October 03, 2018

30.09.2018 (दरभंगा) : इतिहास गवाह है कि जब-जब प्रेस पर रोक लगी है, शासन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। स्वतंत्रता दिलाने में प्रेस ने अहम रोल अदा किया। एलएनएमयू के प्रबंधन विभाग में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से " लोकतंत्र की सफलता में मीडिया की भूमिका " विषय पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन करने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त मयंक बरबड़े ने यह बातें कही। उन्होनें कहा कि देश की मीडिया संवेदनशील व परिपक्व है। एलएनएमयू के वीसी प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को जनता के लिए जनता के हित में बताया जाता है, यह तभी संभव है जब जनता विवेकपूर्ण निर्णय लें। मीडिया की भूमिका है कि वह जनता को सही प्रतिनिधि चुनने के लिए सही ज्ञान दें। नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि मीडिया की भूमिका के बिना लोकतंत्र सफल हो ही नहीं सकता। आजादी के बाद सशक्त लोकतंत्र की स्थापना में मीडिया की अहम भूमिका रही। एसएसपी मनोज कुमार ने कहा कि जिस तरह देश आजाद हुआ, समानांतर रूप से भारतीय मीडिया उसी गर्भ से पीड़ा के साथ उत्पन्न हुआ और लोकतंत्र को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। आज लोकतंत्र व मीडिया, दोनों अजीब दौर से गुजर रह है। लोकतंत्र में दलगत राजनीति है, सरकार बनाने की चिंता रहती है। मीडिया के लिए संकट यह है कि वह स्वतंत्र रूप से यह चयन नहीं कर पा रहा कि उनका एजेंडा क्या है। इससे पूर्व मिथिलांचल की परंपरा के अनुसार सभी अतिथियों का पाग, चादर व मोमेंटो से स्वागत किया गया। स्वागत भाषण पत्रकार श्री शशिमोहन भारद्वाज ने किया जबकि मंच संचालन श्री विजय श्रीवास्तव ने किया। सेमिनार के दौरान दरभंगा के कई दिवंगत व वरिष्ठ पत्रकारों को पत्रकारिता में उनके उत्कृष्ठ योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
September 29, 2018

29.09.2018 (दरभंगा) : जिस तरह बॉर्डर पर बीते दिनों जवानों को क्षत विक्षत कर दिया है बहुत जल्द दी दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक होगा। आतंकवादी कान खोल कर सुन ले। पहले सर्जिकल स्ट्राइक को विपक्षी ने फर्जीकल स्ट्राइक बताया, और नेता के बदले सेना से सबूत मांगते हैं, दुर्भाग्य है। हमें उन सैनिकों पर गर्व है जिनके वजह से लोग चैन से सोते हैं। उक्त बातें दरभंगा के गौशाला प्रांगण में युवा संकल्प सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा। उन्होंने कहा की क्या आतंकवादियों पर कार्रवाई करना गुनाह है ? उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए कहा की पीएम नरेंद्र मोदी को वोट की चिंता नहीं है, सिर्फ काम की चिंता है। उन्होंने कहा की सर्जिकल स्ट्राइक की बात हो, या अमेरिका के राष्ट्रपति से आँख में आँख मिलाकर बात करने की क्षमता, या गरीब के घर शौचालय बनवाने की बात हो, वो गुण सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी में ही है। डिप्टी सीएम ने दरभंगा में विकास की बात करते हुए कहा की अगले साल के जून से पहले ही हवाई यात्रा शुरू हो जायेगी। दरभंगा में 07 आरओबी स्वीकृत हुआ है जिसका काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा की डीएमसीएच के परिसर में BSC Nursing school एवं Hostel का निर्माण कराया जायेगा तथा बिहार के सभी मेडिकल कॉलेज में BSC Nursing college का निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर दरभंगा गौशाला की वेबसाइट http://darbhangagoshala.org का शुभारम्भ भी किया।
युवा संकल्प सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए नगर विधायक संजय सरावगी ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा की जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा की यहाँ AIIMS की स्थापना एवं तारामंडल का कार्य जल्द प्रारम्भ हो। उन्होंने कहा की यहाँ जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए आरओबी का कार्य जल्द प्रारम्भ हो, तथा तीनो पोखर के सौन्दर्यीकरण का काम जल्द हो। युवा मोर्चा की तरफ से नितिन नवीन ने कहा की अगर यहाँ चीनी मिल चालू हो जाए तथा टूरिज्म के लिए विशेष ध्यान अगर सरकार देती है तो रोजगार के अवसर बढ़ जायेंगे।
September 29, 2018

