November 05, 2022

03.11.2022 (दरभंगा) : जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति दरभंगा, राजीव रौशन की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय छापमार दस्ते के सदस्य एवं पदाधिकारियों के साथ अन्य हितधारकों हेतु जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावे पुलिस पदाधिकारी भी उपस्थित हुए। उक्त कार्यशाला में राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार एवं सीड्स के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलो में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम COTPA-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदम की जानकारी दी।
उक्त कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीएम श्री रौशन ने अपने संबोधन में कहा कि तम्बाकू के सेवन से न सिर्फ सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है।तम्बाकू सेवन न करके जिंदगी के साथ साथ आर्थिक नुकसान को भी बचाया जा सकता है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। जिससे हम अपने आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचा सके। साथ ही समाज के आम लोगों के बीच जाकर लोगों को तंबाकू का सेवन नहीं करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा। जिससे तंबाकू के सेवन पर नियंत्रण लगाने में सफलता मिलेगी। उन्होने समस्त ज़िला वासियों से अपील करते हुए कहा कि हमलोगों को अपने जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। उन्होंने सभी छापामार दस्ते के सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के सभी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थानों एवं मीडिया जगत का इस अभियान को चलाने में काफी सहयोग मिला है। सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा 2003) के अनुपालन का एक स्वतंत्रत एजेंसी से सर्वेक्षण करवाया जाता रहा है। उक्त अनुपालन सर्वेक्षण में धूम्रपान मुक्त के तय मानको के आधार पर दरभंगा जिला को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है।
डीएम ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए और अधिक प्रयास करना होगा। समाज के आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए इस पर पूर्ण नियंत्रण लगाने हेतु कार्य करने होंगे, लोगों को तंबाकू का सेवन नहीं करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं, उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने हेतु लड़नी होगी। उप विकास आयुक्त ने कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयास से आज इस कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक चलाने की जरूरत है।
कार्यक्रम के अंत में डीएम द्वारा तंबाकू मुक्त समाज हेतु उपस्थित पदाधिकारी एवं संबंधित को शपथ दिलाई गयी जो इस प्रकार है। "मैं शपथ लेता हूं कि मैं अपने जीवन में कभी भी किसी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का सेवन नहीं करूंगा, मैं अपने परिजनों, मित्रों या परिचितों को भी तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करूंगा। मैं शपथ लेता हूं कि मैं पर्यावरण की रक्षा हेतु तंबाकू उत्पादन के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाने में पूर्ण सहयोग करूंगा। मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं जीवन-प्रयत्न तंबाकू का सेवन नहीं करूंगा, साथ ही मैं दूसरों को भी तंबाकू सेवन से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक करने एवं तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करने का वचन देता हूँ। मैं यह शपथ लेता हूं कि मैं अपने कार्यस्थल एवं समुदाय को तंबाकू मुक्त करने के लिए अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं का प्रयोग करूंगा, साथ ही अपने समाज को तंबाकू मुक्त बनाने में अपना संपूर्ण योगदान दूंगा। जिंदगी चुने तंबाकू नहीं।"
