March 17, 2018

15.03.2018 (दरभंगा) : आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा एच0आर0 श्रीनिवास के द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित प्रषिक्षण-सह-कार्यषाला का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में आधार इनरोलमेन्ट एवं आपूर्ति से संबंधित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु क्षेत्रीय आपूर्ति पदाधिकारी को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधार सिडिंग के साथ-साथ सत्यापन का भी किया जाना आवश्यक है। उपभोक्ताओं के द्वारा दिये जाने वाले आधार कार्ड की जाँच को त्वरित गति से करने का निर्देश दिया गया। संबंधित व्यक्तियों को नोटिस चैकीदार के माध्यम से करवाने का निर्देश दिया गया। सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार आर0टी0पी0एस0 काउन्टर के माध्यम से राशन कार्ड में नाम जोड़ा जाना या हटाया जाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बारे में विस्तार से बताया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी, समस्तीपुर ने आधार सिडिंग और सत्यापन के बारे में बताया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मधुबनी ने पी0ओ0एस0 सिस्टम के जरिए अनाज के वितरण के विधि की की जानकारी दी। अनुमण्डल पदाधिकारी, समस्तीपुर ने पी0डी0एस0 लाईसेन्स के बारे में विस्तार से बताया। अनुमण्डल पदाधिकारी, बेनीपुर ने अयोग्य लाभुकों की पहचान कर उसका नाम डिलीट करने की विधि के बारे में जानकारी दी। अनुमण्डल पदाधिकारी, बेनीपट्टी ने पी0ओ0एस0 सयंत्र के जरिए ऑपरेशन और मैनेजमेन्ट के विधि के बारे में बताया। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, बिरौल ने आधार सिडिंग की प्रक्रिया एवं इसमें आने वाली कठिनाईयों के बारे में बताया। राज कुमार झा, मार्केटिंग ऑफिसर, सिघिया ने अनाज के उठाव एवं वितरण के बारे में बताया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत चयनित लाभुकों का सत्यापन पूर्व के एस0ई0सी0सी0 डेटा के आधार पर करने का निर्देश दिया गया। इस कार्य हेतु क्षेत्र स्तर पर अन्य विभागों के कर्मी यथा - पंचायत सेवक, हल्का कर्मचारी, टोला सेवक, विकास मित्र, किसान सलाहकार इत्यादि की सेवा ली जा सकती है। इस अधिनियम के अन्तर्गत पहचान किये गए लाभुकों का सत्यापन कराते हुए सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा स्कैनिंग कराकर अयोग्य/डुप्लीकेट लाभुकों को चिन्ह्ति कर सत्यापनोंपरान्त उनका राशन कार्ड रद्द करने का भी निर्देश दिया गया। लक्षित जन वितरण प्रणाली के अन्तर्गत लाभार्थी सूची एक डायनामिक सूची है। जिसमें मृतक एवं अयोग्य लाभार्थियों का नाम सतत् रूप से हटाया जाना है, एवं नये जन्मे हुए लाभार्थियों का नाम एक विहित प्रक्रिया के तहत जोड़ा जाना है। लोक सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत राशन कार्ड निर्गत करने की शक्ति अनुमण्डल पदाधिकारी को दी गई है। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में आयुक्त के सचिव विनय कुमार, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी मनोज कुमार झा, उप जन सम्पर्क निदेशक, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा कन्हैया कुमार, तीनों जिला के सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मार्केटिंग ऑफिसर, व अन्य प्रमण्डल स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
March 15, 2018

15.03.2018 (पटना) : आनेवाले त्योहार ( चैती छठ, चैती दुर्गापूजा एवं रामनवमी) के अवसर पर दिनांक 13.03.2018 को डीएम कुमार रवि द्वारा विधि व्यवस्था संधारण हेतु अधीनस्थ पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर कई निर्देश दिए। घाटों की साफ़ सफाई, खतरनाक घाटों को चिन्हित कर प्रतिवेदन समर्पित करना, घाटों पर बैरिकेडिंग, रौशनी की व्यवस्था इत्यादि सुनिश्चित करने का निर्देश सबंधित विभाग के पदाधिकारी को दिया। श्री कुमार रवि ने छठ घाट के संपर्क पथों में यातायात/वहां पार्किंग की व्यवस्था पुलिस अधीक्षक यातायात पटना, नियंत्रण कक्ष, चेंजिंग रूम एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था नगर आयुक्त पटना नगर निगम, पेयजल की व्यवस्था कार्यपालक अभियंता पी.एच.ई.डी, उलार में छठ पूजा की सभी व्यवस्था अनुमंडल पदाधिकारी, पालीगंज, सभी घाटों पर एन.