April 06, 2024

06.04.2024 (दरभंगा) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, दरभंगा, राजीव रौशन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 के अवसर पर राजनैतिक दल के सदस्य/अभ्यर्थी जिले में कार्यरत एकल खिड़की कोषांग में सभा/रैली/जुलूस करने की अनुमति के लिए विहित प्रपत्र में आवेदन समर्पित करेंगे, जिसमें सभा में प्रचार करने वालों की संख्या, लोगों की भीड़, सभा स्थल का विवरण एवं अवधि अंकित करना होगा।
रैली/जुलूस के मामलों में भी लोगों की संख्या व अवधि अंकित करना होगा। यदि सभा स्थल विद्यालय, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय आदि में हो, तो संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अथवा अन्य प्राधिकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवेदन के साथ समर्पित किया जाएगा, जिसमें सभा से शैक्षणिक कार्य उक्त तिथि को प्रभावित नहीं होना आदि अंकित हो। उन्होंने कहा कि यदि सभा स्थल हेतु स्थल निजी हो, तो संबंधित भूमि मालिक का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न की जाएगी, जिसमें यह अंकित होना अनिवार्य है कि प्रस्तावित स्थल पर उक्त तिथि एवं समय को उनके द्वारा पूर्व में किन्हीं और को अनापत्ति नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि रैली/जुलूस के आयोजक को रैली में प्रयुक्त होने वाले वाहनों की संख्या एवं वाहनों का प्रकार आवेदन में अंकित किया जाएगा, जिसमें वाहनों का निबंधन प्रमाण पत्र, चालक अनुज्ञप्ति एवं वाहन के बीमा से संबंधित कागजात निश्चित रूप से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आयोजक पर मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का दृढ़तापूर्वक पालन करने/कराने की जिम्मेवारी होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य संबंधित विभागों से अनापत्ति एकल खिड़की कोषांग द्वारा प्राप्त की जाएगी।
April 05, 2024

05.04.2024 (दरभंगा) : दरभंगा के तेज तर्रार एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी के द्वारा बहादुरपुर थाना एवं पुलिस निरीक्षक का कार्यालय, सदर दरभंगा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में निम्न पंजियों क्रमश आगन्तुक पंजी, लोक शिकायत पंजी, केश डायरी, वारंट/इश्तिहार/कूर्की पंजियों का अवलोकन किया गया एवं अवलोकनोंपरांत निम्न दिशा निर्देश दिए गए। बहादुरपुर थाना के प्रतिवेदित कांडो का अनुसंधान की समीक्षा की गई तथा CCTNS थाना सिरिस्ता संबंधित कार्यो की समीक्षा की गयी। एसएसपी ने पंजी संधारण के बिंदु पर कतिपय निर्देश दिए व लंबित काडो का त्वरित निष्पादन हेतु निर्देश दिया। उन्होंने लोकसभा आम चुनाव-2024 को शांतिपूर्ण, स्वच्छ, भयमुक्त कराने हेतू असमाजिक तत्वों पर निगरानी एवं आवश्यक विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
April 05, 2024

