June 12, 2024

11.06.2024 (दरभंगा) : तीन नए आपराधिक कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) दिनांक-1.7.2024 से प्रभावी होगें। इस कानून के क्रियान्वयन हेतु बिहार राज्य के सभी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। जिसकी शुरुआत आज से हो गयी।
इस प्रशिक्षण में पीoटीoसीo उतीर्ण पुलिसकर्मी से पुलिस अधीक्षक स्तर तक के पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है| बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा यह प्रशिक्षण तीन सत्र (पहला सत्र 10/12.06.2024, दूसरा सत्र 13/15.06.2024, तीसरा सत्र 18/20.06.2024) में निर्धारित किया गया है जिसके आलोक में दरभंगा जिला में प्रथम सत्र का प्रशिक्षण आज दिनांक 10.06.24 को बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना से ऑनलाइन प्रेक्षा गृह, दरभंगा में दिया गया। उक्त कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पुलिस महानिदेशक, बिहार के द्वारा संबोधन भाषण दिया गया तथा निदेशक, बिहार पुलिस अकादमी द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का परिचय कराया गया।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे अवलोकन, परिभाषा, अभियोजन, समान, वारंट, कुर्की एवं निवारक कार्य का प्रशिक्षण कुमार बलवंत, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी बिहार पुलिस अकादमी के द्वारा दिया जा रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के सत्र 02 में प्रथम सूचना रिपोर्ट से अंतिम प्रपत्र तक पी0 कन्नन पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के सत्र 03 में प्रथम सूचना रिपोर्ट से पुलिस प्रपत्र तक पी0 कन्नन पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
संजय कुमार, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी बिहार पुलिस अकादमी के द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सत्र 01 में अवलोकन, परिभाषा, संस्वीकृति, विशेषज्ञों की राय के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। पी0 कन्नन पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग के द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सत्र 02 में भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के अधीन इलेट्रॉनिक अभिलेख के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
पंकज, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी बिहार पुलिस अकादमी राजगीर के द्वारा भारतीय न्याय संहिता में अवलोकन अपराध की नई परिभाषा धाराओं में परिवर्तन भारतीय दंड संहिता के अधीन वैसे अपराध एवं प्रावधान जिन्हें विलोपित किया गया के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
कुमार बलवंत, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी बिहार पुलिस अकादमी राजगीर के द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता सत्र 04 में परिवाद, जमानत, अभियुक्त की अनुपस्थिति में विचरण एवं अन्य प्रावधान के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
पी0 कन्नन, पुलिस महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 2023 के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
प्रथम सत्र के दूसरे दिन 11.06.2024 को बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना से विभिन्न विशेषज्ञों के द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से विभिन्न विषयों क्रमशः Forensics -Crime Scene Management-I &II/परीक्षा के लिए फिंगरप्रिंट का संकलन एवं अग्रसारण/Criminal procedure Identification Act 2022 and NAFIS/अपराध घटनास्थल की फोटोग्राफी/ वीडियोग्राफी एवं गवाहों का रिकॉर्डिंग/CCTNS एवं ICJS का अनुसंधान में उपयोग / पुलिस आदेश संख्या 324/23 /पुलिस आदेश संख्या 325 /23 का प्रशिक्षण प्रेक्षा गृह, दरभंगा में दिया गया।
June 12, 2024

