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DMCH का और विस्तार हमलोग कर रहे हैं – मुख्यमंत्री

November 27, 2023
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27.11.2023 (दरभंगा) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2742.04 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, दरभंगा को पुनर्विकसित करने की योजना अंतर्गत प्रति वर्ष 250 नामांकन के शैक्षणिक भवन एवं 2100 शैय्या के अस्पताल तथा राजकीय महारानी रामेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर, दरभंगा के निर्माण का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 194.08 करोड़ रुपये की लागत से 400 शैय्या के सर्जिकल ब्लॉक सहित विभिन्न योजनाओं का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने सर्जरी ब्लॉक में "दीदी की रसोई" का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके पश्चात् सर्जरी ब्लॉक एवं प्रसव कक्ष का मुख्यमंत्री ने मुआयना किया। अस्पताल परिसर के मुआयना के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा के मौसम में भी यहाँ जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य सुनिश्चत कराएं। ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाएं ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो।

आज 2100 शैय्या के अस्पताल तथा राजकीय महारानी रामेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान का शिलान्यास कर दिया गया है, इसका निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरु कराएं। जब इसका निर्माण कार्य शुरु होगा तो उस समय पुनः हम यहां देखने आयेंगे। निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर लोगों को इलाज में काफी सहूलियत होगी। जब हम सांसद थे और बाहर जब जाते थे तो हर जगह पी.एम.सी.एच. और डी.एम.सी.एच. के डॉक्टर मिल जाते थे। उन्होंने कहा कि दरभंगा में एम्स स्थापित करने के लिए शोभन काफी अच्छी जगह है, जिसको हमलोगों ने चिन्हित किया है। वहां आवागमन के लिए बेहतर कनेक्टविटी है, जहां लोग आसानी से पहुंच सकते हैं।

शोभन में एम्स बनने से दरभंगा शहर का विस्तारीकरण भी होगा। स्थानीय जन प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं दरभंगा मेडिकल कॉलेज तथा हास्पीटल प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री-सह-स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्यकर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन-सह-सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री ललित कुमार यादव, विधायक संजय सरावगी, विधायक अमन भूषण हजारी, विधायक विनय कुमार चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, पूर्व विधान पार्षद दिलीप चौधरी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त डॉ. मनीष कुमार, दरभंगा प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विनय कुमार, दरभंगा के डीएम राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकगण, कर्मीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का और विस्तार हमलोग कर रहे हैं। इसमें पहले से 400 बेड का अस्पताल बना हुआ है। यहां जब 2500 बेड का अस्पताल बन जाएगा तो यहां इलाज और बेहतर ढंग से होगा साथ ही मेडिकल की पढ़ाई भी बेहतर ढंग से होगी। यह बहुत महत्वपूर्ण जगह भी है, इसलिए इस मेडिकल कॉलेज में पढ़नेवालों की संख्या और बढ़ेगी। सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल भी बनकर तैयार है। डी.एम.सी.एच. को ही हम पहले एम्स बनाना चाह रहे थे। केंद्र के लोग पहले एग्री कर गए थे लेकिन फिर बाद में किसी कारण बस नहीं बन पाया।

दरभंगा एम्स बनाने को लेकर जनवरी में हमको जगह दिखाया गया। अब शोभन में एम्स बनाने को लेकर केंद्र से मंजूरी आ गई है। केंद्र सरकार की ओर से दरभंगा एम्स की ऊॅचाई जो पहले से निर्धारित थी उसको और बढ़ाने के लिए कहा गया है, हम उसको और बढ़ा रहे हैं। फोर लेन का निर्माण भी करा रहे हैं, इससे शहर का काफी विस्तार भी हो जाएगा। पटना के बाद बिहार में दूसरा एम्स दरभंगा में बनेगा जिसके लिए शोभन में जमीन चिह्नित कर ली गई है।

