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जिले के कई स्थलों पर जल संसाधन विभाग द्वारा कराये गये कटाव निरोध कार्य का किया गया लोकार्पण

August 08, 2023
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07.08.2023 (दरभंगा) : जल संसाधन व सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री, बिहार सरकार संजय कुमार झा द्वारा अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के दौरान आज तारडीह प्रखण्ड के ग्राम - मछैता में आयोजित कार्यक्रम स्थल से जल संसाधन विभाग द्वारा दरभंगा जिले के 06 स्थलों पर यथा - तारडीह प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम - मछैता में नाला निर्माण कार्य, अलीनगर एवं तारडीह प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम - मिर्जापुर, गरौर एवं कटरा में जमीनदारी बाँध का गेप भराई, उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, घनश्यामपुर प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम - कोर्थू के निकट बनाये गये बाढ़ निरोधक स्लूईस गेट, कुशेश्वरस्थान प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम - कुंज भवन एवं बरही कोरिया एवं हिरणी वियासपुर के निकट कटाव निरोधक कार्य एवं मनीगाछी प्रखण्ड अन्तर्गत पोखड़वा महादेव मंदिर के निकट कराये गये कटाव निरोधक कार्य का उद्घाटन शिलापट्ट का अनावरण किया गया।

इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा कमला नदी के दोनों तटबंध पर 80 किलोमीटर में तटबंध का उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण करते हुए पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है तथा और 56 किलोमीटर रोड का निर्माण जून, 2024 माह तक पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब कमला नदी से बाढ़ या अन्य कोई भी समस्या स्थानीय लोगों को नहीं होगी। साथ ही सड़क बन जाने से आवागमन की सुविधा भी बहाल होगी।

उन्होंने कहा कि कमला नदी से पइन निकाल कर सिंचाई की सुविधा में विस्तार किया जाएगा। साथ ही इसे पर्यटन का केन्द्र भी बनाया जाएगा। इस अवसर पर कुशेश्वरस्थान के विधायक अमन भूषण हजारी सहित स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, अभियंतागण एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। मंत्री द्वारा बेनीपुर प्रखण्ड के त्रिमुहानी में आयोजित समारोह से जल संसाधन विभाग द्वारा बेनीपुर प्रखण्ड में बाढ़ एवं कटाव से सुरक्षा के लिए कराये गये कार्यों का लोकार्पण फीता काटकर शीलापट्ट का अनावरण कर किया गया।

इसके उपरांत उन्होंने किये गए कटाव निरोधक कार्य एवं सीढ़ी घाट निर्माण का निरीक्षण भी किया। उक्त अवसर पर बेनीपुर के विधायक विनय कुमार चौधरी, कुशेश्वरस्थान के विधायक अमन भूषण हजारी सहित स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, अभियंतागण एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। उनके द्वारा बेनीपुर प्रखण्ड के लवानी में आयोजित समारोह से जल संसाधन विभाग द्वारा इस क्षेत्र में बाढ़ एवं कटाव से सुरक्षा के लिए कराये गये कार्यों का लोकार्पण फीता काटकर एवं शीलापट्ट का अनावरण कर किया गया।

उक्त अवसर पर बेनीपुर के विधायक श्री विनय कुमार चौधरी सहित स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, अभियंतागण एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

