October 18, 2020

17.10.2020 (दरभंगा) : बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 एवं बिहार विधान परिषद् के द्विवार्षिक चुनाव की तैयारी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार श्री एच.आर. श्री निवास ने बिहार के सभी आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदान कर्मियों एवं मतदाताओं द्वारा कोविड-19 से सुरक्षा के लिए प्रयुक्त मेटेरियल के निष्पादन एवं संग्रहण कराने की मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी मतदान केन्द्र तक के पहुँच पथ को भी दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के चुनाव के लिए 1,066 अभ्यर्थियों द्वारा नाम-निर्देशन पत्र दिये गए है, इसमें 372 के विरूद्ध अपराधिक मामले दर्ज है, इन्हें अपने व्यय पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन प्रसारण कराना है, जिसके लिए संबंधित निर्वाची पदाधिकारी उन्हें नोटित जारी करेंगे। उन्होंने पी.डब्लू.डी. एवं 80 वर्ष से ऊपर के मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट पेपर की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कोविड-19 के लिए जारी गाईडलाइन के उल्लंघन के विरूद्ध कितने मामले दर्ज कराए गए हैं, का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश सभी डीईओ को दिए। पी.डब्लू.डी. वोटर के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर रैलिंग सहित रैम्प तथा व्हीलचेयर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बिहार विधान परिषद् के द्विवार्षिक चुनाव 2020 के लिए प्रतिनियुक्त मतदान कर्मियों को भी कोविड किट्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार विधान परिषद् के चुनाव में भी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल को प्रतिनियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी को अपने पीठासीन पदाधिकारी को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए कि मतदाता द्वारा साक्ष्य के रूप में फर्जी डिग्री की कॉपी दिखलायी जा सकती हैं, इसलिए डिग्री का मूल प्रमाण-पत्र ही मान्य है तथा इसका अवलोकन वे अच्छी तरह से करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापक पैमाने पर फर्जी वोटरों के होने की शिकायत भी मिल रही है, इसलिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर वेवकास्टिंग की व्यवस्था होगी और कैमरा इस तरह से लगाए जाएंगे कि मतदाता का चेहरा अच्छी तरह से दिख सके।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भी इसकी निगरानी की जाएगी। फर्जी वोटर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मतगणना केन्द्र पर पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, क्योकि मतपेटीका के साथ 20 दिनों तक मतगणना केन्द्र लॉक रहेगा। बिहार विधान परिषद के 05-दरभंगा स्नातक/शिक्षक निर्वाचन की तैयारी के संबंध में श्री मयंक वरवड़े, आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा-सह-निर्वाची पदाधिकारी ने बताया कि 22 अक्टूबर को मतदान कराने की सारी तैयारी की जा चुकी है। नियुक्ति पत्र सभी पोलिंग पार्टी को निर्गत किए जा चुके हैं। मतदाता सूची का विखण्डीकरण भी किया जा चुका हैं, मतदान केन्द्रों पर वेवकास्टिंग एवं वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गयी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को जागरूक किया जाना चाहिए कि वे संख्यात्मक 1, 2, 3, .................. में वरीयता देते हुए अपना मत देंगे। शब्दों में प्रथम, द्वितीय लिखने पर मत अमान्य हो जाएगा। वे हिन्दी, इग्लिश या रोमन किसी भाषा में संख्यात्मक मत ही दें।
October 18, 2020

