November 12, 2019

11.11.2019 (दरभंगा) : डीएम ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को मार्च, 2020 तक नल-जल योजना को पूर्ण कराने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मार्च, 2020 तक प्रत्येक घर में नल का जल पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस लक्ष्य को हर हालत में हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा कि बचे हुए वार्डों जहाँ बोरिंग गाड़ने एवं पाइप बिछाने का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, वहाँ एक सप्ताह के अंदर कार्य प्रारंभ कराई जाये। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी स्वयं नल-जल योजना की नियमित पर्यवेक्षण करें। सभी प्रखण्डों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी को भी अपने आवंटित प्रखण्ड में नल-जल योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पूरा कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने उक्त बाते कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित सरकार के सात निश्चय योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही है। डीएम द्वारा सभी प्रखण्डों में नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छता योजना आदि की प्रगति की बारी-बारी से समीक्षा किया गया। इसमें सदर दरभंगा, हनुमाननगर, बहेड़ी आदि प्रखण्डों में योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इन प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सहित अन्य सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को उक्त सभी योजना में प्रगति लाने का सख्त निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के सात निश्चय की सभी योजनाएँ सरकार की उच्च प्राथमिकता सूची में है। इसे पूर्ण निष्ठा के साथ पूरी करनी होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में किरतपुर, हनुमाननगर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, बहादुरपुर, केवटी, घनश्यामपुर, हायाघाट प्रखण्डों में सबसे ज्यादा पेडेन्सी पाई गई। हनुमाननगर प्रखण्ड में 2855 के विरूद्ध 1652 आवासों का निबंधन हुआ है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 2178 आवासों का निबंधन बताया गया। बहादुरपुर प्रखण्ड में 2304, घनश्यामपुर प्रखण्ड में 1787, हायाघाट प्रखण्ड में 2947 एवं सदर दरभंगा में 2838 आवासों का निबंधन किया गया है। जबकि जियो टैंगिग की संख्या और कम है। डीएम ने पेंडेसी को खत्म करने का सख्त निर्देश दिया है।
इसके पूर्व उप विकास आयुक्त द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छता योजना की प्रगति का प्रखण्डवार समीक्षा किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास विहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु राशि उपलब्ध कराई जा रही है। लाभुक को खुद ही मकान बनाने हैं। उन्होंने सभी प्रखण्डों में प्रतीक्षा सूची का बोर्ड लगाने का निदेश दिया। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को लोहिया स्वच्छता योजना के अन्तर्गत छूटे हुए घरों में शौचालय का निर्माण कराने एवं जिन घरों में शौचालय का निर्माण हो गया है, उसका जियो टैंगिग करके लाभुकों को प्रोत्साहन की राशि का भुगतान कराने को कहा गया है। उक्त समीक्षा बैठक में अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी, उप विकास आयुक्त डॉ.कारी प्रसाद महतो, सभी प्रखण्ड के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
November 12, 2019

11.11.2019 (दरभंगा) : मौलाना अबुल कलाम अजाद के जन्म दिवस के अवसर पर आज मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय की दरभंगा इकाई परिसर में शिक्षा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि डीएम डॉ.त्यागराजन एस.एम. द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डीएम ने मौलान अबुल कलाम आजाद का राष्ट्र निर्माण में योगदान की विस्तार से चर्चा करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि मौलाना सैयद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरूद्दीन अल हुसैन आजाद का जन्म दिवस राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मानाया जाता है। वे स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने भारत में शिक्षा नीति की स्थापना की थी। भारत में शिक्षा की नींव डालने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। गौरतलब है कि दरभंगा नगर में मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय की एक इकाई कार्यरत है। इस संस्थान में चार शाखाएँ है, जिसमें मानू बी.एड, मानू पोलिटेक्निक, मानू आई.टी.आई. एवं मानू कामरान मोडल स्कूल शामिल है।
डीएम द्वारा सभी शाखाओं का भ्रमण कर इसका निरीक्षण किया गया। उन्होंने कम्प्यूटर लैब, रेल-टेल वाई-फाई आदि सेवा को उत्कृष्ट बताते हुए इसकी सराहना भी की। उन्होंने इस संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को कुछ अलग किस्म के नवोन्मेषी उत्पाद विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया। कहा कि ऐसे उत्पादन जो स्थानीय जरूरतों को पूरा करने एवं समस्याओं को कम करने में सहायक सिद्ध हो। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से शैक्षणिक वातावरण बनाये रखने एवं निरंतर उत्कृष्टता लाने का प्रयास कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चारो शाखाओं के प्रधान, जिला अल्प संख्यक कल्याण पदाधिकारी वसीम अहमद एवं बड़ी संख्या में छात्र/छात्रा मौजूद थे।
November 11, 2019

