March 01, 2024

01.03.2024 (दरभंगा) : लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के लिए प्रतिनियुक्त किए गए सभी सेक्टर पदाधिकारी एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारीयों को लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त सम्पन्न करवाने हेतु दरभंगा प्रेक्षागृह में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी राजीव रौशन व एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दरभंगा ने कहा कि चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सेक्टर पदाधिकारी निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी मतदान केन्द्रों पर आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के सुनिश्चित न्यूनतम सुविधा सुनिश्चित कराने को सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को सभी मतदान केदो पर यथा-पानी, बिजली, बल्ब, पंखा, शौचालय, रैम्प, शेड, व्हीलचेयर एवं चार्जिंग के लिए एक्सटेंशन बोर्ड व्यवस्था शामिल है, को दुरुस्त करवा लेने का निर्देश दिया। उन्होंने सेक्टर पदाधिकारी को अपने क्षेत्र के भेद्यता की मैपिंग करने का निर्देश दिया तथा क्षेत्र के सभी मतदान केन्द्रों के रूट से भली भांति परिचित होना है। उन्होंने कहा कि विगत चुनाव का इतिहास में व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्व की जानकारी लेना है और इसका प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराना होता है ताकि तदनुसार विधि व्यवस्था की कार्रवाई की जा सके।
मतदान तिथि के एक दिन पूर्व रात्रि में यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी मतदान केन्द्रों पर सभी मतदान कर्मी, पीठासीन पदाधिकारी एवं पुलिस बल पहुंच चुके हैं। साथ ही मतदान तिथि को प्रातः से ही सभी पीठासीन पदाधिकारी को मॉक पोल के लिए तैयार करवाना है। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्र पर ईवीएम कार्यरत रहे यह सुनिश्चित करना होता है। मॉक पॉल के उपरांत मॉक पॉल का डिलीट करवा कर वीवीपैट से मॉक पोल की पर्ची हटाकर स-समय मतदान प्रारंभ करवाना सुनिश्चित करना है। मॉक पॉल के पहले एवं बाद में ईवीएम के किसी पार्ट को बदलने की आवश्यकता पड़ती है तो सुरक्षित ईवीएम भी सेक्टर पदाधिकारी के पास ही रहता है और जल्द से जल्द ईवीएम का वह पार्ट या पूरा ईवीएम बदलना होता है, इसकी जानकारी भी आवश्यक है।
साथ ही ईवीएम को चार वर्ग में वर्गीकृत क्रमशः ए,बी,सी,डी में किया जाता है, इसकी जानकारी अपेक्षित है।मतदान शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान कर सारे वैधानिक(स्टेचुरी), अवैधानिक (नन स्टेचुरी) पैकेट की तैयारी करवाते हुए ईवीएम के साथ बज्रगृह तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेवारी सेक्टर पदाधिकारी की है, इसलिए सेक्टर पदाधिकारी का दायित्व सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिसूचना जारी होने से लेकर मतदान संपन्न होने तक आपके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो यह सुनिश्चित करवाना भी सेक्टर पदाधिकारी की जिम्मेवारी है।
आयोग द्वारा हैंडबुक उपलब्ध कराया गया है जिसे पूरी गंभीरता के साथ अध्ययन किया जाए तथा ईवीएम के कार्य प्रणाली की भी जानकारी अच्छी तरह से प्राप्त कर लें, ताकि मतदान के दौरान छोटी-मोटी तकनीकी समस्या का निदान आपके द्वारा तुरंत किया जा सके।
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 एवं सीसीए के तहत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश सभी सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को दिया।
बैठक में नगर आयुक्त कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त चित्रगुप्त कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बेनीपुर शंभू नाथ झा, उप निदेशक जन-संपर्क सत्येंद्र प्रसाद, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेश कुमार, सभी सेक्टर अधिकारी, सेक्टर पुलिस अधिकारी प्रखंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित थे।
March 01, 2024

01.03.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा आदेश जारी करते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उदेश्य से पूर्व से ही कार्यान्वित वर्ष 2011 के सामाजिक आर्थिक आधारित (SECC) सर्वेक्षण आधारित सूची के अनुसार निर्गत आयुष्मान भारत कार्ड अतिरिक्त शेष बचे लाभार्थियों को आच्छादित करने के उद्देश्यय से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की सूची से अवशेष बचे लाभुकों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना/मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ना है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग,बिहार सरकार द्वारा जारी पत्र के निर्देश के आलोक में आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रारम्भ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के पूर्ववर्ती संकल्प के द्वारा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की स्वीकृति प्रदत है। इस योजना अंतर्गत राष्ट्रीष्य खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थी परिवार जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थी नहीं है को प्रति परिवार प्रति वर्ष पाँच लाख रूपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा एक राशन कार्ड अंतर्गत आधार सीडेड सदस्यों को प्रदान करने की स्वीकृति दी गयी है। इस योजना (मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना) को एस्योरेंस मोड में संचालित कराने का निर्णय लिया गया है।