डाटा इंट्री ऑपरेटर संघ के आवाहन पर 28 एवं 29 नवम्बर को दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के पूर्व संध्या पर निकाला गया मशाल जुलूस

November 27, 2023
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27.11.2023 (दरभंगा) : बिहार राज्य डाटा इंट्री/कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के आवाह्न पर सेवा समायोजन की माँग को लेकर 28 एवं 29 नवम्बर 2023 को राज्यव्यापी दो दिवसीय हड़ताल के आवाहन के पूर्व संध्या पर 27 नवम्बर को मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस का प्रदर्शन पोलो फील्ड से आरंभ होकर आयुक्त कार्यालय, आई.जी कार्यालय, व्यवहार न्यायालय होते हुए लहेरियासराय टावर पर सभा आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता जय प्रकाश मेहता ने किया तथा प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए डाटा इंट्री ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश मेहता ने कहा कि हम लोग 20 वर्षों से लगातार सरकार की सेवा संविदा आधार पर कार्य कर रहे हैं। डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यालय में अपना सेवा दे रहा है। राज्य सरकार द्वारा हमारा सेवा का समायोजन नहीं किया जा रहा है, इसलिए बाध्य होकर राज्य कमिटी ने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने हेतु यह सांकेतिक हड़ताल है। यदि सरकार हमारी मांगे पर ध्यान नहीं दिया तो, हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री ने कहा कि संविदा, ठेका, मान्यदेय, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सरकारी सेवक घोषित करते हुए नियमित वेतन मान में समायोजन का संघर्ष राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है, हम एकबध्य होकर आंदोलन तेज करेंगे। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी मनीष कुमार आनन्द ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 28 एवं 29 को आयोजित हड़ताल को हमलोग पूर्ण सफल बनाएंगे तथा राज्य कमिटी के निर्णय के आलोक में आंदोलन तेज किया जाएगा।

संविधान को ज्यादा से ज्यादा जानने के प्रति जागरूकता लाना चाहिये

November 27, 2023
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26.11.2023 (दरभंगा) : विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग में विभाग के वरीय शिक्षक डॉ. मुकुल बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में संविधान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बतौर सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रभाष चंद्र मिश्रा ने कहा कि कोई भी देश या संस्था कानून से चलता है। इस कड़ी में लोकतंत्र व संविधान का अपना खासा महत्व है। बिना लोकतंत्र व संविधान के आप सभ्य व मर्यादित देशों की सूची में शुमार नहीं हो सकते हैं। अब करीब-करीब दुनिया के सभी देशों ने संविधान को स्वीकार किया है। अगर किसी भी देश में संविधान न हो तो वहां वजीर से लेकर प्यादा तक सब निरंकुश हो जाता है।

मजबूत लोग, कमजोर व समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों को दबा देंगे। जिससे मानवाधिकार खतरे में आ जाता है। संविधान सभी मनुष्यों को समानता व बराबरी के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जीने का अधिकार प्रदान करता है। इसीलिए सिर्फ राजनीति विज्ञान व विधि के छात्रों को ही नहीं बल्कि सभी विषयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ देश के हर नागरिकों को अपने संविधान की अनिवार्य रूप से जानकारी होनी चाहिये और इसे पढ़ना चाहिये। संविधान सिर्फ संसद, राजनेताओं व अधिवक्ताओं तक ही सीमित नहीं होना चाहिये। इसके लिये आम जनता को भी आगे आना चाहिये और संविधान को ज्यादा से ज्यादा जानने के प्रति जागरूकता लाना चाहिये। इससे देश को सशक्त होने में बल मिलता है। आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को बाबा साहब ने देश को समर्पित किया था जो कि 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू हुआ। हम अपनी ओर से इस अवसर पर सभी देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं

। इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि मिथिला विश्वविद्यालय के उप-परीक्षा नियंत्रक (तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा) सह विभाग के युवा प्राध्यापक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पूरे विश्व में मानव सभ्यता के विकास के क्रम में आज तक जितने तंत्र हुए उसमें लोकतंत्र का अहम व शीर्ष स्थान है। लोकतंत्र शासन प्रणाली का सबसे सुगम व पारदर्शी तंत्र है। इस तंत्र में समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों तक विकास व समानता की किरण पहुंचती है। राजतंत्र में यह तय होता था कि राजा का बेटा ही राजा होगा भले वो अयोग्य व अक्षम ही क्यों न हो लेकिन लोकतंत्र में भारतीय संविधान ने इसे मिथक को तोड़कर यह साबित करता आ रहा है कि अब रंक का समाज के अंतिम पंक्ति में बैठा बेटा भी राजा बन सकता है अगर वह सक्षम और योग्य है।

आजादी पूर्व देश के व्यापक क्षेत्र में राजतंत्र था। अंग्रेजी शासन के सदियों के कैद से मुक्त होने के बाद भारत ने अपने नयी उड़ान के लिये उस सभी प्रणाली को अपनाने का काम किया जिससे कि हिंदुस्तान के लोकतंत्र को विश्व पटल पर शीर्ष स्थान मिले। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने लोकतंत्र में आस्था दिखाते हुए संविधान लागू करने का निर्णय लिया। संविधान मतलब कि ऐसा विधान जो सभी पर समान रूप से लागू होता हो और जिसके दायरे में वजीर से लेकर प्यादा तक को समानता व बराबरी का हक मिले। इसी क्रम में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन के अथक प्रयास के बाद भारत ने 26 नवंबर 1949 को विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान लांच कर देश को समर्पित कर दिया। उस समय बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर नहीं होते तो हिंदुस्तान में संविधान की कल्पना करना मुश्किल था। कुछ तो बात है बाबा साहब के द्वारा लिखित संविधान में, तब तो आज हिंदुस्तान विश्वगुरु बनने की कतार में अग्रसर है। आज पूरे विश्व के किसी भी कोने में चले जाएं।

आपको सब कुछ मिल जायेगा लेकिन दूसरा हिंदुस्तान नहीं मिलेगा क्योंकि विविधताओं में एकता भारतीय संविधान व लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। हिंदुस्तान सर्वधर्म सम्भाव में विश्वास रखने वाला विश्व का अनूठा व एकमात्र धर्मनिरपेक्ष देश है। जहां सर्वधर्म का सम्मान करते हुए देश का सबसे पवित्र व हर धर्म का प्राथमिक ग्रन्थ संविधान को माना गया है और लोकतंत्र की पारदर्शी शासनप्रणाली अपनाई गई है जिसमें शासन कौन करेगा व शासक कौन होगा? यह जनता के वोटों के आधार पर तय होता है।संवैधानिक मूल्यों के प्रति भारत के विविध धर्मों व पंथों में विश्वास रखनेवाले 140 करोड़ भारतीयों में सम्मान की भावना व कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिये पीएम मोदी ने वर्ष 2015 में संविधान निर्माता सह संविधान जनक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 125 वीं जयंती के अवसर पर इस दिन को संविधान दिवस के रूप में अपनाने का निर्णय लिया जिस पर सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय ने अपनी मुहर लगा दी।

साथ ही आज का दिन इस मामले में और भी पावन दिन माना जाता है क्योंकि राष्ट्रीय कानून दिवस भी आज ही मनाया जा रहा है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विभाग के वरीय शिक्षक डॉ. मुकुल बिहारी वर्मा ने भारतीय संविधान के विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हर हिंदुस्तानी को बाबा साहब द्वारा निर्मित इस संविधान पर गर्व है। हिंदुस्तान के पावन दिनों में 15 अगस्त भारत के आजादी के लिये, 26 जनवरी देश में गणतंत्र के स्थापना के लिये व 26 नवंबर देश को अपना संविधान मिलने के लिये सबसे पावन दिनों में शुमार है।