05.04.2024 (पटना) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी- सह- जिलाधिकारी, पटना, शीर्षत कपिल अशोक के निदेश पर लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए पूरे ज़िला में सघन मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीएम के निर्देश के अनुसार नॉक-द-डोर अभियान पूरे जिला में वृहत रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वीप कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों द्वारा शत-प्रतिशत घरों में जाकर 100% मतदाताओं से संपर्क करके उन्हें बूथ के बारे में जानकारी दिया जाए तथा मतदान के दिन वोट करने हेतु प्रेरित भी किया जाये।
आज स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे जिला में अधिकारियों ने मतदाताओं को विभिन्न माध्यमों से मतदान हेतु जागरूक किया। इसी कड़ी में आज आईसीडीएस की सेविकाओं ने अपने पोषक क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम के बारे में जानकारी दी, उन्हें उनके बूथ के बारे में बताया तथा मतदान हेतु जागरूक किया। साथ ही साथ 'मेरा वोट, मेरा अभिमान' जैसे नारों के साथ मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन करके महिलाओं एवं उनके माध्यम से सभी को मतदान करने हेतु प्रेरित किया। वहीं जीविका दीदियों ने भी वृहत रूप से नॉक-द-डोर अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने अपने सामुदायिक संगठनों के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के युवा, महिलाओं एवं अन्य मतदातागण को मतदान हेतु शपथ दिलाया तथा उन्हें उनके बूथ के बारे में जानकारी दी। इसके साथ रस्सा-कशी व रस्सी कूद खेलों के माध्यम से भी जीविका की दीदियों के द्वारा मतदाताओं को जागरुक किया जा रहा है। बूथ लेवल ऑफिसर्स भी घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदाता सूची एवं उनके बूथ के बारे में जानकारी दे रहे हैं। कल्याण विभाग से विकास मित्रों के द्वारा भेद्य टोला में हर घर दस्तक देकर लोगों को मतदान हेतु प्रेरित किया जा रहा है एवं उन्हें उनके मतदाता सूची में नाम तथा बूथ की जानकारी दी जा रही है।
वहीं कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा भी ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर मतदाताओं को चुनाव के दिन मतदान हेतु जागरूक किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में पहले के चुनाव की अपेक्षा मतदान प्रतिशत काफ़ी बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी Knock-the-Door अभियान सघन रूप से चला रहे हैं। पीडीएस एवं आईसीडीएस का आधार विस्तृत होने के कारण ज़िला प्रशासन द्वारा उनके साथ भी सघन स्वीप गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि यदि पहचान पत्र से किसी निर्वाचक की पहचान स्थापित हो जाती है तो अधिकारियों को मतदाता पहचान पत्र की सामान्य त्रुटियों को नजरअंदाज करना चाहिए। मतदाता सूची में शामिल कोई भी मतदाता मतदान के अपने अधिकार से वंचित न हो।भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुसार लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 हेतु मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाताओं द्वारा *निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) या निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी भी दस्तावेज को दिखाया जा सकता हैः-
1. आधार कार्ड, 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक/डाकघरों द्वारा जारी की गयी फोटोयुक्त पासबुक 4. श्रम मन्त्रालय योजना अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड 5. ड्राईविंग लाईसेंस 6. पैन कार्ड 7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अन्तर्गत भारत के महारजिस्ट्रार (आरजीआई) द्वारा निर्गत स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेन्शन दस्तावेज 10. केन्द्रीय/राज्य सरकार/ पीएसयू/ पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किया गया फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र 11. सांसदों/विधायकों/विधान पार्षदों को जारी किये गये आधिकारिक पहचान पत्र 12. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र-यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी)।
डीएम ने कहा कि सहभागितापूर्ण वातावरण में लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। सुगम, सहज, सुरक्षित एवं समावेशी चुनाव कराने के लिए सभी कदम उठाया जा रहा है। मतदाता मतदान करने के लिए कोई भी एक मान्य पहचान दस्तावेज़/ आईडी प्रूफ़ लेकर मतदान केन्द्र पर आएँ। उन्हें हर सुविधा प्राप्त होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर आश्वस्त न्यूनतम सुविधाएं को सुनिश्चित किया जा रहा है। मतदान केन्द्रों पर रैम्प, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत, साईनेज, हेल्पडेस्क आदि की व्यवस्था रहेगी।
डीएम ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और वरिष्ठ मतदाताओं की जरूरतों के प्रति प्रशासन जागरूक एवं सतर्क है और उनके लिए सुलभ चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मतदान में प्राथमिकता, ग्राउंड फ्लोर पर पोलिंग स्टेशन, रैंप जैसी बुनियादी सुविधाएं रहेगी। साथ ही वैकल्पिक होम वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। डीएम ने कहा कि सम्पूर्ण पटना जिला में आयोग के निदेशों के अनुसार तेजी से तैयारी चल रही है। हमलोग पूरी तन्मयता से कार्य कर रहे हैं। हम लोकतंत्र के इस उत्सव को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी निर्वाचकों से अपील है कि वे वोट जरूर दें। इससे हमारा समृद्ध लोकतंत्र और प्रस्फुटित होगा तथा इसे नया आयाम मिलेगा।
“जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार बहुमूल्य है एवं इस अधिकार का प्रयोग एक नागरिक के लिए अत्यावश्यक है। चुनाव में उच्च मतदान प्रतिशत हमारे प्रजातंत्र को एक नया आयाम देगा। डीएम ने लोकतंत्र के इस महापर्व में नागरिकों से भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि मतदान की तिथि को अपने-अपने बूथ पर सबसे पहले पहुंच कर वोट अवश्य डालें। डीएम ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
April 05, 2024

