January 31, 2024

31.01.2024 (दरभंगा) : पंचायत स्तर पर छुपी हुई प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जिला स्तरीय गैर आवासीय खो-खो खेल प्रशिक्षण योजना हेतु बालक एवं बालिका (दोनों वर्ग) में अण्डर - 14 के खिलाड़ियों का चयन किया गया, ये जानकारी जिला खेल पदाधिकारी परिमल द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई। उन्होंने कहा कि नेहरू स्टेडियम, लहेरियासराय को वुशु खेल हेतु स्थल का चयन किया गया था, जिसमें 10 बालक 10 बालिका का चयन किया गया। वहीं ग्राम पंचायत राज आनंदपुर स्थित ल. म. उच्च विद्यालय खेल मैदान को खो-खो विद्या के बालक एवं बालिका वर्ग में प्रशिक्षण हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इसी स्वीकृति के आलोक में 31 जनवरी 2024 को 11:00 बजे दिन में ल.म. विद्यालय खेल मैदान, आनंदपुर, हायाघाट में बालक एवं बालिका (दोनों वर्ग) में अण्डर 14 के खिलाड़ियों का चयन प्रक्रिया आरंभ किया गया।
इस चयन प्रक्रिया के लिए दरभंगा जिला के एकलव्य प्रशिक्षण शिविर के एन.आई.एस प्रशिक्षक कुंदन कुमार, चंद्रभानु एवं तरुण प्रकाश को जिला खेल कार्यालय से अधिकृत किया गया। सर्वप्रथम शारीरिक शिक्षक, आनंदपुर आशीष कुमार द्वारा जिला खेल पदाधिकारी श्री परिमल को पाग,चादर एवं माला से सम्मानित किया गया।
जिला खेल पदाधिकारी परिमल ने चयन प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ियों को सरकार द्वारा प्राप्त होने वाली विभिन्न लाभकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया की कठिन अभ्यास से ही आज इस गाँव को यह ऊँचा स्थान प्राप्त हुआ है, इस प्रयास में कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों का फिटनेस, स्किल टेस्ट एवं खेल की कलात्मकता के आधार पर इनका चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्लस टू ल.म. उच्च विद्यालय, आनंदपुर के शिक्षक ने किया।
January 31, 2024

31.01.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन के आदेशानुसार अनुमण्डल दण्डाधिकारी, बेनीपुर शम्भू नाथ झा द्वारा आदेश पत्रक निर्गत करते हुए बताया गया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इन्टरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा का आयोजन 01 फरवरी से 12 फरवरी 2024 तक दो पाली में यथा - प्रथम पाली 09ः30 बजे पूर्वाह्न से 12ः45 बजे अपराह्न तक तथा द्वितीय पाली 02:00 बजे अपराह्न से 05ः15 बजे अपराह्न तक बेनीपुर अनुमण्डल क्षेत्र स्थित 02 परीक्षा केन्द्र यथा- अनुमण्डल डिग्री कॉलेज, बेनीपुर एवं प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, बेनीपुर में आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि उक्त परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा के स्वच्छ, शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सफलता पूर्वक संचालन कराने हेतु प्रत्येक परीक्षा तिथि को परीक्षा केन्द्र के आस-पास 200 गज की परिधि में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लगाने हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त के आलोक में परीक्षा केन्द्र पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने हेतु अनुमण्डल दण्डाधिकारी, बेनीपुर शम्भू नाथ झा द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 1973 (2) की धारा -144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त परीक्षा केन्द्र के आस-पास 200 गज की परिधि में 12 फरवरी 2024 तक निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस आदेश के तहत संबंधित परीक्षा केन्द्र के 200 गज के व्यासार्द्ध (परिधि) में शांति भंग करने के उद्देश्य से पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, आग्नेयास्त्र या अन्य घातक हथियार, विस्फोटक आदि लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। उन्होंने कहा कि 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग एवं उपयोग भी निषिद्ध किया गया है। परीक्षा केन्द्र के अन्दर परीक्षार्थी एवं परीक्षा से संबंधित अन्य सभी व्यक्ति मोबाईल फोन, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रोनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेज़र, ब्लेड, सेल्युलर फोन एवं अन्य कोई भी इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण आदि ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सुसंगत धाराओं के तहत क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह आदेश परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/आरक्षी एवं सैन्य बल के कर्मचारियों जो परीक्षा संचालन कार्य में नियुक्त हो, सरकारी अथवा प्रसाशन द्वारा निर्गत पासधारी, शवयात्रा, धार्मिक जुलूस, शादी-विवाह के कार्यक्रम में शामिल व्यक्तियों के मामले में शिथिल रहेगा।
January 31, 2024