कुछ विद्यार्थी और शोधार्थी का बराबर यह जिज्ञासा रहता है कि जब संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हुई तो इसे क्यों 2 महीने बाद 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया? तो इसका कारण यह है कि 19 दिसंबर 1929 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पंडित नेहरू को कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुना गया और पूर्ण स्वराज की मांग की गई और इसी अधिवेशन में यह फैसला लिया गया कि जनवरी के आखिरी रविवार को देश का स्वतंत्रता दिवस मनाया जायेगा।

संयोग से यह तारीख 26 जनवरी 1930 निकली। इसीलिए इस दिन लाहौर के रावी नदी के किनारे पंडित नेहरू ने तिरंगा झंडा फहराया। इसीलिए इस दिन को पावन दिन माना गया। इसीलिए जब 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान तैयार हुआ तो उसे आगामी 26 जनवरी 1950 को देश में लागू किया गया और तब से 26 जनवरी को हमलोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। संविधान की असली प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजदा के द्वारा कैलीग्राफी के जरिये इटैलिक अक्षरों में लिखी गयी है। इसके हर पन्ने को कोलकाता के शांतिनिकेतन के दो कलाकार राममनोहर सिन्हा व नंदलाल बोस ने सजाया था। इस हस्तलिखित संविधान को आज भी देश के संसद के पुस्तकालय में हीलियम में रखा गया है ताकि ये खराब न हो सके।

251 पृष्ठों का यह संविधान 16 इंच चौड़ी, 22 इंच लंबे चर्मपत्र सीटों पर पांडुलिपि में लिखी गयी है। इसकी असली प्रति आज भी इंग्लिश और हिंदी दो प्रमुख भाषाओं में सुरक्षित है। संविधान दिवस के इस कार्यक्रम में मिथिला विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. विनोद बैठा व महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी सुबोध कुमार यादव और शोध छात्र राम कृपाल ने भी शिरकत की और अपने-अपने विचार रखे। मंच संचालन विभाग के शिक्षक रघुवीर कुमार रंजन ने और अतिथियों का स्वागत आशुतोष पांडेय जबकि धन्यवाद ज्ञापन मिथिला विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. विनोद बैठा ने किया।

सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए पेंशन बढ़ाने का बिहार सरकार से आग्रह

November 25, 2023
25.11.2023 (DarbhangaOnline Buero) : बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (बीडब्ल्यूजेयू) ने आज सेवानिवृत्त पत्रकारों का पेंशन 06 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग की है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार सिन्हा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में सेवानिवृत्त पत्रकारों का पेंशन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है जबकि कई अन्य राज्यों में भी उन्हें 15 हजार रुपये और उससे अधिक की पेंशन दी जा रही है, लेकिन बिहार में पत्रकारों को मासिक पेंशन केवल 6 हजार रुपये प्रति माह मिल रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सेवानिवृत्त पत्रकारों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए मासिक पेंशन बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यूनियन के महासचिव कमलकांत सहाय ने कहा कि बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना 2020 में शुरू की गई थी, जिसमें सेवानिवृत्त पत्रकारों को 6 हजार रुपये की मासिक पेंशन दी गई थी, तब से पेंशन राशि में वृद्धि नहीं हुई है, इसलिए सरकार को इसे बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। यूनियन के उपाध्यक्ष कमल किशोर ने बिहार में सेवानिवृत्त पत्रकारों को दी जाने वाली पेंशन के नियमों को सरल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक पत्रकारों को योजना का लाभ मिल सकेगा। यूनियन के उपाध्यक्ष विष्णु कांत मिश्र, इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय सचिव अमर मोहन प्रसाद, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य शिवेंद्र नारायण सिंह और वरिष्ठ पत्रकार एस पी सिन्हा ने भी बिहार सरकार से सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए पेंशन बढ़ाने का आग्रह किया है।