डी.आर.एफ/एस.डी.आर.एफ की प्रतिनियुक्ति अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को निर्देश दिया । उन्होंने बताया की सभी घाटों पर एक-एक गोताखोर की प्रतिनियुक्ति भी रहेगी। अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गोताखोर की प्रतिनियुक्ति करेंगे। छठ पूजा के शुभ अवसर पर नाव परिचालन पर रोक लगाने हेतु अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। गायघाट पीपापुल को छठ पूजा के अवसर पर यातायात पुलिस अधीक्षक को ससमय निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। छठ घाट एवं जिला नियंत्रण कक्ष में चिकित्सीय व्यवस्था दुरुस्त रखने हेतु सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया तथा अस्पताल को अलर्ट रखने को कहा गया है। डीएम श्री रवि ने बताया की महावीर मंदिर की व्यवस्था के संबंध में धार्मिक न्यास परिषद् के साथ बैठक आहूत करने हेतु समनव्य बनाने के लिए अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को निर्देश दिया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक को शांति समिति की बैठक सम्बंधित थाना एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ करने का निर्देश दिया गया है। वीडियोग्राफी/वाहन सहित ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था नजारत उप समाहर्ता पटना को करने का निर्देश दिया गया है। चैती दुर्गापूजा एवं मूर्ति विसर्जन से सम्बंधित उनकी अनुज्ञप्ति आदि एसएसपी द्वारा संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है। जुलूस विसर्जन तथा स्कॉट करने संबंधित सभी व्यवस्था अपने-अपने क्षेत्र में थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है। उक्त बैठक में एसएसपी मनु महाराज, डीडीसी आदित्य प्रकाश, एसपी रूलर ललन मोहन प्रसाद, टाउन एसपी डी अमर्केश, टाउन एसपी सेंट्रल, टाउन एसपी वेस्ट, एसपी ट्रैफिक, अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था आशुतोष वर्मा अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, अनुमंडल पदाधिकारीगण सहित अन्य सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
March 15, 2018

14.03.2018 (दरभंगा) : बिहार सरकार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, उर्दू निदेशालय, बिहार, पटना के तत्वाधान में जिला उर्दू भाषा कोषांग, राज भाषा, दरभंगा के द्वारा जिला फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का आयोजन 11:00 बजे पूर्वाह्न से दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, दरभंगा डॉo चंद्रशेखर सिंह के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता डॉo अब्दुल मन्नान तर्जी कर रहे थे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पदाधिकारी थे। सेमिनार का विषय था - ‘‘ अवामी सतह पर उर्दू जबान के फरोग में दरपेष मसाएल और उनका हल ’’, ‘‘ सरकारी सतह पर उर्दू जबान के अमली नफाज में दरपेष मसाएल और उनका हल ’’ एवं ‘‘ स्कूल सतह पर उर्दू की तदरीस के मसाएल और उनका हल ’’। स्वागत भाषण मो0 वसीम अहमद, प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग, दरभंगा के द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि उर्दू भाषा दिल की भाषा व तहजीब की भाषा है, जो सीधे दिल तक पहुँचती है। उन्होनें स्वयं आई0ए0एस0 एकेडमी में प्रषिक्षण के दौरान अतिरिक्त भाषा के रूप में उर्दू भाषा के चयन किये जाने की जानकारी दी। उन्होनें कहा कि आज इस सेमिनार के जरिए सभी एकत्रित लोग इस बात पर विचार कर मंथन करें कि उर्दू का अधिकाधिक कैसे विकास हो। सांस्कृतिक जरूरत के हिसाब से भाषा के बदलने की बात उन्होनें की। उन्होनें उर्दू को अधिक से अधिक व्यवहारिक भाषा बनाए जाने की दिशा में सोच को विकसित करने की भी बात बतायी। सेमिनार में उर्दू विद्वान के रूप में डॉo मुश्ताक़ अहमद, प्राचार्य, एम0एल0एस0एम0 कॉलेज, दरभंगा, डॉo जमाल अहमद ओवैसी, एम0आर0एम0 कॉलेज, दरभंगा, डॉo क्याम नैयय्र, नागेन्द्र झा कॉलेज, दरभंगा एवं डॉo मंजर सुलैमान, डॉo जाकीर हुसैन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, दरभंगा उपस्थित थे।
March 14, 2018

