July 08, 2023

04.07.2023 (दरभंगा) :-जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत वृक्षारोपण को लेकर मुख्य सचिव, बिहार, आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सचिव, सभी प्रमण्डलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं वन प्रमण्डल पदाधिकारी के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव वंदना प्रेयसी ने बताया कि वर्ष 2019-20 से जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।
वर्ष 2019-20 में 01 करोड़ 30 लाख 34 हजार, वर्ष 2020-21 में 03 करोड़ 97 लाख 75 हजार, वर्ष 2021-22 में 03 लाख 90 लाख 10 हजार, वर्ष 2022-23 में 02 करोड़ 88 लाख 69 हजार पौधे लगवाये गए हैं। वर्तमान वर्ष 2023-24 में 04 करोड़ 41 लाख 09 हजार पौधे लगवाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें 02 करोड़ 72 लाख 96 हजार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा, 01 करोड़ 61 लाख 34 हजार, ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के अन्तर्गत एवं 10 लाख 65 हजार फलदार वृक्ष के पौधे कृषि विभाग द्वारा लगवाये जाएंगे। इस तरह लक्ष्य से अधिक 04 करोड़ 44 लाख 95 हजार पौधे लगवाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए 01 हजार 73 पौधशाला चिन्ह्ति हैं, जो पौधे की आपूर्ति करेंगी। सभी को सुझाव दिया गये हैं कि 3.5 फीट से कम के पौधे न लगाए जाए, ताकि पौधों की जीवंतता दर अधिक रह सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि 3.5 फीट से कम के पौधे न लगवाये जाएं। वन विभाग द्वारा बताया गया कि वन क्षेत्र में 2 से 2.5 फीट के पौधे लगवाये जा सकते हैं। इस अभियान के लिए वन विभाग को पी.आई.ए. (नोडल)मनोनित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा आम, लिच्ची, अमरूद, बेर, बेल, कटहल, जामुन, आमला एवं निबू जैसे फलदार पेड़ के पौधे लगवाये जाएंगे। दरभंगा से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, मनीष कुमार ने बताया कि दरभंगा प्रमंडल के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए तीनों जिलाधिकारी द्वारा कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। पौधे भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। बैठक में बताया गया कि नदी के किनारे बाँस एवं कंटीली झाड़ी के पौधे लगवाये जाएं, जो कटाव निरोधक कार्य भी करेगी। जिले में जीविका, मनरेगा, वन प्रमण्डल एवं निजी किसानों द्वारा पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई माह में इस अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। जिलों में प्रमण्डलीय आयुक्त, जिलाधिकारी या किसी जन प्रतिनिधि से इस अभियान का शुभारंभ करवाने का सुझाव दिया गया।
राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री से कार्यक्रम का शुभारंभ करने हेतु अनुरोध करने के निर्देश दिये गये।दरभंगा एन.आई.सी. से जिलाधिकारी राजीव रौशन, उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी वन प्रमण्डल पदाधिकारी रूचि सिंह, उप निदेशक, जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता, डीपीएम जीविका डॉ ऋचा गार्गी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 08, 2023

04.07.2023 (दरभंगा) :- उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड बनवाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक विजेंद्र कुमार ने बताया कि दरभंगा जिला में 27 लाख 89 हजार 706 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का लक्ष्य निर्धारित है, इसके अंतर्गत कुल 05 लाख 99 हजार 387 परिवारों को अच्छादित किया जाना है। वर्तमान में 03 लाख 15 हजार 497 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड सृजित हुआ है। सबसे ज्यादा दरभंगा नगर निगम में 29 प्रतिशत, सिंहवाड़ा में 14 प्रतिशत, बिरौल में 13 प्रतिशत, बहेड़ी में 12 प्रतिशत, बेनीपुर में 10 प्रतिशत कुशेश्वरस्थान में 11 प्रतिशत कार्ड बनाए गए हैं।उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार की जन कल्याणकारी योजना है।
एक लाभुकों को एक वर्ष के अंदर 05 लाख रुपये का इलाज कराने की गारंटी मिल जाती है। इस योजना के अंतर्गत बड़े-बड़े निजी अस्पताल भी पंजीकृत हैं, इसलिए पंचायत वार, एएनएम वार सूची लेकर जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका कार्ड अपने कार्यपालक सहायक के माध्यम से बनवाना सुनिश्चित करें। जिन लोगों का नाम एसईसीसी सूची में है,उन्हें अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर जाना है। आरटीपीएस सेंटर पर भी इसे बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्षा के दिनों में बहुत सारे निर्माण कार्य स्थगित रहते हैं, इसलिए पर्याप्त संख्या में कर्मी भी उपलब्ध रहते हैं, जिनका उपयोग आयुष्मान कार्ड बनवाने में किया जा सकता है।
इस कार्ड को बनवाने के लिए लाभुक को कोई राशि नहीं लगती है। जिला समन्वयक ने बताया कि यदि किसी कार्यपालक सहायक या वसुधा केंद्र को आयुष्मान कार्ड बनाने में कोई तकनीकी समस्या होती है तो इसके निराकरण के लिए वे आयुष्मान भारत दरभंगा के आईटी मैनेजर गुलाम साबिर जिनका मोबाइल नंबर-9264471435 है, से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीएम जीविका ऋचा गार्गी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे। वही प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं बीपीएम ऑनलाइन जुड़े हुए थे।
