September 26, 2023

26.09.2023 (दरभंगा) : सनातन संस्कृति में साधना की अहम महत्ता है। हर साधना में वैज्ञानिक आधार छुपे है। मानव जीवन को श्रेष्ठतम बनाने के लिए तप योग साधना और धार्मिक अनुष्ठान जरूरी है। हमे धर्म के प्रति सम्वेदनशील रहनी चाहिए वशर्ते ये कट्टरता में न बदले क्योंकि सनातन सर्व धर्म समभाव में विश्वास करती है। बेनीपुर के विधयाक सह जदयू के प्रदेश प्रवक्ता प्रो0 विनय चौधरी ने लगातार 108 दिनों तक 3300 किलोमीटर की दुरी तय करनेवाले दरभंगा शहर के साहित्यकार एवं साधक मणिकान्त झा एवम् उनके सहयोगियों के कांवर यात्रा से लौटने के बाद उनके आवास पर पहुँचकर कुशल क्षेम जानने के बाद उपरोक्त बातें कही।
ज्ञातव्य हो की मणिकांत झा एवं उनके सहयोगी गंगोत्री से गंगाजल लेकर लगातार 108 दिनों में 3300 किलोमीटर की यात्रा कर रामेश्वरम स्थित भगवन भोलेनाथ को जलार्पण कर लौटे है जो चर्चा का विषय है। विधायक प्रो0 चौधरी ने मणिकांत झा एवं उनके साथ कांवर यात्रा में शामिल साधकों के साहस प्रतिज्ञा तथा सहिष्णुता की जमकर सराहना करते हुए कहा की आज जब समाज में धार्मिक पाखंडियों की संख्या बढ़ रही है उस परिषथिति में भी धर्म और साधना के लिए ऐसे लोग भी है जो इस तरह का कठोर व्रत और साहस करने का निर्णय लेते है जो जनकल्याण के लिए एक उदाहरण है। विधयाक प्रो0 चौधरी ने जीवन में धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा की जन्म लेने से मरने तक अनजाने में भी बहुत ऐसी बातें हो जाती है जो पाप की श्रेणी में आता है लेकिन ऐसे साधना से वे सारे पाप और अपराध कम हो जाते है तथा व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है।
विधायक ने हर व्यक्ति के लिए साधना को आवश्यक बताते हुए कहा की खुद के लिए जीना तो पशु और पक्षीयो तक का उद्देश्य होता है लेकिन अपने समाज राष्ट्र सहित जनकल्याण के लिए किसी साधना को अंजाम देना किसी श्रेष्ठ मानव का लक्षण है। विधायक प्रो0 चौधरी ने मणिकांत झा एवं उनके साथियो को साधुवाद देते हुए कहा की समाज में बढ़ रहे धार्मिक पाखण्ड और कट्टरवाद के बीच ऐसी साधना समाज के लिए एक आईना है ।
September 26, 2023

26.09.2023 (दरभंगा) : सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा रंजन देव ने पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के तत्वावधान में 09 दिसम्बर 2023 (शनिवार) को पूर्वाह्न 10ः30 बजे से व्यवहार न्यायालय दरभंगा, बेनीपुर एवं बिरौल के न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमा पूर्व एवं लंबित शमनीय (कम्पाउंडेबल) वाद के अंतर्गत आपराधिक वाद, एन.आई.एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बी.एस.एन.एल, ग्राम कचहरी में लंबित वाद इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 09 दिसम्बर 2023 (शनिवार) को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठावें। उन्होंने इच्छुक पक्षकार एवं विद्वान अधिवक्ताओं से अनुरोध किया है कि अपने अधिक से अधिक शमनीय वादों के निष्पादन हेतु संबंधित न्यायालय, संबंधित पंचायत के ग्राम कचहरी से अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा से सम्पर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, दरभंगा के टॉल फ्री हेल्पलाइन 15100 पर सम्पर्क किया जा सकता है। विशेष जानकारी हेतु फोन नंबर 06272-240113 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत/विधिक सहायता से संबंधित किसी प्रकार की सहायता/जानकारी हेतु bslsalokadalat@gmail.com पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।
September 26, 2023