गैर संचारी रोग पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम ने कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कहा कि जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग के द्वारा सभी प्रयास किये जाएंगे जिससे कि जिला में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम का प्रभावी ढंग से अनुपालन हो सके, कार्यक्रम प्रबंधक विशाल कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित कुमार, सिविल सर्जन अनिल कुमार, एसीएमओ, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला नोडल पदाधिकारी डाॅ. एस.के मिश्रा, सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी सुनील चौधरी, मनोज कुमार झा, एन.सी.डी सेल के वित्त सह लाजिस्टिक सहलाकर ईन्द्रजित कुमार सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
November 02, 2022

01.11.2022 (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आज विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में बाल श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला-स्तरीय टास्क फोर्स की मासिक बैठक हुई। इस बैठक में जिले में बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति, पुनर्वास एवं बाल श्रम के उन्मूलन हेतु की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। मनीष कुमार, श्रम अधीक्षक ने बताया कि इस वर्ष कुल 36 बच्चों को बाल श्रम से विमुक्त कराया गया है और सभी संबंधित नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है । इसके साथ ही उन सभी दोषी नियोजकों को प्रति विमुक्त बाल श्रमिक 20,000 रु की दर से जिला बाल श्रमिक पुनर्वास एवं कल्याण कोष में जमा करने हेतु नोटिस निर्गत किया गया है। कुल 22 नियोजकों द्वारा उक्त राशि जमा की गई है।
डीडीसी ने निर्देश दिया कि जिन दोषी नियोजकों द्वारा बाल श्रमिक पुनर्वास एवम कल्याण कोष में राशि नही जमा की गई है उनसे राशि वसूली हेतु नियमानुकूल सर्टिफिकेट वाद दायर किया जाए।डीडीसी ने बाल श्रम के उन्मूलन हेतु अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए विमुक्त बाल श्रमिकों तक सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, विधि, समाज कल्याण विभाग सहित सभी भागीदारों को आपस में सार्थक समन्वय करते हुए बाल श्रम उन्मूलन हेतु प्रतिबद्ध रहना होगा। डीडीसी श्री सुल्तानिया ने निर्देश दिया कि जो बाल श्रमिक विमुक्त कराए जाते हैं और CLTS में दर्ज है उनका इनटाइटलमेन्ट कार्ड निर्गत कर उनका फॉलो-अप किया जाए ताकि वे पुनः बाल श्रम की ओर न लौटें। डीडीसी द्वारा जिला कल्याण पदाधिकारी पटना को निर्देश दिया गया कि अनुसूचित जाति की श्रेणी के विमुक्त बच्चों का नामांकन कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में कराया जाए ताकि उनका शैक्षणिक विकास हो सके।
उनके पुनर्वास,शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों के शैक्षणिक एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु राज्य कार्य योजनान्तर्गत नोडल पदाधिकारी के रूप में नामित हैं। जिला बाल संरक्षण इकाई को निदेश दिया गया कि सीएलटीएस में दर्ज विमुक्त बच्चों की सूची के आधार पर उनके एवं उनके परिवार की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे। डीडीसी ने आम जनता से आह्वान किया कि बाल श्रम से संबंधित कोई भी सूचना या शिकायत मोबाईल नं. 9471229133 पर भेजी जाए। जिला स्तर से इसपर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों एवं श्रम अधीक्षक को होटल, ढाबा, चाय की दुकान, गैरेज सहित सभी संभाव्य स्थानों पर बाल श्रम के विरूद्ध विशेष अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार जिला नियंत्रण कक्ष से दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। विगत एक माह में 124 विमुक्त बाल श्रमिकों का फॉलोअप किया गया। इसमें यह ज्ञात हुआ कि 75 बच्चे स्कूल में पंजीकृत हैं तथा 105 बच्चे के परिवार जन वितरण प्रणाली आच्छादित है। डीडीसी ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बच्चों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है। साथ ही बाल श्रम संवैधानिक प्रावधानों यथा-अनुच्छेद 21ए(शिक्षा का अधिकार), अनुच्छेद 23, अनुच्छेद 24 एवं अनुच्छेद 39 का उल्लंघन भी है। उन्होंने नियमित रूप से धावा दल का संचालन करने का निर्देश दिया। विमुक्त बाल श्रमिकों के बारे में आंकड़ों को नियमित तौर पर अद्यतन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर पर भी बाल श्रम उन्मूलन हेतु टास्क फोर्स का बैठक कराने एवं सघन अभियान चलाने का निदेश दिया।
