August 09, 2023

09.08.2023 (पटना) : डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल(पीबीटी) की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई। इसमें अनुमण्डल पदाधिकारी, पटना सदर/पटना सिटी, अपर समाहर्ता, अपर जिला दण्डाधिकारी विधि-व्यवस्था, जिला परिवहन पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद फुलवारीशरीफ-सह-सचिव, पीबीटी; बुडको, नगर निगम के प्रतिनिधि, बस एवं ऑटो एसोसिएशन तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस बैठक में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया, पटना के सुगम संचालन एवं यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्तावों पर विमर्श किया गया तथा आवश्यक निर्णय लिया गया।
डीएम द्वारा यात्री सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर बल दिया गया। उन्होंने अनुमण्डल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी तथा यातायात पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि चिन्हित स्थानों से ही बसों का परिचालन सुनिश्चित कराएँ। अनधिकृत स्थानों पर वाहनों का ठहराव एवं परिचालन करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में डिस्पले बोर्ड तथा इन्क्वायरी काउण्टर रहना चाहिए। प्रमुख स्थलों पर यात्री-किराया की सूची का प्रदर्शन किया जाए ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल परिसर के आगमन एवं प्रस्थान स्थान पर पर्याप्त मात्रा में शौचालय, बाथरूम तथा यूरिनल की व्यवस्था रहनी चाहिए। डीएम के संज्ञान में लाया गया कि मुख्य भवन एवं टर्मिनल बिल्डिंग मिलाकर वर्तमान में 78 शौचालय क्रियाशील है।
अभी बुडको द्वारा चार स्थानों-गेट संख्या 2 के उत्तर, फ्लाईओवर के नीचे ब्लॉक सी के सामने, ब्लॉक ए के सामने तथा डॉर्मिटरी के सामने- पर कुल अतिरिक्त 48 सीटर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें 35 पुरूषों के लिए तथा 13 महिलाओं के लिए है। साथ ही 28 यूरिनल, 14 ड्रिंकिंग वाटर स्थल एवं 20 स्नानघर स्थल का निर्माण किया जा रहा है। डीएम द्वारा 45 दिन के अंदर इन शौचालयों तथा अन्य सुविधाओं का निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया, साथ ही यात्री सुविधा हेतु दो मोबाईल टॉयलेट का भी क्रय करने का निर्देश दिया गया।
डीएम डॉ. सिंह ने आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा बस टर्मिनल परिसर की साफ-सफाई तथा पटना नगर निगम के अजीमाबाद अंचल द्वारा परिसर में एकत्र ठोस अपशिष्ट के उठाव का नियमित तौर पर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। परिसर से जल निकासी को सुदृढ़ करने का भी निर्देश दिया गया। कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद फुलवारीशरीफ-सह-सचिव, पीबीटी द्वारा पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से सुगमतापूर्वक बसों के परिचालन हेतु एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। यात्रियों के लिए पेयजल एवं शौचालयों की उपलब्धता, ड्रायवर डॉर्मिटरी तथा शौचालय के रख-रखाव, उपयोग एवं नियंत्रण; सीसीटीवी की क्रियाशीलता, साफ-सफाई, सुरक्षा कार्य, बुडको द्वारा कराए जा रहे योजना अंतर्गत अवशेष कार्यों में प्रगति इत्यादि पर विस्तृत चर्चा की गई।
बस एवं ऑटो एसोसिएशन तथा अन्य संघों के प्रतिनिधियों द्वारा सुझाव तथा जानकारी दी गई। डीएम ने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल परिसर के टर्मिनल 3, 4 एवं 5 में खराब/डंप वाहनों यथा बसों, ट्रक तथा छोटे वाहनों को अवैध ढ़ंग से रखा गया है। वर्तमान में 32 बस एवं छोटा वाहन डंप किया गया है। इससे बसों के परिचालन में व्यवधान आता है। जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों को इन वाहन स्वामियों के विरूद्ध नोटिस का तामिला कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने कहा कि इन बसों को 07 दिन के अंदर हटा लें अन्यथा संबंधित वाहन मालिकों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही इन बसों को प्रशासन द्वारा हटाते हुए नीलाम-पत्र वाद दायर कर बस मालिकों से दंड राशि की वसूली की जाएगी तथा परमिट रद्द करने की भी अनुशंसा की जाएगी। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि नागरिकों के लिए सुगम यातायात में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के विस्तार हेतु 5 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रक्रियाधीन है। भूमि से संबंधित एसआईए का अंतिम प्रतिवेदन अनुग्रह नारायण सिंह समाज अध्ययन संस्थान, पटना से प्राप्त हुआ है।
इस प्रतिवेदन का अधियाची विभाग द्वारा विशेषज्ञ समूह से मूल्यांकन कराया जा रहा है। डीएम डॉ. सिंह द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, फुलवारीशरीफ-सह-सचिव, पीबीटी को इस कार्य में तेजी लाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थायी भू-अर्जन के इस स्थल पर आवश्यक संरचना निर्माण कराया जाएगा। डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स सतत क्रियाशील रहे।
इसमें पुलिस उपाधीक्षक, यातायात उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हैं। यह टास्क फोर्स पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के नजदीक के इलाकों से अवांछित तत्वों पर नियंत्रण रखे। साथ ही पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से जीरो माईल तक के इलाके को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। उन्होंने अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था को पीबीटी के आस-पास नियमित तौर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान संचालित करने का निर्देश दिया, साथ ही पीबीटी के सचिव को बस टर्मिनल परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु बैंक, एटीएम अधिष्ठापित करने तथा कॉमर्सियल शॉप को विकसित करने के लिए प्रावधानों के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया।
दैनिक कार्यों के सुगमता से संचालन हेतु गठित उप समिति नियमित तौर पर बैठक करे। इस उप समिति में नगर विकास विभाग के सहायक अभियंता, पुलिस उपाधीक्षक यातायात; सचिव, पीबीटी; नगर प्रबंधक एवं अन्य शामिल हैं। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि उप समिति की बैठक महीने में कम से कम दो बार हो। बैठक में दैनन्दिन कार्यों के सम्पादन को सुगमता से सम्पन्न करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि यात्रियों के लिए उत्तम परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी स्टेकहोल्डर्स इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहें।
August 09, 2023