माँ का दुध अमृत के सामान है

August 08, 2023
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07.08.2023 (दरभंगा) : बहादुरपुर प्रखण्ड अन्तर्गत ओझौल पंचायत के मध्य विद्यालय, ओझौल में विश्व स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर आई.सी.डी.एस. के निदेशक डॉ. कौशल किशोर, प्रखण्ड प्रमुख श्रीमती रूबि राज, ओझौल पंचायत की मुखिया श्रीमती निक्की कुमारी ने सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर सात माताओं क्रमशः मीनू कुमारी, मालती देवी, नन्दनी देवी, नीतू देवी, रूपा कुमारी, सुधा देवी एवं कविता कुमारी को जिन्होंने अपने बच्चे को 06 माह से अधिक समय से सिर्फ स्तनपान के माध्यम से ही आहार दिया है, को मंत्री, निदेशक आई.सी.डी.एस.एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान उक्त सातों माताओं के बच्चे को मंत्री, डीएम दरभंगा, निदेशक आई.सी.डी.एस., जिला परिषद् अध्यक्ष, जिला परिषद् उपाध्यक्ष, प्रखण्ड प्रमुख एवं मुखिया द्वारा अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन् कराया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में जिला की महिला जन प्रतिनिधिगण उपस्थित हैं और उन्होंने भी महिलाओं को जगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि शिशु के जन्म के एक घंटे के अन्दर कराया गया स्तनपान अमृत के सामान होता है और यह उन सभी टीकाकरण का काम करता है, जो विभिन्न बीमारियों से लड़ने के लिए बच्चों को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए अगर कोई एक टीकाकरण है, तो वह सिर्फ माँ का दुध है, इसलिए माताओं को अपने बच्चों को निश्चित रूप से स्तनपान कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में यह भ्रम है कि ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव होने पर ऑपरेशन के समय दिए गए इजेक्शन या दवा के कारण उनका दुध संक्रमित हो जाता है, इसके कारण वैसी माँ अपने बच्चों को शीघ्र स्तनपान नहीं कराती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रसव के समय दिए गए किसी भी इजेक्शन या दवा से माँ का दुध प्रभावित नहीं होता है, इसलिए माँ को अपने बच्चों को शीघ्र स्तनपान कराना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 20-25 वर्ष पूर्व से बोतल का दूध पीलाने का प्रचलन चला, लेकिन पिछले 10 साल से पुनः माताओं में स्तनपान कराने का रूझान बढ़ा है, लेकिन अभी भी बिहार में स्तनपान कराने का प्रतिशत् मात्र 31 है। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता के माध्यम से इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत् तक करने का लक्ष्य रखा गया है। भले ही यह कार्यक्रम ओझौल से प्रारंभ हुआ है, लेकिन पूरे बिहार के हर पंचायत में इसे पूरा करना है। उन्होंने कहा कि इसमें हमारे सभी माताओं का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर, प्रखण्ड स्तर एवं पंचायत स्तर के सभी कार्यक्रमों/बैठकों में स्लोगन माँ का दुध सबसे सर्वोत्तम है, शिशु के स्वास्थ्य के लिए का प्रचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य मस्तिष्क का वास होता है, उसी तरह स्वस्थ्य माता के गर्भ से ही स्वस्थ्य शिशु का जन्म होता है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए हम टी.एच.आर. के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पोषाहार देते हैं, ताकि हमारी माताएं स्वस्थ्य रहें। उन्होंने कहा कि आज सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण अधिकतर संस्थागत प्रसव कराया जा रहा है, इसलिए शिशु मृत्यु दर घटकर 27 प्रतिशत हो गया है। परिणाम स्वरूप गर्भवती माता एवं नवजात शिशु का मृत्यु दर घट गया है। पूर्व में अधिकतम प्रसव घर में होता था, जिसके कारण शिशु मृत्यु दर 42 प्रतिशत था।उन्होंने कहा कि आज जब हमारे यहाँ बच्चें का जन्म होता है, तो सरकार के विभिन्न योजनाएँ, जिनसे हम उनका स्वागत करते है और कामना करते है कि हमारे सभी बच्चें स्वस्थ्य जन्म लें।

उन्होंने कहा कि गर्भवती माताएँ यदि स्वस्थ्य रहेंगी, तो निश्चित रूप से बच्चें भी स्वस्थ्य जन्म लेंगे और हम यह संकल्प ले कि जो भी बच्चा जन्म ले, उसे निश्चित रूप से एक घंटे के अन्दर हम माँ का दूध पिला दें। उन्होंने कहा कि माँ का दूध पिलाने से बच्चों में होने वाली बहुत सी बीमारी से बचाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में भी आगे चलकर जो कई तरह की बीमारी होती है, वह स्तनपान कराने से नहीं होती है। इसके साथ ही स्तन कैंसर एवं अंडाशयी कैंसर नहीं होता है, यह चिकित्सा विज्ञान ने प्रमाणित कर दिया है। साथ ही मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की बीमारी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि जब हम परिवार नियोजन की बात करते हैं, तो उसमें भी स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गर्भधारण देर से होता है और जो महिलाएँ स्तनपान नहीं करती है, उन्हें जल्दी गर्भ ठहर जाता है, यह जानकारी भी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जाना चाहिए।

