February 13, 2019

13.02.2019 (दरभंगा) : आज समाहरणालय के नियंत्रण कक्ष में डीएम त्यागराजन एस एम द्वारा फीता काटकर ज़िला परामर्श केंद्र तथा "हेलो टीचर" हेल्पलाइन का उद्घाटन किया गया। इस हेल्पलाइन का नंबर 06272- 240024 है। यह हेल्पलाइन वर्तमान में चल रहे इंटरमीडिएट परीक्षा तथा आगामी मैट्रिक परीक्षा के परीक्षार्थियों के last minute preparation (अंतिम तैयारियों) में सहायता हेतु लॉन्च की जा रही है। यह परामर्श केंद्र एक टेलीफोनिक सेवा है। इसमें शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक दिन शिक्षक विषयवार प्रतिनियुक्त किये गए हैं। सोमवार को विज्ञान के लिए 6, मंगलवार को अंग्रेजी के लिए 2, बुधवार को गणित के लिए 2, गुरुवार को हिंदी के लिए 2, शुक्रवार को संस्कृत के लिए 2 एवं शनिवार को सामाजिक विज्ञान के लिए 2 शिक्षक हेल्पलाइन पर मौजूद रहेंगे। हेल्पलाइन सुबह 10:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक कार्यरत रहेगा। ये शिक्षक कॉल करने वाले छात्राओं/छात्रों के प्रश्न का उत्तर देंगे, ताकि छात्राओं/छात्रों को अपनी परीक्षा की तैयारी के अंतिम पड़ाव पर उठने वाले संशयों, प्रश्नों का उत्तर मिल सके एवं उन्हें परीक्षा हेतु यथासंभव टिप्स भी मिल सकें। इससे परीक्षार्थी हल्के मन से परीक्षा में भाग ले सकेंगे। यह डीएम श्री त्यागराजन एस एम की अनूठी सोच है जिसे उन्होंने अपने पूर्व पदस्थापन ज़िला नालंदा में भी शुरू किया था। इस हेल्पलाइन की शुरुआत आज हो चुकी है। कल समय के अनुसार हिंदी के लिए परामर्श लिया जा सकता है।
February 07, 2019

07.02.2019 (दरभंगा) : डीएम के कार्यालय प्रकोष्ठ में सरस्वती पूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था की तैयारी की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन डीएम त्यागराजन एस. एम. एवं एसएसपी बाबूराम की अध्यक्षता में किया गया। डीएम ने कहा कि पूजा का आयोजन चुनावी माहौल में किया जा रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए विधि-व्यवस्था संधारण की तैयारी की जाय। उन्होंने पूजा समितियों को मूर्ति स्थापना, विसर्जन आदि से संबंधित लाइसेंस हेतु आवेदन की समीक्षा कर अगले 48 घंटे में सभी लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पूजा समितियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया जाय कि डीजे का प्रयोग वर्जित है। धारा 107 के तहत कार्यवाही के भी निदेश दिए गए। सीसीटीवी लगाने तथा वीडियोग्राफी का भी प्रस्ताव देने का निदेश दिया।
एसएसपी ने कहा कि लाइसेंस सशर्त निर्गत किये जायें ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर पूजा समिति पर कार्यवाही की जा सकती है। पूजा समिति से विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने हेतु स्वयंसेवकों की सूची ली जाए जो पूजा जुलूस को नियंत्रित रखने हेतु उत्तरदायी होंगे। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि बिहार कंट्रोल ऑफ क्राइम्स एक्ट के तहत कार्यवाही का प्रस्ताव कल ही भेजें। डीएम एवं एसएसपी ने सभी उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी थानाध्यक्षों से संवेदनशील पूजा स्थलों तथा अन्य अपेक्षित समस्याओं के संबंध में फीडबैक लेकर विस्तृत चर्चा की, एवं किसी भी परिस्थिति में कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अंत में 9 फरवरी को शांति समितियों की बैठक करने का निर्देश देकर बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।
February 07, 2019