10.11.2019 (दरभंगा) : तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह का विधिवत उद्घाटन करते हुए नगर विधायक संजय सरावगी ने मैथिली के बिहार की एकमात्र अष्टम अनुसूची में शामिल होने वाली भाषा की सम्पन्नता का जिक्र करते हुए कहा की बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में मैथिली की पढ़ाई शुरू की जाए। उन्होंने मैथिली के प्रति हर मिथिलावासी को जागरूक होने की अपील करते हुए मां की भाषा को समृद्ध बनाने के लिए आगे आने की बात कही। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ देवनारायण झा ने मिथिला और मैथिली के संबंध में अनेक दृष्टांतों का जिक्र करते हुए मैथिली को सबसे पुरानी समृद्ध भाषा और मिथिला को पुरातन क्षेत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मैथिली दूसरी राजभाषा के रूप में कायम हो चुकी है लेकिन बिहार में अभी तक इसके लिए पहल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉ. उपेन्द्र झा ने अपने संबोधन में सत्ताधारी दल के विधायकों से अपील करते हुए कहा की राजनीति से ऊपर उठकर मैथिली को बिहार की पहली राजभाषा बनाने के लिए कमर कसकर आगे आएं। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिथिला विभूति सम्मान प्रदान किए गए। यूपीएससी की परीक्षा में मैथिली विषय के साथ सफलता हासिल करने वाले बसहा ग्रामवासी शिवाशीष कुमार, मैथिली साहित्य के लिए फूलचन्द्र झा प्रवीण आदि के नाम शामिल हैं। आज के समारोह में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. विजय शंकर प्रसाद को डॉ. गणपति मिश्र चिकित्सा सम्मान से नवाजा गया जबकि संस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कावर पथ स्थित वैदेही धर्मशाला के संस्थापक संस्था वैदेही सेवा मंच, कोलकाता को सम्मानित किया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार मिथिला के हुनर को निखारने एवं इससे संबंधित लघु उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में तत्पर है और जल्दी ही स्वाबलंबी मिथिला अपनी खोई पहचान को हासिल करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मैथिली की पढ़ाई शुरू करने के लिए कदम उठाए जाने को समय की मांग बताया। इससे पूर्व संस्थान के महासचिव डा0 बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह के इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक पं कमलाकांत झा के संचालन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत नटराज डांस एकेडमी के मोहित खंडेलवाल द्वारा गणेश वंदना पर आधारित नृत्य से हुआ।

विद्यापति रचित गोसाउनि गीत 'जय जय भैरवी ' पर सृष्टि कला केंद्र से जुड़ी ओडीसी नृत्यांगना प्रियांशी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत भाव नृत्य दर्शकों के विशेष आकर्षण के केंद्र में रही। डॉ. ममता ठाकुर ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। अतिथियों का स्वागत अनुपमा मिश्रा ने पारंपरिक स्वागत गीत से किया।

कार्यक्रम में सुषमा झा, केदारनाथ कुमर, दीपक कुमार झा, प्रतिभा कुमारी आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सीएम साइंस कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रामकुमार मिश्र, एमएलएसएम कॉलेज दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ. विद्या नाथ झा, डॉ जयशंकर झा, जीव कांत मिश्र विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रोफेसर चंद्रशेखर जा बूढ़ा भाई, प्रवीण कुमार झा, आशीष कुमार चौधरी मणि भूषण राजू, जय नारायण साह, डॉ महेंद्र नारायण राम, डॉ बुचरू पासवान, गंधर्व कुमार झा, संतोष कुमार झा, हरि किशोर चौधरी आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
November 11, 2019