इस विशेष अभियान में राज्य के सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों पर शिविर लगाकर Common Service Centre (CSC) के Village Level Entrepreneurs (VLE's) के माध्यम से कार्ड का निर्णय किया जायेगा। विशेष अभियान हेतु प्रखंड स्तर पर की जाने वाली गतिविधियों निम्न प्रकार होगी-शिविर में व्यवस्थाएँ, पात्र लाभार्थियों के बैठने की व्यवस्था। VLE's के लैपटैप/प्रिंटर/बायोमैट्रिक मशीन एवं एंड्रायड मोबाईल, विद्युत की सुविधा के साथ बैठने की व्यवस्था हो। शिविर के आयोजन हेतु आवश्यक मानव बल की उपलब्धता CSE के VLE's को सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों के साथ टैग किया जाना। VLE's की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में पंचायती राज विभाग अंतर्गत पंचायत स्तर पर कार्यरत पंचायत राज कार्यपालक सहायक (PREA) की सेवा ली जायेगी।
उन्होंने कहा कि विशेष अभियान में सर्वोत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन प्रखंड के संबंधित पदाधिकारी को पारितोषिक/प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा। विशेष अभियान का प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया हैं। प्रखंड स्तर पर दैनिक अनुश्रवण हेतु प्रखंड स्तरीय कार्यरत कर्मी पंचायत के नोडल पदाधिकारी/प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अधीनस्थ कर्मी (स्वास्थ्य विभाग के सभी कमी)/बाल विकास परियोजना पदाधिकारी/प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी/नगर आपूर्ति पदाधिकारी, शहरी क्षेत्र/प्रखंड परियोजना प्रबंधक (जीविका) एवं अन्य संबंधित सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को सहयोग हेतु सभी तैयारी स-समय पूर्व सुनिश्चित करेंगें। कार्ड निर्माण एवं वितरण शिविर के दौरान निर्मित कार्य 07 दिनों के बाद जन वितरण प्रणाली दुकान पर ही किया जायेगा।उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य में सामाजिक आर्थिक जातिय जनगणना 2011 डाटा में Untraceable परिवारों को Non-Beneficiary परिवारों को टैग करने हेतु निर्देश दिया गया है। टैग करने हेतु लाभार्थियों की सूची किसी आधार सीडेड डाटा बेस से ही लिया जाना है।
SECC के ऐसे पात्र लाभार्थी परिवार जिनका सत्यापन करने में आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही हो ऐसे Untraceable परिवारों को Non-SECC Beneficiary परिवारों से टैग किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा पूर्ण रूप से पोषित योजना यथा-आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ समन्वय कर संचालित करने का निर्णय लिया गया है। भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत जन आयोग्य योजना के तहत राज्य के लक्ष्य में तदनुकुल वृद्धि करते हुए अच्छादित करने की स्वीकृति दी गयी है। राज्य सरकार के संकल्प के आलोक में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) अंतर्गत अच्छादित कुल दरभंगा जिला अंतर्गत पारिवारिक सदस्यों (अद्यतन 36,98,079) मानते हुए पात्र राशन कार्डधारी परिवारों (अद्यतन 7,78,322) को आच्छादित करने का आदेश दिया गया है।
इस क्रम में यह अपेक्षित हो जाता है कि बढ़े हुए लक्ष्य की पूर्ति हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची का ही उपयोग किया जाए। विदित हो कि जो परिवार आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थी नहीं थे को आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सम्मिलित कर लिया गया है। दोनो योजनाओं यथा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आच्छादित लाभुकों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ देय नहीं होगा। जिलों में 02 मार्च 2024 से सभी जन वितरण प्रणाली (PDS) के विक्रय केन्द्रों माध्यम से योजना के लक्ष्य प्राप्ति होने तक प्रतिदिन कैम्प मोड में कार्य किया जाना है। सिविल सर्जन, दरभंगा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, दरभंगा (ICDS) एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, दरभंगा (जीविका) को आदेश दिया गया कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार अपने अधीनस्थ प्रखंड स्तर/पंचायत स्तर के कर्मी के माध्यम से कराना सुनिश्चित करेंगे।
सिविल सर्जन, दरभंगा को उक्त कार्य हेतु स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य के लिए उन्हें नोडल पदाधिकारी नामित करते हुए निदेश दिया जाता है कि वे इस कार्य में अपने अधीनस्थ सभी पदाधिकारी/कर्मी यथा आशा, आशा फैसलेटर आदि के सहयोग लेंगे एवं प्रखंड एवं जिला स्तर पर एबी एंड पीएमजेएवाई एवं एमएम एंड जेएवाई से संबधित बैनर एवं पोस्टर का अधिष्ठापन,माईक से प्रचार-प्रसार जन वितरण प्रणाली पर एवं उपर्युक्त योजना से संबंधित पम्पलेट एवं जिले में सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची का वितरण पात्र लाभुकों को करवाना सुनिश्चित करेंगे।