07.02.2019 (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम के बाहर सड़क सुरक्षा सप्ताह (04 फरवरी - 10 फरवरी 2019) के अवसर पर जागरूकता हेतु मोटर साईकिल रैली को डीएम त्यागराजन एस0एम0 तथा एसएसपी बाबुराम द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर डीएम ने अपने संदेश में कहा कि सभी नागरिक बिना लाईसेंस के वाहन का प्रयोग न करें। दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के तथा चार पहिया वाहन बिना सीट बेल्ट के न चलाएँ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने का प्रयोजन यह है कि सभी वाहन चालक अपनी सुरक्षा तथा अपनी सहयात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखने के प्रति जागरूक हों। इसमें प्रशासन की भूमिका से ज्यादा स्वयं को जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित है। उन्होंने अपील की, कि अपनी सुरक्षा तथा अपने सहयात्रियों की सुरक्षा के लिए आप स्वयं जिम्मेवार बनें। उन्होनें यह भी कहा कि बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने वालों पर दण्ड भी लगाया जाएगा। एसएसपी बाबुराम ने अपने संदेश में कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का वाहन चलाना गैर-कानूनी है। उन्होनें सभी को संदेश दिया कि ट्रैफिक के नियमों का पालन करें, सुरक्षित चलें तथा सुरक्षित चलायें। सड़क पर ज्यादा तेज वाहन न चलाएँ। उन्होंने भी सभी से अपील की, कि अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक हों एवं वाहन का प्रयोग सुरक्षा को वरीयता देते हुए करें। ‘‘हेलमेट पहनना जरूरी, नहीं तो होगा हेड इन्ज्युरी’’ - इस संदेश के साथ रवाना की गयी इस रैली का रूट नेहरू स्टेडियम - लोहिया चौक - नाका नं0 6 - कर्पूरी चौक - लहेरियासराय टावर - नेहरू स्टेडियम था। उक्त स्थल पर जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार तथा जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी भी उपस्थित थे।
February 07, 2019