10.11.2019 (दरभंगा) : आज मैराथन दौड़ प्रतियोगिता आयोजन के दौरान कुछ प्रतिभागियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है। बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता का आयोजन एथलेटिक फेडरेशन दरभंगा द्वारा किया गया था। आयोजक द्वारा बिना पूरी तयारी के ही मैराथन दौड़ प्रतियोगिता प्रारम्भ किया गया। इनके द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। प्रतियोगिता स्थल पर अव्यव्श्था के चलते अप्रिय घटना घटित हुई। डीएम डॉ त्यागराजन एस.एम. द्वारा इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और इसकी जाँच हेतु डीडीसी की अध्यक्षता मेँ एक त्रिसदस्यीय कमिटी गठित कर दिया गया है। वही जिला खेल पदाधिकारी दरभंगा विजय पंडित को उक्त फेडरेशन के विरुद्ध थाने मेँ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। बताया गया है कि मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कामेश्वर सिंह संस्कृत विस्वविद्यालय, दरभंगा परिसर मेँ किया गया था। विस्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रतियोगिता आयोजन हेतु आयोजक को सीधे अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया था।
डीएम ने कहा है कि कालांतर मेँ बिना अनुमंडल पदाधिकारी की अनुमति के किसी भी संस्थान द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं निर्गत किया जायेगा। उन्होंने कहा है कि जिला खेल पदाधिकारी के स्तर पर भी लापरवाही बरती गयी है। जिला अंतर्गत सभी खेल प्रतिस्पर्धा का आयोजन की पूरा दायित्व जिला खेल पदाधिकारी की है। जिला खेल पदाधिकारी द्वारा बिना जाँच किये ही एक निजी संस्थान को इतनी बड़ी खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराने की अनुमति दिला दिया गया। उक्त आयोजक द्वारा प्रतिभागियों से कथित तौर पर राशि की भी बसूली किये जाने की बातें डीएम के संज्ञान मेँ लायी गयी है। उन्होंने कहा है कि जाँच मेँ दोष सिद्ध होने पर जिला खेल पदाधिकारी के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिसमे प्राथमिकी दर्ज करने के साथ अनुशासनिक कार्रवाई भी शामिल होंगे। जिला खेल पदाधिकारी, दरभंगा जो मधुबनी जिला मेँ जिला खेल पदाधिकारी के रूप मेँ पदश्थापित हैं, ने बताया है कि वे आज छुटी पर थे।
November 02, 2019

01.11.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज नगर निगम क्षेत्र में अवस्थित बड़े छठ घाटों का भ्रमण कर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया और बाकी बचे हुए कार्यों को आज रात्रि तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। उनके भ्रमण के दौरान सदर अनुमण्डल पदाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता, नगर प्रबंधक, सदर अंचल अधिकारी एवं अन्य अधिकारी साथ-साथ चल रहे थे। उन्होंने सबसे पहले लहेरियासराय के.एम.टैंक छठ घाट गये और वहां पर निर्माण कार्य का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने जिला स्कूल छठ घाट, गंगासागर छठ घाट, हराही छठ घाट एवं सी.एम. कॉलेज छठ घाटों का भ्रमण कर वहाँ पर नगर निगम, दरभंगा द्वारा साफ-सफाई, रोशनी एवं बैरिकेडिंग कार्य का निरीक्षण किया। इस क्रम में गंगासागर एवं हराही पोखर छठ घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य पूरा नहीं पाया गया। डीएम द्वारा बचे हुए बैरिकेडिंग कार्य को आज रात्रि तक में ही पूरा करने का निर्देश नगर प्रबंधक, नगर निगम, दरभंगा को दिया गया। इसके साथ ही सभी छठ घाटों एवं यहाँ पहुँचने वाले सभी मार्गों पर रोशनी की समुचित व्यवस्था कर लेने तथा लगातार साफ-सफाई कार्य कराते रहने का निदेश दिया गया।
डीएम एवं एसएसपी द्वारा संयुक्त आदेश जारी कर जिले में छठ पूजा त्यौहार को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु सभी छठ घाटों सहित वृह्त पैमाने पर सशस्त्र बलों के साथ दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष एवं बड़े छठ घाटों पर सहायक नियंत्रण कक्ष लगातार क्रियाशील किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष में अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस पूरी सुविधा के साथ तैनात रखा गया है। उन्होंने कहा कि छठ घाटों पर किसी को भी पटाखा, क्रैकर अथवा अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं जाने दिया जायेगा, यह सुनिश्चित करने की जवाबदेही प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी की होगी। सभी छठ घाट पूजा समितियों से ध्वनि विस्तारक यंत्र की उत्तम व्यवस्था करने, लगातार माइकिंग कराते रहने का आग्रह किया गया है। उन्हें पर्याप्त संख्या में वोलंटियर को भी तैनात रखने को कहा गया है। पूजा समितियों से आग्रह किया गया है कि उनके द्वारा नियुक्त वोलंटियर छठ व्रतियों एवं अन्य लोगों को गहरे पानी में जाने से रोके ताकि किसी अप्रिय घटना घटित न हो। डीएम द्वारा जिला वासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त किया गया है कि जिले में छठ महापर्व पूर्ण शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो जायेगा।