February 24, 2024
24.02.2024 (दरभंगा) : भाजपा विधि प्रकोष्ठ जिला ईकाई की बैठक जिला संयोजक विष्णु कांत चौधरी उर्फ सुमन जी की अध्यक्षता में शनिवार को बार एसोसिएशन भवन में हुई, इसमें 25 फ़रवरी को पटना के विद्यापति भवन में आयोजित भाजपा विधि प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश के तत्वाधान में अधिवक्ता समागम कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा की जिला से अधिक से अधिक संख्या में अधिवक्तागण उक्त कार्यक्रम में शामिल होंगे। बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक श्री चौधरी ने कहा कि अधिवक्ताओं के हक और अधिकार को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और इसके लिए सभी प्रकार की योजनाओं को कार्यान्वित करना है जो शीघ्र ही धरातल पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता सुरक्षा कानून एवं अधिवक्ता बीमा सहित अन्य मामलों पर ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में संयोजक विष्णुकांत चौधरी 'सुमन जी', संजय झा, संजीव कुमार, शिशिर कुमार झा, मनीष कुमार सिन्हा, संजीव कुमार चौधरी, पंकज कुमार ठाकुर, ऋषि कुमार ठाकुर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
February 24, 2024

24.02.2024 (पटना) : सुजनी कला बिहार और खासकर मिथिला में प्राचीन काल से प्रचलित एक प्रमुख कला शैली है, जिसमें महिलाओं की कला प्रतिभा की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की पारंपरिक कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उक्त बातें बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने ललित कला अकादमी, पटना में सुजनी कला की प्रदर्शनी 'सीबई सजइबई साथे साथ' का उद्घाटन करते हुए कहीं। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से स्वस्ति सेवा समिति, केवटा (समस्तीपुर) द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 24 से 29 फरवरी तक चलेगी। उक्त अवसर पर संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि हम आधुनिक तकनीक को जरूर अपनाएं और उसमें आगे बढ़ें परंतु हमारी जो पुरानी विरासत, हस्तकला और हस्तशिल्पें हैं, वह भी हमारे समाज की सदियों से पहचान रही है, उन्हें संरक्षित रखना हमारी जिम्मेवारी है।
सुजनी बनाने की कला में बिहार के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं काफी निपुण रही हैं। इस कला को प्रोत्साहित करने के लिए कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा स्वस्ति सेवा समिति के तत्वावधान में सुजनी कला की प्रदर्शनी का आयोजन एक अनूठा प्रयास है, इससे शहर के लोगों में भी इस उत्पाद के प्रति रुझान बढ़ेगा। स्वस्ति सेवा समिति द्वारा सुजनी कला से जुड़ी महिलाओं द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विपणन एवं उन्हें पहचान दिलाने के लिए किये जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। इस कला प्रदर्शनी में महिलाओं की जो लग्नशीलता और तन्मयता दिखती है, वह निश्चित रूप से काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उत्पाद नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं की कला के साथ-साथ उनकी भावनाओं और ममता का भी प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि सुजनी आम जन-जीवन के लिए काफी उपयोगी तथा आरामदायक होता है।
बिहार की पारंपरिक कला-संस्कृति, ग्रामीण हस्तकला और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देना और मदद करना सरकार की नीतियों में शामिल है। स्वस्ति सेवा समिति भी इस दिशा में सकारात्मक रूप से प्रयासरत है। ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से निश्चित रूप से इस कला से जुड़ी महिलाओं का संबल बढ़ेगा एवं उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के सौजन्य से इस तरह की प्रदर्शनी के आयोजन से सुजनी कला को नये कला संदर्भों से जोड़ते हुए इसे जीवंत एवं प्रासंगिक बनाये रखने तथा इससे जुड़ी महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव लाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मिथिला में कला-संस्कृति की एक समृद्ध परंपरा रही है। मिथिला की कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सौराठ (मधुबनी) में मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललित कला संग्रहालय की स्थापना हुई है, जहां मिथिला के युवा अपनी कला-संस्कृति का औपचारिक प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।
इस अवसर पर स्वस्ति सेवा समिति के अध्यक्ष उज्जवल चौधरी, अनीता चौधरी, इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, दिल्ली की प्रोफेसर डॉ0 विनीता सिंह, कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स के प्रिंसिपल डॉ0 अजय पांडे, मिथिला चित्रकला संस्थान सौराठ (मधुबनी) से आयी डॉ0 रानी झा सहित सुजनी एंब्रॉयडरी से जुड़ी कई महिलाएं एवं काफी संख्या में कला प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
February 24, 2024