इसके पूर्व डीएम राजीव रौशन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सचमुच ऐतिहासिक है, जिससे हम आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ्य और मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में कई सारे बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता में अच्छाई भी है, लेकिन साथ-साथ बुराई भी छिपी रहती है। बच्चों के लिए माँ का दुध अमृत के सामान है। प्रकृति ने इसे बच्चों के लिए कई बीमारियों से लड़ने के लिए बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चें जितने अधिक स्वस्थ्य होगें, उतना ही अधिक अपने समाज और देश के विकास में वे अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आई.सी.डी.एस. गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वस्थ्य रखने के लिए मुख्य रूप से काम कर रही है। आज का यह कार्यक्रम पूरे बिहार को एक संदेश देगा कि अब माताओं ने ठान लिया है कि हम अपने बच्चों को स्वस्थ्य रखेंगे और इसके लिए 06 माह तक निश्चित रूप से स्तनपान करायेंगे और बोतल के दूध से मुक्त गाँव बनाएगे।

उन्होंने कहा कि माँ के दुध के सामान पौष्टिक दूध किसी कम्पनी ने आज तक नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि बच्चा स्वस्थ्य रहता है, तो परिवार भी सुखी रहता है। इस अवसर पर निदेशक, आई.सी.डी.एस. डॉ. कौशल किशोर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मंत्री जी द्वारा ओझौल पंचायत से एक वर्ष में बोतल मुक्त दूध से मुक्त पंचायत के लिए शुभारंभ किया गया है, इसलिए सर्वप्रथम इसी पंचायत को बोतल के दूध से मुक्त पंचायत कराने की जिम्मेदारी विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मीगण की है।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम संकल्प लें कि बिहार के सभी पंचायतों को एक वर्ष के अन्दर बोतल के दूध से मुक्ति दिला दें, इसके लिए जन-जागरूकता आवश्यक है। एक फैशन के रूप में बाजारवादी ताकतों ने अपने उत्पाद को बेचने के लिए बोतल के दूध का प्रचलन बढ़ा दिया, लेकिन यह माँ एवं बच्चें के स्वास्थ्य के लिए स्तनपान से बेहतर नहीं है, इस तथ्य से लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कामकाजी महिलाओं के बच्चें के लिए अनुकूल वातावरण बनाना विभाग का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि जो महिला जहाँ कार्य करती है, चाहे वे कार्यालय में कार्य करती हो या मनरेगा की मजदूर हो, उनके बच्चें के लिए कार्य स्थल पर ही अनुकूल वातावरण बनाना विभाग का लक्ष्य है। इस अवसर पर जिला परिषद् अध्यक्ष रेणु देवी, जिला परिषद् उपाध्यक्ष ललिता झा, प्रखण्ड प्रमुख रूबी राज, प्रखण्ड उप प्रमुख मनोज सिंह, ओझौल पंचायत के मुखिया निक्की कुमारी, यूनिसेफ की डॉक्टर शिवानी दर, पौषण अभियान के डॉक्टर मनोज कुमार ने स्तनपान के महत्व से अवगत कराते हुए नवजात शिशु को 06 माह तक सिर्फ स्तनपान से आहार देने एवं जन्म के एक घंटे के अन्दर स्तनपान कराने के महत्व एवं अनिवार्यता से सभी को अवगत कराया। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं को अपने नवजात बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जन्म से 06 माह तक सिर्फ स्तनपान के माध्यम से ही आहार देने की अपील की।

इस कार्यक्रम का आयोजन बहादुरपुर के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रूमा कुमारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक अजमातून निशा ने किया।

पीएम ने देश भर के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया

August 08, 2023
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06.08.2023 (DarbhangaOnline Buero) : पीएम नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आज दिनांक अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 24,470 करोड़ रुपये की लागत से देश भर के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया। इनमें बिहार के 49 स्टेशन शामिल हैं जिनके पुनर्विकास पर कुल 2584 करोड़ रुपए की लागत आएगी । इस अवसर पर रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल, कोयला एवं खान राज्यमंत्री मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे एवं रेल एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश एवं रेलवे बोर्ड के उच्चाधिकारीगण जुड़े हुए थे।