योग्य मतदाताओं को सहायता के लिए सम्पूर्ण निर्वाचन तंत्र तत्पर है

November 25, 2023
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25.11.2023 (पटना) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, पटना, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज समाहरणालय में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। इसमें दिनांक 01.01.2024 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली के चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा सभी से इस अभियान में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया।

डीएम ने कहा कि पूरे जिला में सघन मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों द्वारा कोचिंग संस्थानों, महिला महाविद्यालयों, डिग्री कॉलेज, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज/संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में नियमित तौर पर कैम्प किया जा रहा है ताकि युवा छात्र-छात्रा मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराएं। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पटना ज़िला में 4,877 मतदान केंद्र है। 30 नवंबर तक प्रति मतदान केंद्र 18-19 साल आयु वर्ग के कम-से-कम 30 फॉर्म-6 प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। छूटे हुए महिलाओं मतदाताओं का पंजीकरण कराया जा रहा है। महिला महाविद्यालयों तथा अन्य महाविद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के तहत कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

18-19 साल के छात्र-छात्राओं के बीच मतदाता सूची में नाम शामिल कराने एवं निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता हेतु स्वीप गतिविधि चलाया जा रहा है। इस कार्य में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों का सहयोग अपेक्षित है। डीएम ने कहा कि सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) को फोकस्ड एवं टार्गेटेड ढंग से कार्य करने का निदेश दिया गया है। सभी ईआरओ एवं एईआरओ को बीएलओ के साथ नियमित बैठक कर लक्ष्य के अनुरूप कार्य में प्रगति लाने का निदेश दिया गया है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि आज दिनांक 25.11.2023 (शनिवार) के साथ दिनांक 26.11.2023 (रविवार), दिनांक 02.12.2023 (शनिवार) तथा 03.12.2023 (रविवार) को विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दरम्यान सभी मतदान केन्द्र-स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) तथा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे तथा भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुरूप मतदाताओं का पंजीकरण कार्य करेंगे।

जिला में निर्वाचन साक्षरता, पंजीकरण तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित स्वीप गतिविधि के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विकास मित्रों, तालिमी मरकज, जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं, आईसीडीएस, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों, प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों एवं अन्य को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। सभी स्टेकहोल्डर्स से सहयोग की आवश्यकता है। दिनांक 01.01.2024 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, 2024 कार्यक्रम चल रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक सूची का प्रारूप प्रकाशन 27 अक्टूबर, 2023 (शुक्रवार) को किया गया है। दावा एवं आपत्ति दिनांक 09 दिसम्बर, 2023 (शनिवार) तक दिया जा सकता है। दिनांक 26 दिसम्बर, 2023 (मंगलवार) तक दावों एवं आपत्तियों का निष्पादन किया जाएगा।

निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक 05 जनवरी, 2024 को किया जाएगा। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि योग्य मतदाताओं को सहायता के लिए सम्पूर्ण निर्वाचन तंत्र तत्पर है। मतदाताओं को निर्वाचन सूची में पंजीकरण के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों तथा प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। सभी प्रपत्रों में ऑन-लाईन आवेदन हेतु वोटर सर्विस पोर्टल तथा वोटर हेल्प लाईन ऐप का प्रयोग किया जा सकता है। ऑफ लाईन आवेदन हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, अनुमण्डल निर्वाचन कार्यालयों तथा बीएलओ से सम्पर्क किया जा सकता है। साथ ही मतदाता हेल्पलाईन 1950 का प्रयोग कर पंजीकरण से संबंधित अन्य जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फार्म भरने की प्रक्रिया को भी काफी सरल कर दी गयी है। फार्म-6 नया मतदाता बनने के लिए, फार्म-6क भारत से बाहर रहने वाले प्रवासी निर्वाचकों के पंजीकरण के लिए, फार्म-6ख स्वैच्छिक रूप से आधार से अपना मतदाता पहचान पत्र जोड़ने के लिए, फार्म-7 निर्वाचक सूची से नाम हटाने के लिए एवं फार्म-8 पता परिवर्तन, PwD चिह्नीकरण, मतदाता सूची में संशोधन या अपने ईपिक में बदलाव करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। जन्म तिथि प्रमाण (आधार), सामान्य निवास स्थान का प्रमाण तथा फोटोग्राफ्स के आधार पर कोई भी योग्य नागरिक वोटर सर्विस पोर्टल तथा वोटर हेल्पलाईन ऐप (वीएचए) के माध्यम से घर बैठे सारी सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचक सूची में पंजीकरण के लिए एक कैलेण्डर वर्ष में चार अर्हता तिथियाँ निर्धारित की गयी हैं। वे सभी योग्य व्यक्ति जो वर्ष में चार अर्हता तिथियो 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर मे से किसी भी अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हों, निर्वाचक सूची में पंजीकरण के लिए ऑफलाइन या ऑनलाईन आवेदन फार्म 6 मे कर सकते हैं। पंजीकरण करवाने के बाद मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी किया जाएगा। ऑनलाईन आवेदन वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर सर्विस पोर्टल, सक्षम ऐप (PwD मतदाताओ हेतु) के द्वारा किया जा सकता है।

अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि मतदाता सूची से समान फोटो वाली प्रविष्टियों (पीएसई) और जनसांख्यिकीय समान प्रविष्टियों (डीएसई), नाम विलोपन इत्यादि के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। डीएम ने कहा कि मतदाता सूची पूरे निर्वाचन प्रक्रिया का आधार है। उन्होंने सभी वयस्क नागरिकों से अधिक-से-अधिक संख्या में मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने का आह्वान किया।
   होली  क्रॉस स्कूल - 31वाँ दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता
                    दरभंगा प्रेस क्लब का उद्घाटन - 2025
                             बिहार पुलिस सप्ताह 2025
              पुलिस पुरस्कार समारोह (दरभंगा) - 2024
SN Sarraf Hospital Darbhanga
SN Sarraf Hospital Darbhanga Press Conference
         दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - पुरस्कार समारोह

23.02.2024 23.02.2024 (दरभंगा) छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में 90 यूजी और 24 पीजी गोल्ड मेडल बांटे गए। डॉ आसिफ शाहनवाज के नेतृत्व में पूरी तरह से गढ़े हुए आयोजन मैं छात्रों और विभागों के उम्मीदें परवान चढ़ती हुई नजर आई। दिन रात की परिश्रम को सोने के मेडल में बदलते हुए देखकर छात्रों के दिल उछल गए। विभागाध्यक्षों और स्पॉन्सर की मौजूदगी में प्राचार्य और अधीक्षक द्वारा गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
                      मिथिला हाट - अररिया संग्राम
                      होली क्रॉस स्कूल समारोह - 2022
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डॉ त्यागराजन एस एम चैंपियन डीएम बने

10.08.2021 (दरभंगा) : सीएम नीतीश कुमार द्वारा बिहार में 01 जुलाई से 06 माह में 06 करोड़ वयस्कों को लगेगा टीका टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है। दरभंगा जिला में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की निगरानी एवं अनुश्रवण में चलाए जा रहे टीकाकरण महाअभियान दरभंगा में 06 माह में लगेगा 26 लाख वयस्कों को टीका के तहत दरभंगा जिले के सभी प्रखण्डों एवं शहरी स्थाई टीकाकरण केन्द्र ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक दरभंगा के 9 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा में कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में सर्वाधिक उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम को चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पटना व पूर्वी चंपारण के डीएम को भी चैंपियन डीएम के ख़िताब से नवाजा गया है।
डीएम को कोविड-19 टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन एवं सफल संचालन हेतु मिला प्रमाण पत्र

