April 20, 2021

19.04.2021 (दरभंगा) : कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा 18 अप्रैल 2021 को जारी किए गए नए निर्देश को दरभंगा जिले में शत-प्रतिशत अनुपालन कराने को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी पदाधिकारियों पुलिस पदाधिकारियों के साथ अम्बेदकर सभागार में बैठक की। बैठक में दुरस्थ अनुमण्डल एवं प्रखण्डों के पदाधिकारी ऑनलाईन उपस्थित थे। बैठक को सम्बोधित करते हुए डीएम ने कहा कि कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है इसके रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देश का शत-प्रतिशत अनुपालन कराना होगा। दरभंगा जिला में भी कोरोना पॉजिविटीभिटी रेट तेजी से बढ़ रहा है। दो दिनों में यह 01 प्रतिशत् बढ़कर 03 प्रतिशत् हो गया है, इसलिए हर एक बात पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए 18 अप्रैल को सरकार द्वारा जारी निर्देशों में राज्य सरकार द्वारा 15 मई 2021 तक सभी स्कूलों, कॉलेजों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बन्द रखने का निर्देश दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी दरभंगा को इस निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन कराना है। उन्होंने कहा कि अभी भी कहीं-कहीं कोचिंग संस्थान चलने की सूचना प्राप्त हो रही है। अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित कोचिंग के संचालक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाए। कहीं से भी इस तरह की सूचना संज्ञान में आते ही तुरन्त प्राथमिकी दर्ज करावें तथा कोचिंग संस्थान बन्द करावें। उन्होंने कहा कि पूर्व में सभी दुकानों को 07ः00 बजे संध्या से बंद करने का आदेश दिया गया था, अब नए आदेश के अनुसार अपराह्न 06ः00 बजे से ही बन्द रहेंगी। इस आदेश को सभी अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष भ्रमणशील रहकर अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। अगर कहीं भी दुकानें खुली पायी जाती है तो, संबंधित अनुमण्डलाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी तक नोटिस चिपकाकर उस दुकान को कुछ दिन तक बन्द करवा सकते है तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 आई.पी.सी. की धारा - 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज करना सुनिश्चित करेगे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कंटेनमेन्ट जोन को विगत वर्ष की तरह बढ़ाया जाये। साथ ही इसे चारो तरफ से शील करते हुए वहाँ सी.सी.टी.वी. लगवाया जाये तथा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करते हुए संबंधित थाना एवं अंचलाधिकारी द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाये। संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे तथा अपर समाहर्त्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी इसका अनुश्रवण करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी निर्देश में 15 मई 2021 तक सार्वजनिक स्थलों पर सभी कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी गयी है। मंदिर, मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे। शादी के लिए 100 एवं अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अधिकतम सीमा 25 निर्धारित की गयी है।
सभी अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के मैरेंज हॉल, बैंक्वेट हॉल के प्रबंधकों को सूचित कर देंगे कि 100 से अधिक व्यक्ति शादी-विवाह में शामिल नहीं होंगे। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य दुकाने संध्या 06 बजे के बाद बन्द रहेंगे। अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के हाट बजार को किसी बड़े मैदान में शिफ्ट करा दें। उन्होंने नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम एवं कार्यपालक पदाधिकारी, बेनीपुर नगर परिषद् को अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करते के लिए लगातार माईकिंग कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी अधिकारियों को सरकार द्वारा जारी निर्देशों को पढ़कर ठीक से समझ लेने एवं अपने अधीनस्थ को समझा देने का निर्देश दिया, ताकि वे अन्य लोगों को भी ठीक से समझा सके। उन्होंने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी को यह ध्यान रखने को कहा कि कहीं भी ऑक्सीजन गैस का भण्डारण या कलाबाजारी न किया जा सके।
यदि कहीं ऐसा पाया जाता है तो सख्ती से कार्रवाई की जाए। डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल दरभंगा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल से शहर के 16 प्रमुख निजी अस्पतालों को सम्बद्ध किया गया है, जहाँ कोरोना संक्रमित की भर्ती कर ईलाज किया जाना है। अगर बेड उपलब्ध रहते वे कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती नहीं करते हैं, तो उनके विरूद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने वैसे गाँव जहाँ कोरोना के अधिक संक्रमित मिले हैं, वहाँ सभी लोगों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराने के निर्देश दिये। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि सचिव स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के ओ.पी.डी. को बन्द कर सभी चिकित्सकों को कोविड केयर सेन्टर मं0 प्रतिनियुक्त किया जाए। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया, अपर समाहर्त्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक सदर अनोज कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
April 15, 2021