26.09.2023 (दरभंगा) : भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश भर में चलाए जा रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम को लेकर आज सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर बस्ती संपर्क अभियान के तहत बेनीपुर विधानसभा अंतर्गत मनोर भौराम पंचायत के सोनमाडीहुली स्थित दलित बस्ती पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घर- घर जाकर लोगों से जनसंपर्क किया और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजना तथा बीते नौ साल की उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की। भ्रमण के क्रम में सांसद ने मोदी सरकार की विभिन्न योजना से लाभान्वित हुए दर्जनों लोगों से मुलाकात की। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने सीताराम मांझी, निर्मल राय, बच्चन मांझी, रामप्रसाद मांझी राम दयाल मांझी, मुर्छन देवी, वासुदेव मांझी, सोनेर देवी, छोटू मांझी, भोला मांझी, पलटन मांझी, घुरन मांझी, बुधन मांझी, उर्मिला देवी, रामकुमारी देवी, वरुण मांझी, किसिया देवी, झालनी देवी, रेणु देवी, जीवछ देवी, जागिया देवी, पावन देवी, रानी कुमारी, पांचू मांझी, संतोष मांझी, श्याम बिहारी यादव, जय नारायण यादव, अमित यादव से मिले।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में ऐतिहासिक विकास हो रहा है। पीएम के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्रारंभ से ही गरीब कल्याण, किसान समृद्धि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के उत्थान को प्राथमिकता देती आ रही है। आज मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक और अध्यात्मिक विरासत का भी समुचित विकास हो रहा है। मोदी सरकार के नौ वर्ष की उपलब्धि और सफलता प्रत्येक देशवासी को गौरवान्वित करती है। सांसद डॉ ठाकुर ने लोगों के साथ बस्ती में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष सीताराम मांझी, निर्मल राय, जिला मंत्री उमेश चौधरी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रजनीश सुंदरम सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
September 26, 2023

25.09.2023 (दरभंगा) : लक्ष्मीश्वर विलास पैलेस के सामने स्थित महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह की प्रतिमा पर इसमाद के सदस्यों ने माल्यार्पण कर उनकी जयंती मनाई। इसमाद के कार्यक्रम संयोजक अभिनव सिन्हा ने कहा कि भारत के महान राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, नारी शिक्षा के समर्थक, भारत के पहले जन प्रतिनिधि और गौ रक्षा आंदोलन के जनक महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह जी की जयंती पर जहां दरभंगा समेत समूचे देश में धूम धाम से कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए था वही देश तो छोड़िए दरभंगा में लगी उनकी प्रतिमा कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय में उपेक्षित रखी गई थी। इसमाद हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी राष्ट्रवादी चेतना के धनी व्यक्तित्व को उनके जयंती पर नमन करने के लिए माल्यर्पण का कार्य करता आ रहा है और आज इसी कड़ी में उनकी प्रतिमा को साफ कर उस पर पुष्पांजलि अर्पित की।
संतोष चौधरी ने माल्यार्पण के पश्चात विश्वविद्यालय में आए आगन्तुकों को प्रतिमा के नीचे महाराजा की जीवनी से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में मिथिला प्रदेश की परिकल्पना का श्रेय महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह को देना अतिशयोक्ति नहीं होगी। भाषा के रूप में ’मैथिली’ नामकरण भी लक्ष्मीश्वर सिंह ने ही किया। उन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक भाषा के लिए ’मैथिली’ का प्रयोग नहीं होता था, उसे "तिरहुतिया भाषा" कहा जाता था। महाराजा ने अपने समयावधि में दरभंगा को जो दिया वो वर्तमान में किसी स्मार्ट सिटी की परिकल्पना से भी ऊपर है। उनकी देनों में राज स्कूल, गोशाला, बोटेनिकल गार्डेन, रेल लाइन, पुस्तकालय सहित कई छोटे बड़े लोहे के पुलों का भी निर्माण कराया ताकि राज दरभंगा की नदियों पर नेविगेशन की सुविधा हो सके। जनोपयोगी कार्यों के साथ-साथ उन्होंने दरभंगा सहित देश भर के शैक्षणिक संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान की तथा चिकित्सा सहायता में भी योगदान दिया। गरीबों की सेवा के लिए खोला गया दो सौ बेड का दरभंगा में अस्पताल तत्कालीन बंगाल राज्य का दूसरा सबसे बड़ा चिकित्सालय था।