भारतीय रेल आधुनिकीकरण की दिशा में और भारत सरकार के न्यू इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। देशभर में रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय प्रतिष्ठानों के रूप में विकसित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर के 1309 रेलवे स्टेशनों का अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास करने किया जा रहा है। भारतीय विविधता की भव्यता को प्रदर्शित करते हुए इन पुनर्विकसित स्टेशनों पर नई अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ मौजूदा सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा। प्आराप्जत जानकारी के अनुसार जिन 508 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी गयी वो देश के 27 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में स्थित हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 55, राजस्थान में 55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात में 21, तेलंगाना में 21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश में 18, तमिलनाडु में 18, हरियाणा में 15, कर्नाटक में 13 स्टेशन शामिल हैं। इस योजना के तहत आज पूर्व मध्य रेल के कुल 57 स्टेशनों विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया ।

इनमें सोनपुर मंडल के 10, समस्तीपुर मंडल के 12, दानापुर मंडल के 13, धनबाद के मंडल के 15 एवं पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल के 07 स्टेशन शामिल हैं । इन 57 स्टेशनों के पुनर्विकास पर लगभग 2819 करोड़ की लागत आएगी । इस अवसर पर आज मुजफ्फरपुर स्टेशन आयोजित भव्य कार्यक्रम में बिहार के महामहिम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद, पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा एवं सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे । इसके साथ ही पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों पर आयोजित कार्यक्रम में लखमिनिया एवं सलौना स्टेशन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, आरा स्टेशन पर बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह, हाजीपुर स्टेशन पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस, चंदौली मझवार स्टेशन पर भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय, चोपन स्टेशन पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेट्रोलियम एवं प्रकृति गैस तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी, डुमरांव स्टेशन पर उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, दलसिंहसराय स्टेशन पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, कोडरमा स्टेशन पर शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, रेणूकुट स्टेशन पर उत्तर प्रदेश के सामाजिक कल्या‍ण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, चन्द्रपुरा स्टे‍शन पर झारखंड के उत्पाद शुल्क एवं निषेध मंत्री श्रीमती बेबी देवी, सीतामढ़ी स्टे‍शन पर बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर सहित स्थानीय सांसद एवं विधायक उपस्थित थे।

सभी कार्यक्रम स्थलों पर स्थानीय प्रतिनिधि, पद्मश्री आवार्डी, स्वतंत्रता सेनानी, स्कूली बच्चों सहित बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित थे । विदित हो कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं में अनावश्यक संरचनाओं को हटाकर रेलवे स्टेशनों तक सुगम पहुंच, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, बेहतर कॉनकोर्स एरिया, उन्नत पार्किंग, दिव्यांगजन अनुकूल बुनियादी ढांचा एवं हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण अनुकूल भवन आदि शामिल हैं । स्टेशन डिज़ाइन में निम्न बिंदुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। स्टेशनों का 'सिटी सेंटर' के रूप में विकास। शहर के दोनों तरफ प्रवेश/निकास द्वार। स्टेशन भवनों का सुधार/पुनर्विकास। अत्यानधुनिक यात्री सुविधाओं का प्रावधान।यात्री आवागमन हेतु सुगम व्यवस्था । यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर तरीके से डिज़ाइन किए गए साइनेज बोर्ड। रेलवे भूमि एवं परिसंपत्तियों का समुचित सदुपयोग का प्रावधान। स्थानीय कला और संस्कृति को प्राथमिकता । अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा, सुगमता व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार स्टेशन भवन, प्रवेश एवं निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, दिव्यांग सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता व्यवस्था, पहुंच पथ, संकेत एवं निर्देश बोर्ड, ट्रेन डिस्प्ले और उद्घोषणा प्रणाली, सौंदर्यीकरण आदि से जुड़े आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे ।

पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास का मंडलवार विवरण निम्नानुसार है।

1. दानापुर मंडल - दानापुर मंडल के आरा स्टेशन का 27.89 करोड़ रुपए, बिहिया स्टेशन का 23.13 करोड़ रुपए, रघुनाथपुर स्टेशन का 20.50 करोड़ रुपए, डुमराव स्टेशन का 17.13 करोड़ रुपए, दिलदारनगर स्टेशन का 21.16 करोड़ रुपए, जमुई स्टेशन का 23.36 करोड़ रुपए, जहानाबाद स्टेशन का 22.93 करोड़ रुपए, राजगीर स्टेशन का 21.20 करोड़ रुपए, बिहार शरीफ स्टेशन का 18.84 करोड़ रुपए, फतुहा स्टेशन का 32.73 करोड़ रुपए, बाढ़ स्टेशन का 23.38 करोड़ रुपए, बख्तियारपुर स्टेशन का 23.20 करोड़ रुपए तथा तरेगना स्टेशन का 19.23 करोड़ रुपए की लागत से पुनिर्विकास कार्य किया जाना है।

