February 28, 2024

28.02.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कबीर अन्तयेष्ठि अनुदान योजना के सुचारू कार्यान्वयन एवं लाभुकों को त्वरित एवं पारदर्शी भुगतान हेतु अधिसूचना संख्या - 2010 दिनांक - 27 अगस्त 2014 की कंडिका - 6 कुछ संशोधन किये गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत के खाता में 05 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 15 हजार रुपये, प्रत्येक नगर पंचायत के खाता में 10 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 30 हजार रुपये, नगर परिषद के खाता में 20 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 60 हजार रुपये तथा नगर निगम के खाता में 30 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 90 हजार रुपये वन टाइम स्टैंडिंग एडवांस उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त राशि से स्वीकृत लाभुकों को भुगतान कर ई-सुविधा पोर्टल पर इन्ट्री संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव एवं नगर निकाय में डी.ई.ओ लॉगिन से की जाएगी। तत्पश्चात पंचायत सचिव के लॉगिन से इंट्री के उपरांत उसे प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को हस्तांतरित किया जाएगा। बी.डी.ओ द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों को सत्यापित करते हुए सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को हस्तांतरित किया जाएगा। इसी प्रकार नगर निगम से में डीईओ लॉगिन से भुगतान किए गए लाभुकों का इंट्री करते हुए नगर आयुक्त/ नगर कार्यपालक पदाधिकारी/ अपर नगर आयुक्त के लॉगिन में हस्तांतरित करेंगे, तत्पश्चात उनके द्वारा अपने लॉगिन में प्राप्त सभी आवेदनों को सत्यापित करते हुए सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के लॉगिन में हस्तांतरित किया जाएगा। सहायक निदेशक सत्यापनोपरन्त के आधार पर डीबीटी कोषांग से प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा प्रतिदिन राशि प्रतिपूर्ति संबंधित पंचायत/नगर निकाय के बैंक खाता में स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पुअर एंड सोशल वेलफेयर सक्षम द्वारा संचालित इस योजना के खाता से की जाएगी।
योजना का लाभ प्रदान करने हेतु मृत्यु प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, परंतु विभाग के द्वारा उपलब्ध कराए गए विहित प्रपत्र में डाटा अपलोड करना आवश्यक है। इसके अतरिक्त योजना अंतर्गत भुगतान की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर नियमित रूप से जाँच किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत सचिव द्वारा पंचायत के सभी लाभुक या अधिकतम 15 लाभुकों रेंडम जांच करते हुए प्रतिदिन प्रखंड विकास पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। वही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी नगर निकाय के नोडल पदाधिकारी द्वारा प्रतिमाह कम से कम 15 लाभुक का रेंडम जाँच करते हुए प्रखंड/ नगर निकाय का समेकित प्रतिवेदन सहायक निदेशक को उपलब्ध कराएंगे।
सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा प्रतिमाह 15 लाभुकों का रेंडम जाँच करते हुए जिला स्तर का समेकित प्रतिवेदन निदेशालय को प्रति उपलब्ध कराया जाएगा। सभी संबंधित पदाधिकारी/कर्मी द्वारा उपर्युक्त निदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे।
February 28, 2024

28.02.2024 (दरभंगा) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी के निर्देश पर उपकारा, बेनीपुर का निरीक्षण अवर न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम उन्होंने बारी-बारी से महिला एवं पुरुष वार्डो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में जहाँ-जहाँ भी त्रुटि पाई गई, उसे संबंधित पदाधिकारी को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिया गया।
अवर न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने जेल विजीटिंग अधिवक्ता विनय कुमार झा से कहा कि अविलंब जुवेनाइल बंदियों का चयन कर विधिक सेवा के लिए आवेदन करें।तत्पश्चात उन्होंने रसोई घर,अस्पताल एवं शिक्षालय का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शिक्षालय में अशिक्षित बंदियों को प्रतिनियुक्त शिक्षक द्वारा पढ़ाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कारा की कुल क्षमता 332 पुरुष बंदी एवं 15 महिला बंदियों को रखने का है । इस अवसर पर जेल विजीटिंग अधिवक्ता राजनाथ यादव, प्राधिकार सहायक कुमार गौरव, ऋतिक, अरविंद आदि उपस्थित थे।
February 28, 2024