13.10.2020 (दरभंगा) : ख्यातिलब्ध पत्रकार रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता की 85वीं जयंती के अवसर पर " असमान्य परिस्थितियों में जनचेतना एवं पत्रकारों की भूमिका " विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ट सामाजिक चिंतक एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि मीडिया पर बाजार का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। नतीजन पत्रकारों के समक्ष विविध प्रकार की मजबूरियां उपस्थित है। अभी कोरोना जैसे असमान्य परिस्थितियों में पत्रकारों ने अहम भूमिका निभाई है और उसी का परिणाम है कि आज हर कोई कोरोना से सावधान है। उन्होंने कहा की मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन सर्वश्रेष्ठ ढ़ंग से करना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाज में सद्भावना और प्रेम बना रहे इसके लिए सामाजिक नहीं शारीरिक दूरी बनाने के लिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी से समाज में विद्वेष फैलता है और आज इसी कारण से समाज एवं परिवार टूटने के कगार पर पहूंच गया है। वैश्विक महामारी कोरोना के लोग सिर्फ अपने में सिमट कर रह गया हैं वह अपने वृद्ध माता-पिता एवं संबंधियों तक को भी भुला दिया है।
ल.ना. मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ट चिंतक डॉ. जितेन्द्र नारायण ने कहा कि सामाजिक जीवन में प्राकृतिक आपदाओं को छोड़कर अधिकांश असमान्य परिस्थितियों की उत्पत्ति मनुष्य की स्वार्थी प्रवृति के कारण होती है। आज स्वार्थ भाव इतना प्रबल हो गया है कि लोग अपने दायित्व का निर्वहन पवित्र भाव से नहीं करते है। लाभ हर जगह हावी हो गया है जिसके कारण कभी-कभी असमान्य परिस्थितियां विकट और विकराल हो जाती है। भारत में आजादी पूर्व से ही पत्रकारिता जनचेतना को जगाती रही है तथा जनमत निर्माण में भी इसका अहम योगदान रहा है। पर उस समय की सरोकार रूपी पत्रकारिता वर्तमान दौर में स्वार्थ से प्रभावित हो चुकी है। इसके कारण पत्रकार भी आरोप-प्रत्यारोप के खेल में शामिल होकर वास्तविकता को संदेहप्रद बना देते है। यह प्रवृति समाज के लिए घातक है क्योंकि समाजिक चेतना जगाने का अंतिम दायित्व पत्रकारों का है और इसमें गिरावट से समाज-राष्ट्र सीधे तौर पर प्रभावित होता है। पत्रकारों का धर्म तटस्थ रहकर समस्या के निदान के प्रति समाज को जागृत करना ही है।
इससे पूर्व विषय प्रवेश करवाते हुए एम.एल.एस.एम कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारों की अभिव्यक्ति असल में आमलोगों की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए असमान्य परिस्तिथियों में पत्रकारों की जवाबदेही बढ़ जाती है। पत्रकारिता का धर्म कहता है कि बिना किसी खास विचारधारा से प्रभावित हुए आमलोगों की भावनाओं और वास्तविकता को उजागर करना ही पत्रकारिता है। पत्रकारों को चाहिए कि वे मानवता हित में अपने धर्म का निर्वहन करें। कोरोना संक्रमण के दौर में पत्रकारों ने अपनी भूमिका का सटीक निर्वहन किया है।
डॉ. अमरनाथ कुंवर ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि जनचेतना निर्धारण में पत्रकारिता की अहम भूमिका रही है। अभी कोरोना महामारी जैसी असमान्य परिस्थितियों में पत्रकारों ने जैसा कार्य किया है वैसा ही कार्य पत्रकारों को सामाजिक समस्याओं के असमान्य होने पर भी करना चाहिए।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एम.एल.एस.एम कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ट पत्रकार डॉ. कृष्ण कुमार झा ने कहा कि विपरित परिस्थितियों में ही व्यक्ति की पहचान होती है। असामान्य परिस्थिति में जनचेतना को सही दिशा देने की जिम्मेवारी जब पत्रकारों पर आती है तभी उनका निखरा स्वरूप भी समक्ष आता है। कोरोना जैसी महामारी के दौर में पत्रकारिता अपने मापदंडों पर खरी उतरी है, परंतु कई ऐसी असामान्य सामाजिक परिस्थितियां नजर आयी है जिससे पत्रकारिता का विकृत स्वरूप सामने आया है। असामान्य परिस्थितियों से पत्रकारों का चोली-दामन का साथ होता है और ऐसी परिस्थितियां ही पत्रकारिता की महत्ता को भी सार्थकता देती है। संगोष्ठी की शुरुआत स्व. रामगोविंद प्रसाद गुप्ता की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अतिथियों ने किया तथा डॉ. ए.डी.एन सिंह के ओजस्वी संचालन में अतिथियों का स्वागत प्रदीप गुप्ता ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद कुमार गुप्ता ने दिया।
