May 01, 2024

30.04.2024 (दरभंगा) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री विनोद कुमार तिवारी की अध्यक्षता में दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत जो 13 जुलाई 2024 को होना निर्धारित है, के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ की बैठक आयोजित किया गया। बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बैंक ऋण संबंधी मामलों का चयन करना शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि प्रयास करें कि ऐसे मामलों का चयन किया जाए जिसके सुलह समझौता के आधार पर निष्पादित होने की प्रबल संभावना है।
नोटिस पर पक्षकारों का सही नाम पता के साथ ही सही-सही बकाये ऋण की राशि को भी स्पष्ट रूप से लिखें। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार के लिए अभी से बैंकों के अंदर व बाहर बैनर पोस्टर लगा दें। ताकि बैंकों में प्रतिदिन आनेवाले लोगों के जरिए भी लोक अदालत का प्रचार हो।
जिला सत्र न्यायाधीश ने कहा कि बैंकों में लोक अदालत के लिए हेल्प डेस्क लगाकर ऋणधारकों के साथ प्रि-काउंसलिंग भी करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने कहा कि बैंकों के लोन विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पूर्ण जिम्मेदारी दें। बैठक में एलडीएम सहित सभी बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।
May 01, 2024

30.04.2024 (दरभंगा) : आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा, मनीष कुमार द्वारा बताया गया कि 08 अप्रैल 2024 को आयोजित विधि-व्यवस्था से संबंधित शांति समिति की बैठक में मुख्य सचिव, बिहार द्वारा कहा गया कि दरभंगा प्रमण्डल अन्तर्गत जेल की जमीन में ट्रैफिक थाना का निर्माण को जेल की सुरक्षा एवं संवेदनशील स्थल होने के कारण जेल की जमीन, जहाँ तालाब है, पर ट्रैफिक थाना का निर्माण नहीं कराया जा सकता है।
उक्त के आलोक में आयुक्त द्वारा बिहार जेल प्रशासन से अनुमति बिना, जो जिला पदाधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया गया, उसे वापस लेने का निर्देश समाहर्त्ता, दरभंगा को दिया गया तथा अन्य पाँच स्थलों को चिन्हित करते हुए पुनः प्रस्ताव देने के लिए कहा गया। उन्होंने राजस्व विशेष अतिक्रमणवाद और अतिक्रमित सरकारी जमीन से संबंधित राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में विचारधीन दरभंगा के लिविंग हेरिटेज (यूनेस्को हेरीटेज) 66 तालाबों में से 22 तालाब जो अतिक्रमित (जेल परिसर के तालाब सहित) है, को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया।
May 01, 2024

30.04.2024 (दरभंगा) : श्रम अधीक्षक दरभंगा, राकेश रंजन के द्वारा सभी नियोजकों एवं ठेकेदारों को अपने कार्यस्थलों पर तेज धूप,गर्मी और लू से कामगारों एवं मजदूरों के बचाव हेतु शेड निर्माण,पेयजल की सुविधा तथा प्राथमिक उपचार हेतु फर्स्ट एड किट रखने का निर्देश दिया गया है तथा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रांतर्गत ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की नियमित जाँच करने का निर्देश दिया गया है,जहाँ खुले में कामगार एवं मजदूर काम कर रहे हों।
श्रम अधीक्षक ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा जारी मार्गदर्शिका के आलोक में लू से बचाव हेतु मजदूरों के कार्य अवधि को लचीला किया जा सकता है। लू चलने पर कार्य अवधि को सुबह 06:00 बजे से 11:00 बजे तथा अपराह्न 03:30 बजे से 06:30 बजे तक निर्धारित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कार्य स्थल पर पेय जल की व्यवस्था तथा लू लगने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाए। खुले में काम करने वाले भवन बनाने वाले तथा कल-कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए पेय जल, आईस पैड की व्यवस्था के साथ शेड की भी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लू से बचाव हेतु औद्योगिक मजदूरों एवं अन्य मजदूरों के बीच जाकर जागरूकता कैम्प लगवाया जाय तथा सभी नियाजकों एवं कामगारों एवं मजदूरों को लू से बचाव संबंधी जानकारी दी जाए। श्रम अधीक्षक ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा जारी मार्गदर्शिका का अनुपालन नहीं करने वाले नियोजकों एवं ठेकेदारों को नोटिस निर्गत कर कारवाई की जाएगी ।
April 30, 2024