इसमाद के दरभंगा प्रभारी राहुल कुमार ने कहा कि हम सब के लिए यह चिंता का विषय है कि इतने महान व्यक्तित्व के जयंती पर उनकी प्रतिमा को उपेक्षित रखने के साथ साथ किसी भी तरह का कोई सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं होना। यदि इसी तरह से उपेक्षा का भाव रखा गया तो आने वाली पीढ़ी मिथिला के शिल्पकार महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह के राष्ट्रवादी विचार से वंचित हो जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान कई आगन्तुकों ने मिथिला नरेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया जिनमें, अभिषेक, रौशन, संजीव, कुलदीप आदि मौजूद थे।
September 19, 2023

19.09.2023 (पटना) : डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में भू-अर्जन मामलों में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने पटना मेट्रो, भारतमाला परियोजना तथा दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में प्रगति की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अच्छी प्रगति है। इस क्रम में आ रही समस्याओं को स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष रूचि लेकर दूर की गयी है। उन्होंने आवश्यकतानुसार कैम्प लगाकर परियोजनाओं का तत्परता से क्रियान्वयन करने का निदेश दिया।
डीएम डॉ. सिंह ने आवेदन सृजन तथा मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निदेश दिया। उन्होंने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सम्बद्ध अधिकारीगण एवं कार्यकारी एजेंसी समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन करें।
1. भारतमाला अन्तर्गत एनएच-119डी आमस-रामनगर खंड परियोजना : डीएम ने समीक्षा में पाया कि इस परियोजना अतर्गत काफी अच्छी प्रगति है। प्रशासन द्वारा सभी समस्या का समाधान कर अधियाची विभाग को फिजिकल पॉजेशन दे दिया गया है। फतुहा एवं धनरुआ अंचल के 12 मौजा में सरकारी भूमि सहित दखल-कब्जा का रकवा 221.6268 एकड़ है। 373 रैयतों के बीच 52.677 करोड़ रूपया का मुआवजा भुगतान किया गया है। प्रावधानों के अनुसार 25.3424 करोड़ रूपया की राशि विशेष भू-अर्जन न्यायाधीश, पटना के न्यायालय में जमा की गयी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर सीमांकन सहित हर तरह का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एजेंसी जब चाहे काम शुरू कर सकती है। एजेंसी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि 15 अक्टूबर से विधिवत रूप से कार्य प्रारंभ किया जाएगा। डीएम ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एजेंसी को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
2. पटना मेट्रो परियोजना : पटना मेट्रो रेल डिपो निर्माण हेतु रानीपुर तथा पहाड़ी मौजा में कुल 82 खेसरा में अर्जित रकवा 75.945 एकड़ है। कुल 110 रैयतों के बीच 130.03 करोड़ रूपया की राशि का भुगतान किया गया है। मौजा पहाड़ी तथा मौजा रानीपुर में लगभग 352 आवेदनों को जाँच हेतु अंचलाधिकारी, पटना सदर को भेजा गया है जिसमें 82 आवेदनों का ही जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी तथा भूमि सुधार उप समाहतार्, पटना सदर को विशेष अभियान चला कर रोस्टर के अनुसार परसों से प्रतिदिन मौजावार शिविर लगाते हुए 15 दिन के अंदर लंबित आवेदनों का जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश दिया ताकि इसके आलोक में मुआवजा भुगतान की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने अपर समाहर्ता को इसका नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया।डीएम ने समीक्षा में पाया कि न्यू आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन के लिए पहाड़ी मौजा में मुआवजा भुगतान में काफी अच्छी प्रगति है। 35.08 करोड़ रूपया की कुल प्राक्कलित राशि में से रैयतों को 32.62 करोड़ रूपया का भुगतान कर दिया गया है। डीएम ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी उपलब्धि है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक सहित हमारे सभी संलग्न पदाधिकारी तथा कर्मी बधाई के पात्र हैं।
3. दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण : इस परियोजना अतंर्गत कुल 21 मौजा है जिसमें दानापुर अंचल में 09 मौजा तथा बिहटा अंचल में 12 मौजा है। कुल अर्जनाधीन भूमि का रकवा 64.02 एकड़ तथा कुल पंचाट की संख्या 775 है। अभी तक 178 रैयतों के बीच 33.42 करोड़ रूपया की राशि का भुगतान कर दिया गया है। समीक्षा में डीएम ने पाया कि 9.18 एकड़ बकास्त भूमि के रैयतीकरण के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता, दानापुर तथा अंचल अधिकारी, बिहटा एवं दानापुर द्वारा कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गयी है जबकि जनवरी में ही आयोजित बैठक में इन अधिकारियों को इसके लिए निदेशित किया गया था। उसके बाद भी अनेक बार मौखिक तथा लिखित तौर पर उन्हें स्मारित किया गया। हर बैठक में भी इस मामले में प्रगति लाने के लिए तीनों अधिकारियों को निदेशित किया जाता रहा है।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि फिर भी भूमि सुधार उप समाहर्ता द्वारा इस कार्य में अपेक्षित रूचि प्रदर्शित नहीं की गयी तथा दोनों अंचलाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु भी कोई अनुशंसा भी नहीं की गयी। डीएम ने कहा कि यह आपतिजनक है। जनहित के इतने महत्वपूर्ण मामले में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि सुधार उप समाहर्ता, दानापुर द्वारा शेरपुर-दिघवारा परियोजना में भी निदेशों का अनुपालन नहीं किया गया है। डीएम द्वारा भूमि सुधार उप समाहर्ता, दानापुर; अंचल अधिकारी, बिहटा एवं अंचल अधिकारी, दानापुर के विरूद्ध कारण-पृच्छा करते हुए 24 घंटे में इस आशय का स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया कि क्यों नहीं कार्य में अभिरूचि के अभाव में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपर समाहर्ता, पटना को तीनों अधिकारियों के विरूद्ध दो दिन के अंदर प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभाग को भेजने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। डीएम द्वारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को इस परियोजना में मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निदेश दिया गया। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि पूर्व में एक नोटिस निर्गत किया था तथा तीन दिनों के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। डीएम द्वारा फिर से दूसरा नोटिस निकालने तथा शिविर लगाने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामवार रैयतों की संख्या के अनुसार रोस्टर का निर्धारण करते हुए अपेक्षाकृत लंबा शिविर (लगभग एक सप्ताह) का आयोजन करें।
शिविर का वृहद-स्तर पर प्रचार-प्रसार करें ताकि आम जनता इसका अधिक से अधिक फायदा उठा सके। शिविरों में अंचल, भू-अर्जन तथा अधियाची विभाग के भी प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी शिविरों के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि मुआवजा भुगतान के बाद शेष राशि प्राधिकार में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एजेंसी जब चाहे तिथि का निर्धारण कर काम शुरू कर सकती है।
जिला प्रशासन द्वारा उन्हें हर तरह का सहयोग प्रदान किया जाएगा। डीएम द्वारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि भू-अर्जन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को समय-सीमा के अंदर पूर्ण करें। अधिसूचना प्रकाशन, अधिघोषणा प्रकाशन, मुआवजा भुगतान आदि कार्यों में प्रावधानों का अनुपालन करते हुए तेजी लाएं।