उन्होंने कहा कि दोषी नियोजकों के विरूद्ध यथाशीघ्र नियमानुकूल कार्रवाई कर दंडित किया जाय ताकि भविष्य में कभी बाल श्रम का नियोजन नहीं करे। डीडीसी श्री सुल्तानिया ने प्रखंड स्तरों पर टास्क फोर्स की बैठक कराने एवं नियमित अंतराल पर इस टास्क फोर्स के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम का अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने श्रम अधीक्षक को सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित करने का निदेश दिया। श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि कुल 49 विमुक्त बाल श्रमिकों के नाम से मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त राशि से प्रति व्यक्ति 25000 रु की दर से सावधि जमा कर दिया गया है। डीडीसी ने विमुक्त बाल श्रमिकों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर मुख्यमंत्री राहत कोष से सभी पात्र विमुक्त बाल श्रमिको के नाम से सावधि जमा की प्रक्रिया को त्वरित गति से पूर्ण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार आवंटन की अधियाचना कर लें। डीडीसी ने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों के बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय को अनिवार्य रूप से शामिल कर गॉव-गॉव तक संवेदीकरण एवं जन-जागरूकता उत्पन्न की जाए।
डीडीसी ने पात्रता रखने वाले बाल एवं किशोर श्रमिकों के परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर जन वितरण प्रणाली से जोड़ते हुए राशन कार्ड निर्गत करने का तथा उनके परिवार को प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा के अंतर्गत जॉब कार्ड उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभिक एवं बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराया जाए, उनका नामांकन विद्यालय में कराने तथा उनको मुफ्त पाठ्य पुस्तक मध्याह्न भोजन, छात्रवृति, साईकिल एवं पोशाक उपलब्ध कराया जाए। जिला कार्यक्रम समन्वयक, बिहार शिक्षा परियोजना, पटना को निदेश दिया कि श्रम संसाधन विभाग और समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रमिक सहित विद्यालय से बाहर रह गये बच्चों का सर्वेक्षण करना, साथ ही साथ विद्यालय से बाहर रह गये सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बच्चों को ब्रिजकोर्स से जोड़कर उनको मुख्य धारा में लाने का निदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग को निदेश दिया गया कि विमुक्त बाल एवं किशोर श्रमिकों तथा उनके माता-पिता को प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाए। डीडीसी ने कहा कि बाल श्रम जैसे सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सघन जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन पर आधारित चलचित्रों एवं वृतचित्रों का प्रदर्शन करने का निदेश दिया। नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाने एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने, किशोर श्रम के मुद्दों को लक्ष्य में रखकर प्रशिक्षण, सूचना, प्रचार-प्रसार अभियान के लिए संसाधन सामग्रियों, अद्यतन हस्तकों, यूजर मित्रवत मानक बुकलेट आदि का वितरण कराने का निदेश दिया। डीडीसी सुल्तानिया ने कहा कि जिन परिवारों के बच्चों को मजबूरन बाल श्रमिक बनने की सम्भावना है, उनपर ध्यान केन्द्रित करते हुए ऐसे परिवारों के बच्चे को चिन्हित करते हुए आईसीडीएस केन्द्रों में नामांकित करने की कार्रवाई की जाए। बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास हेतु सभी भागीदारों (स्टेक होल्डर्स) को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : प्राप्त जानकारी के अनुसार दरभंगा नगर निगम के मेयर पद की अभ्यर्थी अंजनी देवी द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए छठ महापर्व - 2022 के अवसर पर दरभंगा नगर निगम अवस्थित विभिन्न छठ घाटों पर छठ पर्व के अवसर पर अपनी शुभकामना का बैनर/पोस्टर लगवा दिया गया, जिनमें निवेदक अंजनी देवी, मुख्य पर्षद (मेयर पद) उम्मीदवार, दरभंगा नगर निगम