January 03, 2021

02.01.2021 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित अंबेडकर सभागार में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की अध्यक्षता में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए मनाया गया वंडर एप्प की प्रगति को लेकर बैठक की गई। बैठक के समीक्षा क्रम में वंडर एप्प के मामले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रदर्शन अत्यंत ही खराब पाया गया, जिनमें बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर, किरतपुर, सतीघाट और सिंहवाड़ा शामिल हैं। समीक्षा के दौरान दरभंगा जिले में कार्यरत केयर संस्था के जिला समन्वयक श्रद्धा झा ने बताया कि 24 नवंबर 2020 की बैठक में गर्भवती महिलाओं का प्रविष्टि वंडर एप्प पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। अब तक वंडर पोर्टल के लिए 1959 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। लेकिन वंडर पोर्टल पर अपलोड करने की प्रगति धीमी है। समस्याग्रस्त गर्भवती महिलाओं को जिन्हें पीएचसी से डीएमसीएच रेफर किया गया है, उनकी भी प्रविष्टि कई प्रखंडों में नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि वंडर ऐप के लिए निबंधित गर्भवती महिलाओं में से अब तक 313 समस्याग्रस्त गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है, जिनमें से 221 को बेहतर इलाज के लिए विभिन्न पीएचसी से उच्च संस्थानों को रेफर किया गया है। लेकिन, वंडर के माध्यम से 97 रेफर ही दिख रहा है। डीएम ने बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर, किरतपुर, सतीघाट और सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बीएचएम का वेतन अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया। साथ ही सिविल सर्जन दरभंगा डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कार्यों का नियमित एवम ठीक से अनुश्रवण नहीं करने के लिए वेतन स्थगित कर दिया गया। उन्होंने सभी पीएचसी एवं सिविल सर्जन दरभंगा को 3 दिनों का समय देते हुए बुधवार तक वंडर एप्प को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता डीपीएम स्वास्थ्य विशाल कुमार उपस्थित थे तथा सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक ऑनलाइन उपस्थित थे।
December 31, 2020

31.12.2020 (दरभंगा) : गृह मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा कोविड-19 का प्रसार रोकने हेतु आदेश संख्या 40-3/2020-DM-I(A) दिनांक 28 दिसम्बर, 2020 के माध्यम से निगरानी, कन्टेनमेंट एवं सावधानी हेतु दिशा-निर्देश निर्गत करते हुए कन्टेनमेंट जोन में लॉकडाउन की अवधि को दिनांक 31 जनवरी 2021 तक विस्तारित किया गया हैं। इसको लेकर जिला पदाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम द्वारा दरभंगा जिले के सभी विभागों के पदाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि गृह मंत्रालय के उपयुक्त आदेश तथा गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे।
December 31, 2020

31.12.2020 (दरभंगा) : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच) के द्वारा दरभंगा जिला में बनवाए जा रहे सड़कों की समीक्षा बैठक डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गयी।
बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर प्रमंडल के प्रबंध निदेशक रामप्रीत पासवान ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा NH-2 को एनएच-57 से जोड़ने के लिए भारतमाला परियोजना के अंतर्गत इंटर कॉरिडोर बनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आमस से - गया -जहानाबाद-नालंदा-पटना - वैशाली-समस्तीपुर होते हुए दरभंगा तक सड़क बनायी जा रही है, जिसकी कुल लंबाई 209 किलोमीटर है। इस परियोजना में चार पैकेज हैं। पैकेज नंबर- 04 मुजफ्फरपुर प्रमंडल देख रहा है, जिसमें समस्तीपुर जिले में पड़ने वाले सड़क का कुछ हिस्सा तथा दरभंगा जिला का पूर्ण हिस्सा शामिल है, इसकी लंबाई 44.10 किलोमीटर है। इसमें दरभंगा जिला के 32 गांव एवं समस्तीपुर जिला के 28 गांव शामिल हैं।