05.04.2024 (दरभंगा) : लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 के अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, पटना द्वारा राज्य स्तर पर संयुक्त आयकर निदेशक (अन्वे), पटना-सह-राज्य नोडल पदाधिकारी, पटना के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष-सह-आपत्ति अनुश्रवण सेल बनाया गया है। उपर्युक्त सेल का टॉल फ्री नम्बर - 18003456213 तथा व्हाट्स एप्प नम्बर - 7763940066 है, इस नम्बर पर लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तथा आपत्तिर्यों का निराकरण के लिए सम्पर्क कर सकते है। इसके साथ ही नियंत्रण कक्ष-सह-आपत्ति अनुश्रवण सेल द्वारा ई-मेल आई.डी. bihar.nodal.election@incometax.gov.in) भी जारी किया गया है, इसके माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकते है।
April 05, 2024

05.04.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में दरभंगा, समाहरणालय परिसर अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में मस्तिष्क ज्वर के रोकथाम के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने कहा कि गर्मी और उमस के बढ़ते ही बच्चों में एम्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बीमारी का खतरा बढ़ने लगता है।
उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) डॉ. रश्मि वर्मा को निर्देश दिये कि आँगनवाड़ी केन्द्रों के पोषण क्षेत्र में सभी बच्चों को खीर आदि बनाकर सेविका/सहायिका के माध्यम से सुलभ कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को निर्देश दिया कि विद्यालयों में भी एम.डी.एम. के माध्यम से सभी बच्चों को गुणवर्त्तायुक्त भोजन उपलब्ध करावें। उन्होंने जिलावासियों से अपील किया कि वे कोशिश करें छोटे-छोटे बच्चे पूर्वाह्न 09ः00 बजे से 10ः00 बजे के बाद अनावश्यक कार्य से घर से बाहर नहीं निकले, अधिक से अधिक पानी का प्रयोग करें, ताकि शरीर में पानी की कमी नहीं हो। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आँगनवाड़ी केन्द्रों/विद्यालयों में ओ.आर.एस. घोल सुलभ कराने का निर्देश दिया।
एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी, जन प्रतिनिधियों आदि से भी मस्तिष्क ज्वार के रोकथाम के लिए आवश्यक सहायता लें। माईकिंग के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करावें, ओ.आर.एस. घोल पर्याप्त मात्रा में वांछित लोगों तक पहुँचावें। डीएम ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने गाड़ी में जिंगल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलावासियों से अपील किया कि वे अपने छोटे बच्चों को रात में बिना खाना खाए सोने नहीं दे। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क ज्वार बीमारी (चमकी को धमकी) का जागरूकता ही बचाव है। चमकी को धमकी के अन्तर्गत पहली धमकी (खिलाओ) - बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएँ और उस भोजन में पीठा पदार्थ भी शामिल करें, दूसरी धमकी (जगाओ) - रात में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं तथा तीसरा धमकी (अस्पताल ले जाओ) - बेहोशी या चमकी दिखते ही तुरंत आशा को सूचित कर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाए। मस्तिष्क ज्वर के लक्षण।
01. सरदर्द, तेज बुखार आना, जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो। 02. अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचाने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना। 03. शरीर में चकमी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना। 04. पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना। 05. बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना। उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलम्ब अपने गाँव की आशा/ए.एन.एम. दीदी से सम्पर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरान्त ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को इलाज हेतु ले जायें।
सामान्य उपचार एवं सावधानियाँ -*सिविल सर्जन दरभंगा ने बताया कि 01. अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएँ। 02. अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएँ। 03. गर्मी के दिनों में बच्चों को ओ.आर.ए. अथवा नींबू-पानी-चीनी का घोल पिलाएँ। 04. रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं। ध्यान देने वाली बातें। क्या करें- 01. तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें, ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके। 02. पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें। 03. यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओ.आर.एस. का घोल बनाकर पिलायें। 04. बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएँ। 05. चमकी आने पर, मरीज को बाएँ एवं दाएँ करवट में लिटाकर ले जाएं। 06. बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें। 07. अगर मुँह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो। 08. तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की आँखों को पट्टी या कपड़े से ढ़ँके।
क्या न करें- 01. बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेटें। 02. बच्चे की नाक बंद नहीं करें। 03. बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुँह से कुछ भी न दें। 04. बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें। 05. चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है, बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है। अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें। 06. मरीज के विस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंज न करें। 07. ध्यान रहें की मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनाये रखें।
बैठक में अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क सत्येन्द्र प्रसाद, डी.आई.ओ., डी.पी.ओ. (आई.सी.डी.एस), यूनिसेफ के प्रतिनिधि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।