06.02.2019 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरदार पटेल भवन में पुलिस थानों के लिये क्रय किये गये 1001 नये वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर इसे बिहार पुलिस को सुपुर्द किया। इस अवसर पर सरदार पटेल भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस कॉफी टेबल बुक एवं बिहार पुलिस कैलेंडर-2019 का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इस कॉफी टेबल बुक का विमोचन 30 जनवरी को ही होना था लेकिन आदरणीय जॉर्ज फर्नांडिस के निधन के कारण हमें दिल्ली जाना पड़ा। आज बिहार पुलिस के कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ है, इसकी मुझे बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि इस कॉफी टेबल बुक में बिहार पुलिस के इतिहास और पुलिसकर्मियों के योगदान को बेहतर तरीके से उल्लिखित किया गया है, जो भी इसे देखेगा उसे बिहार पुलिस के योगदान के विषय में जानकारी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी प्रकार के संसाधन पूरी मुश्तैदी के साथ मुहैया कराने के लिए हर समय तत्पर है। 12 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल भवन जो पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन का एक विशिष्ट केंद्र है, इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विशिष्ट डिजाइन के आधार पर इस भवन का निर्माण कराया जो भूकंपरोधी है। हमें नहीं मालूम कि पूरे देश में इस प्रकार का पुलिस मुख्यालय है या नहीं। आपदा प्रबंधन विभाग का भी अब यही कार्यालय रहेगा और गृह सचिव भी यही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इसके मेंटेनेंस के लिए टेंडर किया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग यहाँ आयेंगे। इससे एक्टिविटी ज्यादा होगी। ऐसी स्थिति में इस भवन का प्रोपर मेंटेनेस होना आवश्यक है, नहीं तो आप भवन कितना भी अच्छा बना दें और उसका प्रोपर मेंटेनेस नहीं होगा तो वह कचरे की पेटी में तब्दील हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 133 एकड़ में राजगीर में पुलिस अकादमी का निर्माण कराया गया है, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो जायेंगे कि कहीं ये व्हाइट हाउस तो नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की कमी है इसलिए वहां डी0एस0पी0, सब इंस्पेक्टर के अलावा आरक्षी की भी ट्रेनिंग होगी। पुलिस अधिकारियों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस की राज्य सरकार से जो अपेक्षाएं हैं उसे हम कर रहे हैं लेकिन लोगों की जो आकांक्षाएं और उम्मीदें पुलिस से है उसका ख्याल रखना आप सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ करने वालों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करने के लिए आपको पूरी स्वायत्तता और स्वतंत्रता है। इसके साथ ही बिहार की कानून व्यवस्था और पब्लिक ऑर्डर का हर सूरत-ए-हाल में पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों में हमने किसी भी पुलिस अधिकारी को फोन करके किसी को बचाने या फंसाने के लिए जब नहीं कहा तो किसी और के कहने पर भी फंसाने या छोड़ने का काम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद लोगों की मानसिकता बदली है। बिहार के माहौल में परिवर्तन हुआ है। आपराधिक वारदातों और घरेलू हिंसा में भी काफी कमी आई है। ऐसी स्थिति में शराब का अवैध धंधा करने वालों पर तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शराबबंदी की प्रभावी तरीके से माॅनिटरिंग करने के लिए आई0जी0 प्रोहिबिशन का तंत्र विकसित किया गया है और जो भी मदद चाहिए, वह दी जायेगी। इसलिए पूरी सजगता और मजबूती से आप सभी शराबबंदी पर ध्यान दीजिये। उन्होंने कहा कि जन अपेक्षा से अवगत कराने के साथ ही अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करना हमारा काम है इसलिए आपलोग न्यायसंगत ढंग से काम करिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कई प्रकार की जो आपराधिक घटनाएं घटित होती हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भूमि विवाद। जिसको देखते हुए लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा भूमि का पारिवारिक बंटवारा मात्र 100 रूपये के खर्च पर करने का प्रावधान बिहार में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक नया लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम पूरा नहीं होता है, तब तक पुराने रिकॉर्ड को अपडेट रखने की दिशा में भी कार्रवाई की गयी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस बल की बड़ी भूमिका है। हमारी अपेक्षा पर आप खरे उतरिये तो लोगों को काफी प्रसन्नता होगी। एक दारोगा, डी0एस0पी0 या एस0पी0 यदि अच्छा काम करते हैं तो लोग न सिर्फ उसकी प्रशंसा करते हैं बल्कि उन्हें याद भी रखते हैं। ऐसे अच्छे ऑफिसर आप सब भी बनें ताकि लोगों के मन में आपकी अच्छी छवि हो। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इतिहास को कॉफी टेबल बुक में दर्ज किया गया है, यह अच्छी बात है। इसे रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों को भी उपलब्ध कराइए ताकि वे उसे पढ़कर अपने अनुभव के आधार पर अपनी लेखनी के जरिये समाज को और बिहार पुलिस को कुछ दे सकें। उन्होंने कहा कि जितनी गाड़ियों और आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों की जरूरत होगी, उसे राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने कार्यभार संभाला था तो पुलिसकर्मियों की संख्या कितनी कम थी और आरक्षियों की पोशाक का क्या हाल था। इससे हर कोई भलीभांति अवगत है। बिहार पुलिस के थानों में जो वाहन थे, उसे धक्का देकर स्टार्ट किया जाता था और उसकी आवाज इतनी ज्यादा थी कि दूर से ही सुनकर अपराधी समझ जाते थे कि पुलिस की गाड़ी आ रही है।
आयोजित कार्यक्रम को मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग आमिर सुबहानी एवं पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने भी संबोधित किया।
February 01, 2019

01.02.2019 (DarbhangaOnline Desk) : 1987 बैच के आईपीएस ऑफिसर गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के नए डीजीपी बन गए हैं। पदभार संभालने के बाद आज दूसरे दिन के संध्या बेला में DarbhangaOnline.com से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, शराबबंदी उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। माँ जानकी की धरती को नमन करते हुए उन्होने मिथिलांचल वासियों से अपील करते हुए कहा की अपराध नियंत्रण तथा शराबबंदी को सफल बनाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। गौरतलब है की श्री पांडेय ने पिछले कुछ महीनों से नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने हेतु बिहार के लगभग सभी जिलों में घूम-घूमकर कैंपेन किया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए एक ख़ास नाम, सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण, बुलंद आवाज़, अनुभवी आईपीएस ऑफिसर श्री गुप्तेश्वर पांडेय से जनता को काफी उम्मीदें हैं।