October 18, 2020

11.10.2020 (दरभंगा) : मिथिला के विभिन्न भू-भागों में स्थापित मैया के मंदिरों में दरभंगा की हृदयस्थली पर माधवेश्वर प्रांगण में अवस्थित रामेश्वरी श्यामा माई मंदिर का अपना अलग स्थान रहा है। श्मशान भूमि में स्थापित होने के बावजूद यहां सालों भर आयोजित होने वाले मांगलिक कार्यक्रमों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के कारण यह स्थल आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इसे ध्यान मे रखते हुए नृत्य के माध्यम से मिथिला की धरोहर संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को सहेजने को कृतसंकल्प सृष्टि फाउंडेशन ने शक्ति उपासना की महिमा का बखान करते गीत 'ये गिरि नन्दिनी...' पर ओडिशी शैली में मिथिला के पारंपरिक भाव को प्रदर्शित करते नृत्य को माँ श्यामा के दरबार मे वीडियो शूट किया है। जानकारी देते हुए फाउंडेशन के निदेशक एवं प्रख्यात ओडिशी नर्तक जयप्रकाश पाठक ने बताया कि सृष्टि ने अपनी योजना के अनुरूप माँ श्यामा के दरबार एवं मंदिर प्रांगण में अपने पहले वीडियो शूट कार्यक्रम को पूरा कर लिया है। इस वीडियो में सृष्टि के वरिष्ठ कलाकार छात्र-छात्राओं के साथ उनकी बेटी सृष्टि ने भी अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी है, जिसकी उम्र अभी महज पांच वर्ष की है। सृष्टि फाउंडेशन के इस ड्रीम शूट में सहभागी बने माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष-सह-मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष आदरणीय पं कमलाकान्त झा, सह-सचिव प्रो श्रीपति त्रिपाठी, प्रबंधक डॉ चौधरी हेमचंद्र राय, कोषाध्यक्ष श्री राम नारायण मिश्र, समिति के वरीय सदस्य डॉ रमेश झा, प्रदीप झा, सृजन मिथिला के संस्थापक राजेश चौधरी एवं मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के वरिष्ठ संरक्षक प्रवीण कुमार झा सहित ईशटर ईपसम टीम के राजेश्वर मिश्रा, अनिकेत, दीपेश, प्रत्युष व लाईट और साउंड के बीच सुन्दर समन्वय स्थापित करने वाले विजय एंव सन्तोष के प्रति आभार जताया है। साथ ही रुप सज्जा मे तेज नारायण मांझी ने महती भूमिका अदा की। श्री पाठक ने बताया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर इस वीडियो को रिलीज़ किया गया जिसे सोशल मीडिया पर भरपूर सराहा जा रहा।
October 10, 2020

10.10.2020 (दरभंगा) : अकादमिक प्रशासन दुनिया के सभी प्रशासनों से भिन्न होते हैं। अन्य प्रशासनों में प्रशासक को अपने से न्यून पदधारकों पर शासन करना पड़ता है, परन्तु अकादमिक प्रशासन समकक्ष लोगों को साथ लेकर चलता है। बराबर की योग्यता, सामर्थ्य वाले लोग मंच पर भी हैं और मंच के सामने भी। दोनों के बीच दूरी रहते हुए भी दूरी नहीं है। दोनो में एक और फर्क है। सामने बैठे स्थायी हैं और मंच पर बैठे अस्थायी। अस्थायी द्वारा स्थायी पर शासन होता है।" उक्त बातें आज विश्वविद्यालय परिसर स्थित जुबिली हाल में विश्वविद्यालय विभागों के प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोo सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के लिए यह सौभाग्य की बात है कि प्रतिकुलपति एवं कुलसचिव आपके ही बीच के हैं। उन्होंने शिक्षकों से सीमा से परे नवाचार ( beyond boundary innovation) , प्रगतिशील विचार, परिणाम परक शोध, पाठ्यक्रम में तर्कपूर्ण बदलाव हेतु उत्प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय मानकें तय हैं । हमें अपनी उपलब्धियों के बदौलत उस मानक को पार करना होगा। आज के परिदृश्य में आर्डिनरी, एक्सट्रा आर्डिनरी प्रर्दशन का महत्व नहीं है। शैक्षिक क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए श्रेष्ठतम गुणवत्ता उत्पन्न करने होंगे। उन्होंने शिक्षकों को आह्वान किया कि अभी से अपने अपने विभागों में जाकर जागरूकता पैदा कीजिए।