31.01.2024 (दरभंगा) : सिविल सर्जन, दरभंगा डॉ. अनिल कुमार द्वारा बताया गया कि दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाने के लिए अभ्यर्थियों का शारीरिक जाँच 01 फरवरी से 15 फरवरी 2024 (रविवारीय अवकाश को छोड़कर) तक प्रत्येक दिन को सिविल सर्जन कार्यालय, दरभंगा में मध्याह्न 11:30 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक मेडिकल बोर्ड की बैठक निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 04 फरवरी तथा 11 फरवरी 2024 को रविवारीय अवकाश होने के कारण मेडिकल बोर्ड की बैठक आयोजित नही होगी। उन्होंने सभी संबंधित डॉक्टरों एवं पदाधिकारियों को उक्त बैठक में निश्चित रूप से भाग लेने हेतु निर्देशित किया है।
January 31, 2024

30.01.2024 (पटना) : जिला पदाधिकारी, पटना श्रीडीएमकक्ष में वायु प्रदूषण के रोक-थाम एवं नियंत्रण हेतु गठित जिला-स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। पटना शहर के परिवेशीय वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया। डीएम ने सभी संबद्ध पदाधिकारियों को पर्यावरण सुरक्षा हेतु वैज्ञानिक तरीके से एवं मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी शैक्षणिक संस्थानों सहित गाँव-गाँव में जागरूकता अभियान एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित कर लोगों को प्रोत्साहित करेंगे।
डीएम द्वारा विभिन्न विभागों यथा परिवहन, यातायात, नगर निकायों, पथ निर्माण, खनन, कृषि, प्रदूषण नियंत्रण आदि के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रति सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) को सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा।अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सबको सक्रिय रहना होगा। कार्य योजना के अनुसार वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि वायु की गुणवता में निरंतर सुधार हो। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारी द्वारा बताया गया कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार के लिए पटना नगर निगम, परिवहन, वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में नियमित अभियान चलाया जा रहा है। मिस्ट कैनन मशीन, पानी के छिड़काव, मिस्ट गन इत्यादि माध्यमों से प्रदूषण नियंत्रण हेतु कार्रवाई की जा रही है। डीएम द्वारा सभी विभागों एवं एजेंसियों के पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि कार्य योजना के अनुसार नियमित तौर पर कार्रवाई की जाए।
डीएम ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत साढ़े पाँच लाख से अधिक पौधा लगाया गया है। पूरे जिला में बड़े पैमाने पर सघन जागरूकता अभियान चलाया जाता है। अपर जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रदूषण फैलाने वालों वाहनों के विरूद्ध नियमित तौर पर कार्रवाई की जाती है। इस मामले में वर्ष 2023 तथा जनवरी, 2024 में पीयूसी फेल 1,213 वाहनों के विरुद्ध 1 करोड़ 21 लाख 30 हजार रुपया दंड लगाया गया है।
डीएम श्री शीर्षत कपिल अशोक ने जिला परिवहन पदाधिकारी को सघन अभियान चलाकर वाहनों के प्रदूषण अंडरकंट्रोल प्रमाण-पत्र की जाँच करने एवं कार्रवाई करने का निदेश दिया। ट्रैफिक लाईट के नजदीक वाहनों के परिचालन हेतु निर्धारित दिशा-निदेशों के बारे में चालकों को जागरूक करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को ओरिएन्टेशन वर्कशॉप आयोजित करने का निदेश दिया गया। अपर जिला दण्डाधिकारी (आपूर्ति) को पेट्रोल पंप का नियमित तौर पर औचक निरीक्षण कराने का निदेश दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने का निदेश दिया गया ताकि बच्चों के माध्यम से समाज में पर्यावरण सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता प्रसारित की जा सके। डीएम ने कहा कि पटना मेट्रो, पुल निर्माण निगम, बीएसआरडीसीएल एवं अन्य संबंधित एजेंसी वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें।
निर्माण कार्यों के कारण धूल तथा पार्टिकुलेट मैटर में वृद्धि को रोकने के लिए निरोधात्मक तथा उपचारात्मक कार्रवाई करें। ग्रीन कॉवर लगाकर निर्माण कार्य किया जाए। खुले में सामग्रियों का परिवहन न करें। डीएम द्वारा सभी अनुमण्डल पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि निर्माण कार्यों में संलग्न कंपनियों तथा एजेंसियों से पर्यावरण मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। उन्होंने निदेश दिया कि जो इसका उल्लंघन करते हैं उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें। डीएम द्वारा पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा अन्य निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों को निदेशित किया गया कि किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री सड़क पर खुला न छोड़ें।
जब कार्य समाप्त हो जाए तो सम्पूर्ण सामग्री संबंधित स्थल से हटा लिया जाए। डीएम ने निदेश दिया कि जो भी निर्माण सामग्री वाहनों द्वारा ढुलाई की जाती है उसे कवर कर ही ढुलाई करें। जिला परिवहन पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे वाहनों का परिचालन निर्धारित मानदंडों के अनुसार हो रहा है। मोटर यान निरीक्षकों से इसका नियमित जाँच कराने तथा उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने का निदेश दिया गया।
डीएम द्वारा महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया। फ्लाई ऐश मैनेजमेंट तथा प्रदूषण नियंत्रण हेतु एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निदेश के अनुरूप कार्य किया जाए। महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया गया कि किसी भी नए उद्योग को लाईसेंस देने से पूर्व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से नियमानुसार अनापति प्रमाण पत्र लिया जाना सुनिश्चित की जाए।
डीएम द्वारा 15वीं वित्त आयोग से प्रदूषण मद में आवंटित राशि का नियमानुसार व्यय करने तथा व्यय की गई राशि का शीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का निदेश दिया गया। डीएम ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण हेतु अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन उपायों को लागू करना जनहित में आवश्यक है। हम सभी को पर्यावरण सुरक्षा हेतु संवेदनशीलता प्रदर्शित करनी पड़ेगी।
January 29, 2024