28.02.2024 (दरभंगा) : राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, दरभंगा के प्रशिणार्थियों को भारतीय सेना में भर्ती के लिए आवश्यक जानकारी हेतु महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, दरभंगा के प्रेक्षागृह में सेमिनार का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम सेमिनार का उद्घाटन ए.आर.ओ, मुजफ्फरपुर अरूण कुमार एवं प्राचार्य राज कुमार ठाकुर द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्राचार्य श्री ठाकुर द्वारा प्रशिक्षणर्थियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार प्राप्त करने हेतु कुशल विशेषज्ञों द्वारा सही जानकारी आप तक पहुँचाते है, इसका लाभ उठाकर आप सभी लाभान्वित हो तथा राष्ट्र सेवा में आपका योगदान दें। इसके लिए समय-समय पर इस तरह का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
ए.आर.ओ (Army Recruiting Officer), मुजफ्फरपुर अरुण कुमार द्वारा अग्नीवीर योजना के बारे मे उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को विस्तार से बताया गया तथा प्रशिक्षणर्थियों को श्री कुमार द्वारा यह भी कहा गया की आप कुछ भी करने से पहले वर्तमान में ले रहे प्रशिक्षण को अच्छी तरह प्राप्त करें तथा अपने ज्ञान भंडार को बढ़ायें। उपर्युक्त सेमिनार का संचालन अनुदेशक संजय कुमार के द्वारा किया गया तथा प्रशिक्षणर्थियों को बताया गया कि शिक्षा जिस किसी भी प्रकार का मिले हमें ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पता नहीं जिन्दगीं में कब किस तकनीकी कि आवश्यकता आ जाए। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणर्थियों से अग्नीवीर के लिए किये जाने वाले आवेदन मे I.T.I. पास प्रशिक्षणर्थियों को दी जानेवाली अधिमानता की जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने प्रशिक्षणर्थियों को यह भी बताया की अग्नीवीर में आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 मार्च 2024 तक ही है, इससे पूर्व ही इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन कर लें। हवलदार (लिपिक) रघुवर जी, सेना भर्ती कार्यालय मुजफ्फरपुर द्वारा बताया गया कि अग्निवीर योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की विशेष जानकारी प्राप्त करनी हो तो सेना भर्ती कार्यालय, सेना पारिस्थितिक पार्क और प्रशिक्षण क्षेत्र, मुजफ्फरपुर में आकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में गठित कमिटी के सदस्य सुजित कुमार, मोनु झा, रीना कुमारी, मनोरंजन पाठक एवं राकेश कुमार झा ने अपना योगदान दिया। उक्त अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षणर्थियों के साथ ही ग्रुप अनुदेशक फिरोज आलम, दिनेश चौधरी एवं अनुदेशक अनिल कुमार, गौड़ी शंकर यादव, सुजित कुमार, रवि कुमार के साथ-साथ संस्थान के सभी कर्मी उपस्थित थे।
February 28, 2024

27.02.2024 (दरभंगा) : सिविल कोर्ट में राजद अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद सिंह व प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुशवाहा ने अधिवक्ताओं से मुलाकात की। प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुभाष महतो की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने तीन मार्च को पटना में प्रस्तावित रैली में ज्यादा से ज्यादा अधिवक्ताओं से शामिल होने की अपील की। इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर, विनोदानंद चौधरी, धीरज यादव, धीरज कुमार आदि
उपस्थित थे।
February 28, 2024

27.02.2024 (दरभंगा) : जीविका दीदी पूरे आत्मविश्वास के साथ लोगों के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि जीविका के प्रशिक्षण और सहयोग से आज वे स्वास्थ्य उपकरणों को सफलता पूर्वक संचालित कर लोगों को उनके स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से अवगत करा रही हैं। दरभंगा जीविका द्वारा जिले की चयनित 180 सामुदायिक स्वास्थ्य एवं पोषण संसाधन सेवियों (सीएनआरपी) दीदियों को प्रशिक्षित कर, उन्हें इस तरह बना दिया गया है कि अब वे स्वास्थ्य जाँच जैसी गतिविधियों में संलग्न हैं। प्रशिक्षण के दौरान सीएनआरपी को हेल्थ किट से शुगर, ब्लड प्रेशर, वजन आदि की जाँच के संबंध में जानकारी दी गई। सभी सीएनआरपी को कई प्रकार का स्वास्थ्य उपकरण जीविका द्वारा उपलब्ध करवाया गया है, स्वास्थ्य उपकरणों में डिजिटल बीपी मशीन, डिजिटल थर्मामीटर, वेयिंग मशीन, वेपिंग मशीन फॉर एडल्ट इंफेंटोमीटर, स्टीरियो मीटर, इंच टेप एवं ग्लूकोमीटर आदि प्रमुख है।
सभी मशीनों का उपयोग सीएनआरपी दीदियों द्वारा खुद किया जा रहा है। दरभंगा जिले अंतर्गत 225 पंचायत में अभी ये सुविधा मुहैया करवाई जा रही है, इससे लोगों को काफी राहत मिली है। डीपीएम जीविका डॉ.ऋचा गार्गी ने जानकारी देते हुए बताया कि दरभंगा जिले में जीविका दीदियां महिलाओं एवं बच्चों की सेहत का ख़्याल रख रही हैं। सीएनआरपी दीदियां महिलाओं एवं बच्चों की प्राथमिक स्वास्थ्य जाँच जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर, आदि की जाँच करेंगी असामान्य परिणाम आने पर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह देंगी या टेलीमेडिसिन के माध्यम से उचित परामर्श दिलाएंगी। उनके बच्चों के वजन, ऊंचाई आदि मापकर कुपोषण की स्थिति भी जाँचेंगी।
स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता विषय के युवा पेशेवर रिंकू ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सीएनआरपी द्वारा इन जाँचों से महिलाओं को गैर संचारी बीमारियों की जानकारी शुरुआत में ही मिल पाने से जल्द निजात मिल पायेगा। यंत्रों के उपयोग के लिए लाभार्थियों से मामूली शुल्क वजन के लिए मात्र दो रुपये तथा बीपी जाँच के लिए मात्र पाँच रूपये लिया जा रहा है। सीएनआरपी अपने लक्षित क्षेत्रों में जीविका दीदी एवं उनके परिजनों के साथ आम लोगों को स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता से संबंधित जानकारियों से अवगत करा रही हैं।
रिंकू ने यह भी बताया कि आवश्यकता के अनुसार रक्तचाप एवं ऊंचाई के हिसाब से वजन की माप भी करेगी। दीदियों द्वारा खानपान, गर्भावस्था के पूर्व, दौरान एवं बाद की जाँच, पाँच खाद्य समूह आदि के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। जाँच के बाद आवश्यकता होने पर दीदियों को स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। जीविका के इस पहल से लोगों को न्यूनतम खर्च पर घर बेठे जाँच की सुविधा मिल जाएगी। वे बीमारियों की गंभीरता के चपेट में आने के साथ कुपोषण आदि से भी बच सकेंगे।