2. धनबाद मंडल - धनबाद मंडल के चन्द्रपुरा स्टेशन का 26.50 करोड़ रुपए, ने.सु.ब. गोमो स्टेशन का 32.40 करोड़ रुपए, कतरास स्टेशन का 26.90 करोड़ रुपए, नगर उंटारी स्टेशन का 26.30 करोड़ रुपए, गढ़वा टाउन स्टे‍शन का 25.50 करोड़, गढ़वा रोड स्टेशन को 24.50 करोड़ रुपए, पहाड़पुर स्टेशन का 28.10 करोड़ रुपए, पारसनाथ स्टेेशन का 30.40 करोड़ रुपए, हजारीबाग रोड स्टेेशन का 28.10 करोड़ रुपए, कोडरमा स्टेेशन का 30.30 करोड़ रुपए, लातेहार स्टेशन का 24.50 करोड़ रुपए, डालटनगंज स्टेेशन का 29.20 करोड़ रुपए, बरकाकाना स्टेेशन का 32.60 करोड़ रुपए, रेनुकूट स्टेेशन का 28.50 करोड़ रुपए, चोपन स्टेाशन का 30.90 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य किया जाना है।

3. पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल - पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के गया जंक्शन का 296 करोड़ रुपए, अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन का 13 करोड़ रुपए, सासाराम स्टेशन का 21.3 करोड़ रुपए, भभुआ रोड स्टेशन का 24.3 करोड़ रुपए, कुदरा स्टेशन का 18.8 करोड़ रुपए, दुर्गावती स्टेशन का 18 करोड़ रुपए तथा चंदौली मझवार स्टेशन का 21.7 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य किया जाना है।

4. समस्तीपुर मंडल - समस्तीपुर मंडल के दरभंगा स्टेेशन का 340 करोड़ रुपए, सीतामढ़ी स्टेशन का 242 करोड़ रुपए, बापूधाम मोतिहारी स्टेशन का 205 करोड़ रुपए, सगौली स्टेशन का 23.3 करोड़ रुपए, नरकटियागंज स्टेशन का 29.3 करोड़ रुपए, सहरसा स्टेशन का 41 करोड़ रुपए, समस्तीपुर स्टेशन का 24.1 करोड़ रुपए, सलौना स्टेशन का 22.3 करोड़ रूपए, बनमनखी स्टेशन का 21.5 करोड़ रूपए, मधुबनी स्टेशन का 20 करोड़ रुपए, सकरी स्टेशन का 18.9 करोड़ रुपए तथा जयनगर स्टेशन का 17.5 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य किया जाना है।

5. सोनपुर मंडल - सोनपुर मंडल के मुजफ्फरपुर स्टे शन का 442 करोड़ रुपए, ढोली स्टेशन का 39 करोड़ रुपए, रामदयालू नगर स्टेशन का 31 करोड़ रुपए, लखमिनिया स्टेशन का 27 करोड़ रुपए, खगडिया स्टेशन का 34 करोड़ रुपए, मानसी स्टेशन का 20.8 करोड़ रुपए, सोनपुर स्टेशन का 23.7 करोड़ रुपए, नौगछिया स्टेाशन का 22.7 करोड़ रूपए, हाजीपुर स्टेशन का 21 करोड़ रूपए तथा दलसिंह सराय स्टेशन का 19.6 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य किया जाना है ।

हम कहां खड़े हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि हमारी दिशा किस ओर है, यह अधिक महत्वपूर्ण है