व आकांक्षी पूर्व विधान पार्षद अर्जून सहनी और मोबाईल न0 97718 36666 व 76678 39133 अंकित है। उक्त मामला जिला निर्वाचन पदाधिकारी, दरभंगा व आदर्श आचार संहिता कोषांग, दरभंगा के संज्ञान में आने पर दरभंगा सदर के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के द्वारा बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1985 एवं बिहार संपत्ति विरूपण निवारण (संशोधित) अधिनियम, 2010 की धारा 03 एवं 04 के आलोक में बैनर लगाने वाले के साथ-साथ मेयर प्रत्याशी के विरूद्ध दरभंगा नगर थाना में प्राथमिकी संख्या - 318/2022 दर्ज करायी गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार संपत्ति विरूपण निवारण (संसोधन) अधिनियम, 2010 चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्यार्शी, जिनपर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 लागू होता है, पर लागू है। जिसके तहत निर्वाचन अवधि में किसी भी निजी संपत्ति (संपत्ति के स्वामी के इच्छा के विरूद्ध) पर तथा सार्वजनिक स्थलों/दीवारों पर प्रचार प्रसार हेतु चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी का पोस्टर/बैनर लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर आज दरभंगा गोशाला के प्रांगण में गोपाष्टमी महोत्सव मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में पुरुष महिलाएं गोशाला में आकर गो माता की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर दरभंगा पशुपालन विभाग द्वारा गायों के स्वास्थ का निरीक्षण डॉ प्रशांत प्रकाश द्वारा किया गया। गोशाला में स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भी पूजा अर्चना की गई। इस संध्या कालीन में गोशाला मोहल्ला के बच्चों द्वारा सांस्क़ृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें रिसाव झा, प्रिंस झा, शिल्पी झ, चुलबुल, आभ्या झा एवं अन्य बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक राहुल चौधरी, संजीव झा एवं शोभित झा ने प्रस्तुति दी। इन अवसर पर गोशाला के उपाध्यक्ष अजय कुमार पोद्दार, प्रधान सचिव पवन कुमार सुरेका, कोषाध्यक्ष पवन कुमार बागरिया, सचिव कृष्णा कुमार अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश सराफ, विवेक बजाज, सुशील कुमार जैन उपस्थित रहे।
November 02, 2022

01.11.2022 (दरभंगा) : प्राप्त जानकारी अनुसार 03 और 04 नवंबर को नेहरू स्टेडियम के निकट दरभंगा ऑडिटोरियम में होने वाले रूद्र सावित्री दरभंगा माइंड फेस्ट की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है । दरभंगा माइंड फ़ेस्ट के सचिव विशाल गौरव ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को 01 नवंबर शाम 5:00 बजे बंद कर दिया गया है। सभी नौ प्रतियोगिताओं में रजिस्ट्रेशन अधिकतम तय संख्या के पास पहुंच चुका है। स्कूलों को सभी कार्यक्रम के लिए विशेषाधिकार के रूप में हर प्रतियोगिता के लिए एक छात्र / एक टीम की सूची देने की सीमा 02 नवंबर दिन में 2:00 बजे तक तय की गई है। 03 नवंबर को कार्यक्रम स्थल पर रजिस्ट्रेशन की अनुमति सीटों की रिक्तता के आधार पर ही दी जाएगी। माइंड फ़ेस्ट में अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए मुख्य संयोजकों की सूची जारी कर दी गई है। राघवेंद्र कुमार को पेंटिंग और हिंदी क्रिएटिव राइटिंग, पंकज श्रीवास्तव को जनरल क्विज एवं इंडिया क्विज़, निखिल गौरव को अंग्रेजी स्पेलिंग बी, क्रॉस वर्ड एवं अंग्रेजी क्रिएटिव राइटिंग, सुगंधा चौधरी को मेंटल एबिलिटी, सुरभि गौरव को पेंटिंग एवं मनोज दोकनिया को हिंदी स्पेलिंग बी प्रतियोगिता का मुख्य संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मंच संचालन की बागडोर सुनीता सिंह, निखिल गौरव एवं अन्विता के हाथों में रहेगी। माइंड फ़ेस्ट टीम की ओर से पुरस्कार वितरण राजेश बोहरा, कैम्पस प्रबंधन अमरनाथ सिंह एवं संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी अनिल सिंह को सौंपी गई है। लगभग 600 सीट वाले वातानुकूलित दरभंगा ऑडिटोरियम में होने वाले इस आयोजन में जिले के 100 से भी अधिक सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद की जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।