इस योजना के सुगम संचालन हेतु जिलास्तर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा को नोडल पदाधिका के रूप में नामित किया गया है तथा अपने अधीनस्थ सभी पदाधिकारी/कर्मी का सहयोग लेंगे। जिले के सभी पीडीएस केन्द्रों पर 02 मार्च से 08 मार्च 2024 तक विशेष अभियान चलाकर प्रातः 08:00 बजे से 04:00 बजे अपराह्न तक कार्ड बनाने का कार्य किया जायेगा। आयुष्मान कार्ड निःशुल्क बनाया जाएगा, इस कार्य में किसी की के द्वारा लापरवाही बरतने को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।
March 01, 2024
01.03.2024 (दरभंगा) : सदर अनुमंडल के बहादुरपुर थाना अंतर्गत दिनांक 29.02.24 को डायल 112 की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि छोटी एकमी में एक निर्माणाधीन भवन में कुछ विस्फोट हुआ है। प्राप्त सूचना पर सिटी एसपी, एसडीपीओ सदर, SHO लहेरियासराय, SHO बहादुरपुर, गश्ती दल पदाधिकारी स०अ०नि० राजकिशोर सिंह बहादुरपुर थाना, अन्य पदाधिकारी एवं डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची तो घटनास्थल से सात जिन्दा बम एवं विस्फोट हुए बम का अवशेष एक निर्माणाधीन भवन से बरामद किया गया।। घटना के सम्बन्ध में बहादुरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
March 01, 2024

29.02.2024 (दरभंगा) : बिहार पुलिस सप्ताह 2024 के शुभ अवसर पर पुलिस केंद्र में रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे दरभंगा जिला के विभिन्न थानों से कुल 69 पुलिस के जवानों द्वारा रक्त दान किया गया। इस अवसर पर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कहा की जिला में सभी पुलिस बल, सिपाही से लेकर सीनियर ऑफिसर तक को मोटीवेट किया गया है रिक्वेस्ट किया गया है की पुब्लिक के लिए हम लोग ब्लड डोनेट करे, सहयोग करें व सेवा भी करें।
February 28, 2024

28.02.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कबीर अन्तयेष्ठि अनुदान योजना के सुचारू कार्यान्वयन एवं लाभुकों को त्वरित एवं पारदर्शी भुगतान हेतु अधिसूचना संख्या - 2010 दिनांक - 27 अगस्त 2014 की कंडिका - 6 कुछ संशोधन किये गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत के खाता में 05 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 15 हजार रुपये, प्रत्येक नगर पंचायत के खाता में 10 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 30 हजार रुपये, नगर परिषद के खाता में 20 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 60 हजार रुपये तथा नगर निगम के खाता में 30 लाभुकों हेतु 3,000 रुपये की दर से 90 हजार रुपये वन टाइम स्टैंडिंग एडवांस उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त राशि से स्वीकृत लाभुकों को भुगतान कर ई-सुविधा पोर्टल पर इन्ट्री संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव एवं नगर निकाय में डी.ई.ओ लॉगिन से की जाएगी। तत्पश्चात पंचायत सचिव के लॉगिन से इंट्री के उपरांत उसे प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को हस्तांतरित किया जाएगा। बी.डी.ओ द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों को सत्यापित करते हुए सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को हस्तांतरित किया जाएगा। इसी प्रकार नगर निगम से में डीईओ लॉगिन से भुगतान किए गए लाभुकों का इंट्री करते हुए नगर आयुक्त/ नगर कार्यपालक पदाधिकारी/ अपर नगर आयुक्त के लॉगिन में हस्तांतरित करेंगे, तत्पश्चात उनके द्वारा अपने लॉगिन में प्राप्त सभी आवेदनों को सत्यापित करते हुए सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के लॉगिन में हस्तांतरित किया जाएगा। सहायक निदेशक सत्यापनोपरन्त के आधार पर डीबीटी कोषांग से प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा प्रतिदिन राशि प्रतिपूर्ति संबंधित पंचायत/नगर निकाय के बैंक खाता में स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पुअर एंड सोशल वेलफेयर सक्षम द्वारा संचालित इस योजना के खाता से की जाएगी।
योजना का लाभ प्रदान करने हेतु मृत्यु प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, परंतु विभाग के द्वारा उपलब्ध कराए गए विहित प्रपत्र में डाटा अपलोड करना आवश्यक है। इसके अतरिक्त योजना अंतर्गत भुगतान की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर नियमित रूप से जाँच किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत सचिव द्वारा पंचायत के सभी लाभुक या अधिकतम 15 लाभुकों रेंडम जांच करते हुए प्रतिदिन प्रखंड विकास पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। वही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी नगर निकाय के नोडल पदाधिकारी द्वारा प्रतिमाह कम से कम 15 लाभुक का रेंडम जाँच करते हुए प्रखंड/ नगर निकाय का समेकित प्रतिवेदन सहायक निदेशक को उपलब्ध कराएंगे।
सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा प्रतिमाह 15 लाभुकों का रेंडम जाँच करते हुए जिला स्तर का समेकित प्रतिवेदन निदेशालय को प्रति उपलब्ध कराया जाएगा। सभी संबंधित पदाधिकारी/कर्मी द्वारा उपर्युक्त निदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करेंगे।