29.09.2018 (दरभंगा) : मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करने के जितने भी फॉर्म अबतक बीएलओ को प्राप्त हुए हैं उसका त्वरित निष्पादन करें। नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करने के क्रम में निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अवश्य पालन किया जाए। कमिश्नर मयंक वरवड़े ने निर्वाचन विभाग की समीक्षात्मक बैठक में सबंधित पदाधिकारियों को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन के मामलों में संबंधित पक्ष को इससे संबंधित नोटिस जरूर दें। जिला में महिला मतदाता तथा 18 आयु वर्ग से ऊपर के नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए उन्हें प्रेरित करने हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधि, विकास मित्र, बीएलओ, जीविका दीदी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें अधिकाधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए प्रेरित करें। सभी बूथों पर सभी तरह के प्रपत्र पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहे तथा बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) प्रतिदिन संध्या 03:00 से 05:00 बजे तक अपने-अपने बूथ पर उपस्थित होकर इच्छुक योग्य मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने व संशोधन संबंधी फॉर्म प्राप्त करें। इसे हर हालत में सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को इसका नियमित रूप से अनुश्रवण करते रहने को कहा गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि 07 एवं 28 अक्टूबर को विशेष मतदाता पुनरीक्षण दिवस आयोजन होगा। इस दिन सामान्य मतदाताओं के अलावे महिला एवं नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित करें। सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर की उपलब्धता हर हालत में सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में यह बताया गया कि 01 सितंबर से शुरू संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में जितने भी आवेदन पत्र आएंगे उनसे संबंधित मतदाताओं को रंगीन वोटर आई कार्ड मिलेगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित किसी प्रकार की सहायता के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष संख्या 06272 -215412 पर कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।
September 29, 2018

29.09.2018 (दरभंगा) : प्रखंड, पंचायत एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समिति की बैठक नियमित रूप से की जाए। जहां-जहां अब तक इस समिति का गठन नहीं हुआ है वहां जल्द इसका गठन कर ले। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बाल संरक्षण के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के गोद लेने की प्रक्रिया में सभी तरह के कानूनी पहलुओं का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। गोद लेने का कार्य हमेशा कानूनी तौर से ही हो तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से हो। इसे हर हालत में संबंधित अधिकारी एवं गोद लेने वाले व्यक्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा की अगर कहीं पर 06 साल से कम उम्र का कोई लावारिस बच्चा मिले तो आमजन इसकी सूचना पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को दें। मानव व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए सभी संभावित ठिकानों जैसे बस स्टैंड, स्टेशन आदि पर विशेष निगरानी रखी जाए। डीएम ने कहा की पुलिस बल इस पर विशेष निगरानी रखते हुए जहां जरूरी हो छापामारी भी करें। प्रभावित व्यक्तियों का सामाजिक पुनर्वास बोर्ड से सभी प्रकार की सरकारी मदद तुरंत पहुंचाए जाए।
उक्त बैठक में श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि वे बाल श्रम पर हर हालत में रोक लगाएं। इसके लिए दुकान एवं प्रतिष्ठानों की नियमित रूप से छापामारी करें एवं दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई करें। दरभंगा जिला में जिला निरीक्षण समिति का गठन हो चुका है। इस समिति के सदस्यों से कहा गया कि वे नियमित अंतराल पर पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण करें एवं वहां आवश्यक सुधार हेतु अपना मन्तव्य दें। कहीं अगर कोई गड़बड़ी पाई जाए तो करवाई की भी अनुशंसा जरूर करें।
September 25, 2018