09.08.2023 (DarbhangaOnline Buero) : पूर्व मध्य रेल द्वारा बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करके रेल गाड़ियों को जहां-तहां रोकने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है । इसी क्रम में पूर्व मध्य रेल के सुरक्षा बलों द्वारा ऑपरेशन ‘‘समय पालन‘‘ के तहत् ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि ट्रेनें अनावश्यक रूप से विलंब ना हो। इस विशेष अभियान में 01.08.23 से 07.08.23 तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों में बिना उचित कारण के चेन पुलिंग करने के आरोप में 188 लोगों को हिरासत में लिया गया।
इन लोगों के विरूद्ध रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई । ऑपरेशन ‘‘समय पालन‘‘ के तहत् इन 07 दिनों में सर्वाधिक 75 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गये जबकि समस्तीपुर मंडल में 42, सोनपुर मंडल में 38, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 20 तथा धनबाद मंडल में 13 लोगों को हिरासत में लिया गया । विदित हो कि गाड़ियों को बिना ठहराव एसीपी (चेन पुलिंग) करके रोकने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । लंबी दूरी वाली गाड़ियों में सफर करने वाले यात्री एसीपी के कारण और ज्यादा परेशान हो जाते हैं । यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर पूर्व मध्य रेल द्वारा यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ।
August 09, 2023

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डॉ. गोपाल जी ठाकुर (सांसद)(फाइल फोटो)
09.08.2023 (दरभंगा) : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के तहत दरभंगा में 152.71 करोड़ की लागत से बनने वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पिछले चार वर्षों से अधिक से बिहार सरकार द्वारा जमीन नहीं दिए जाने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। उक्त बात की जानकारी दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने दिया। इसके लिए उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाये।
सांसद ने कहा कि अधिकतर केंद्र प्रायोजित परियोजना के धरातल पर क्रियान्वन हेतु जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध कराना होता है। जहां अन्य राज्यों में आमलोगों के हित को देखते हुए केंद्रीय परियोजना के लिए आसानी से जमीन उपलब्ध करा दिया जाता है। वहीं बिहार सरकार इसको राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए भारत सरकार की सभी परियोजना के धरातल पर क्रियान्वन के लिए जानबूझकर जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत बिहार में हजारों करोड़ की लागत से कई दर्जन परियोजना पर कार्य चल रहा है। वहीं दरभंगा में भी इस परियोजना के तहत प्रथम चरण में नगर निगम से आने वाले कचरे की समस्या को हल करने के उद्देश्य से 06 एकड़ भूमि पर 152.71 करोड़ की लागत से 25 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना था।
इसको लेकर आईआईटी रुड़की एवं संबंधित केंद्रीय टीम कई बार दरभंगा का दौरा कर चुकी है परंतु बिहार सरकार इस प्लांट के निर्माण हेतु जमीन नही मुहैया करा रही है, जिस कारण इसका निर्माण अधर में लटका हुआ है। सांसद ने कहा कि जब तक किसी परियोजना के लिए जमीन नही दिया जाएगा, तब तक वह योजना धरातल पर कैसे क्रियान्वन हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के मंत्री आम जनमानस में बिहार सरकार की साजिश और नाकामी को छुपाते हुए भ्रम फैलाने की कोशिश में लगे है कि नमामि गंगे के तहत दरभंगा में कोई कार्य नही हुआ, जबकि असलियत यह है कि बिहार सरकार के जमीन उपलब्ध नही कराए जाने के कारण 152 करोड़ का परियोजना चार वर्षों से अधिक समय से लटका पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु बीएमपी के निकट स्थल चिन्हित कर बिहार सरकार के पास एनओसी हेतु प्रस्ताव भेजा गया था परंतु महागठबंधन सरकार द्वारा मिथिला विरोधी मानसिकता दर्शाते हुए इस जमीन का एनओसी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा इसी प्रकार की साजिश केंद्र सरकार की सभी परियोजना के साथ किया जा रहा है।
केंद्र प्रायोजित योजना दरभंगा एम्स की बात करें या फिर कचरा निस्तारण प्लांट, केंद्रीय विद्यालय,आयुष अस्पताल, खेलो इंडिया के तहत स्टेडियम निर्माण की बात करें सभी परियोजना बिहार सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध नही कराए जाने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को जनता को हो रही असुविधा से कोई सरोकार नहीं है। आज अगर दरभंगा में यह सभी केंद्रीय परियोजना बन कर तैयार हो जाता तो मिथिला के करोड़ों लोग इससे लाभान्वित होते।
August 09, 2023