15.04.2021 (दरभंगा) : स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में नोबेल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का निजी चिकित्सा संस्थानों में ईलाज हेतु जिलावार वर्गीकरण एवं श्रेणीवार दर का निर्धारण किया गया है। स्वास्थ विभाग द्वारा शहरों एवं जिला को तीन श्रेणी में बाँटा गया है। इसमें श्रेणी-ए में पटना, श्रेणी- बी में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया एवं पूर्णिया तथा श्रेणी- सी में शेष अन्य जिले को रखा गया है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमित मरीजों का ईलाज कर रहे विभिन्न अधिकृत निजी चिकित्सालयों हेतु दर का निर्धारण किया गया है। स्वास्थ विभाग द्वारा जिलों के निजी अस्पतालों में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के चिकित्सा हेतु 03 भागों में अस्पतालों का वर्गीकरण करते हुए निम्नवत् शुल्क निर्धारित की गई है।
01. श्रेणी-ए के एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 10 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 15 हजार एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 18 हजार रुपये निर्धारित की गई है। वहीं श्रेणी-ए के अस्पताल जो एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त नहीं है, को सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 08 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 13 हजार एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 15 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
02. श्रेणी-बी के जिले में स्थित श्रेणी- ए के निजी अस्पतालों के दरों का क्रमशः 80% अधिकतम शुल्क निर्धारित किया गया है। जिसमें एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 08 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 12 हजार एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 14 हजार 400 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं श्रेणी-बी के अस्पताल जो एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त नहीं है, को सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 06 हजार 400 रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 10 हजार 400 एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
03. श्रेणी-सी के जिले में स्थित श्रेणी- ए के निजी अस्पतालों के दरों का क्रमशः 60% अधिकतम शुल्क निर्धारित किया गया है। जिसमें एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 06 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 09 हजार एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 10 हजार 800 रुपये निर्धारित की गई है।
वहीं श्रेणी-सी के अस्पताल जो एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त नहीं है, को सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 04 हजार 800 रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 07 हजार 800 एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 09 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
April 15, 2021

15.04.2021 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना एवं डीएम, दरभंगा द्वारा दिनांक 09 अप्रैल 2021 को कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान 18 अप्रैल 2021 तक बंद रखने, सभी दुकाने/प्रतिष्ठानों को 30 अप्रैल 2021 तक संध्या 7:00 तक की खुले रखने एवं अन्य विस्तृत आदेश निर्गत आदेश किया गया था। उसी परिपेक्ष्य में पुनः डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम द्वारा आदेश निर्गत करते हुए सभी शॉपिंग मॉल, दुकानों, सार्वजनिक वाहनों (बस, टैक्सी, ऑटो) में परिचालन कर्मियों/ चालकों और ग्राहकों/सवारियों के द्वारा मास्क का प्रयोग अनिवार्य किया गया है तथा संबंधित प्रतिष्ठानों/वाहनों के मालिकों एवं कर्मियों/चालकों के लिए आवश्यक होगा कि वे बिना मास्क वालों का प्रवेश वर्जित रखें। यदि जिला प्रशासन/पुलिस के द्वारा जाँच के क्रम में इसका उल्लंघन पाया जाता है तो आदेशोल्लंघन के लिए दोषी शॉपिंग मॉल, दुकान/ व्यवसायिक प्रतिष्ठानों अथवा वाहन (बस/टैक्सी/ऑटो सहित) का परिचालन बंद करा दिया जाएगा। आदेशों का अनुपालन नहीं करने वाले शॉपिंग मॉल/दुकानों/ सार्वजनिक वाहनों (बस/टैक्सी/ऑटो) में परिचालन कर्मियों/ चालकों और ग्राहकों/सवारियों पर कार्रवाई करने यथा- शॉपिंग मॉल/दुकानों को बंद करने, वचनक को जप्त करने/जुर्माना लगाने आदि के लिए डीएम द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अपर अनुमंडल पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, नगर निगम के सभी टैक्स कलेक्टर, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, बेनीपुर, सभी पुलिस निरीक्षक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी थानाध्यक्ष एवं थाना के सभी पुलिस पदाधिकारी को जिला में अपने-अपने क्षेत्र के लिए प्राधिकृत किया गया है।
सदर अनुमंडल का भौगोलिक क्षेत्र बड़ा होने के कारण दो वरीय उप समाहर्त्ता यथा - गौरव शंकर एवं कंचन झा को उपरोक्त कार्य हेतु अगले आदेश तक प्रतिनियुक्त एवं प्राधिकृत किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि वह अपने कार्यों के अतिरिक्त अनुमंडल पदाधिकारी, सदर के निर्देशानुसार कार्य करना सुनिश्चित करेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक, सभी थानाध्यक्ष एवं थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी को एम.भी. एक्ट की धारा - 179 को उपरोक्त कार्य हेतु प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत किया गया है। मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में उपरोक्त तीनों प्रमुख कार्यों तथा एम.भी. एक्ट के तहत जुर्माना वसूली हेतु थानाध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु सभी थानाध्यक्ष का संवेदीकरण एवं निगरानी हेतु डीएम द्वारा एसएसपी एवं नगर पुलिस अधीक्षक दरभंगा से अनुरोध किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से कोरोना संक्रमण काल तक लागू रहेगा, तत्पश्चात यह स्वत: विलोपित माना जाएगा।
April 15, 2021