10.06.2024 (दरभंगा) : माननीय सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित होनेवाले विशेष लोक अदालत एवं दरभंगा न्यायमंडल में आयोजित होनेवाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार विनोद कुमार तिवारी ने न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक किया। न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि दिनांक 29 जुलाई से 03 अगस्त 2024 तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, इसके लिए पूर्ण रूप से आमजनों तक संदेश जाना है। हमलोग माननीय न्यायालय में होनेवाले विशेष लोक अदालत की सफलता के हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दरभंगा न्यायमंडल में इस वर्ष का दूसरा राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 13 जुलाई 2024 को आयोजित किया जाएगा।
सभी न्यायालयों में सुलहयोग्य मुकदमों का चिन्हित कर पक्षकारों को नोटिस भेजा जाना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए सभी न्यायालयों में पारा विधिक स्वयंसेवकों को प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी न्यायिक अधिकारी अपने स्तर से मॉनिटरिंग कर अधिक से अधिक शमनीय मुकदमों के पक्षकारों को नोटिस करावें। पक्षकारों के साथ प्रि-काउंसलिंग भी करें। प्रि-काउंसलिंग के जरिए पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों से अवगत करायें। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रंजन देव सहित सभी न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे।
June 12, 2024

10.06.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र सभी लाभुकों का लाभार्थी सत्यापन (ई-केवाईसी) शत-प्रतिशत करना अनिवार्य है। डीएम ने कहा कि सभी जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के दुकानों पर लाभार्थी सत्यापन (ई-केवाईसी) नि:शुल्क किया जाना है। उन्होंने कहा कि कई जगह से यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के द्वारा (ई-केवाईसी) के नाम पर लाभुकों का अंगूठा लगा कर खाद्यान्न की निकासी कर ली जाती है एवं लाभुकों को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जाता है। डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी दरभंगा एवं सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दरभंगा को निर्देश दिया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी जन वितरण प्रणाली विक्रेता द्वारा (ई-केवाईसी) के नाम पर पॉश मशीन में अंगूठा लगाकर लाभुकों को खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं कर खाद्यान्न गबन की जाती है तो उनके विरुद्ध तत्क्षण नियमानुसार कार्रवाई करना संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : SSP, CITY SP, RULAR SP के द्वारा प्रत्येक कार्य दिवस पर लगातार की जा रही है जनसुनबाई। आम लोगों की समस्या के समाधान को लेकर तत्पर है दरभंगा पुलिस। इसी क्रम SSP ने कुल 06 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे बहेड़ा थाना - 01, बहेड़ी थाना - 02, मब्बी थाना - 01, साइबर थाना - 02।

CITY SP ने कुल 33 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे जाले थाना - 05, लहेरियासराय थाना - 04, बहादुरपुर थाना - 04, नगर थाना - 02, कमतौल थाना - 02, केवटी थाना - 02, सिंहवाड़ा थाना - 04, विश्वविद्यालय थाना - 04, अशोक पेपर मिल थाना - 02, हायाघाट थाना - 02, मब्बी थाना - 01, सिमरी थाना - 01।

RULAR SP ने कुल 05 फरियादी के समस्या की सुनवाई की एवं उनके निराकरण हेतू संबंधित को आदेशित किये जिसमे बहेड़ा थाना - 01, घनश्यामपुर थाना - 01, कुशेश्वर स्थान थाना - 01, अलीनगर थाना - 02।
June 08, 2024