09.08.2023 (दरभंगा) : महिला एवं बाल विकास निगम बिहार द्वारा महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्रमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ डीएम राजीव रौशन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यशाला में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत गठित दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिला के स्थानीय और आंतरिक समिति के सदस्य एवं अध्यक्ष शामिल हुए।सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत डीएम द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न निवारण प्रतिवेदन प्रतिषेध अधिनियम की गहनता की जानकारी लेने हेतु प्रेरित किया गया एवं उनके द्वारा बताया गया कि महिलाओं का योगदान हर जगह पुरुष से कम नहीं है।
कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ किसी प्रकार की कठिनाई एवं भेद-भाव न हो तथा उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल प्रदान करने के आलोक में समिति गठित की गई है। सी-3 की एक्सपर्ट श्रीमती गुंजा बिहारी के द्वारा कार्यस्थल, पीड़ित महिला एवं इस अधिनियम के आवश्यक पहलुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। दिल्ली की अधिवक्ता सौम्य भौमिक के द्वारा इस अधिनियम के तहत शिकायत प्राप्त होने पर समिति के कार्य एवं दायित्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ महालक्ष्मी सिंह पॉश नोडल पदाधिकारी महिला एवं बाल विकास निगम कुमारी रश्मि रंजन प्रबंधक क्षमता वर्धन महिला एवं बाल विकास निगम एवं दरभंगा और मधुबनी और समस्तीपुर के स्थानीय एवं आंतरिक समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अजमतून निशा केंद्र प्रशासक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
August 09, 2023

09.08.2023 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में कालाजार उन्मूलन अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं सिविल सर्जन के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.अमरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि दरभंगा जिले में चार प्रखंड क्रमशः दरभंगा सदर, सिंहवाड़ा, कुशेश्वरस्थान एवं बहादुरपुर में विगत महीनों में कालाजार के मरीज मिले हैं। वर्ष में दो बार कालाजार उन्मूलन अभियान के अंतर्गत प्रभावित पंचायतों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाया जाता है।
इस बार के अगस्त अभियान में जिले के 69 गाँव में 10 अगस्त से कीटनाशक दवा का छिड़काव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो 66 उप स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में पड़ता है एवं 03 लाख जनसंख्या को अच्छादित करता है। डीएम ने निर्देश दिया कि वैसे पंचायत जहाँ कालाजार के मरीज मिले हैं, उस पंचायत के सभी घरों में कीटनाशक दवा का छिड़काव कराई जाए। उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवा का छिड़काव अच्छी तरह कराई जाए जिसमें दीवार पूरी तरह से भीग जाए, इसके साथ ही छिड़काव के पूर्व उस घर के बर्तन, खाने-पीने की समान को अच्छी तरह से ढकवा दिया जाए। कालाजार उन्मूलन हेतु सभी कमरों, शौचालय व गौशाला में भी कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाना आवश्यक है।
उन्होंने कालाजार के उपचार की दवा उपलब्धता की भी समीक्षा की, बताया गया कि कालाजार के उपचार के लिए लिए दवा उपलब्ध है। डीएम ने निर्देशित किया कि पी.के.डी.एल. के मरीज का भी 02 से 03 साल तक केयर किया जाए। बैठक में बताया गया कि पी.के.डी.एल. के मरीज को तीन महीने तक दवा दी जाती है। लेकिन 02 से 03 साल के बाद ही मरीज की जाँच में नेगेटिव लक्षण आता है। डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में जन जागरूकता कार्यक्रम करवाने के निर्देश दिए तथा जिन प्रखंड में अभियान चलाना है, वहाँ के प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स का गठन कर तैयारी कर लेने के निर्देश दिए। साथ ही इस अभियान में पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि लोगों के बीच जागरूकता लायी जा सके।
डीएम ने कहा कि दीवार से एक फीट की दूरी पर बिस्तर रखने से भी इस बीमारी से बचाव हो सकता है। क्योंकि, बालू मक्खी दीवार से चिपकी रहती है और बिस्तर दीवार से सटे रहने पर वह बिस्तर पर आ जाती है। इस बीमारी से बचने के लिए मच्छरदानी का नियमित प्रयोग भी कारगर साबित होता है।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, एनसीडीओ डॉ. सत्येंद्र कुमार मिश्रा एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।