दरभंगा में यह आईटीआई, रामनगर (सिरीनिया) से प्रवेश करते हुए आमाडीह- तारालाही- बलभद्रपुर- बाजीतपुर- गेहूंमी होते हुए बेला-नवादा में एनएच- 57 से मिलेगी। इसके लिए भू अर्जन की कार्रवाई की जानी है। बहरहाल 3A की कार्रवाई की जा रही है। डीएम श्री त्यागराजन ने जिला भू- अर्जन पदाधिकारी, दरभंगा अजय कुमार को तीव्र गति से भू अर्जन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 10 जनवरी 2021 तक अधियाचना का विवरण को भूमिराशि पोर्टल पर अपलोड करा दिया जाए। जिला भू अर्जन पदाधिकारी, दरभंगा ने बताया कि 16 मौजा की खेसरा पंजी तैयार हो गया है। शेष मौजा का खेसरा पंजी तीव्र गति से तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसमें चार अंचल के मौजा शामिल हैं, जिनमें अधिकतर मौजा बहादुरपुर से सम्बद्ध है। उल्लेखनीय है कि भारतमाला योजना के तहत बिहार में 1432 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाना है। इस योजना के तहत मोहनियां-आरा और रजौली-बख्तियारपुर सड़क के साथ-साथ इंटर कॉरिडोर के तहत औरंगाबाद-दरभंगा, सासाराम-पटना, पटना-हाजीपुर-मुजफ्फरपुर, अन्य फीडर सड़कों में सोनवर्षा-रक्सौल, मुजफ्फरपुर-बेगूसराय-पटना साहिब, मुजफ्फरपुर-साहेबगंज, छपरा-पटना, चकिया-बैरगिनिया, अररिया-सुपौल आदि सड़कों का निर्माण होना है। राष्ट्रीय राजमार्ग, जयनगर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि दरभंगा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 527E दरभंगा-रोसड़ा पथ पर काम किया जाना है।
फिलहाल 3a की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अंचल एवं मौजा का नाम अधिसूचित होना है। उन्होंने कहा कि यह सड़क आईटीआई, रामनगर से शुरू होकर दरभंगा- बहेड़ी- शिवाजीनगर- रोसड़ा पथ के पश्चिमी से होते हुए निकल रही है यह सड़क बिल्कुल नयी है। डीएम ने भू अर्जन की कार्रवाई के लिए 3A की कार्रवाई जल्द कराने के निर्देश दिए। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, जयनगर प्रमंडल के अंतर्गत दरभंगा- समस्तीपुर वर्तमान सड़क की चौड़ीकरण का कार्य, दरभंगा- जयनगर पथ में चार लेन की सड़क निर्माण का कार्य, जिसमें केवटी में बाईपास दिया जा रहा है एवं चौथी सड़क मुसरीघरारी- समस्तीपुर पथ है। कुल चार सड़के राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) द्वारा बनाई जानी है।
बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल), समस्तीपुर प्रमंडल के उप महाप्रबंधक एवं प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उनके अंतर्गत वरुणा पुल- रसियारी पथ (SH-88) में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य किया जाना है। अगले सप्ताह से दरभंगा में काम शुरू हो जाएगा। वर्तमान में समस्तीपुर में काम चल रहा है। इस परियोजना में आशापुर के पास बाईपास बनाया जाना है। जिला भू- अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि SH-88 पथ वरुणा पुल-रसियारी पथ में चौड़ीकरण कार्य के अंतर्गत कुल 26 मौजा में भू -अर्जन किया जाना था, जिनमें से 24 मौजा का भू- अर्जन कर एनएच को हस्तगत कराया जा चुका है। शेष 2 मौजा का भू अर्जन किया जा रहा है, जिसे जल्द ही एनएच को हस्तगत करा दिया जाएगा। डीएम ने इस पथ में अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने को लेकर असंतोष जाहिर की तथा शीघ्र ही इस पथ में बिहार राज्य पथ विकास निगम, समस्तीपुर प्रमंडल के उप महाप्रबंधक को कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
उक्त बैठक में उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं पथ निर्माण से संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
December 31, 2020