14.03.2018 (दरभंगा) : दिनांक 13 मार्च 2018 को समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सभागार में बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग पटना के अध्यक्ष सुश्री डॉक्टर हरपाल कौर की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाल अधिकार संरक्षण आयोग पटना के सदस्य श्रीमती प्रेमा साह एवं सदस्य विजय कुमार रोशन ने भी भाग लिया। सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी दरभंगा डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर अध्यक्ष सुश्री डॉ हरपाल कौर का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में जिला पदाधिकारी ने अध्यक्ष एवं आयोग के सदस्य गणों का स्वागत करते हुए विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत करने हेतु दीप प्रज्वलित करने का आग्रह किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात अध्यक्ष ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दरभंगा जिला के बच्चों से संबंधित गृहों का उन्होंने निरीक्षण किया है। निरीक्षण के क्रम में कुछ एक सामान्य बातों को छोड़कर शेष व्यवस्था को उन्होंने संतोषजनक पाया। सामान्य त्रुटियों के निराकरण कर लिए जाने का उनको आश्वासन दिया गया। प्रमंडल के तीनों जिला के उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन आयोग को भेजने का भी निर्देश दिया गया। छोटे-छोटे बच्चों को नैतिक शिक्षा देने की बात उन्होंने की। सुधार गृह में साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी उन्होंने दिया। प्रमंडल के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी का नेम प्लेट अथवा दीवार लेखन करवाने का निर्देश दिया गया। निजी विद्यालयों में BPL परिवार के बच्चों का नामांकन 25% किए जाने का विस्तृत प्रतिवेदन तीनों जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांगा गया। सभी विद्यालयों में एवं स्कूली बसों में सरकारी मापदंड के अनुसार विद्यार्थियों का आवश्यक सुविधा निश्चित रूप से उपलब्ध करवाने का भी सख्त निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषक आहार एवं विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं मीनू के अनुसार देने का भी आदेश दिया गया। श्रम अधीक्षक को बाल मजदूरी के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को समय-समय पर स्वयं बाल सुधार गृहो का मानवता के आधार पर भ्रमण करने का निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों को स्तरीय चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अंत में माननीय अध्यक्ष के द्वारा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरोध हेतु जनता को सतत जागरूक रखने हेतु आवश्यक कार्यक्रम लगातार चलाए जाते रहने का अनुरोध किया। जिला पदाधिकारी ने बैठक के अंत में माननीय अध्यक्ष को उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। निजी विद्यालयों में नामांकित BPL परिवार के बच्चों के नामों की सूची जिला के वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करवाने की बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि हाल में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु बनाए गए मानव श्रृंखला का सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ा है। अब कहीं भी बाल विवाह होने पर इसकी सूचना विभिन्न माध्यमों से प्रशासन तक पहुंच रही है। सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाल विवाह को किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। उक्त बैठक में तीनों जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी ICDS के पदाधिकारी श्रम विभाग के पदाधिकारी सिविल सर्जन जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
March 14, 2018

14.03.2018 (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित पुलिस लाइन में पुलिस सप्ताह के बीच दिनांक 27.02.2018 को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को जोनल आईजी पंकज कुमार दाराद द्वारा पुरस्कृत किया गया। श्री दाराद ने परेड की सलामी लेने के उपरांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा की पुलिसिंग इस तरह हो की हर इंसान अपने आप को सुरक्षित महसूस करे। पुलिसकर्मियों को इस बात का हमेशा ख्याल रहे की कोई भी पीड़ित आपसे मिलने आये तो वो अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके, उसके मन में किसी प्रकार का भय न हो, पीड़ित को लगे की पुलिस हमारे परिवार के सदस्य जैसे ही