November 02, 2022

01.11.2022 (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आज विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में बाल श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला-स्तरीय टास्क फोर्स की मासिक बैठक हुई। इस बैठक में जिले में बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति, पुनर्वास एवं बाल श्रम के उन्मूलन हेतु की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। मनीष कुमार, श्रम अधीक्षक ने बताया कि इस वर्ष कुल 36 बच्चों को बाल श्रम से विमुक्त कराया गया है और सभी संबंधित नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है । इसके साथ ही उन सभी दोषी नियोजकों को प्रति विमुक्त बाल श्रमिक 20,000 रु की दर से जिला बाल श्रमिक पुनर्वास एवं कल्याण कोष में जमा करने हेतु नोटिस निर्गत किया गया है। कुल 22 नियोजकों द्वारा उक्त राशि जमा की गई है।
डीडीसी ने निर्देश दिया कि जिन दोषी नियोजकों द्वारा बाल श्रमिक पुनर्वास एवम कल्याण कोष में राशि नही जमा की गई है उनसे राशि वसूली हेतु नियमानुकूल सर्टिफिकेट वाद दायर किया जाए।डीडीसी ने बाल श्रम के उन्मूलन हेतु अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए विमुक्त बाल श्रमिकों तक सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, विधि, समाज कल्याण विभाग सहित सभी भागीदारों को आपस में सार्थक समन्वय करते हुए बाल श्रम उन्मूलन हेतु प्रतिबद्ध रहना होगा। डीडीसी श्री सुल्तानिया ने निर्देश दिया कि जो बाल श्रमिक विमुक्त कराए जाते हैं और CLTS में दर्ज है उनका इनटाइटलमेन्ट कार्ड निर्गत कर उनका फॉलो-अप किया जाए ताकि वे पुनः बाल श्रम की ओर न लौटें। डीडीसी द्वारा जिला कल्याण पदाधिकारी पटना को निर्देश दिया गया कि अनुसूचित जाति की श्रेणी के विमुक्त बच्चों का नामांकन कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में कराया जाए ताकि उनका शैक्षणिक विकास हो सके।
उनके पुनर्वास,शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों के शैक्षणिक एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु राज्य कार्य योजनान्तर्गत नोडल पदाधिकारी के रूप में नामित हैं। जिला बाल संरक्षण इकाई को निदेश दिया गया कि सीएलटीएस में दर्ज विमुक्त बच्चों की सूची के आधार पर उनके एवं उनके परिवार की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे। डीडीसी ने आम जनता से आह्वान किया कि बाल श्रम से संबंधित कोई भी सूचना या शिकायत मोबाईल नं. 9471229133 पर भेजी जाए। जिला स्तर से इसपर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों एवं श्रम अधीक्षक को होटल, ढाबा, चाय की दुकान, गैरेज सहित सभी संभाव्य स्थानों पर बाल श्रम के विरूद्ध विशेष अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार जिला नियंत्रण कक्ष से दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। विगत एक माह में 124 विमुक्त बाल श्रमिकों का फॉलोअप किया गया। इसमें यह ज्ञात हुआ कि 75 बच्चे स्कूल में पंजीकृत हैं तथा 105 बच्चे के परिवार जन वितरण प्रणाली आच्छादित है। डीडीसी ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बच्चों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है। साथ ही बाल श्रम संवैधानिक प्रावधानों यथा-अनुच्छेद 21ए(शिक्षा का अधिकार), अनुच्छेद 23, अनुच्छेद 24 एवं अनुच्छेद 39 का उल्लंघन भी है। उन्होंने नियमित रूप से धावा दल का संचालन करने का निर्देश दिया। विमुक्त बाल श्रमिकों के बारे में आंकड़ों को नियमित तौर पर अद्यतन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर पर भी बाल श्रम उन्मूलन हेतु टास्क फोर्स का बैठक कराने एवं सघन अभियान चलाने का निदेश दिया।
उन्होंने कहा कि दोषी नियोजकों के विरूद्ध यथाशीघ्र नियमानुकूल कार्रवाई कर दंडित किया जाय ताकि भविष्य में कभी बाल श्रम का नियोजन नहीं करे। डीडीसी श्री सुल्तानिया ने प्रखंड स्तरों पर टास्क फोर्स की बैठक कराने एवं नियमित अंतराल पर इस टास्क फोर्स के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम का अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने श्रम अधीक्षक को सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित करने का निदेश दिया। श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि कुल 49 विमुक्त बाल श्रमिकों के नाम से मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त राशि से प्रति व्यक्ति 25000 रु की दर से सावधि जमा कर दिया गया है। डीडीसी ने विमुक्त बाल श्रमिकों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर मुख्यमंत्री राहत कोष से सभी पात्र विमुक्त बाल श्रमिको के नाम से सावधि जमा की प्रक्रिया को त्वरित गति से पूर्ण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आवंटन की अधियाचना कर लें। डीडीसी ने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों के बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय को अनिवार्य रूप से शामिल कर गॉव-गॉव तक संवेदीकरण एवं जन-जागरूकता उत्पन्न की जाए।