30.12.2020 (पटना) : प्रमंडलीय आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल ने ठोस कचरा प्रबंधन के निगरानी एवं नियंत्रण की ऑनलाइन पद्धति का निरीक्षण नगर निगम में स्थापित केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष में की तथा अधिकारियों को सभी वार्ड में इस सिस्टम की जानकारी देने तथा सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। ठोस कचरा प्रबंधन वस्तुत: पटना शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने हेतु पटना नगर निगम एवं पटना स्मार्ट सिटी की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जिस पर कार्य शुरू है।
जीपीएस सिस्टम से वाहनों को लैस किया गया है जिससे हर गाड़ी के लोकेशन /समय/ रूट सहित प्रतिपल गतिविधि की मिलेगी जानकारी। इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने हेतु नगर निगम की 1100 गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है जिसके द्वारा वाहनों के वार्डवार / सेक्टरवार लोकेशन, कचरा का उठाव, समय, रूट की ऑनलाइन जानकारी प्राप्त होगी। अर्थात वाहन की प्रतिपल एक्टिविटी की संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन पद्धति से प्राप्त होगी। हर घर में क्यूआर कोड लगाने तथा प्रत्येक कचरा संग्रहक को एंड्राइड मोबाइल से लैस किया गया है। कचरा संग्रहक द्वारा कचरा उठाने के दौरान वार्ड सेक्टर के घरों में स्थापित क्यूआर कोड को अपने मोबाइल द्वारा स्कैन करना है। तत्पश्चात संबंधित जानकारी पटना नगर निगम में स्थापित नियंत्रण कक्ष को ऑनलाइन सिस्टम द्वारा प्राप्त हो जाएगी।
इस माध्यम से वार्ड/सेक्टर/वाहन/कचरा संग्रहक/ कचरा उठाव से संबंधित , लोकेशन, समय आदि की वास्तविक जानकारी आनलाइन सिस्टम से प्राप्त हो जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने वार्ड वार एवं सेक्टर वार सभी घरों में क्यूआर कोड लगाने तथा निगम के कर्मियों को सक्रिय एवं तत्पर कर फुलप्रूफ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिटीजन ऐप के माध्यम से कचरा उठाव के बारे में संबंधित घर के व्यक्ति को भी सूचना प्राप्त हो जाएगी।
इसके लिए संबंधित व्यक्ति को भी अपने एंड्राइड मोबाइल में सिटिजन एप स्थापित करना जरूरी है। साथ ही अगर संबंधित व्यक्ति के घर से कचरा का उठाव नहीं हुआ हो तो वह व्यक्ति सिटीजन एप्प के माध्यम से अपनी शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं जिसका निवारण उस वार्ड/ सेक्टर के कर्मचारी द्वारा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार उठाव किए गए कचरा को सेकेंडरी प्वाइंट पर डंप करने के उपरांत हाईवा वाहन द्वारा उठाव कर रामचक बैरिया में डंप किया जाएगा। हाईवा वाहन वस्तुतः आरएफआई टैग से युक्त होगा।
आरएफआई रीडर को पढ़कर बूम बैरियर स्वत: खुल जाएगा। उस स्थान पर वजन करने वाली मशीन भी लगी है जिसके द्वारा वाहन में कचरा के वजन की भी जानकारी मिलेगी। इस तरह निगम को प्रतिदिन प्रति वाहन उठाव किए गए कचरे की मात्रा एवं कार्य के बारे में ऑनलाइन रुप से वास्तविक जानकारी प्राप्त होगी। पटना नगर निगम में कॉल सेंटर बनाए गए हैं जहां ऑनलाइन पद्धति से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन की व्यवस्था की गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कर्मियों की पालीवार प्रतिनियुक्ति कर इसे सक्रिय रखने का निर्देश दिया है।
पटना नगर निगम में केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जहां पर प्रतिदिन दो पालियों में कचरा के उठाव की प्रभावी निगरानी नियंत्रण एवं प्रबंधन किया जाएगा। सभी वार्डों एवं सेक्टर से ऑनलाइन पद्धति के माध्यम से डाटा नियंत्रण कक्ष में आएंगे जहां पर विशेषज्ञों द्वारा फिल्टर कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक पद्धति से होगी उपस्थिति सुनिश्चित। शहर को साफ सुथरा बनाए रखने हेतु सफाई कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है तदनुसार सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक पद्धति के माध्यम से उपस्थिति की व्यवस्था की गई है।