August 05, 2023
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05.08.2023 (दरभंगा) : मिथिला ज्ञान एवं दर्शन की भूमि रही है। शिक्षा से संस्कार तथा ज्ञान से विवेक बढ़ता है। शिक्षक किसी भी विश्वविद्यालय के धरोहर एवं पूंजी होते हैं। उपलब्धियां पाने का सिलसिला लंबा होता है। संस्थाएं जीवन्त होती हैं जो कुछ कहे बगैर ही देखने वालों को बहुत कुछ समझा देती हैं। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफ़ेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर जुबली हॉल में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि विश्वविद्यालय का गोल्डन जुबली वर्ष भी गत वर्ष मेरे कार्यकाल में मनाया गया। आज विश्वविद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य-संस्कृति का माहौल काफी बदल गया है। यह आवश्यक नहीं की बहुत अधिक समय मिले, कम समय में भी यादगार कार्य किये जा सकते हैं। कुलपति ने कहा कि 4 वर्षीय स्नातक कोर्स लागू होने से बिहार में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विश्वविद्यालय में काफी प्रगति हुई है, जिसे विभिन्न मापदंडों से मापा जा सकता है। आज छात्रों की परीक्षाएं एवं उनका परिणाम नियमित हैं। मेरे 3 वर्षों के कार्यकाल में अनेक सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। काम नहीं करने वालों को समय माफ नहीं करता है। उन्होंने कोरोनाकाल जैसी मुसीबतों में भी सब के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सोए हुए व्यक्ति का भाग्य भी सो जाता है और दौड़ने वालों का भाग्य भी दौड़ता है। कुलपति ने गेटे के शब्दों में कहा कि हम कहां खड़े हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि हमारी दिशा किस ओर है, यह अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने आने वाले समय में विश्वविद्यालय परिसर में 60 करोड़ की लागत से शैक्षणिक भवन तथा इतने ही लागत से नये स्टेडियम बनने की बात कहते हुए शिक्षकों को अपना एपीआई स्कोर बढ़ाने का सुझाव दिया।

कुलपति ने कहा कि विगत 50 वर्षों में शिक्षा की प्रकृति पूरी तरह बदल गई है। आज का दिन मूल्यांकन करने तथा नई योजनाएं बनाने का है। मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सामाजिक विज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रो अनिल कुमार झा ने विश्वविद्यालय की स्थापना में सहयोगी रहे सभी महानुभावों को नमन करते हुए कहा कि स्थापना काल से ही जो भी कुलपति हुए वे अपनी क्षमता एवं रूचि के अनुसार विश्वविद्यालय का कार्य किया है। हम छात्रों में न केवल शिक्षा, बल्कि सकारात्मकता का भाव भरने का भी काम करते हैं। आज हमें शिक्षा के मूल उद्देश्य पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है, क्योंकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के इस विकास युग में नैतिकता एवं मानवीय मूल्यों का क्षरण हो रहा है।

हमें विश्वविद्यालय का मूल्यांकन समाज के सापेक्ष करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के निरंतर आगे बढ़ते रहने की शुभकामना देते हुए कहा कि देश के अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षक जब हमारे विश्वविद्यालय के मनमोहक परिसर की तारीफ करते हैं तो हमें बहुत अच्छा लगता है। प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉली सिन्हा ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष है। स्वर्ण जयंती वर्ष में जो निर्णय लिये गये थे, वे धीरे-धीरे पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने ललित नारायण मिश्र, अमरनाथ झा, हरिनाथ झा तथा कर्पूरी ठाकुर आदि को नमन किया, जिनके सद्प्रयासों से विश्वविद्यालय स्थापित हो सका। विगत 3 वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए प्रति कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में अनेकानेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस/ सेमिनार हुए तथा एडवांस्ड रिसर्च सेन्टर की स्थापना हुई, जिसका शिक्षक एवं छात्र अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। विश्वविद्यालय ज्ञान- विज्ञान के प्रसार हेतु कार्य करता है।

आज के दिन हमलोग संकल्प ले कि ज्ञान एवं नैतिकता में हम अपने विश्वविद्यालय को बेहतर स्तर पर ले जाएंगे। डा बैद्यनाथ चौधरी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना में अनेक व्यक्तियों का योगदान रहा है, जिनमें ललित बाबू का व्यक्तित्व राष्ट्रीय स्तर का था। इसका पहला नाम मिथिला विश्वविद्यालय था, जिसकी स्थापना 5 अगस्त, 1972 को मोहनपुर गांव में हुई थी। प्रथम कुलपति के रूप में मदनेश्वर मिश्र हुए थे। उन्होंने इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने की बात करते हुए कहा कि कुलपति के नेतृत्व में सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय को नैक में ए ग्रेड मिलने की उम्मीद है, ताकि दूरस्थ शिक्षा निदेशालय पुनः प्रारंभ हो सके।