10.08.2021 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को कोविड-19 टीकाकरण के सुगम, सुचारू एवं सफल संचालन करने तथा शानदार प्रदर्शन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। जिला के इस महत्वपूर्ण एवं शानदार उपलब्धि के लिए अधिकारियों कर्मियों मीडिया कर्मियों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को अद्वितीय एवं अविस्मरणीय बताया गया। दूसरी ओर डीएम ने इसे अधिकारियों कर्मियों एवं जिलावासियों के समन्वित प्रयास तथा पूरी टीम का सम्मान एवं प्रतिफल बताया है।
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04.07.2019 (दरभंगा): दिल्ली में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर दरभंगा सहित मिथिलांचल के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न ज्ञापन सौंप रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
                        बिहार पुलिस सप्ताह - 2019
दरभंगा : एसएसपी बाबू राम के नेतृत्व में बिहार पुलिस सप्ताह 22 फरवरी से 27 फरवरी के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमे स्कूली बच्चों द्वारा रन फॉर पीस, पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑटो चालकों के द्वारा जागरूकता रथ आदि। सभी कार्यक्रम का थीम था नशामुक्त हो समाज, ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
Lalit Narayan Mithila University
                          गणतंत्र दिवस - 2019
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2018
विशेष प्रोफ एस. के. सिंह, कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
प्रोफेसर एस के सिंह ने दरभंगा ऑनलाइन के साथ शिक्षक प्रशिक्षण के लिए यूनिसेफ के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताछर और विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा में डिजिटल मोड के माध्यम से सामग्री के वितरण के बारे मे बात की.
                             पटना एसएसपी मनु महाराज


पटना एसएसपी मनु महाराज - साइकिल एक तरफ जहां स्वास्थ के लिए अच्छा है वहीं एक आम आदमी के भेष मे होने से बहुत सारी ऐसी बातों का पता लगता हैं जिससे की पोलिसिंग बेहतर करने मे मदद मिलती है.
                 मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान


दरभंगा के निवासी, मानस बिहारी वर्मा, तेजस के पूर्व कार्यक्रम निदेशक, भारत के पहले स्वदेशी बहु-भूमिका सुपरसोनिक लड़ाकू विमान को उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।.
विशेष मिथिला लोक उत्सव २०१७ - दुखी राम रसिया द्वारा मनमोहक प्रदर्शन
द्वारा : मनीष कुमार सिन्हा
                        स्वतंत्रता दिवस समारोह - 2017
   विग्रहपुर मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे जिला पदाधिकारी


28.04.2017 (पटना):विग्रहपुर मोहल्ले मे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम मे भाग लेने पहुँचे जिला पदाधिकारी डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने बच्चों को शिखा के लिए प्रोत्साहित किया. जिला पदाधिकारी की उपस्थिति ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और बच्चे काफी उत्साहित हुए.
                        बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मलेन


23.04.2017 (पटना):बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन एक ऐसी संस्था है जो समाज कल्याण की बिभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इस संस्था को दहेज़ प्रथा उन्मूलन, नशा उन्मूलन आदि बिभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्योँ में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए - महामहिम राम नाथ कोविंद ने स्थानीय बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में आयोजित बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मलेन के खुले अधिवेशन को मुख अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुआ उक्त विचार व्यक्त किये.
         महात्मा गाँधी सत्याग्रह सताब्दी वर्ष का आयोजन


गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की पहली वास्तविक प्रयोगशाला बनने का सौभागय बिहार की चम्पारण की धरती को प्राप्त है. सत्य और अहिंसा के प्रयोग को आज आचरण में उतारने की आवश्यकता है. जातीयता , धार्मिक रूढ़ियाँ, बाह्याडम्बर, क्षेत्रबाद, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही चम्पारण सत्याग्रह के सताब्दी आयोजन की सही सार्थकता होगी. - महामहिम राज्यपाल श्री राम नाथ कोविंद।