29.01.2024 (पटना) : डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने कहा है कि नशा-मुक्ति अभियान में सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में नशा-मुक्ति अभियान से संबंधित एक-दिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यशाला में पदाधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं सिविल सोसायटी के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला का आयोजन जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पटना के तत्वाधान में किया गया था।
डीएम ने कहा कि हमारा देश युवाओं का देश है। जनसांख्यिकीय लाभांश तभी प्रभावी रह सकता है जब हम सभी खासकर हमारे युवा सकारात्मक कार्यों में संलग्न रहें। अन्यथा जनसांख्यिकीय लाभांश का रूपांतरण जनसांख्यिकीय भार में होने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य बिहार मद्य-निषेध अभियान के लिए पूरे देश में रोल मॉडल है। सम्पूर्ण बिहार राज्य में 05 अप्रैल, 2016 से पूर्ण शराबबंदी है। इसका सकारात्मक प्रभाव सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में परिलक्षित हो रहा है। डीएम ने कहा कि हमारे संविधान के भाग IV में राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांतों के तहत अनुच्छेद-47 में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि ‘सरकार शराब और दूसरे नशीले पदार्थों, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, पर रोक की दिशा में काम करेगी‘।
कार्यक्रम में डीएम द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य को नशामुक्ति से संबंधित शपथ दिलाया गया। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार शराब लगभग 200 बीमारियों को बढ़ाता है। इसके सेवन के कारण विश्वभर में एक साल में कई लाख लोगों की मृत्यु होती है। नशा के कारण युवाओं में मृत्यु दर वृद्ध लोेगों की अपेक्षा काफी अधिक है। अतः हम सबको नशामुक्ति के प्रति दृढ़ संकल्प लेने की आवश्यकता है। हमलोग नशामुक्त समाज की स्थापना की ओर अग्रसर हैं। जिला प्रशासन द्वारा नियमित तौर पर जागरूकता अभियान एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।
डीएम ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एण्ड गाईड के छात्र-छात्रा तथा नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवक उपस्थित हैं। हमारे ये सभी युवा नशामुक्ति अभियान के ब्रैंड एम्बेस्डर हैं। ये सभी गाँव-गाँव तक लोगों को जागरूक करेंगे तथा नशामुक्ति अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पटना श्रीमती स्नेहा द्वारा कार्यशाला के उद्देश्य एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि इसका प्रयोजन नशामुक्ति से बचाव, आस-पास की गतिविधियों पर ध्यान देते हुए युवाओं को उचित मार्ग दिखाना एवं जागरूकता फैलाना है।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य हेतु टॉल फ्री नम्बर 1800110031 एवं 14446 क्रियाशील है। कार्यक्रम में नशामुक्ति पर वृतचित्र दिखाया गया। नशा लोगों को कैसे दिव्यांगता की ओर ले जाती है इसके बारे में लोगों को बताया गया। डीएम ने नशामुक्ति अभियान की सफलता के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, आईसीडीएस, जीविका, कल्याण विभाग, सिविल सोसाईटी के बीच सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद स्थापित रहने से अभियान सशक्त रूप से आगे बढ़ेगा।