December 31, 2020

28.12.2020 (दरभंगा) : विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के क्षेत्र में राज दरभंगा के अमूल्य योगदान से स्थापित संस्थानों में दरभंगा महाराज का नाम जोड़ने की बात उठाई है।
प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि बात चाहे शिक्षा, स्वास्थ्य या सुरक्षा की हो, किसी भी विषय का ख्याल आते ही दरभंगा महाराज ने इससे जुड़ी आधारभूत जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। शिक्षण की दुरुस्त व्यवस्था के लिए जहां उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कोलकाता विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के साथ ही देश की कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई वहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना के लिए करीब 350 एकड़ भूमि दान में देकर उन्होंने अपनी दानशीलता का अभूतपूर्व परिचय दिया। वहीं, राज अस्पताल एवं महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना कर उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति स्वयं के सचेत होने का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सुरक्षा के मामले में वर्ष 1962 में दरभंगा में एयरपोर्ट के निर्माण एवं स्वतंत्रता की लड़ाई से लेकर पड़ोसी देशों के आक्रमण के अनेक मौकों पर मदद के लिए उठे उनके हाथ जगजाहिर हैं।
इसके अतिरिक्त दरभंगा में सीएम कॉलेज की स्थापना सहित बस पड़ाव एवं मखाना अनुसंधान केंद्र की स्थापना में भी दरभंगा राज की मदद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन, यह अत्यंत हास्यास्पद है उनके सद्प्रयास से स्थापित मात्र कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय एवं महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सरीखे कुछ संस्थानों में ही उनका नाम जोड़ा गया और शेष के नामकरण में उनके अमूल्य योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया। डॉ बैजू ने कहा कि विद्यापति सेवा संस्थान अपनी स्थापना के शुरुआती दिनों से ही राज दरभंगा की एक तिहाई संपत्ति को दरभंगा महाराज की वसीयत के अनुकूल जन कल्याण हेतु सन्निहित किए जाने का न सिर्फ मुख्य पैरोकार बना रहा बल्कि, इसके लिए आंदोलन और अदालती कार्यवाही में तब तक जुटा रहा, जब तक कि कोलकाता उच्च न्यायालय से इस मांग को अदालती मुहर नहीं लग गई।
उन्होंने कहा कि विद्यापति सेवा संस्थान ट्रस्ट को क्रमशः तीन महाविद्यालयों की स्थापना के लिए राज दरभंगा की ओर से आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराए गए। विद्यापति सेवा संस्थान ट्रस्ट ने राज दरभंगा के प्रति कृतज्ञता जताते हुए इन शिक्षण संस्थानों के नाम क्रमशः महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय, महाराज महेश ठाकुर महाविद्यालय एवं महाराज रमेश्वर सिंह महाविद्यालय रखा। उन्होंने बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार से राज दरभंगा द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा क्षेत्र के उन्नयन के लिए उनके अमूल्य सहयोग से स्थापित दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित अन्य संस्थानों में दरभंगा महाराज का नाम जोड़ने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में यथाशीघ्र कारगर कदम नहीं उठाये गये तो विद्यापति सेवा संस्थान आन्दोलन का रूख अख्तियार करेगा।
संस्थान की इस मांग का समर्थन करते हुए मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमला कांत झा ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी अन्य संस्थाओं से भी विद्यापति सेवा संस्थान की इस मुहिम में साथ आने का आह्वान किया है।