डीडीसी ने पात्रता रखने वाले बाल एवं किशोर श्रमिकों के परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर जन वितरण प्रणाली से जोड़ते हुए राशन कार्ड निर्गत करने का तथा उनके परिवार को प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा के अंतर्गत जॉब कार्ड उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभिक एवं बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराया जाए, उनका नामांकन विद्यालय में कराने तथा उनको मुफ्त पाठ्य पुस्तक मध्याह्न भोजन, छात्रवृति, साईकिल एवं पोशाक उपलब्ध कराया जाए। जिला कार्यक्रम समन्वयक, बिहार शिक्षा परियोजना, पटना को निदेश दिया कि श्रम संसाधन विभाग और समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रमिक सहित विद्यालय से बाहर रह गये बच्चों का सर्वेक्षण करना, साथ ही साथ विद्यालय से बाहर रह गये सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बच्चों को ब्रिजकोर्स से जोड़कर उनको मुख्य धारा में लाने का निदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग को निदेश दिया गया कि विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों तथा उनके माता-पिता को प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाए। डीडीसी ने कहा कि बाल श्रम जैसे सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सघन जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन पर आधारित चलचित्रों एवं वृतचित्रों का प्रदर्शन करने का निदेश दिया। नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाने एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने, किशोर श्रम के मुद्दों को लक्ष्य में रखकर प्रशिक्षण, सूचना, प्रचार-प्रसार अभियान के लिए संसाधन सामग्रियों, अद्यतन हस्तकों, यूजर मित्रवत मानक बुकलेट आदि का वितरण कराने का निदेश दिया। डीडीसी सुल्तानिया ने कहा कि जिन परिवारों के बच्चों को मजबूरन बाल श्रमिक बनने की सम्भावना है, उनपर ध्यान केन्द्रित करते हुए ऐसे परिवारों के बच्चे को चिन्हित करते हुए आईसीडीएस केन्द्रों में नामांकित करने की कार्रवाई की जाए। बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास हेतु सभी भागीदारों (स्टेक होल्डर्स) को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : प्राप्त जानकारी के अनुसार दरभंगा नगर निगम के मेयर पद की अभ्यर्थी अंजनी देवी द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए छठ महापर्व - 2022 के अवसर पर दरभंगा नगर निगम अवस्थित विभिन्न छठ घाटों पर छठ पर्व के अवसर पर अपनी शुभकामना का बैनर/पोस्टर लगवा दिया गया, जिनमें निवेदक अंजनी देवी, मुख्य पर्षद (मेयर पद) उम्मीदवार, दरभंगा नगर निगम व आकांक्षी पूर्व विधान पार्षद अर्जून सहनी और मोबाईल न0 97718 36666 व 76678 39133 अंकित है। उक्त मामला जिला निर्वाचन पदाधिकारी, दरभंगा व आदर्श आचार संहिता कोषांग, दरभंगा के संज्ञान में आने पर दरभंगा सदर के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के द्वारा बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1985 एवं बिहार संपत्ति विरूपण निवारण (संशोधित) अधिनियम, 2010 की धारा 03 एवं 04 के आलोक में बैनर लगाने वाले के साथ-साथ मेयर प्रत्याशी के विरूद्ध दरभंगा नगर थाना में प्राथमिकी संख्या - 318/2022 दर्ज करायी गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार संपत्ति विरूपण निवारण (संसोधन) अधिनियम, 2010 चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्यार्शी, जिनपर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 लागू होता है, पर लागू है। जिसके तहत निर्वाचन अवधि में किसी भी निजी संपत्ति (संपत्ति के स्वामी के इच्छा के विरूद्ध) पर तथा सार्वजनिक स्थलों/दीवारों पर प्रचार प्रसार हेतु चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी का पोस्टर/बैनर लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर आज दरभंगा गोशाला के प्रांगण में गोपाष्टमी महोत्सव मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में पुरुष महिलाएं गोशाला में आकर गो माता की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर दरभंगा पशुपालन विभाग द्वारा गायों के स्वास्थ का निरीक्षण डॉ प्रशांत प्रकाश द्वारा किया गया। गोशाला में स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भी पूजा अर्चना की गई। इस संध्या कालीन में गोशाला मोहल्ला के बच्चों द्वारा सांस्क़ृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें रिसाव झा, प्रिंस झा, शिल्पी झ, चुलबुल, आभ्या झा एवं अन्य बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक राहुल चौधरी, संजीव झा एवं शोभित झा ने प्रस्तुति दी। इन अवसर पर गोशाला के उपाध्यक्ष अजय कुमार पोद्दार, प्रधान सचिव पवन कुमार सुरेका, कोषाध्यक्ष पवन कुमार बागरिया, सचिव कृष्णा कुमार अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश सराफ, विवेक बजाज, सुशील कुमार जैन उपस्थित रहे।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : प्राप्त जानकारी अनुसार 03 और 04 नवंबर को नेहरू स्टेडियम के निकट दरभंगा ऑडिटोरियम में होने वाले रूद्र सावित्री दरभंगा माइंड फेस्ट की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है । दरभंगा माइंड फ़ेस्ट के सचिव विशाल गौरव ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को 01 नवंबर शाम 5:00 बजे बंद कर दिया गया है। सभी नौ प्रतियोगिताओं में रजिस्ट्रेशन अधिकतम तय संख्या के पास पहुंच चुका है। स्कूलों को सभी कार्यक्रम के लिए विशेषाधिकार के रूप में हर प्रतियोगिता के लिए एक छात्र / एक टीम की सूची देने की सीमा 02 नवंबर दिन में 2:00 बजे तक तय की गई है। 03 नवंबर को कार्यक्रम स्थल पर रजिस्ट्रेशन की अनुमति सीटों की रिक्तता के आधार पर ही दी जाएगी। माइंड फ़ेस्ट में अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए मुख्य संयोजकों की सूची जारी कर दी गई है। राघवेंद्र कुमार को पेंटिंग और हिंदी क्रिएटिव राइटिंग, पंकज श्रीवास्तव को जनरल क्विज एवं इंडिया क्विज़, निखिल गौरव को अंग्रेजी स्पेलिंग बी, क्रॉस वर्ड एवं अंग्रेजी क्रिएटिव राइटिंग, सुगंधा चौधरी को मेंटल एबिलिटी, सुरभि गौरव को पेंटिंग एवं मनोज दोकनिया को हिंदी स्पेलिंग बी प्रतियोगिता का मुख्य संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मंच संचालन की बागडोर सुनीता सिंह, निखिल गौरव एवं अन्विता के हाथों में रहेगी। माइंड फ़ेस्ट टीम की ओर से पुरस्कार वितरण राजेश बोहरा, कैम्पस प्रबंधन अमरनाथ सिंह एवं संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी अनिल सिंह को सौंपी गई है। लगभग 600 सीट वाले वातानुकूलित दरभंगा ऑडिटोरियम में होने वाले इस आयोजन में जिले के 100 से भी अधिक सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद की जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।
November 02, 2022

31.10.2022 (दरभंगा) : आयुक्त कार्यालय, दरभंगा के सभागार में आज प्रमंडलीय आयुक्त, मनीष कुमार ने 31 अक्टूबर 2023 को दरभंगा प्रमंडल स्थापना के 50 वें वर्षगांठ पूरा होने के अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे स्मरणीय बनाने हेतु उद्घोषणा करते हुए कहा की आज से दरभंगा प्रमंडल की स्थापना के 50 वें वर्षगाँठ के प्रारंभ होने के अवसर पर यह उद्घोषणा की जाती है कि आज से 31 अक्टूबर 2023 तक पूरे वर्ष दरभंगा प्रमंडल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि दरभंगा प्रमंडल में 10 मंजिला एक ऐसा भवन का निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए, जिसमें प्रमंडल स्तर के या उत्तर बिहार स्तर के या दो तीन जिलों को देखने वाले सभी कार्यालय उस भवन में अवस्थित हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रमंडल के स्थापना के 50 में वर्षगांठ के अवसर पर सालों भर विभिन्न स्थलों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए जिसमें क्विज प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता इत्यादि हो और सभी में दरभंगा प्रमंडल के स्थापना के 50 में वर्षगांठ का बैनर लगा रहे। उन्होंने कहा कि एक स्मृति चिन्ह भी बनवाया जाए जिसमें दरभंगा प्रमंडल का 50 वर्षगांठ अंकित हो। इस अवसर पर दरभंगा क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी संजीव कुमार सहित दरभंगा प्रमंडलीय कार्यालय के विभिन्न सहायक एवं कर्मी उपस्थित थे।