अपने संबोधन में प्रतिकुलपति प्रोo डॉली सिन्हा ने कहा कि उनकी विद्यालयीन शिक्षा दरभंगा में ही हुई है। आज ईश्वर की कृपा से मिथिलांचल की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। यहां की संस्कृति एवं कला समृद्ध है। विश्वविद्यालय की तरक्की के लिए हम सब मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नैक होने वाला है इसमें 250 अंक अनुसंधान पर है। प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि समाजिक विज्ञान, कला एवं साहित्य में शोध की अपार संभावनाएं हैं। सभी शिक्षकों के अधीन शोध परियोजनाएं होनी चाहिए।
बैठक के आरंभ में कुलसचिव द्वारा प्राचार्यों का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि कुलपति महोदय ने क्रमश: पदाधिकारियों , संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, स्ववित्त पोषित योजना अधीन संचालित संस्थान के निदेशकों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठकें की है। आज आपके साथ बैठक हो रही है। सोमवार को विश्वविद्यालय विभागों के सह प्राचार्य एवं सहायक प्राचार्यों की बैठक होगी। इन बैठकों से शैक्षणिक उन्नयन के लिए रोड मैप तैयार करने में मदद मिलेगी। बैठक में प्रो चन्द्र भानु प्रसाद सिंह, प्रो के के साहू, प्रो एल के सिंह काब्या, प्रो नारायण झा, प्रो विजय कुमार यादव एवं प्रो रतन कुमार चौधरी ने अपने विचार रखे तथा प्रो रतन कुमार चौधरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त की गई।
October 10, 2020

10.10.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम एवं एसएसपी बाबू राम की अध्यक्षता में दुर्गापूजा को लेकर जिला शांति समिति की बैठक की गयी। बैठक में सभी पूजा समितियों को डीएम द्वारा गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा निर्गत आदेश से अवगत कराते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 एवं बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2020 के बीच दुर्गापूजा के त्योहार की तिथियाँ पड़ रही हैं। दुर्गापूजा में बड़ी संख्या में भीड़ पंडाल/मंडप/मंदिर/शिवालय इत्यादि स्थानों पर एकत्रित होते हैं। लेकिन कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत निदेशों का पालन इस अवसर पर सख्ती से कराया जाना आवश्यक है। उक्त के अवसर पर गृह विभाग(विशेष शाखा) द्वारा कन्टेनमेंट जोन के बाहर दुर्गा-पूजा 2020 के आयोजन के संबंध में निम्न दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
01. जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पूजा संबंधी किसी कार्यक्रम से चुनाव आचार संहिता एवं भारत निर्वाचन आयोग के किसी निदेश का उल्लंघन न हो। 02. दुर्गापूजा का आयोजन मंदिरों में या निजी रूप से घर पर ही किया जाए। मंदिरों में आयोजन के लिए निम्नलिखित शर्ते रहेंगी।
(क)मंदिर में पूजा पंडाल/मंडप का निर्माण किसी विशेष विषय (Theme) पर नहीं किया जाएगा।
(ख) इसके आसपास कोई तोरण द्वार अथवा स्वागत द्वार नहीं बनाया जाएगा।
(ग) जिस जगह मूर्तियाँ रखी गई हैं, उस स्थान को छोड़कर शेष भाग खुला (Open to air) रहेगा।
(घ) सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (Public Address System) का उपयोग नहीं किया जाएगा।
(ड़) इस अवसर पर किसी प्रकार के मेला (Fair) का आयोजन नहीं किया जाएगा।
(च) पूजा स्थल के आसपास खाद्य पदार्थ का स्टॉल नहीं लगाया जायेगा।