July 03, 2023

01.07.2023 (पटना) : आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना, कुमार रवि ने कहा है कि श्रावणी मेला एवं मुहर्रम पर्व, 2023 के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित अपने कार्यालय-प्रकोष्ठ में इस विषय पर आयोजित प्रमंडल-स्तरीय एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पदाधिकारीगण आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करें। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को क्रियाशील रखें तथा अफवाहों का त्वरित खंडन करें। अवैध हथियारों के धारकों के विरूद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष मुहर्रम का त्योहार दिनांक 29 जुलाई, 2023 को मनाये जाने की संभावना है। श्रावणी मेला की शुरूआत 04 जुलाई से हो रही है। 28 अगस्त को अंतिम श्रावणी सोमवार है। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुचारू यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण के प्रति मुस्तैद रहने का निर्देश बैठक में दिया गया। आयुक्त श्री रवि ने सभी जिला पदाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों से जिलावार तैयारियों एवं प्रबंध की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कायम रखें। जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक जिला-स्तर पर एवं अनुमंडल पदाधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षकों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के माध्यम से थाना-स्तर, प्रखंड-स्तर तथा अनुमंडल-स्तर पर ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करें। सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे, असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे तथा विधि-व्यवस्था का समुचित संधारण सुनिश्चित करेंगे।
विधि-व्यवस्था संधारण तथा भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से मानकों के अनुसार दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करें। पर्व-त्योहार के दौरान जुलूस इत्यादि का सीसीटीवी से निर्बाध कवरेज सुनिश्चित करें। लगातार विद्युत आपूर्ति हो। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यूपीएस से लैस करें। बगल से फीडर से इसे कनेक्ट करें ताकि हर स्थिति में सीसीटीवी क्रियाशील रहे। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण के दृष्टिकोण से यह अत्यंत उपयोगी होगा। पर्व-त्योहार के दौरान डीजे द्वारा निर्धारित मानक से उच्च डेसिबल में ध्वनि का उत्सर्जन किये जाने के कारण ध्वनि प्रदूषण होता है। निर्धारित मानक से ज्यादा डेसिबल में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगायी गयी है।
सभी जिला पदाधिकारी, पटना प्रमंडल अंतर्गत को निदेशित किया गया कि मानक से ज्यादा तीव्रता वाले डीजे बजाने पर साउण्ड मीटर ऐप से जाँच करा कर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत अपेक्षित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। सभी पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बिना अनुज्ञप्ति का जुलूस नहीं निकले। अपने क्षेत्रान्तर्गत जुलूस के मार्ग का सत्यापन कर लें। उन्होंने नगर आयुक्त एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पर्व के अवसर पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए।
पर्याप्त संख्या में कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया जाए। पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए पुलिस से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 में नोटिस देकर कार्रवाई करें। सभी पदाधिकारियों को सजग, सतर्क एवं सक्रिय रहने की आवश्यकता है। विधि-व्यवस्था संधारण से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
उक्त बैठक में डीएम, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, अनिमेष कुमार पराशर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पटना, सैयद इमरान मसूद, आयुक्त के सचिव, प्रीतेश्वर प्रसाद, अपर नगर आयुक्त श्रीमती शीला ईरानी, उप निदेशक, आईपीआरडी, पटना प्रमंडल, पटना, लोकेश कुमार झा तथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी भोजपुर, राज कुमार, जिलाधिकारी बक्सर, अंशुल अग्रवाल, जिलाधिकारी नालन्दा, शशांक शुभंकर, जिलाधिकारी रोहतास, धर्मेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी कैमूर, सावन कुमार, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : दरभंगा जिला के बहादुरपुर प्रखण्ड अंतर्गत चतरिया ग्राम में दुर्गा मंदिर के पास चतरिया घाट का जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री, बिहार सरकार, संजय कुमार झा ने अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग चैतन्य प्रसाद एवं विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता के साथ चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि 920 मीटर में इस घाट का निर्माण किया गया, जिसमें 50 मीटर का सीढ़ी घाट बनाया जा रहा है, नदी के किनारे फेवर ब्लॉक लगाया गया है,जिससे कटाव नहीं हो सकेगा। मंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक हर हाल में यह काम पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में अवस्थित बाँध का सौन्दर्यीकरण करा दिया जाए, बाँध के दोनों किनारे सड़क का निर्माण करा दिया जाए तथा बाँध के किनारे वृक्षारोपण करा दिया जाए, तो शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए यह वाकिंग ट्रेक बन जाएगा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण में भी सहयोग मिलेगी। अपर मुख्य सचिव ने घाट के बीच-बीच में सीढ़ी बनाने की आवश्यकता बताई। प्रत्येक वर्ष कटाव निरोधक कार्य में व्यय किया जाता है, अगर एक ही बार इस तरह के स्थाई एवं ठोस संरचना का निर्माण करवा दिया जाए, तो हमेशा के लिए बाँध सुरक्षित हो जाएगा और देखने में भी खूबसूरत लगेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार जल संसाधन विभाग द्वारा बागमती नदी में बाँध की सुरक्षा के लिए सीढ़ी घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह का कार्य अझौल में भी किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्य से क्षेत्रवासियों को छठ व अन्य त्योहारों में काफी सुविधा होगी, जिससे उनमें अपार हर्ष है। स्थल निरीक्षण के दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद एवं अन्य वरीय अधिकारीगण के अलावा क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित थे।
July 01, 2023

01.07.2023 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में मंत्री, जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, बिहार सरकार,संजय कुमार झा की अध्यक्षता में सिंचाई एवं बाढ़ को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने सर्वप्रथम सिंचाई व्यवस्था को लेकर पश्चिमी कोशी मुख्य नहर में पानी की स्थिति के संबंध में अभियंता प्रमुख के साथ-साथ एवं संबंधित अधीक्षण अभियंता से जानकारी ली। पश्चिमी कोशी नहर के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्तमान में एक हजार क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है। विगत वर्ष 4,200 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया था। अपर मुख्य सचिव ने प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी बढ़ाने के साथ 05 दिनों में शेष 2500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति बढ़ाने तथा सभी निकास द्वार को पटवन के लिए खोलने का निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए यही सर्वाधिक उपर्युक्त समय है।
ऐसे समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि दरभंगा का जलस्तर में वृद्धि करने के लिए यह सबसे अच्छा प्रयोग रहेगा, उन्होंने कहा कि दरभंगा के गिरते भू-जल स्तर को देखकर ही मुख्यमंत्री द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि अगले 05 दिनों में नहर के अंतिम कोने तक पानी पहुँचा दे। इससे जमींदारी बांध में नये निर्माण की भी जाँच हो जाएगी। 51 वर्षों के बाद जब दरभंगा के इन क्षेत्र के लोगों को पानी इस नहर से मिलेगा, तो उनमें सरकार के प्रति विश्वास जगेगा। हमारी पहली प्राथमिका खेतों में पानी पहुँचाना होना चाहिए। बैठक में जमींदारी बाँध में अबतक किये गये कार्य एवं शेष कार्य की स्थिति की समीक्षा की गई। बाढ़ से सुरक्षा के लिए किये गये तटबंध सुरक्षा व कटाव निरोधक कार्य की समीक्षा की गई,जिसमें अपर मुख्य सचिव ने कहा कि तटबंध पर जितने भी संवेदनशील स्थल चिन्ह्ति है,वहाँ बालू एवं बैग उपलब्ध रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बैग में मिट्टी नहीं भरा जाना चाहिए,नही तो यह बाढ़ में दह जाएगा। इसके अतिरिक्त बालू आपूर्ति के लिए ट्रेक्टर एवं संवेदक चिन्ह्ति रखे जाएँ,उनके मोबाईल नम्बर रखे जाएँ, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बालू की व्यवस्था की जा सके,सुरक्षित मजदूरों की दूरभाष सूची रखी जाए।उन्होंने कहा कि बाँध पर गश्ती लगाने वाले मजदूरों को जैकेट,जल संसाधन विभाग अंकित टोपी,एक सिटी,छाता एवं टॉर्च उपलब्ध कराई जाए तथा उनके निरीक्षण स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति होनी चाहिए,ताकि उन्हें पता रहे की कहाँ से कहाँ तक के बाँध की निगरानी की जिम्मेवारी उन पर है। दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले में विभिन्न बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल द्वारा किये जा रहे तटबंध सुरक्षा एवं कटाव निरोधक निर्माण कार्य की समीक्षा बारी-बारी से की गई तथा संबंधित अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित संवेदक को दिन-रात काम कराकर यथाशीघ्र लंबित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके लिए मजदूरों की संख्या में वृद्धि करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में डीएम राजीव रौशन द्वारा सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों को उनके निगरानी के लिए स्थल निर्धारित एवं चिन्ह्ति करने को कहा गया तथा दोनों बाँध के बीच की पेटी में निजी व्यक्तियों द्वारा बड़े निर्माण कराने की जानकारी दी गई। मंत्री द्वारा इस पर विभागीय स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप निदेशक,जन सम्पर्क एन.के. गुप्ता,जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बालेश्वर प्रसाद,प्रभारी पदाधिकारी आपदा आलोक राज एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण एवं अभियंतागण उपस्थित थे।