07.06.2024 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन के तहत संभावित बाढ़ से निपटने को लेकर समीक्षा की गई एवं उपस्थित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए गए।
आज बैठक में वर्षा मापक यंत्र, तटबंधों के संरक्षण, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल पुलियों,बाढ़ आश्रय स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, शौचालय व्यवस्था एवं औसत भू-गर्भ जल स्तर, मानव दवा एवं स्वास्थ्य, बाढ़ आश्रय स्थल निर्माण, पशु चारा एवं पशुओं,आकस्मिक फसल योजना, आपदा सम्पूर्ति पोर्टल, सरकारी एवं निजी नाव का निबंधन, प्रखंड अनुश्रवण समिति की बैठक, आपदा सम्पूर्ति सूची का अनुमोदन, नाव का भौतिक सत्यापन,सैंड बैग का सत्यापन,राहत शिविर का सत्यापन, तटबंध की सुरक्षा, नहरों की स्थिति, पटवन की स्थिति एवं एसडीआरएफ भवन का निर्माण इत्यादि संबंधित बिंदुओं पर बारी-बारी से चर्चा की गई।
डीएम श्री रौशन ने कहा कि तटबंध सुरक्षा से संबंधित सभी बाढ़ नियंत्रण डिवीजन के कार्यपालक अभियंता को तटबंध की निगरानी करवाने एवं कटाव निरोधक कार्य संपन्न करा लेने तथा आकस्मिक स्थिति के लिए बालू भरे बैग चिन्हित स्थलों पर रखने के लिए सख्त निर्देश दिए।डीएम ने संबंधित पदाधिकारी को बालू भरे बैग का सत्यापन करा लेने का निर्देश दिए। उन्होंने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सभी पंचायतों में वर्षा मापक यंत्र कार्यरत है या नहीं जाँच कराने की निर्देश दिया गया। डीएम ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी से भूगर्भ स्तर के संबंध में जानकारी लिया तथा उन्हें लगातार वाटर लेवल जाँच करते रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी अंचलाधिकारी को चापाकल हेतु जगह चिन्हित करते हुए प्रतिवेदन 03 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा। सभी संबंधित पदाधिकारी को तटबंधों का मुआयना कर लेने तथा पुल-पुलिया कि साफ-सफाई कर लेने को कहा।उन्होंने कहा की सभी अंचलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्टोर किए गए बालू की मात्रा, गुणवत्ता जाँच कर प्रतिवेदन उपलब्ध करावे। कंट्रोल रूम का गठन करा लेने का निर्देश दिया गया तथा संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर लेने को कहा। उन्होंने कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग को फोटो सहित एक एलबम बनाकर आपदा विभाग में जमा करने का निर्देश दिया।डीपीएम हेल्थ द्वारा बताया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 23 प्रकार की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि चलंत चिकित्सा दल का गठन कर लिया गया है। डीएम ने बाढ़ आश्रय स्थल हेतु चिकित्सा दल का गठन करने का निर्देश दिया। जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पशु शिविर स्थल का चिन्हित कर लिया गया है एवं 38 प्रकार की दवा उपलब्ध है। पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि सभी पशुओं का टीकाकरण कर लिया गया है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारी को निजी नाव मालिक से एकरारनामा करने से पहले उनके नाव सत्यापन करने तथा सभी नाव का रजिस्ट्रेशन भी करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने नाविकों के लंबित भुगतान के संबंध में जानकारी लिया तथा लंबित भुगतान को जल्द से जल्द भुगतान करने को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नाविक का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाभुकों का डाटा का सत्यापन कराकर सभी अंचलाधिकारी अपने अंचल के डाटा को जिला आपदा शाखा में भेजना सुनिश्चित करेंगे। कार्यपालक अभियंता भवन बृजेश कुमार के द्वारा बताया गया कि तेरह स्थलों पर बाढ़ आश्रय का निर्माण किया जाना था जिसमें से आठ पर पूर्ण हो गया है । एक माह के अंदर शेष आश्रय स्थल भवन बनाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के समय किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसलिए सभी आवश्यक तैयारी यथाशीघ्र अधिकारी पूर्ण कर लें। डीएम ने अपर समाहर्ता आपदा को निर्देश दिया कि जिन अंचल के द्वारा डाटा अद्यतन नहीं है, उन अंचलाधिकारी से कारणपृच्छा की जाए, साथ ही चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द अपने डाटा शत प्रतिशत अद्यतन कर लें। बेनीपुर, बहादुरपुर, बहेड़ी और दरभंगा अंचल अधिकारी के कार्यकलापों पर नाराजगी व्यक्त की गई।
इन अंचल अधिकारियों को वेतन बंद करने का चेतावनी भी दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा सलीम अख्तर, उप निदेशक जन संपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल उमेश कुमार भारती, जिला कृषि पदाधिकारी विपिन कुमार बिहारी, वरीय उप समाहर्ता भानु चंद्रा एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।