14.04.2021 (दरभंगा) : अग्निशमन सेवा सप्ताह के अंतर्गत दरभंगा के श्यामा माई मंदिर के समीप अवस्थित जिला अग्निशमन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 1944 ई0 में 14 अप्रैल के ही दिन मुंबई बंदरगाह पर जहाज में अकस्मात आग लग जाने के दौरान फायर फाइटिंग करते हुए वीरगति को प्राप्त 66 अग्निशामक शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर जिला समादेष्टा सह जिला अग्निशामक पदाधिकारी, दरभंगा मनोज कुमार नट, अग्निशमालय पदाधिकारी, दरभंगा शशि भूषण सिंह सहायक अग्निशमालय पदाधिकारी रमेश कुमार, प्रधान चालक सुदामा राम, अग्नि चालकों एवं अग्नि कर्मियों के साथ मीडिया के कर्मी भी उपस्थित थे।
सभी लोगों को जिला अग्निशामक पदाधिकारी द्वारा पिन व फ्लैग लगाया गया। जिला समादेष्टा सह जिला अग्निशमन पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा अग्नि सेवा सप्ताह के संबंध में बताया गया कि यह कार्यक्रम कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए पंपलेट, हैंडबिल, मॉक ड्रिल, फायर ऑडिट, माइकिंग एवं मीडिया के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आग से सुरक्षा एवं बचाव हेतु क्या करें क्या ना करें? के संबंध में चर्चा की गई। इस हेतु जिला अंतर्गत कार्यरत सभी अग्निशामालय पदाधिकारी, प्रभारी अग्निशामक पदाधिकारी को आग से बचाव हेतु मुहिम चलाकर आम जनों को जागरुक करने का निर्देश दिया गया। यह भी कहा गया कि covid-19 के संबंध में सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देश का पूर्ण अनुपालन किया जाए। अग्निशामालय पदाधिकारी, दरभंगा शशि भूषण सिंह द्वारा बताया गया की सरकार एवं राज्य अग्निशमन के स्तर से निर्गत दिशा निर्देश के अनुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को अग्नि से बचाव व सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जा रहा है। औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का लगातार फायर ऑडिट एवं मॉक ड्रिल किया जा रहा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स से लगातार समन्वय स्थापित कर आग से बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है। फायर ऑडिट एवं मॉक ड्रिल को प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कोविड-19 के लिए सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देश का भी अनुपालन किया जा रहा है।
April 12, 2021

12.04.2021 (दरभंगा) : डी.एम.सी.एच की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, सहायक समाहर्ता अभिषेक पलासिया एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ डी.एम.सी.एच के सभी विभागों एवं सभी वार्डों का मुआयना किया तथा वहां की व्यवस्था एवं कार्य प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। डीएमसीएच में बन रहे नए आई.सी.यू का भी उन्होंने निरीक्षण किया और इसे हर हाल में शुक्रवार यानी 16 अप्रैल तक चालू कर देने का निर्देश दिया। डीएम श्री त्यागराजन द्वारा डी.एम.सी.एच के अधीक्षक के कार्यालय प्रकोष्ठ में डी.एम.सी.एच के प्राचार्य, अधीक्षक, सिविल सर्जन, सभी विभागाध्यक्ष, चिकित्सकों, डी.पी.एम एवं स्वास्थ्य प्रबंधकों के साथ बैठक की गयी।
बैठक में उन्होंने डीएमसीएच की व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने वहाँ के पदाधिकारियों को कहा कि अगर कोई मरीज डीएमसीएच में ईलाज के लिए आता है तो उसे हर हाल में 5 मिनट के अंदर भर्ती कर ली जाए। अगर आई.सी.यू के लिए कोई मरीज आता है, तो उसे सीधे आई.सी.यू में भर्ती किया जाए और कागजी कार्रवाई बाद में की जाये। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को डी.एम.सी.एच की चिकित्सा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने का निर्देश दिया। कहा कि प्रत्येक वार्ड में चिकित्सक भ्रमण करते रहें। उन्होंने डी.एम.सी.एच में प्रतिनियुक्त 8 स्वास्थ्य प्रबंधकों में से 4 स्वास्थ्य प्रबंधकों की ड्यूटी 8-8 घंटे का राउंड दी क्लॉक लगाने का निर्देश दिये। साथ ही सभी गार्डों की ड्यूटी रोस्टर बनाकर पालिवार राउंड-द-क्लॉक लगाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही/शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी के द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।