स्वागत संबोधन में कुलसचिव डा अजय कुमार पंडित ने कहा कि किसी भी संस्था की स्थापना के उद्देश होते हैं, जिनपर आज हमें विचार करना चाहिए कि हम तब और आज कहां हैं? उन्होंने कहा कि मैं एक शिक्षक के रूप में 1996 से इस विश्वविद्यालय को जानता हूं। बेशक यह काफी उन्नति किया है। कुलसचिव के रूप में बैठकों में मैं जब भी पटना जाता हूं तो इस विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान पर पाता हूं। समारोह में क्विज प्रतियोगिता, वाद- विवाद प्रतियोगिता तथा फुटबॉल मैच में सफलता पाने वाले सभी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र तथा मेडल प्रदान कर हौसला अफजाई की गई।

विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग के छात्र- छात्राओं द्वारा बिहारगीत एवं कुलगीत प्रस्तुत किए गए। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं पुष्पगुच्छ से किया गया।

प्रो अशोक कुमार मेहता के कुशल संचालन में आयोजित समारोह में धन्यवाद ज्ञापन कुलानुशासक प्रो अजयनाथ झा ने किया। इस अवसर पर सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, प्रो हरि नारायण सिंह, अरविन्द कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से समारोह का उद्घाटन तथा जन गण मन... के सामूहिक गायन से समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वर्गीय ललित बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया एवं नवनिर्मित पार्क का लोकार्पण तथा अन्त में एनएसएस कोषांग के द्वारा वृक्षारोपण करवाया गया।

बाँधों पर सीढ़ी/घाटों का निर्माण हो जाने से लोगों को पर्व/त्योहार के दौरान काफी लाभ प्राप्त होगा

August 05, 2023
Dbg

05.08.2023 (दरभंगा) : जल संसाधन व सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री, बिहार सरकार, संजय कुमार झा अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के दौरान आज जल संसाधन विभाग द्वारा बागमती तथा बुढ़ई नदी की बाढ़ एवं कटाव से सुरक्षा के लिए बहादुरपुर, दरभंगा शहर, केवटी एवं सिंहवाड़ा प्रखण्ड में विभिन्न स्थलों पर कराये गये कटाव निरोधक कार्यों एवं सीढ़ी घाट के निर्माण का लोकार्पण सदर प्रखण्ड अन्तर्गत चतरिया ग्राम में आयोजित कार्यक्रम से किया गया।

उक्त अवसर पर समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी के साथ-साथ अन्य गणमान्य जन, सम्मानित पंचायत जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे। मंत्री ने सदर प्रखण्ड के शुभंकरपुर में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित लाखो माई बांध और शुभंकरपुर, रत्नोपट्टी, बाजितपुर (वार्ड नं. 7, 8, 9, 23 ) में नदी तट पर कराये गये कटाव निरोधक कार्यों एवं सीढ़ी घाट के निर्माण का लोकार्पण किया तथा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा पूर्व में सिर्फ स्थाई कटाव निरोधक कार्य एवं आपदा के समय कटाव निरोधक कार्य किया जाता था। विभाग द्वारा सीढ़ी का निर्माण कार्य नहीं करवाया जाता था, लेकिन अब जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधक कार्य के साथ-साथ सीढ़ी निर्माण भी कराया जाता है।

उन्होंने कहा कि पहली बार दरभंगा जिला में ही यह कार्य प्रारंभ कराया गया था। सीढ़ी निर्माण कार्य कराने से कटाव निरोधक से बाँधों को काफी हद तक बचाया जा सका है। दरभंगा नगर विधायक द्वारा इसके आगे वाले क्षेत्र में भी कटाव निरोधक कार्य करवाने की बात कही।उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा फेजवार अगले सीजन में, जो अक्टूबर माह के बाद शुरू होगा उसमें आगे वाले क्षेत्रों में भी कटाव निरोधक कार्य निश्चित रूप से कराया जाएगा।

बाँधों पर सीढ़ी/घाटों का निर्माण हो जाने से यहाँ के स्थानीय लोगों को पर्व/त्योहार के दौरान काफी लाभ प्राप्त होगा।उन्होंने नदी का पानी काला होने पर चिंता जाहिर की तथा कहा कि यहाँ अभियंता प्रमुख उपस्थित हैं, वे यहाँ से पटना जाएं तो वहाँ से एक टीम भेजें जो यह देखेगी कि नदी का पानी कैसे काला हो रहा है, कहीं से कोई अशुद्ध स्रोत तो आकर उसमें नहीं मिल रहा है, या कैसे ट्रीटमेंट करके पानी को ठीक किया जा सकेगा।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
Dbg

04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।