनिंग दी जा रही है।
October 23, 2022

22.10.2022 (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने कहा है की गरीबों एवं जरूरतमंदों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निदेश दिया कि लक्ष्य के अनुरूप सभी लाभुकों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पदाधिकारीगण नियमित रूप से जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण करें। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि समय-सीमा के अंदर खाद्यान्न का परिवहन आवश्यक है। लाभुकों तक ससमय खाद्यान्न पहुँचाने के लिए वाहनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस बैठक में डीएम डॉ. सिंह ने प्रखंडवार आपूर्ति संबंधी प्रतिवेदन की विस्तृत समीक्षा की एवं अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। पीएचएच, अन्त्योदय एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाद्यान्न का आवंटन उठाव एवं वितरण, राशन कार्ड निर्गमण एवं वितरण, जन वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण, छापामारी, कार्रवाई, नई अनुज्ञप्ति, किरासन तेल का आवंटन, उठाव एवं वितरण इत्यादि पर डीएम डॉ. सिंह ने बिंदुवार गहन समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत पूर्विक्ताप्राप्त श्रेणी के खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण में अच्छी स्थिति है।
गेहूँ का वितरण प्रतिशत 98 तथा चावल का वितरण प्रतिशत 97 है। अन्त्योदय श्रेणी के तहत गेहूँ का शत-प्रतिशत वितरण किया गया है तथा चावल का वितरण प्रतिशत 98 है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण प्रतिशत 106.92 है। आरटीपीएस अंतर्गत राशन कार्ड हेतु 14,013 स्वीकृत आवेदन पत्रों में 12,332 आवेदन पत्रों को निर्गत किया गया है। जनवितरण प्रणाली की 524 दुकानों तथा 11 एसएफसी गोदाम की जाँच की गई है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि विभागीय निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दुकानों का पूर्व निर्धारित निरीक्षण करें। सभी निरीक्षी पदाधिकारी निरीक्षण पंजी संधारित कराएँ। नियमित छापामारी एवं कार्रवाई करें।आरटीपीएस अंतर्गत राशन कार्ड हेतु प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में एक्सपायर्ड आवेदनों की संख्या शून्य रहनी चाहिए। विहित प्रक्रिया के अनुरूप जन वितरण प्रणाली दुकानों की रिक्ति के विरुद्ध नई अनुज्ञप्ति निर्गत करें। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। डीएम डॉ. सिंह ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सभी प्रखंडों के आपूर्ति संबंधी मामलों का सतत अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
October 18, 2022

17.10.2022 (दरभंगा) : दरभंगा चित्रगुप्त सभा, दरभंगा की वार्षिक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पूर्व के वर्ष का आय व्यय लेखा सत्र 2021 के सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने प्रस्तुत किया गया। बैठक के उपरांत सर्वसम्मति से इसे पारित किया गया। गौरतलब है की कोरोना काल के दौरान भी 2020 एवं 2021 में लॉक डाउन का पालन करते हुए परंपरागत पूजन आयोजन करने हेतु समिति के कार्य की सराहना की गई। शहर के मध्य एक निजी हॉल में रविवार शाम से शुरू देर रात तक चली इस बैठक की अध्यक्षता सत्र 2021 के अध्यक्ष पुनीत कुमार सिन्हा ने की। बैठक में सत्र 2022 के लिए नई कमेटी का गठन किया गया, जिसमे सर्वसम्मति से श्रीमती मधुबाला सिन्हा को अध्यक्ष चुना गया। मधुबाला सिन्हा 2007 से लगातार दरभंगा नगर निगम की पार्षद हैं और वर्तमान में तत्काल स्थगित निकाय चुनाव में मेयर प्रत्याशी हैं। सुजीत मल्लिक को सत्र 2022 का प्रधान सचिव चुना गया। श्री मल्लिक समाजसेवी हैं और इनकी पत्नी भी एक बार निगम की पार्षद रही हैं। पांडेय रितेश सहाय को इस सत्र का कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं मनीष कुमार को उपाध्यक्ष, डॉ मनीष कुमार एवं प्रकाश चंद प्रभाकर संयुक्त सचिव तथा साकेत कुमार श्रीवास्तव को संगठन सचिव चुना गया है। बैठक में 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर, 2022 तक होने वाले आगामी चार- दिवसीय चित्रगुप्त पूजा के 108 वें वर्षगांठ को उल्लासपूर्ण और भक्तिमय माहौल में मनाने का निर्णय हुआ। 109वें पूजन के आयोजन हेतु विचार- विमर्श किया गया और पूजन आयोजन से अलग पूर्व की तरह संगठन को मजबूत बनाने एवम सामाजिक दायित्व में भी भागेदारी हेतु कार्य करने पर सहमति बनी। इस मौके पर नवनियुक्त अध्यक्ष मधुबाला सिन्हा ने उपस्थित लोगों का उनके प्रति विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा की पूर्वजों द्वारा 1914 में स्थापित दरभंगा चित्रगुप्त सभा आम चित्रांशों तक जाए और समाज के अन्य वर्गों में भी सभा का कार्य प्रभाव डाले तथा संगठन का ध्येय बने, इसकी कोशिश करूँगी एवं जो सक्रिय लोग किसी कारण वर्तमान में नही हैं उन्हें आग्रह, सम्मान के साथ जोड़ने का काम करूँगी।प्रधान सचिव सुजीत मल्लिक ने कहा कि संगठन को मजबूती प्रदान कर दरभंगा के विभिन्न चित्रांश संगठन को भी इस सभा से जोड़ समय पर आम सभा करा देना उनकी प्राथमिकता होगी। विदित हो कि दरभंगा चित्रगुप्त सभा, दरभंगा के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष चार- दिवसीय चित्रगुप्त पूजा स्थानीय चित्रगुप्त भवन (सोसाइटी सिनेमा हॉल, अब क्रेज डॉल्बी) में होता है।
बैठक में सभा के सत्र 2021 के पदाधिकारी, नए चुने गए पदाधिकारी सहित कई पूर्व अध्यक्ष, प्रधान सचिव भी मौजूद थे, जिनमे निर्मल कुमार सिन्हा, नवीन सिन्हा, मनोज कुमार श्रीवास्तव, मनीष कुमार सहित अनेकों चित्रांश उपस्थित थे।