(छ) किसी प्रकार के विसर्जन जुलूस की अनुमति नहीं दी जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित तरीके से चिन्हित स्थानों पर ही मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन विजयादशमी (25 अक्टूबर 2020) को ही पूर्ण कर लिया जायेगा।
(ज) कोई सामुदायिक भोज/प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा।
(झ) आयोजकों/पूजा समितियों द्वारा किसी रूप में आमंत्रण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
(ञ) मंदिर में पूजा पंडाल / मंडप के उद्घाटन के लिए कोई सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।
(ट) मंदिर में पूजा के आयोजकों द्वारा पर्याप्त सेनिटाईजर की व्यवस्था की जायेगी।
(ठ) कोविड-19 के संक्रमण रोकने के संबंध में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत मापदण्ड (Protocol) का पालन करना अनिवार्य होगा।
(ड) पूजा के आयोजको/कार्यकर्ताओं एवं उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
3. किसी भी सार्वजनिक स्थल, होटल, क्लब आदि पर गरवा/डॉडिया, रामलीला इत्यादि कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।
4. रावण दहन का कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नहीं किया जायेगा। ऐसा करने पर भीड़ जमा होने की आशंका है।
5. सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क का प्रयोग तथा सामाजिक दूरी (न्यूनतम 6 फीट) का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना अनिवार्य होगा। सभी आगन्तुकों के तापमान की जाँच (Thermal Screening) की जायेगी ।
6. जिला प्रशासन द्वारा आयोजकों के सहयोग से उपरोक्त दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा, ताकि लोगों द्वारा स्वतः इनका पालन करना सुलभ हो।
इसके उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान भी नियत की गई हैं। उक्त दिशा-निदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के प्रावधानों के अतिरिक्त भा.द.वि. की धारा 188 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अधीन कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कई पूजा समितियों द्वारा बताया गया कि मिथिला पंचांग के अनुसार विजय-दशमी 26 अक्टूबर को पड़ रहा है, इसलिए प्रतिमा का विसर्जन 25 के जगह पर 26 अक्टूबर को करने का आदेश दिया जाए।
डीएम ने इसे गृह विभाग से सहमति लेकर प्रदान करने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि अंचल एवं थाना के माध्यम से पूजा समितियों के साथ बैठक कर इन तथ्यों से स्थानीय पूजा समितियों को अवगत कराया जाएगा। उपस्थित पूजा समिति से उन्होंने आग्रह किया कि वे अपने माध्यम से भी इसका विशेष प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि निर्देश का उल्लंघन कहीं भी हुआ, तो कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन की अवधि में कहीं कोई छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने पूजा समितियों से कहा कि मोहर्रम व गणेश पूजा के दौरान भी निदेश का शत-प्रतिशत पालन किया गया। जाले में एक जगह जुलूस निकाला गया था, वहां 50 व्यक्तियों पर प्राथमिकी की दर्ज कराई गई थी और गिरफ्तारी भी हुई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आपका पूरा सहयोग मिला है, इसलिए सहयोग की अपेक्षा है। एसएसपी बाबू राम ने कहा कि पूर्व में भी आपका सहयोग मिलता रहा है, जब तक बंदिश है तो जो निर्देश दिया गया है उसे हमें अनुपालन करना होगा। सरकार ने जो समाज के हित में निर्णय लिया है, उसका शत-प्रतिशत अनुपालन करावे।
पर्व के बाद भी एक महापर्व चुनाव है, इसमें हर व्यक्ति भयमुक्त वातावरण मं़ मतदान करें यह भी सुनिश्चित कराना है। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक अशोक प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक सदर अनोज कुमार सहित सदर अनुमंडल व जाले के सभी पूजा समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।