25.09.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित ‘बिहार पुलिस की जनोपयोगी डायल 100’ कार्यक्रम का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक एस0के0 सिंघल ने डायल 100 के बेसिक स्वरूप, उसका प्रभाव, भविष्य की योजना और उसके फायदों के अलावा सुशासन के संदर्भ में डायल 100 की भूमिका से संबंधित पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया। पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से जनोपयोगी डायल 100 सेवा का शुभारंभ किया गया है। पटना जिले में डायल 100 वर्ष 2014 से ही लागू है, जिसका विस्तार कर पूरे बिहार में इसे आज से लागू किया गया है। 12 करोड़ की आबादी वाले इस बिहार में 8.5 करोड़ मोबाइल फोन हैं। ऐसे में अगर कही से कोई शिकायत आती है तो उसकी सूचना संबद्ध जिले के थाने तक पहुँचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के सहारे इसके स्वरूप को और आधुनिक बनाना चाहिए। सभी थानों एवं आउट पोस्ट तक लैंडलाइन फोन लगे, इसे पुलिस मुख्यालय को सुनिश्चित करना चाहिये। फोन निरंतर फंक्शनल रहे, इसके लिए खराब होने पर आधे घंटे के अंदर उसे दुरुस्त करने एवं ससमय बिल भुगतान की भी व्यवस्था पुलिस मुख्यालय के स्तर से सुनिश्चित होना चाहिए ताकि यह सेवा स्थायी, सशक्त और प्रभावी बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉ एंड आर्डर और अपराध को लेकर मेरे स्तर से समय-समय पर समीक्षा बैठक होती रहती है। इस संदर्भ में हाल ही में हमने समीक्षा बैठक की थी, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जुड़े थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में ही हमने कहा था कि हत्या, लूट, बलात्कार, बैंक डकैती एवं अन्य आपराधिक घटनाओं का आकलन, डिटेल में जिले एवं थाने के स्तर पर होना चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि किसी खास इलाके में किस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। उसके समाधान के लिए सकारात्मक दिशा में कार्रवाई की जा सके। घटना कब घटी, उस पर कितने समय के अंदर कार्रवाई हुई, घटनास्थल पर सूचना मिलने के बाद पुलिस कितनी देर में पहुंची, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को आकलन करना चाहिए, इसका अपराधियों के मनोबल पर प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कल बालू माफिया और शराब के अवैध धंधे में लगे असामाजिक तत्व पुलिस पर ही हमले कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। ऐसी जगहों पर जाते वक्त पुलिस को पर्याप्त संख्या बल को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में जब हमने कार्यभार संभाला था तो पुलिस बल की संख्या काफी कम थी, पुलिस थानों में उपयुक्त हथियार और वाहन नहीं थे। गाड़ियों को ठेलकर स्टार्ट किया जाता था। पुलिस में ड्रेस का कोई मतलब नहीं था। हमने कई स्तर पर काम किये, जिसका सकारात्मक नतीजा निकला। पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आर्म्स, व्हीकल, पोशाक उपलब्ध कराये गये। उस समय बिहार में ऑर्गनाइज्ड क्राइम होते थे, जिसको ध्यान में रखते हुए सैप का गठन किया गया। इसमें एक्स आर्मी के लोगों को रखने का निर्णय लिया गया। हमने वर्ष 2006 में ही एक मीटिंग की थी, जिसमे प्रॉपर पेट्रोलिंग करने की बात कही थी, पेट्रोलिंग अपने आप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर थाने और आउट पोस्ट पर दो-दो व्हीकल होना चाहिए। प्रत्येक थाने के पास ऐसा व्हीकल और हथियार होना चाहिए कि वह बेहतर तरीके से काम कर सकें। थाने और ओ0पी0 से लेकर एस0पी0, डी0आई0जी0 या आई0जी0 स्तर तक के अधिकारियों को भी अगर व्हीकल की आवश्यकता है तो पुलिस तंत्र इसे तय करे कि कितने मोटरसाइकिल और फोर व्हीलर की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलिंग पर पूरा ध्यान होना चाहिए, इसके लिए जिन साधनों की आवश्यकता होगी, सरकार देने के लिए कमिटेड है। हर सूरते हाल में कानून का राज कायम रखना राज्य का संवैधानिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉ एंड आर्डर, क्राइम और अन्य इश्यूज के सन्दर्भ में प्रत्येक महीने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव जबकि प्रत्येक 15 दिन पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक समीक्षा बैठक करें ताकि पेंडिंग पड़े इश्यूज का तत्काल समाधान हो सके। डी0एम0 और एस0पी0 के बीच लैक ऑफ को-आर्डिनेशन किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक थाने के थानेदार और अंचलाधिकारी की बैठक भी गंभीरता से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का आकलन किया गया तो यह पाया गया कि 60 प्रतिशत अपराध भूमि विवाद से जुड़े हैं। ऐसे मामलों पर तीखी नजर रखनी होगी। गंभीरतापूर्वक और संवेदनशीलता के साथ निरंतर समीक्षा बैठक होंगी तो बहुत सारे मामलों का निपटारा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कहीं से भी कोई व्यक्ति 100 नंबर डायल करेगा उस पर तत्काल कार्रवाई होगी। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में 20 मिनट के अंदर जबकि गाँवों में 30 से 35 मिनट के अंदर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के अनुरूप पुलिस बल की भी संख्या बढनी चाहिए। सभी थानों में महिलाओं के सिटींग रूम, वाॅश रूम और टॉयलेट के प्रबंध हों। थाना अगर किराये के भवन में हो तो उसे पूरा का पूरा प्रोक्योर कर उसका भवन नये सिरे से बनना चाहिए। हम हर तरह की सुविधा देना चाहते हैं, लेकिन जनता और सरकार की जो अपेक्षाएँ हैं, वह पूरी निष्पक्षता के साथ ससमय पूरा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि थानों में पोस्टिंग करते वक्क्त सोशल बैलेंस को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि थाना वाइज समीक्षा इसलिए भी आवश्यक है ताकि पता चल सके कि थानेदार सक्रिय हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाएँ बढ़ती चली जा रही हैं इसलिए सिस्टम को पारदर्शी बनायें ताकि लोगों को कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज कायम करना राज्य का संवैधानिक दायित्व है और इसके लिए पुलिस महकमे को कानूनी तौर पर अधिकार प्राप्त है। आपको जो कानूनी अधिकार दिये गये हैं, उसका दुरूपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि सिस्टम इम्प्रूव होगा तो अपराध करने वाले भी सोचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन जो घोषणा की गयी थी डायल 100 के संदर्भ में, उसे आज लागू कर दिया गया है। इस जनोपयोगी सेवा में पुलिस के अलावा आगजनी, दुर्घटना, आपदा जैसी अन्य घटनाओं को भी संसूचित करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संसाधन की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अगर हजार करोड़ रूपये की भी जरूरत पड़ेगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम को मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी एवं प्रधान सचिव गृह सचिव आमिर सुबहानी ने भी संबोधित किया।