24.02.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन के आदेश के आलोक में दरभंगा जिला के पाँच (05) प्रखण्डों यथा हनुमाननगर, अलीनगर, गौड़ाबौराम, किरतपुर एवं कुशेश्वरस्थान में दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाईन प्रमाणीकरण कर यू.डी.आई.डी कार्ड (UDID Card) बनाने के लिए 28 फरवरी से 12 मार्च तक शिविर का आयोजन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 01 अप्रैल 2021 से ऑफलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र मान्य नहीं किए जा रहे है, 01 अप्रैल 2021 के बाद केवल ऑनलाईन सत्यापित दिव्यांगता प्रमाण पत्र ही मान्य है। ज्ञातव्य हो कि जनगणना - 2011 के अनुसार जिला दरभंगा में कुल दिव्यांगजनों की संख्या - 70, 465 है, जिसमें 54,407 दिव्यांगता प्रमाणीकृत दिव्यांगजन है, जिनमें से 14,905 दिव्यांगजनों द्वारा अपना यू.डी.आई.डी कार्ड बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छुटे हुए दिव्यांगजनों के यू.डी.आई.डी कार्ड बनवाने के लिए 28 फरवरी से 12 मार्च 2024 तक उपर्युक्त प्रखण्डों में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 28 एवं 29 फरवरी को हनुमाननगर प्रखण्ड कार्यालय परिसर में, 01 मार्च को अलीनगर प्रखण्ड कार्यालय परिसर में, 04 एवं 05 मार्च को गौड़ाबौराम प्रखण्ड कार्यालय परिसर में, 06 एवं 07 मार्च को प्रखण्ड स्वास्थ्य केन्द्र, किरतपुर में तथा 11 एवं 12 मार्च को कुशेश्वरस्थान प्रखण्ड कार्यालय परिसर में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा।
सिविल सर्जन, दरभंगा को आयोजित होने वाली विशेष शिविर में ससमय चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने के लिए निर्देशित किया गया। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को उचित माध्यम से ऑनलाइन प्रमाणीकरण - सह - दिव्यांगता जाँच के लिए सभी दिव्यांगों को यू.डी.आई.डी के पोर्टल पर ऑनलाईन पंजीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को विशेष शिविर से संबंधित सूचना स्थानीय जन-प्रतिनिधि को अपने स्तर से देना का निर्देश दिया गया।
February 24, 2024
23.02.2024 (दरभंगा) : बहुप्रतीक्षित दोनार रेलवे गुमती समपार फाटक संख्या 25 पर आरओबी निर्माण को रेल मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है, उक्त बात की जानकारी दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने दिया। उन्होंने कहा कि 134.67 करोड़ की लागत से दोनार रेलवे गुमती पर आरओबी का निर्माण होना सुनिश्चित हो गया है। उन्होंने कहा कि इस आरओबी को लेकर वह कई वर्षों से प्रयासरत रहे है और बीते दिनों वह रेल संबंधी स्थायी समिति की बैठक इस मामले को पुरजोर ढंग से रखने का कार्य किए थे, वहीं समस्तीपुर मंडल रेल की बैठक एवं पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अनिल खंडेलवाल से मुलाकात कर दोनार आरओबी को जल्द स्वीकृति हेतु प्रक्रिया तेज करने को कहे थे। उन्होंने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात कर दोनार आरओबी निर्माण को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किए थे। जिसके पश्चात इसको स्वीकृति प्रदान किया गया है और अब दोनार आरओबी निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा शहर में अवस्थित विभिन्न रेलवे गुमती पर ओवरब्रिज निर्माण को पूर्व में ही स्वीकृति दी जा चुकी है। जिसमे 66 करोड़ की लागत से पंडासराय गुमती रेलवे समपार फाटक संख्या-18, 82 करोड़ की लागत से चट्टी चौक रेलवे समपार फाटक संख्या - 21,61 करोड़ की लागत से दिल्ली मोड़ रेलवे समपार फाटक संख्या - 2 पर 61, 127 करोड़ की लागत से कंगवा गुमती रेलवे समपार फाटक संख्या - 28 एवं बेला रेलवे समपार फाटक संख्या - 01 पर आरओबी निर्माण शामिल है और 26 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी जी द्वारा सभी आरओबी का शिलान्यास होना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि 5.23 करोड़ की लागत से लहेरियासराय स्टेशन पर लो कास्ट ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है एवं 8.98 करोड़ की लागत से म्यूजियम गुमती पर लाइट आरओबी का निर्माण को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी रेलवे गुमती पर आरओबी बन जाने के पश्चात लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी और दरभंगा के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल जाएगी।
February 24, 2024

23.02.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में भूमि विवाद एवं विधि व्यवस्था के मामले का ससमय सुनवाई कर निपटारा करने को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि भूमि विवाद के सभी मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने भूमि विवाद के संबंध में कहा कि प्रोफाइल (पोर्टल) को ठीक से बनावें, जिससे भूमि विवाद के मामले को निष्पादन करने में कोई कठिनाई न हो।
लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी मतदान केन्द्रों की समीक्षा कर लें, मतदान के दिन किसी प्रकार का तनाव नहीं हो, सभी मतदाता निर्भीक होकर अपना-अपना मतदान करें। इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा व्यापक व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अवैध हथियार रखने वाले को चिन्हित करें। उन्होंने विधि व्यवस्था के संबंध में बताया कि पिछले 05 वर्ष में अपराधियों की गतिविधि पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सभी मतदाता भायमुक्त वातावरण में अपना मतदान करें, मतदान में व्यवधान उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मतदाताओं को डराने, धमकाने वाले लोगों पर भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में जिन मतदान केन्द्रों पर न्यूनतम मतदान हुआ है, वहाँ शत-प्रतिशत मतदान के लिए संबंधित पदाधिकारी के द्वारा गोद लिया जाएगा।
इसके लिए स्वीप दूत का गठन किया जाएगा, जो मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। सर्वाधिक मतदान करने वाले स्वीप दूत को जिला प्रशासन के द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। एफ.एस.टी और एस.एस.टी के संबंध में भी पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिया गया। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने सभी थाना प्रभारी को 107 की कार्रवाई ठीक से करने के निर्देश दिए। सभी लंबित मामले को स-समय निष्पादित करने को कहा। उन्होंने सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि असामाजिक तत्वों पर 107 की कार्रवाई अवश्य करें।
मतदाताओं को मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराये। घटनास्थल पर पहुंचकर विधि व्यवस्था का संद्यारण करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में अपर समाहर्त्ता (राजस्व) नीरज कुमार दास, अपर समाहर्त्ता (विधि व्यवस्था) राकेश कुमार रंजन, उप निदेशक जन-सम्पर्क सत्येंद्र प्रसाद एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।