29.04.2024 (दरभंगा) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री विनोद कुमार तिवारी की अध्यक्षता में पारा विधिक स्वयंसेवकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन एडीआर भवन में किया गया। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि समाज के वंचितों और शोषितों को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने, उन्हें निःशुल्क विधिक सेवा और सहायता उपलब्ध कराने एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ ही बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जरुरतमंदों को प्राधिकार तक पहुंच आसान बनाने के लिए हीं पारा विधिक स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया है।
समाज सेवा बहुत ही पुण्य का कार्य है, जब हम किसी गरीब को उनका हक दिलाने में उनकी सहायता करते हैं तो वह व्यक्ति बहुत हीं खुश होता है और दुआएं देता है। पारा विधिक स्वयंसेवकों का कार्य है कि वह विधिक सेवा प्राधिकार के जरिए गरीबों की सहायता करें। न्यायालय के कार्यों, लोक अदालतों आदि में भी सहयोग करना पीएलवी का दायित्व है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवकगण अच्छा कार्य कर रहे हैं। आगे और भी अच्छा कार्य करें जिससे कि दरभंगा जिला विधिक सेवा का नाम पूरे राज्य में हो। कार्यक्रम में दरभंगा सदर, बेनीपुर एवं बिरौल अनुमंडल के सभी पीएलवी उपस्थित थे।
April 30, 2024

29.04.2024 (दरभंगा) : लोकसभा आम निर्वाचन, 2024 को लेकर जिला स्तर पर गठित एम.सी.एम.सी कोषांग समाहरणालय अवस्थित सूचना भवन में तत्परता से क्रियाशील है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, दरभंगा राजीव रौशन के आदेश के आलोक में जिला सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय में भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह कोषांग सक्रिय है। कोषांग में कुल - 04 टी.वी. लगे है, जिसमें एक केबल टी.वी. है, जिस पर आ रहे कार्यक्रमों व विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
प्रत्येक घंटे पर रिपोर्टिंग की जा रही है। मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप टी.वी. पर चल रहे कार्यक्रमों व विज्ञापनों में पेड व भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विपरीत तथ्यों की गहनता से तलाश की जा रही है। उप निदेशक, जन-सम्पर्क-सह-प्रभारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव, एम.सी.एम.सी. कोषांग सत्येन्द्र प्रसाद ने बताया कि किसी भी केबल ऑपरेटरों को ऐसे किसी भी विज्ञापन को प्रसारित करने से प्रतिबंधित किया गया है, जो निर्धारित प्रोग्राम कोड और विज्ञापन कोड के अनुरूप नहीं है।
ऐसे किसी भी विज्ञापन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो नस्ल, जाति, रंग आदि का उपहास करता हो और भारत के संविधान के प्रावधानों के विरूद्ध हो। उन्होंने आगे कहा कि यह जानना जरूरी है कि राजनीतिक दल/अभ्यर्थी/संगठन/व्यक्ति मतदान के दिवस और मतदान से एक दिन पूर्व, प्रिंट मीडिया में कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं करेंगे, जबतक कि विज्ञापन में निहित विषयवस्तु राज्य/जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. समिति द्वारा पूर्ण प्रमाणित न हो। उन्होंने कहा कि जिले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एम.सी.एम.सी. गठित है, जो पेड न्यूज के मामलों में निगरानी एवं कार्रवाई करने, निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मीडिया उल्लंघन मामलों की निगरानी के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (सोशल मीडिया सहित) में राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण करती है।इसके अलावा एम.सी.एम.सी. संबंधित संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने वाले किसी व्यक्ति या अभ्यर्थी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जारी किये जाने वाले प्रस्तावित राजनीतिक विज्ञापन के प्रमाणीकरण के लिए आवेदन पर विचार करती है।
उन्होंने बताया कि यह आवश्यक है कि किसी भी निर्वाचन पम्पलेट, पोस्टर, हैंडबिंल एवं अन्य दस्तावेजों पर प्रकाशक और मुद्रक के नाम व पते अनिवार्य रूप से अंकित हो, ऐसा करने में विफल रहने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत दो साल तक की कैद या 02 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी के प्राधिकार के बिना विज्ञापन प्रतिबंधित है, इसके उल्लंघन होने 1PC 1860 की धारा 171(H) के तहत 500 रूपये तकके जुर्माना का प्रावधान है।