हैं। उन्होंने कहा की पुलिस के प्रति पब्लिक का विश्वास मजबूत हो इसके लिए अत्यंत आवश्यक है की पुलिसकर्मियों का पब्लिक के साथ बेहतर व्यवहार हो। आज भी सभ्य सामाजिक परिवेश में रहने वाले आमजन किसी समस्या को लेकर थाने जाने से कतराते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में समारोह में उपस्थित पुलिसकर्मियों से पुछा की मान लिया जाय की जिस क्षेत्र में आप कार्यरत न हो उस क्षेत्र के थाने में किसी समस्या को लेकर आपके परिवार की महिलाएं जाने से संकोच नहीं करतीं ? आज जरूरत हैं इस व्यवस्था को बदलने के लिए पुलिस और पब्लिक का सबंध दिल से हो ,अटूट हो ताकि आमजन के सहयोग से अपराध का अंत हो। श्री दाराद ने कहा की थाना पुलिसिंग की आत्मा है। थाना में आनेवाले हर पीड़ित को सहानभूति व सम्मान मिले, उनकी बातों को बड़े ध्यान से सुने, थाने में जैसी व्यवस्था हो उनको बैठने के लिए कहें, फ्रीज न हो कोई बात नहीं, घड़े का पानी पिलायें। इन छोटे-छोटे व्यवस्था में बदलाव से पुलिस के प्रति पब्लिक का विश्वास मजबूत होगा जो की अपराध नियंत्रण में काफी कारगर हो सकता है। उन्होंने कहा की पुलिस हमेशा चुनौती के बीच काम करती है। बेहतर पुलिसिंग के लिए जरूरी है वैज्ञानिक व तकनीक ढंग से अनुसंधान हो, ज्यादा से ज्यादा आसूचना संकलन हो, क्योंकि ये एक महत्वपूर्ण हिस्सा है बेहतर पुलिसिंग के लिए। आईजी पंकज कुमार दाराद ने कहा की पटना में मुख्यमंत्री के द्वारा उनके कर-कमलों से पुरस्कार वितरण हुआ था जो काफी हर्ष व गौरव का क्षण था हम पुलिसकर्मियों के लिए। श्री दाराद ने मुख्यमंत्री के सम्भाषण का जिक्र करते हुए कहा की पुलिस अच्छा काम कर रही है तथा पुलिस पर उन्हें काफी भरोसा है। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा की चंद पुलिसकर्मी पुलिस का नाम बदनाम करते है। आईजी श्री पंकज कुमार दाराद ने कहा की मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए इस संवाद को गहराई से सुनना और समझना है, की हम कैसे बेहतर पुलिसिंग दे सके। ऐसी पुलिसिंग जिसमे अपराध नियंत्रण में हो, अनुसंधान गुणवत्तापूर्ण हो, और अपराधियों को हम सजा भी दिला सकें। पुरस्कार वितरण समारोह के मौके पर पहुंचे पूर्णिया के तेज तर्रार एसपी निशांत तिवारी (आईपीएस) को तीन केस में सराहनीय कार्य हेतु आईजी पंकज कुमार दाराद ने प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। अररिया जिला से एसपी सुश्री धुरत सायली सावलाराम को दो केस में तथा डीआईजी डॉo कुमार ऐकले को एक केस में प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया जाना था मगर वो नहीं पहुँच सके। अंत में आईजी ने समारोह में उपस्थित पुलिसकर्मियों द्वारा किये गए परेड को काफी सराहा तथा उनके टर्न आउट को बेहतर बताते हुए कहा की आने वाले समय में हम सभी पुलिसकर्मी और बेहतर करें। इस समारोह के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में आईजी पंकज कुमार दाराद (आईपीएस), डीआईजी विनोद कुमार, एसएसपी सत्यवीर सिंह (आईपीएस), पूर्णिया एसपी निशांत तिवारी (आईपीएस), सदर एसडीपीओ दिलनवाज़ अहमद, लहेरियासराय एसएचओ राम कुमार शर्मा, मेजर अशोक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत हुए पुलिसकर्मी। पूर्णिया जिला से सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार मंडल, पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार साह, सब इंस्पेक्टर विजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मो. सहबान हबीब फाकरी, सुब इंस्पेक्टर नन्द किशोर यादव, सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार भारद्धाज, सब इंस्पेक्टर राजमणि मांझी, सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार व अन्य। अररिया जिला से पुलिस उपाधीक्षक कुमार देवेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर दुर्गेश राम, इंस्पेक्टर पीo केo प्रवीण, सब इंस्पेक्टर किंग कुंदन, कांस्टेबल सुनील कुमार राणा, कांस्टेबल राजेश कुमार पंडित, कांस्टेबल प्रशांत कुमार मिश्र, कांस्टेबल मिथिलेश कुमार, व अन्य। सुपौल जिला से विद्या सागर, पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर मदन प्रसाद सिंह, सब इंस्पेक्टर चन्दन कुमार, सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार मिश्र, कांस्टेबल रणजीत कुमार, कांस्टेबल प्रेमजीत रजक व अन्य।